सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान पक्ष रखते हुए झारखंड सरकार ने स्पष्ट किया
वर्तमान डीजीपी नीरज सिन्हा 11 फरवरी को हो जायेंगे रिटायर
नई दिल्ली/रांची। झारखंड सरकार ने आज सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी कि राज्य के नए पुलिस प्रमुख की नियुक्ति 12 फरवरी तक हो जाएगी। उन्हें यूपीएससी पैनल की तरफ से इसके लिए तीन वरिष्ठ आइपीएस अधिकारियों के नाम भी मिल चुके हैं। झारखंड के मौजूदा डीजीपी और 1987 बैच के आइपीएस अधिकारी नीरज सिन्हा अगले महीने 11 फरवरी को पद छोड़ रहे हैं। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में एक अवमानना याचिका दाखिल की गई है। जिसमें बताया गया है कि नीरज सिन्हा 31 जनवरी 2022 को रिटायर होने के बाद भी पद पर बने हुए हैं। मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य में डीजीपी की नियुक्ति पर हो रही देरी में झारखंड सरकार के पक्ष मांगा था। इस पीठ में जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जेबी पारदीवाला भी शामिल थे। उन्हें झारखंड सरकार की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने बताया कि यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन ने गत 5 जनवरी को तीन नाम चुने थे। उन्होंने बताया, हम 12 फरवरी को इनमें से किसी एक को चुनेंगे। वर्तमान पुलिस महानिदेशक 11 फरवरी को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
19 दिसंबर को कोर्ट ने मांगा था सरकार से जवाब
इससे पहले 19 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने राज्य में नए पुलिस प्रमुख की नियुक्ति में हो रही देरी पर झारखंड सरकार से जवाब मांगा था। कोर्ट ने कहा था कि इस बारे में सरकार यूपीएससी को जानकारी दें। यूपीएससी की तरफ से पेश वकील नरेश कौशिक ने बताया कि 30 नवंबर 2022 को यूपीएससी ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर डीजीपी के पद के लिए प्रस्तावित अधिकारियों के नामों में कुछ खामियों के बारे में बताया था।
कोर्ट में किया साफ, तीन नामों में से एक बनेंगे डीजीपी
इस पर कोर्ट ने झारखंड सरकार को यूपीएससी द्वारा बताए गए खामियों को दूर कर 23 दिसंबर तक सकारात्मक दृष्टिकोण से अपना जवाब दाखिल करने को कहा था। ताकि यूपीएससी तदनुसार 9 जनवरी 2023 तक इस पर कोई कार्रवाई करे। आज हुई सुनवाई में कोर्ट से यह साफ कह दिया है कि यूपीएससी ने तीन नामों पर मुहर लगाई है। जिनमें से किसी एक को पुलिस महानिदेशक के पद पर नियुक्त होना है।

प्रातिक्रिया दे