टाटा स्टील की 119वीं वार्षिक आमसभा का आयोजन
जमशेदपुर: टाटा स्टील लिमिटेड की 119वीं वार्षिक आमसभा (AGM) गुरुवार को मुंबई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संपन्न हुई। इस बैठक में कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की वार्षिक रिपोर्ट शेयरधारकों के समक्ष प्रस्तुत की।
कंपनी की प्रगति और भविष्य की योजनाएं
एजीएम को संबोधित करते हुए टाटा संस और टाटा स्टील के चेयरमैन नटराजन चंद्रशेखरन ने वैश्विक चुनौतियों और इस्पात उद्योग में मंदी के बावजूद टाटा स्टील की ऐतिहासिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कंपनी हरित, स्मार्ट और अधिक मजबूत बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
वित्तीय प्रदर्शन: मुनाफे में अभूतपूर्व वृद्धि
चंद्रशेखरन ने शेयरधारकों के सामने वित्तीय वर्ष 2025-26 के वित्तीय आंकड़ों को प्रस्तुत किया, जिसमें कंपनी के शुद्ध मुनाफे में 243 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जो ₹10,886 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। भारतीय बाजार में कंपनी का राजस्व ₹1.40 लाख करोड़ रुपये और EBITDA ₹34,272 करोड़ रुपये रहा, जिससे EBITDA मार्जिन 24% हो गया।
कर्ज में कमी और रिकॉर्ड उत्पादन
कंपनी ने अपने शुद्ध कर्ज को घटाकर ₹80,144 करोड़ रुपये कर लिया है। इस अवधि में टाटा स्टील ने 2.34 करोड़ टन क्रूड स्टील का रिकॉर्ड उत्पादन किया। इसके परिणामस्वरूप, बोर्ड ने शेयरधारकों के लिए ₹4 प्रति शेयर लाभांश देने की सिफारिश की है।
कलिंगनगर संयंत्र का विस्तार
ओडिशा के कलिंगनगर संयंत्र में दूसरे चरण का विस्तार सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है, जिसके बाद टाटा स्टील की कुल उत्पादन क्षमता 26.1 मिलियन टन प्रतिवर्ष हो गई है। कलिंगनगर की क्षमता 3 मिलियन टन से बढ़कर 8 मिलियन टन हो गई है, जिससे कंपनी की ऑटोमोबाइल और रक्षा क्षेत्रों में पैठ बढ़ेगी।
ब्रिटेन में ‘ग्रीन स्टील’ परियोजना की शुरुआत
ब्रिटेन के पोर्ट टैलबोट में 1.25 अरब पाउंड की लागत से इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस परियोजना का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जो कम-कार्बन वाले इस्पात उत्पादन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नीदरलैंड्स में कंपनी पर्यावरणीय नियमों के मद्देनजर समाधान तलाश रही है।
डिजिटलीकरण और सुरक्षा पर जोर
चंद्रशेखरन ने प्रौद्योगिकी और डिजिटलाइजेशन को भविष्य की ताकत बताते हुए कहा कि टाटा स्टील ने उत्पादन, सुरक्षा, गुणवत्ता और ऊर्जा दक्षता में सुधार के लिए 860 से अधिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल विकसित किए हैं।
सीएसआर गतिविधियों में निवेश
कंपनी ने वर्ष 2025-26 में ₹473 करोड़ रुपये की सीएसआर गतिविधियों का संचालन किया, जिससे देश भर में 69 लाख से अधिक लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। चंद्रशेखरन ने कंपनी की हरित इस्पात उत्पादन और टिकाऊ बिजनेस मॉडल के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराया।