रांची: झारखंड की सिविल सेवा परीक्षा में सबसे बड़ा घोटाला करने वालों पर अब कानून की शिकंजा कसता जा रहा है। JPSC घोटाले में आरोपी बनाए गए कुल 70 व्यक्तियों की आज CBI की विशेष अदालत में पेशी हो रही है। यह घोटाला न केवल राज्य की प्रतिष्ठा पर धब्बा है, बल्कि उस भरोसे का भी मज़ाक है जिसे युवाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता के नाम पर किया था।
📜 क्या है JPSC घोटाला?
JPSC (झारखंड लोक सेवा आयोग) द्वारा ली गई दूसरी राज्य सेवा परीक्षा में व्यापक स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ था। इस घोटाले में—
- 12 अभ्यर्थियों के अंक जानबूझकर बढ़ाए गए
- उत्तर पुस्तिकाओं (कॉपी) में छेड़छाड़ कर नंबरों में हेरफेर
- इंटरव्यू में फर्जी तरीके से ज्यादा नंबर दिए गए
- कॉपियों की फॉरेंसिक जांच गुजरात लैब में हुई
- इस घोटाले में JPSC के पूर्व अध्यक्ष दिलीप प्रसाद सहित कई बड़े नाम शामिल
⚖️ कोर्ट में आज सुनवाई, सभी आरोपी तलब
CBI कोर्ट ने सभी आरोपियों को समन जारी कर आज CBI की विशेष अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया है। इस घोटाले की FIR 7 जुलाई 2012 को दर्ज हुई थी और जांच झारखंड हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुई थी। लगभग 12 वर्षों की लंबी जांच के बाद, CBI ने 26 नवंबर 2024 को अदालत में चार्जशीट दाखिल की।
👥 कौन-कौन हैं आरोपी?
- 70 लोग नामजद, जिनमें JPSC के पूर्व अध्यक्ष, सचिव, कोऑर्डिनेटर और अन्य अधिकारी शामिल हैं
- इनमें से कई अब DSP या उससे ऊपर के पदों पर प्रमोट हो चुके हैं
- कुछ वर्तमान में जिले की कमान संभाल रहे हैं
- यह सवाल खड़ा करता है कि क्या अब भी प्रशासन में निष्पक्षता बाकी है?
🔍 फॉरेंसिक जांच में चौंकाने वाले खुलासे
CBI द्वारा जांच के लिए भेजी गई कॉपियों में स्पष्ट रूप से यह पाया गया कि—
- रैंक सुधारने के लिए मार्क्स काटे या बढ़ाए गए
- पैसों और सिफारिश के दम पर चयन सुनिश्चित किया गया
- कुछ कॉपियों में उत्तर बदल दिए गए
- इंटरव्यू में रिकॉर्ड से ज्यादा अंक दर्ज किए गए
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🧨 क्या है अब तक की कार्रवाई?
- 70 में से कई आरोपी अब बड़े सरकारी पदों पर बैठे हैं
- चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब गिरफ्तारियों और सस्पेंशन की प्रक्रिया हो सकती है
- कोर्ट ने सभी आरोपियों को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने का आदेश दिया है
- अगर आरोप सिद्ध होते हैं, तो सरकारी सेवा से बर्खास्तगी तय मानी जा रही है
🚫 क्या युवाओं के साथ न्याय होगा?
इस घोटाले ने झारखंड के लाखों युवाओं की मेहनत और भविष्य के साथ खिलवाड़ किया। मेहनत से परीक्षा पास करने वाले पीछे रह गए, और धोखाधड़ी करने वाले अफसर बन बैठे। यह केवल परीक्षा नहीं, बल्कि जनता के भरोसे का हनन है।
🗣️ सोशल मीडिया पर गुस्सा
सोशल मीडिया पर लोग इस मामले को लेकर काफी आक्रोशित हैं। कई छात्रों और युवा संगठनों ने मांग की है कि:
- दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए
- जिनकी नियुक्ति गलत तरीके से हुई है, उन्हें बर्खास्त किया जाए
- CBI को और तेज़ी से चार्जशीट पर कार्यवाही करनी चाहिए
📝 निष्कर्ष
JPSC घोटाले की यह सुनवाई झारखंड में पारदर्शिता और प्रशासनिक ईमानदारी की परीक्षा है। अगर दोषियों को सज़ा नहीं मिली, तो आने वाले वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं से लोगों का विश्वास उठ जाएगा। यह सिर्फ एक केस नहीं, बल्कि हर उस छात्र के हक की लड़ाई है जो बिना किसी सिफारिश या धन के, केवल अपनी मेहनत से आगे बढ़ना चाहता है।

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