📌 गांडीव लाइव डेस्क:
फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का शुभारंभ
सिमडेगा में स्वास्थ्य विभाग की नई पहल 🚀
सिमडेगा: आज कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में स्वास्थ्य विभाग की ओर से फाइलेरिया उन्मूलन अभियान का विस्तृत आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन उपायुक्त कंचन सिंह ने दीप जलाकर किया और स्वयं फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन भी किया। इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. सुन्दर मोहन सामाद, जिला शिक्षा अधीक्षक दीपक राम, अन्य स्वास्थ्य अधिकारी, विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षकगण और कई छात्राएँ उपस्थित रहीं।
जानकारी और जागरूकता
उपायुक्त कंचन सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि फाइलेरिया एक गंभीर और दीर्घकालिक बीमारी है, जो मच्छरों के माध्यम से फैलती है। सिमडेगा के जंगलों में अधिक मच्छरों की मौजूदगी के कारण यहाँ फाइलेरिया का खतरा विशेष रूप से अधिक है। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि वे नियमित रूप से दवा का सेवन करें और अपने परिवारों एवं पड़ोसियों को भी इसके प्रति जागरूक करें।
दवा सेवन की प्रक्रिया
उपायुक्त ने उपस्थित सभी अधिकारियों के साथ दवा का सेवन किया और सभी छात्राओं को भी दवा दी। बच्चों को फाइलेरिया के कारणों, इससे बचने के तरीकों और दवा सेवन की सही विधि के बारे में जानकारी प्रदान की गई। उपायुक्त ने औषधि का सेवन खाली पेट न करने और स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थिति में सेवन करने की सलाह दी।
अभियान की विशेषताएँ
सिविल सर्जन डॉ. सुन्दर मोहन सामाद ने बताया कि यह अभियान 11 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक चलेगा, जिसमें जिले के लगभग 1,84,020 लोगों को फाइलेरिया रोधी दवा (डीईसी एवं एल्बेंडाजोल) दी जाएगी। एएनएम, सहिया और अन्य स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर दवा का सेवन कराएंगे।
स्वास्थ्य सुरक्षा उपाय
डॉ. सामाद ने बताया कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित, गर्भवती महिलाएं, और 2 वर्ष से कम उम्र के बच्चे दवा नहीं लेंगे। उनका लक्ष्य है कि 2027 तक सिमडेगा को फाइलेरिया मुक्त किया जाए, जो सामूहिक प्रयासों से संभव है।
जागरूकता रथ की शुरुआत
कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त ने फाइलेरिया जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जो विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को फाइलेरिया के खिलाफ जागरूक करेगा।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करें, दवा का सेवन करें और झारखंड तथा भारत को फाइलेरिया मुक्त बनाने में सहयोग दें।