पूर्वी सिंहभूम में आदिवासी अधिकारों की रक्षा की मांग
पूर्वी सिंहभूम के एक प्रतिनिधिमंडल ने स्थानीय प्रशासन के समक्ष अपनी मांगें पेश की हैं, जिसमें आदिवासी और मूलवासी समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा पर जोर दिया गया है। प्रतिनिधिमंडल के मुख्य संयोजक हरमोहन महतो ने कहा कि पुराने खतियानों में रैयतों के अधिकार स्पष्ट रूप से दर्ज हैं, जो कि अनदेखी नहीं की जानी चाहिए।
टाटा लीज नवीकरण पर चिंता
हरमोहन महतो ने टाटा लीज नवीकरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि स्थानीय विस्थापितों और मूलवासियों के अधिकारों तथा उनकी सहमति की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। इस प्रकार के मामलों में स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
विस्थापित परिवारों के अधिकारों की सुरक्षा
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन और सरकार से विस्थापित परिवारों के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि खतियान और भूमि संबंधी पूर्व में दिए गए आवेदनों की वर्तमान स्थिति को सार्वजनिक किया जाए तथा लंबित मामलों के समाधान के लिए विशेष पहल की जाए।
उपायुक्त का आश्वासन
उपायुक्त ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को ध्यान से सुना और संबंधित मामलों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर कई सामाजिक कार्यकर्ता और आंदोलनकारी भी मंच पर उपस्थित थे, जो इस मुद्दे पर अपनी आवाज उठाने के लिए एकत्र हुए थे।