📌 गांडीव लाइव डेस्क:
महाशिवरात्रि पर देवघर में भव्य उत्सव की तैयारी 🌺
देवघर में स्थित बाबा भोलेनाथ का मंदिर इस समय पूरी तरह से शिवमय हो चुका है। आज महाशिवरात्रि के पर्व पर भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह धूमधाम से मनाया जाएगा। इस विशेष अवसर के लिए मंदिर की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, और सुबह से ही परिसर में “हर-हर महादेव” के गूंजते जयकारों के साथ मंत्रोच्चार, अभिषेक और आरती का आयोजन चल रहा है।
ब्रह्म मुहूर्त में विशेष पूजा का आयोजन
आज यानी रविवार को बाबा मंदिर के पट ब्रह्म मुहूर्त में सरकारी पूजा के लिए खोले गए। सुबह 3 बजे विधिपूर्वक पूजा संपन्न हुई। इसके पश्चात 4 बजे से आम श्रद्धालुओं के लिए जलार्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। भक्तों का उत्साह इस कदर देखने को मिला कि रात से ही लंबी कतारें लगने लगी थीं। जानकारी के अनुसार, मंदिर के बाहर 3 किलोमीटर तक लाइन लगी, जिसमें बीएड कॉलेज से लेकर क्यू कॉम्प्लेक्स, नाथबाड़ी तक श्रद्धालु मौजूद थे। अनुमान लगया जा रहा है कि आज शाम तक लगभग 2 से 2.5 लाख श्रद्धालु जलार्पण करेंगे।
पंचशूल की विशेष पूजा
विवाह समारोह से पहले शनिवार को मंदिर में पंचशूल की महत्वपूर्ण पूजा तांत्रिक और वैदिक विधि से की गई। इसके तहत सभी पंचशूल संबंधित मंदिरों में स्थापित कर दिए गए। यह परंपरा हर साल महाशिवरात्रि के पहले निभाई जाती है।
चतुष्प्रहर पूजा और पारंपरिक शिव बारात
महाशिवरात्रि के इस अवसर पर आज बाबा मंदिर में चतुष्प्रहर पूजा का आयोजन किया जाएगा। साथ ही, पारंपरिक शिव बारात भी निकाली जाएगी। मंदिर परिसर को अत्यंत सुंदरता के साथ सजाया गया है। मशाल, ढोल-नगाड़े और डमरू की आवाज़ों के बीच ये शिव बारात निकलेगी। निकास द्वार तक पहुंचने के बाद भस्म, चंदन, बेलपत्र और पुष्पमालाओं से आरती की जाएगी। यह विशिष्ट अनुष्ठान सुबह तक चलेगा। उल्लेखनीय है कि इस दिन बाबा की शृंगार पूजा नहीं होती।
600 वर्षों पुरानी परंपरा
लगभग 600 वर्षों से चली आ रही इस परंपरा के अनुसार, बाबा आज भी रोहिणी में बने मोउर मुकुट और पारंपरिक वस्त्र धारण करके विवाह करते हैं। देवघर के रोहिणी स्थित घाटवाल और मालाकार परिवार इस विवाह समारोह के लिए खास मोउर मुकुट तैयार करते आ रहे हैं। वर्तमान में यह परंपरा संजीव कुमार देव और चिरंजीव देव द्वारा निभाई जा रही है।
सुरक्षा के सख्त इंतजाम
महाशिवरात्रि के कारण मंदिर और surrounding क्षेत्रों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस और सुरक्षाकर्मी रात 2 बजे से ही तैनात हैं। डीसी नमन प्रियेश लकड़ा, एसपी सौरभ कुमार, और अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार ने लगातार मंदिर क्षेत्र का निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं।
विशेष सजावट और फूलों की बहार
पूरे मंदिर परिसर को लगभग 5 लाख गेंदा फूलों से सजाया गया है। 22 मंदिरों में विशेष सजावट की गई है। रात में विवाह उत्सव और सिंदूरदान की परंपरा भी निभाई जाएगी। आज की विशेष पूजा के बाद, सोमवार सुबह 8:10 बजे मंदिर के पट फिर से खोले जाएंगे।

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