साहिबगंज में जंगली चीतल का रेस्क्यू
आज सुबह साहिबगंज शहर के नॉर्थ कॉलोनी स्थित बिजली कार्यालय के पास एक जंगली चीतल (स्पॉटेड डियर) आबादी वाले क्षेत्र में पहुंच गया। इस घटना को देखने के लिए स्थानीय निवासियों की भीड़ जुट गई। वन विभाग की टीम ने तेजी से कार्रवाई की और चीतल का सुरक्षित रेस्क्यू किया, लेकिन उपचार के दौरान दुर्भाग्यवश उसकी मौत हो गई। यह घटना साहिबगंज शहरी क्षेत्र में चीतल के रेस्क्यू का पहला मामला है। स्थानीय लोगों द्वारा सूचना देने के बाद वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और सावधानी से चीतल का रेस्क्यू किया।
रेस्क्यू के दौरान चीतल की मृत्यु
जानकारी के अनुसार, चीतल संभवतः रास्ता भटककर रिहायशी क्षेत्र में पहुंच गया था। वन विभाग की टीम ने उसे सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और पशु चिकित्सक के पास उपचार के लिए ले जाया। हालांकि, उपचार के दौरान चीतल की मृत्यु हो गई। वन विभाग ने बताया कि चीतल की मृत्यु के कारणों का पता लगाने के लिए आवश्यक जांच की जा रही है और विभाग द्वारा नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है। यह महत्वपूर्ण है कि साहिबगंज शहर क्षेत्र में यह पहला मामला है जब किसी चीतल का सफल रेस्क्यू किया गया है, जो कि वन विभाग के लिए एक सफलता मानी जा रही है।
वन्यजीवों के प्रति जागरूकता
वन विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार का वन्यजीव रिहायशी क्षेत्र में दिखाई दे, तो उसे पकड़ने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें। इसके बजाय, तुरंत वन विभाग को सूचित करें, ताकि वन्यजीवों का सुरक्षित रेस्क्यू सुनिश्चित किया जा सके। यह रेस्क्यू अभियान प्रधान वनरक्षी अंकित झा के नेतृत्व में संपन्न हुआ। मौके पर स्नेक रेस्क्यूर जितेंद्र हाजरी, ऋतिक कुमार एवं समाजसेवी अजय कुमार मलिक (नॉर्थ कॉलोनी), अजय मल्लिक दहला, शिव कुमार हरिजन तथा शिव कुमार उपस्थित थे।