टैग: झारखंड न्यूज

  • झारखंड में सूचना आयुक्त की नियुक्ति रुकी, राज्यपाल ले रहे हैं कानूनी सलाह

    झारखंड में सूचना आयुक्त की नियुक्ति रुकी, राज्यपाल ले रहे हैं कानूनी सलाह

    राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले नामों पर विचार

    झारखंड राज्य सरकार ने सूचना आयुक्त के पद के लिए वरिष्ठ पत्रकार अनुज सिन्हा, झामुमो के आईटी सेल प्रभारी तनुज खत्री, कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अमूल्य नीरज खलखो और भाजपा के मीडिया प्रभारी शिवपूजन पाठक के नामों पर विचार किया है। इन नामों को लेकर यह चर्चा उठी है कि क्या ये सभी व्यक्ति सूचना आयुक्त बनने के मानकों पर खरे उतरते हैं या नहीं।

    राज्यपाल ने मांगी विधिक सलाह

    राज्यपाल ने विधि विशेषज्ञों से स्पष्ट पूछा है कि क्या इन नेताओं की नियुक्ति इस पद के लिए उचित है। कई संगठनों ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि राजनीतिक दलों के सदस्यों को इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त करना उचित नहीं होगा। इस कारण राज्यपाल मामले को कानूनी दृष्टिकोण से देखने का प्रयास कर रहे हैं।

    निर्णय में देरी संभव

    सूत्रों के अनुसार, यदि विधिक सलाह में इन नामों को अयोग्य माना जाता है, तो राज्यपाल सरकार की अनुशंसा को वापस भी कर सकते हैं। इस स्थिति में नियुक्ति प्रक्रिया और भी लंबी खिंच सकती है।

    हाई कोर्ट में मामला लंबित

    इस मामले की सुनवाई झारखंड हाई कोर्ट में 13 अप्रैल को निर्धारित की गई है। अदालत ने पहले ही निर्देश दिया था कि इन पदों को शीघ्र भरा जाए। राज्य सरकार ने 7 अप्रैल तक नियुक्ति करने का आश्वासन दिया था, लेकिन विवाद के चलते मामला अटक गया है।

    पदों की स्थिति

    जानकारी के अनुसार, राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त सहित कई पद लंबे समय से रिक्त हैं। सरकार ने अभी तक केवल चार सूचना आयुक्तों के नाम ही प्रस्तावित किए हैं, जबकि दो पद अभी भी खाली रह सकते हैं।

    जल्द आ सकता है निर्णय

    यह माना जा रहा है कि हाई कोर्ट की सुनवाई से पहले राज्यपाल इस मामले में कोई निर्णय ले सकते हैं। सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विधिक सलाह का परिणाम क्या होता है और नियुक्ति प्रक्रिया आगे कैसे बढ़ती है।

  • रुपये देकर रूस में नौकरी का वादा; पलामू के युवाओं से ठगे 6.25 लाख रुपये, एक Arrest.

    रुपये देकर रूस में नौकरी का वादा; पलामू के युवाओं से ठगे 6.25 लाख रुपये, एक Arrest.

    रूस में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी, पलामू के युवाओं से ठगे 6.25 लाख रुपये

    झारखंड के पलामू जिले में युवाओं को रूस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर 6.25 लाख रुपये की ठगी की गई है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में लिया है और जांच शुरू कर दी है। ठग ने युवाओं को आकर्षक नौकरी के प्रस्ताव दिए थे, जिसके बदले में उसने पैसे की मांग की थी।

    ठगी का तरीका

    आरोपी ने युवाओं को विश्वास दिलाने के लिए विभिन्न माध्यमों का सहारा लिया। उसने पहले एक आकर्षक नौकरी का प्रस्ताव दिया और फिर आवश्यक दस्तावेजों के लिए पैसे मांगने लगा। युवाओं ने उसकी बातों पर विश्वास कर पैसे ट्रांसफर कर दिए। जब उन्हें नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने मामले की शिकायत की।

    पुलिस की कार्रवाई

    पलामू पुलिस ने ठगी की शिकायत के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि यह ठगी का एक संगठित मामला है और जांच जारी है। पुलिस ने सभी पीड़ितों को आवश्यक सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।

    जागरूकता की आवश्यकता

    इस घटना ने युवाओं के बीच रोजगार के मामलों में सतर्कता बरतने की आवश्यकता को उजागर किया है। पुलिस और अन्य संस्थानों ने युवाओं को सलाह दी है कि वे किसी भी नौकरी के प्रस्ताव पर जल्दी विश्वास न करें और हमेशा आधिकारिक स्रोतों से जानकारी की पुष्टि करें।

  • चक्रधरपुर रेलवे अंडरपास में ईद से पहले बेहतर रोशनी की व्यवस्था जल्दी की जाएगी

    चक्रधरपुर रेलवे अंडरपास में ईद से पहले बेहतर रोशनी की व्यवस्था जल्दी की जाएगी

    चक्रधरपुर: चक्रधरपुर रेलवे अंडरपास से गुजरने वाले यात्रियों के लिए अंधेरे की समस्या का समाधान जल्दी ही होने वाला है। अंडरपास में उचित रोशनी की व्यवस्था के लिए कार्य तेजी से जारी है। उम्मीद की जा रही है कि ईद से पहले लाइटिंग का कार्य पूरा कर लिया जाएगा, जिससे नागरिकों को सुविधाएं प्राप्त होंगी।

    अंडरपास में चल रहा तेज गति से लाइटिंग कार्य

    वर्तमान में, रेलवे अंडरपास में लाइट लगाने का कार्य जोर-शोर से किया जा रहा है। कार्य के पूरा होने पर यहां रात के समय भी अच्छी रोशनी होगी। अब तक अंडरपास में अपर्याप्त रोशनी की समस्या के कारण लोगों को अंधेरे में यात्रा करने में काफी कठिनाई हो रही थी। स्थानीय निवासियों ने इस समस्या को पहले भी उठाया था, जिसके बाद यहां रोशनी की व्यवस्था की जा रही है।

    विधायक के प्रयासों से मिली सफलता

    अंडरपास निर्माण से जुड़ी ठेका कंपनी के निदेशक शहजाद मंजर ने बताया कि इस कार्य को सफल बनाने में स्थानीय विधायक सुखराम उरांव का मुख्य योगदान रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में विधायक के साथ हुई चर्चा में इस मुद्दे पर बात हुई थी। विधायक ने कहा था कि अंडरपास से गुजरने वाले लोगों को अंधेरे की वजह से परेशानी हो रही है, इसलिए जल्द से जल्द रोशनी का प्रबंध होना आवश्यक है।

    जिला फंड से मिली सहायता

    शहजाद मंजर ने जानकारी दी कि विधायक सुखराम उरांव के प्रयासों के चलते जिला का फंड रेलवे को प्रदान किया गया है। इसी फंड के माध्यम से अंडरपास से जुड़ा कार्य और लाइटिंग का प्रबंध संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि इस कार्य के पूरा होने के बाद लोगों को बड़ी राहत मिलेगी, जिससे अंडरपास से यात्रा अधिक सुरक्षित और सुगम बन जाएगी।

    मुख्यमंत्री और विधायक के प्रति अभार व्यक्त किया

    उन्होंने कहा कि इस पहल के लिए चक्रधरपुर के लोग राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक सुखराम उरांव के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। साथ ही उन्होंने आशा जताई कि ईद से पहले अंडरपास में संपूर्ण रोशनी की व्यवस्था कर दी जाएगी, ताकि लोगों को अंधेरे में यात्रा करने की कठिनाई से मुक्ति मिले और उनके दैनिक आवागमन में सरलता आए।

  • रांची निकाय चुनाव 2026: एसएसपी राकेश रंजन ने हिंदपीढ़ी बूथों का निरीक्षण किया

    रांची निकाय चुनाव 2026: एसएसपी राकेश रंजन ने हिंदपीढ़ी बूथों का निरीक्षण किया

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    रांची में नगर निकाय चुनाव के लिए खास सुरक्षा इंतजाम

    राजधानी रांची के हिंदपीढ़ी क्षेत्र में नगर निकाय चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। रांची के सीनियर सुपरीटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसएसपी) राकेश रंजन, कोतवाली के डीएसपी प्रकाश सोय और अन्य पुलिस अधिकारियों ने चुनाव के विभिन्न मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया है।

    निर्देशों का सख्त पालन

    निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मौके पर उपस्थित पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी प्रकार की अराजकता या अफवाह को तुरंत नियंत्रित किया जाए, और खासकर संवेदनशील मतदान केंद्रों पर नियमित निगरानी रखी जाए। एसएसपी ने पुलिस बल को सतर्क रहने और हर गतिविधि पर कड़ी नज़र बनाए रखने का निर्देश दिया। इसके साथ ही मतदाताओं के लिए बिना किसी परेशानियों के मतदान करने का माहौल सुनिश्चित करने की बात कही गई।

    शांतिपूर्ण मतदान की प्राथमिकता

    हिंदपीढ़ी क्षेत्र को संवेदनशील स्थान मानते हुए प्रशासन किसी भी प्रकार के जोखिम से परहेज कर रहा है। पुलिस की गश्ती टीम लगातार इलाके में सक्रिय है, और मतदान केंद्रों के बाहर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना है, और किसी भी तरह की अव्यवस्था को सहन नहीं किया जाएगा।

    मतदाताओं का उत्साह बढ़ा

    कड़ी सुरक्षा के बीच मतदाता उत्साह के साथ मतदान केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। लोग लंबी कतारों में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, जो लोकतंत्र में उनकी भागीदारी की स्पष्टता को दर्शाता है।

  • झारखंड में गर्मी का आगाज़, गुमला में ठंड का असर जारी

    झारखंड में गर्मी का आगाज़, गुमला में ठंड का असर जारी

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    झारखंड में मौसम अब धीरे-धीरे बदलाव के संकेत दिखाने लगा है। ठंड का समापन और गर्मी की शुरुआत हो चुकी है। पिछले 24 घंटों में राज्य के कई स्थानों पर न्यूनतम तापमान 13 से 15 डिग्री के बीच रिकॉर्ड किया गया है। विशेषरूप से लोहरदगा, लातेहार और जमशेदपुर में रात का तापमान पहले से अधिक हो गया है, जो यह दर्शाता है कि ठंड का असर कम होता जा रहा है।

    गुमला में ठंड का असर अभी भी बरकरार

    हालांकि बाकी जिलों में गर्मी का एहसास हो रहा है, लेकिन गुमला में ठंड अभी भी कायम है। गुमला का न्यूनतम तापमान 8.3 डिग्री दर्ज किया गया है, जो झारखंड में सबसे कम है। यहां के निवासियों को सुबह और शाम में कड़ाके की ठंड का सामना करना पड़ रहा है। इस प्रकार, अन्य जिलों में भले ही राहत मिल रही हो, लेकिन गुमला में ठंड की स्थिति अभी भी बनी हुई है।

    रांची की मौसम स्थिति: दिन गर्म, रात ठंडी 🌡️

    राजधानी रांची का मौसम भी थोड़ा भिन्न नजर आ रहा है। दिन में हल्की गर्मी महसूस की जा रही है, जबकि सुबह और रात में ठंड का एहसास बना हुआ है। यहां न्यूनतम तापमान 13 डिग्री और अधिकतम तापमान 26 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है। इसका यह अर्थ है कि दिन में धूप तेज हो गई है, जबकि रात को हल्की ठंड बनी हुई है।

    तापमान में वृद्धि का अनुमान 🔼

    मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार से झारखंड के मौसम में और बदलाव देखने को मिलेंगे। न्यूनतम और अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री तक की वृद्धि हो सकती है। तापमान में बढ़ोतरी के साथ ही कड़ाके की ठंड का प्रकोप लगभग समाप्त हो जाएगा।

    ठंड से राहत: कई जिलों में 15 डिग्री के पार तापमान

    जमशेदपुर सहित सरायकेला और खरसावां में न्यूनतम तापमान 15 डिग्री तक पहुंच गया है। इससे यह स्पष्ट होता है कि इन क्षेत्रों में ठंड का असर कम हो रहा है और गर्मी की शुरुआत हो चुकी है।

  • झारखंड में बेकाबू हाथियों पर लगेगा नियंत्रण, कर्नाटक के ‘कुनकी’ हाथी करेंगे सहयोग।

    झारखंड में बेकाबू हाथियों पर लगेगा नियंत्रण, कर्नाटक के ‘कुनकी’ हाथी करेंगे सहयोग।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    झारखंड में हाथियों का आतंक: राहत के लिए बुलाए गए ‘कुनकी’ हाथी

    झारखंड के चाईबासा और हजारीबाग में इन दिनों लोग हाथियों के आतंक से परेशान हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि ग्रामीण रात भर जागकर अपनी सुरक्षा में लगे रहते हैं। इसी बीच, कर्नाटक से छह खास प्रशिक्षित ‘कुनकी’ हाथियों को झारखंड लाने का निर्णय लिया गया है, जो बेलगाम हाथियों को काबू में रखने में सहायता करेंगे।

    बेकाबू हाथियों का कहर 😱

    अधिकांश रिपोर्ट्स के अनुसार, वयस्क नर हाथियों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन की वृद्धि उनके आक्रामक व्यवहार का कारण बन रही है। यह हार्मोन बढ़ने से कई हाथी गांवों में घुसपैठ कर रहे हैं। पिछले एक महीने में, हाथियों ने 25 से ज्यादा लोगों की जान ली है। चाईबासा में एक हाथी ने अकेले ही 15 लोगों को मार दिया, वहीं हजारीबाग में एक रात में पांच हाथियों के समूह ने सात लोगों की जान ले ली। इन घटनाओं ने ग्रामीणों में भारी आतंक उत्पन्न कर दिया है।

    कुनकी हाथियों की भूमिका क्या है? 🐘

    इन परिस्थितियों का समाधान निकालने के लिए, कर्नाटक से छह प्रशिक्षित ‘कुनकी’ हाथियों को बुलाया जा रहा है। ये हाथी खास प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं और अपने महावतों के निर्देशन में कार्य करते हैं। इनका उद्देश्य असामान्य हाथियों को शांत करना, उन्हें उनके समूह से अलग करना, और जंगल में वापस ले जाना है। उनकी विशेषता यह है कि ये अपनी उपस्थिति और व्यवहार से अन्य हाथियों को भी अपने साथ ले जाने में सक्षम होते हैं। इन्हें ‘रेस्क्यू टीम’ की तरह समझा जा सकता है।

    कुनकी हाथी क्या हैं? 🤔

    ‘कुनकी’ या ‘कुमकी’ का अर्थ फारसी में सहायक होता है। कर्नाटका वन विभाग वर्षों से हाथियों को प्रशिक्षित कर उन्हें नियंत्रित करने का काम कर रहा है। इन विशेष प्रशिक्षित हाथियों का उपयोग बिगड़ैल और आक्रामक हाथियों को काबू में करने के लिए किया जाता है। उनके साथ अनुभवी महावत होते हैं जो स्थिति के अनुसार रणनीति बनाते हैं।

    लोगों को राहत की उम्मीद 🌟

    झारखंड में कुनकी हाथियों की पहुंच से लोगों को राहत की उम्मीद जगी है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि जल्द ही इन बेकाबू हाथियों को काबू में नहीं किया गया, तो स्थिति और खराब हो सकती है, जिससे अधिक जीवन का नुकसान हो सकता है।

  • झारखंड में हाथियों का आतंक, कर्नाटक से पहुंचेंगे ‘कुनकी’ हाथी

    झारखंड में हाथियों का आतंक, कर्नाटक से पहुंचेंगे ‘कुनकी’ हाथी

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    झारखंड में हाथियों का आतंक, कुनकी हाथियों से मिलेगी राहत

    झारखंड के चाईबासा और हजारीबाग में इन दिनों लोग हाथियों के आतंक से काफी चिंता में हैं। हालात इस कदर बिगड़ चुके हैं कि गांव के लोग रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हो गए हैं। ऐसे में राहत की एक नई खबर आई है, जिसमें कर्नाटक से छह विशेष रूप से प्रशिक्षित ‘कुनकी’ हाथियों को झारखंड लाया जा रहा है। ये हाथी बेलगाम हाथियों को काबू में करने में सहायक होंगे।

    हाथियों का आक्रामक व्यवहार

    जानकारी के अनुसार, जब व्यस्क नर हाथियों में टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का स्तर बढ़ता है, तो वे अधिक आक्रामक हो जाते हैं। इसी कारण, हाल के दिनों में कई हाथी बेकाबू होकर गांवों में घुस रहे हैं। पिछले एक महीने में 25 से अधिक लोग इन हाथियों के हमले का शिकार हो चुके हैं। चाईबासा में एक ही हाथी ने 15 लोगों की जान ले ली, वहीं हजारीबाग में पांच हाथियों के झुंड ने एक रात में सात लोगों को मार डाला। इन घटनाओं के बाद ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया है।

    कुनकी हाथियों की भूमिका

    कर्नाटक से लाए जा रहे छह ‘कुनकी’ हाथी इन खतरनाक स्थितियों से निपटने के लिए अहम साबित होंगे। ये खास प्रशिक्षण प्राप्त हाथी अपने महावत के निर्देशानुसार कार्य करते हैं। इनका प्राथमिक उद्देश्य बेकाबू हाथियों को शांत करना, उन्हें झुंड से अलग करना और फिर वापस जंगल की ओर ले जाना है। इन कुनकी हाथियों की उपस्थिति और व्यवहार जंगली हाथियों को नियंत्रित करने में मददगार होते हैं। सरल शब्दों में, ये ‘रेस्क्यू टीम’ की तरह कार्य करते हैं।

    कुनकी हाथियों की पहचान

    ‘कुनकी’ या ‘कुमकी’ शब्द फारसी भाषा से लिया गया है, जिसका अर्थ सहायक होता है। कर्नाटक वन विभाग ने वर्षों से हाथियों को प्रशिक्षित कर उन्हें अनुशासित किया है। इन प्रशिक्षित हाथियों का उपयोग बिगड़ैल या आक्रामक हाथियों को कंट्रोल करने के लिए किया जाता है। उनके साथ अनुभवी महावत भी होते हैं, जो स्थिति के अनुसार रणनीतियों का निर्धारण करते हैं।

    ग्रामीणों को राहत की उम्मीद

    झारखंड में कुनकी हाथियों के आगमन से स्थानीय नागरिकों में उम्मीद जगी है। गांव के लोग मानते हैं कि यदि जल्दी ही इन बेकाबू हाथियों को काबू नहीं किया गया, तो और भी जानें जा सकती हैं।

  • पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की गाड़ी का टायर चलते-चलते अचानक फटा, फिर…

    पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की गाड़ी का टायर चलते-चलते अचानक फटा, फिर…

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड स्थित जोरदाग गांव में सोमवार को पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की कार अचानक पलट गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गाड़ी के दो टायर फटने के कारण चालक संतुलन खो बैठा और कार सड़क के किनारे पलट गई। यह घटना इतनी अचानक हुई कि वहां मौजूद लोग भी चौंक गए।

    ग्रामीणों और पुलिस ने की तत्परता से मदद

    गाड़ी पलटते ही आसपास के ग्रामीण और पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे और पूर्व मंत्री योगेंद्र साव सहित अन्य सवारों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस दुर्घटना में सभी को हल्की चोटें आईं, लेकिन स्थिति गंभीर नहीं थी।

    प्राथमिक उपचार के बाद सभी सुरक्षित

    सभी घायल व्यक्तियों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर प्राथमिक चिकित्सा दी गई। चिकित्सकों ने पुष्टि की कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई है और सभी खतरे से बाहर हैं।

    स्थानीय आंदोलन से जोड़कर देखी जा रही घटना

    स्थानीय लोग और कुछ सामाजिक संगठन इस घटना को क्षेत्र में खनन कंपनियों के खिलाफ चल रहे आंदोलन से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी संदिग्ध गतिविधि की पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है।

    पूर्व मंत्री का वाहन बचा गंभीर टक्कर से

    हालांकि यह हादसा गंभीर लग रहा था, लेकिन पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और उनके साथी सुरक्षित रहे। यह घटना सड़क पर सतर्क रहने के लिए लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सबक है।

  • झारखंड में ठंड ने फिर पकड़ी गति, सुबह और शाम लोगों को हुई मुश्किलें

    झारखंड में ठंड ने फिर पकड़ी गति, सुबह और शाम लोगों को हुई मुश्किलें

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    झारखंड में फिर से लौटी ठंडक ❄️

    झारखंड में मौसम ने एक बार फिर से सर्दी का अनुभव कराना शुरू कर दिया है। हाल ही में तापमान में थोड़ी वृद्धि के बाद, अचानक से ठंडी हवाओं ने राज्य को अपने प्रभाव में ले लिया है, जिससे ठंड बढ़ गई है।

    राजधानी और आस-पास में ठंड का असर 🌬️

    राजधानी रांची के साथ-साथ गुमला, खूंटी, लोहरदगा, लातेहार और अन्य जिलों में ठंड के प्रकोप को ज्यादा महसूस किया जा रहा है। तेज हवाओं के कारण सुबह और शाम का समय घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। इस मौसम में लोग फिर से जैकेट, टोपी और मफलर जैसे गर्म कपड़ों में नजर आ रहे हैं।

    तापमान में गिरावट 📉

    मौसम विभाग के अनुसार, पिछले 24 घंटों में कई जिलों में न्यूनतम तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। जहां पहले रात का तापमान करीब 14 डिग्री था, वहीं अब यह घटकर 9 से 10 डिग्री तक आ पहुंचा है। गुमला राज्य का सबसे ठंडा क्षेत्र बना हुआ है, जहां न्यूनतम तापमान लगभग 9.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।

    भविष्य में ठंड बढ़ने की संभावना 🌡️

    मौसम विभाग की भविष्यवाणियों के अनुसार, अगले 24 घंटों में ठंड और बढ़ सकती है। उत्तर-पश्चिमी जिलों जैसे पलामू, गढ़वा, कोडरमा, लातेहार और लोहरदगा में तापमान 8 डिग्री सेल्सियस के आस-पास गिरने की उम्मीद है। हालांकि, दिन के समय तापमान 25 से 26 डिग्री के आसपास रह सकता है, लेकिन सुबह और शाम का कोहरा तथा ठंडी हवाएं नागरिकों के लिए परेशानी का कारण बनेंगी।

    विशेषज्ञों की राय 🧊

    विशेषज्ञों के अनुसार, उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाएं इन मौसम परिवर्तनों का मुख्य कारण हैं। यह ठंड का प्रभाव अगले दो से तीन दिनों तक झारखंड के विभिन्न हिस्सों में बना रह सकता है। कुल मिलाकर, झारखंड में ठंड ने फिर से दस्तक दे दी है, और आने वाले दिनों में लोगों को कड़ाके की सर्दी बर्दाश्त करनी पड़ सकती है।

  • रांची में स्मार्ट मीटर उपयोगकर्ताओं की समस्या बढ़ी, बैलेंस घटते ही होगी बिजली कटौती।

    रांची में स्मार्ट मीटर उपयोगकर्ताओं की समस्या बढ़ी, बैलेंस घटते ही होगी बिजली कटौती।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    रांची में स्मार्ट मीटरों के कारण उपभोक्ताओं की बढ़ती चिंताएँ

    रांची शहरी क्षेत्र में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर अब उपभोक्ताओं के लिए गंभीर समस्याओं का कारण बनते जा रहे हैं। बिजली विभाग ने अप्रैल तक 3.70 लाख स्मार्ट मीटर स्थापित करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें से लगभग 3.40 लाख मीटर अब तक लग चुके हैं। विभाग का दावा है कि सिर्फ 30 से 35 हजार उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाना बाकी है।

    बढ़ती शिकायतें

    हालांकि, इन स्मार्ट मीटरों के स्थापित होने के बाद से बिजली बिल और आपूर्ति के मामले में उपभोक्ताओं की शिकायतों में वृद्धि हो रही है। कई लोग बताते हैं कि जैसे ही स्मार्ट मीटर का बैलेंस 200 रुपये से नीचे जाता है, बिजली सप्लाई तुरंत काट दी जाती है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि बैलेंस कम होने या खत्म होने की सूचना समय पर नहीं मिलती, जिसके चलते बिजली अचानक कट जाती है। इसके अलावा, बैलेंस रिचार्ज करने या राशि जमा करने के बाद भी कनेक्शन फिर से चालू होने में देरी हो रही है, जिससे घरों और दुकानों के कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

    उपभोक्ताओं की मांग

    स्मार्ट मीटरों से जुड़ी इन समस्याओं के चलते उपभोक्ताओं में निराशा देखी जा रही है। लोग बिजली विभाग से यह अनुरोध कर रहे हैं कि बिजली कटने से पहले उचित सूचना प्रदान की जाए और भुगतान के तुरंत बाद बिजली आपूर्ति को बहाल किया जाए। इससे आम नागरिकों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

    इस पूरे मामले ने उपभोक्ताओं के बीच नकारात्मक भावनाओं को जन्म दिया है, और उन्हें उम्मीद है कि बिजली विभाग उनकी चिंताओं को गंभीरता से लेगा।

  • पलामू: थाना में भीषण आग! देखिए कैसे धू-धू कर जलती रही गाड़ियां

    पलामू: थाना में भीषण आग! देखिए कैसे धू-धू कर जलती रही गाड़ियां

    🔥 क्या है पूरा मामला?

    झारखंड के पलामू जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। रविवार दोपहर मेदिनीनगर के टाउन थाना परिसर में अचानक आग लग गई, जिससे थाना परिसर के मालखाना में रखे कई वाहन जलकर राख हो गए। यह घटना उस स्थान के बेहद करीब हुई जहां पुलिसकर्मियों के क्वार्टर, महिला थाना और टीओपी 1 स्थित है।

    🧯 कैसे फैली आग?

    पुलिसकर्मियों के अनुसार, थाना परिसर में मौजूद झाड़ियों में सबसे पहले आग लगी। देखते ही देखते आग ने मालखाना में रखे दोपहिया और चार पहिया वाहनों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि पुलिसकर्मियों को भी तत्काल कार्रवाई करनी पड़ी।


    🚒 क्या हुई कार्रवाई?

    • दमकल विभाग को तुरंत दी गई सूचना
    • मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाने की कोशिश की
    • थाना प्रभारी गुलशन बिरुआ ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है
    • आग बुझाने में पुलिस जवानों ने भी अपनी जान जोखिम में डाल दी

    🚨 कितनी गाड़ियां जल गईं?

    फिलहाल आगजनी में कितनी गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुई हैं, इसका आंकलन किया जा रहा है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, कई बाइक्स और चार पहिया वाहन पूरी तरह जल चुके हैं।


    🕵️‍♂️ आग लगने की वजह क्या थी?

    इस घटना के पीछे की असली वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। थाना परिसर में मौजूद सूखी झाड़ियों से आग फैलने की बात सामने आ रही है, लेकिन फॉरेंसिक टीम की जांच के बाद ही इस पर पक्की जानकारी मिल सकेगी।


    📌 निष्कर्ष:

    एक तरफ जहां यह घटना पुलिस महकमे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करती है, वहीं दमकल कर्मियों और पुलिस जवानों की तत्परता से आग को और फैलने से रोक लिया गया। अब देखना यह होगा कि जांच के बाद कौन-सी लापरवाही उजागर होती है।