पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग को लेकर झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन का धरना
धरना स्थल पर पहुंचे सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक किया मांगों का समर्थन
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा राज्य में पत्रकार सुरक्षा कानून जल्द लागू होगा। पत्रकार सुरक्षा से संबंधित पत्रकारों की सभी मांगें शीध्र पूरा किया जायेगा। मुख्यमंत्री की ओर से यह आश्वासन आज झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन के बैनर के तहत आयोजित धरना के दौरान दिया गया। विधानसभाके समक्ष आज से शुरू किये गये दो दिवसीय धरना मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद समाप्त कर दिया गया। इससे पहले झारखंड जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने राज्य में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग को लेकर धरना शुरू किया। धरना में रांची, हजारीबाग, पलामू और लातेहार सहित अन्य जिलों से बड़ी संख्या में एसोसिएशन से जुड़े पत्रकार शामिल हुए। एसोसिएशन की ओर से मुख्य मांग है कि छत्तीसगढ़ की तर्ज पर झारखंड में भी पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किया जाये। मौके पर लातेहार के जिलाध्यक्ष संजीव कुमार ने कहा कि हमें संकल्प लेना होगा कि जिस तरह से छत्तीसगढ़ में यह कानून लागू हुआ है। उसी तरह हम झारखड में भी कानून लागू करायेंगे। पलामू जिला के संतोष श्रीवास्तव ने कहा कि एसोसिएशन के सदस्य हमारी ताकत है। हमने एकजुटता का परिचय दिया है। हम एक दूसरे पर भरोसा करें और संघर्ष करें।
मुख्यमंत्री ने भेजा मंत्री और विधायकों को
धरना की सूचना विधानसभा सत्र के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को मिली। मुख्यमंत्री ने धरना को गंभीरता से लेते हुए तुरंत राज्य के मंत्री मिथिलेश ठाकुर के साथ सत्ता पक्ष के विधायक डॉ इरफान अंसारी और अंबा प्रसाद धरना स्थल भेजे। सत्ता पक्ष के लोगों ने धरनास्थल पर पहुंच कर मुख्यमंत्री का संदेश पत्रकारों को दिया। बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि झारखंड में पत्रकार सुरक्षा कानून जल्द लागू किया जायेगा। इसके साथ ही पत्रकारों की अन्य मांगों को राज्य सरकार की ओर से शीध्र पूरा किया जायेगा।
भाजपा विधायकों ने मांगों का किया समर्थन
धरना की सूचना पर भाजपा विधायक विरंची नारायण और मनीष जायसवाल धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने एसोसिएशन की मांगों का समर्थन किया। भाजपा विधायक विरंची नारायण ने पत्रकारों की मांगों का समर्थन किया और कहा कि आपलोग शहरों से लेकर सुदूर अंचलों तक पत्रकारिता कर रहे हैं। आपलोग शोषितों, वंचितों की आवाज बनकर खड़े रहते हैं। पर आज पत्रकार खुद ही शोषित, वंचित बनकर रह गए हैं। विधायक मनीष ने कहा कि हमलोग पत्रकारों की मांगो का समर्थन करते हैं। आपको सुरक्षा के साथ ही पेंशन, आवासीय भूखंड, इंश्योरेंस आदि की सुविधा भी मिलनी चाहिए।
आपकी समस्याओं को हम दिल से देखते हैं : अकेला
कांग्रेस विधायक उमाशंकर अकेला ने कहा कि आपकी समस्याओं को हम दिल से देखते हैं। मुझे लगता है कि अगर पत्रकार सुरक्षित नहीं हैं, तो फिर कोई भी सुरक्षित नही है। अभी हम गठबंधन की सरकार में है। पर जिस तरह से पत्रकार सुरक्षा कानून छत्तीसगढ़ में लागू हैं। वह झारखंड में भी लागू होना चाहिए और हम इसके लिए विधानसभामें आवाज उठायेंगे।
पत्रकारों की सुरक्षा के लिए लागू हो कानून : अमरकांत
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष अमरकांत ने विस्तार से बताया कि किन हालातों में पत्रकार सुरक्षा कानून की जरूरत पड़ी है। उन्होंने कहा कि आये दिन पत्रकारों को भी धमकियों व हमलों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में पत्रकार सुरक्षा कानून का लागू होना बहुत जरूरी है ताकि कभी ऐसी घटनाएं हो तो उसकी समुचित तरीके से जांच हो और पत्रकारों को न्याय मिल सके।
सत्ता पक्ष और विपक्ष को किया आमंत्रित : वर्मा
प्रदेश महासचिव सियाराम शरण वर्मा ने कहा कि एसोसिएशन लगातार पत्रकारों के हित में इस कानून की मांग करता रहा है। आज हमलोगों ने अपनी बातों को सुनाने के लिए पक्ष व विपक्ष दोनों के नेताओं को आमंत्रित किया है। क्योंकि हमारी किसी से कोई लड़ाई नहीं है। जिस तरह से छत्तीसगढ़ में यह कानून लागू किया हया है उसी तरह से झारखंड में भी यह कानून लागू होना चाहिए।