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  • रांची नगर निगम का टैक्स कलेक्शन पहली बार 100 करोड़ रुपये को पार किया

    रांची नगर निगम का टैक्स कलेक्शन पहली बार 100 करोड़ रुपये को पार किया

    रांची : रांची नगर निगम ने शहरी वित्तीय प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस वर्ष निगम का प्रॉपर्टी टैक्स संग्रह पहली बार 100 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है। 2013 में जहां यह आंकड़ा लगभग 5 करोड़ रुपये था, वहीं 2025-26 में यह बढ़कर लगभग 101.99 करोड़ रुपये हो गया है। इसे निगम की सबसे बड़ी सफलता माना जा रहा है।

    6 महीने के अभियान का मिला बड़ा नतीजा

    नगर आयुक्त सुशांत गौरव के नेतृत्व में पिछले 6 महीनों से एक विशेष अभियान संचालित किया जा रहा था। इसी के परिणामस्वरूप मंगलवार को लगभग 1.59 करोड़ रुपये जमा किए गए। इस अभियान में नगर आयुक्त ने स्वयं सक्रिय भूमिका निभाई और लगातार मॉनिटरिंग की।

    ऑनलाइन पेमेंट ने भी बढ़ाया कलेक्शन

    इस बार डिजिटल प्रणाली का योगदान भी उल्लेखनीय रहा। लोगों ने लगभग 23 करोड़ रुपये ऑनलाइन जमा किए, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों में बढ़ोतरी हुई। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने से टैक्स जमा करने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया और संग्रह में तेजी आई।

    कैसे बढ़ा टैक्स कलेक्शन

    नगर निगम ने कई स्तरों पर कार्य किया, जिसका सीधा प्रभाव राजस्व पर पड़ा। शहर में डोर टू डोर सर्वे और सत्यापन किया गया, जिससे छूटे हुए और अज्ञात होल्डिंग्स की पहचान संभव हुई। प्रत्येक वार्ड के लिए अलग-अलग लक्ष्य निर्धारित किए गए और उनकी निरंतर मॉनिटरिंग की गई। बड़े बकायेदारों के खिलाफ नोटिस जारी किए गए और डिजिटल सिस्टम के माध्यम से रियल टाइम ट्रैकिंग की व्यवस्था की गई। नागरिकों को जागरूक करने के लिए विभिन्न अभियान चलाए गए, जिससे टैक्स बेस को मजबूत किया गया और संग्रह में वृद्धि हुई।

    हर साल बढ़ता गया आंकड़ा

    नगर निगम का संग्रह पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ता रहा है:

    • 2020-21: 51.35 करोड़
    • 2021-22: 58.03 करोड़
    • 2022-23: 67.78 करोड़
    • 2023-24: 69.71 करोड़
    • 2024-25: 83.57 करोड़
    • 2025-26: 101.99 करोड़

    यह दर्शाता है कि निगम की रणनीतियाँ लगातार प्रभावी साबित हो रही हैं।

    संपत्तियों की संख्या और दक्षता में बढ़ोतरी

    संपत्तियों की संख्या में भी तेजी से वृद्धि हुई है। पहले लगभग 1 लाख होल्डिंग्स थीं, अब यह संख्या बढ़कर 2.5 लाख से अधिक हो गई है। इसके साथ ही टैक्स संग्रह की दक्षता लगभग 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

    शहर के विकास पर दिखेगा असर

    राजस्व में वृद्धि से अब शहर के विकास कार्यों को गति मिलेगी। सफाई, पानी, सड़क और स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं में सुधार की उम्मीद बढ़ गई है। नगर आयुक्त ने कहा कि भविष्य में जीआईएस मैपिंग और डेटा बेस्ड सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा, ताकि संग्रह और अधिक पारदर्शी हो सके।

  • ग्राहक बनकर आया चोर, 22 लाख के गहने चोरी, CCTV में कैद हुई वारदात

    ग्राहक बनकर आया चोर, 22 लाख के गहने चोरी, CCTV में कैद हुई वारदात

    उलीडीह थाना क्षेत्र में चोरी की घटना, 22 लाख रुपये के गहने गायब

    जमशेदपुर: शहर के उलीडीह थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली चोरी की घटना सामने आई है। यहां एक युवक ग्राहक बनकर ज्वेलरी की दुकान में घुस आया और बड़ी चालाकी से लगभग 22 लाख रुपये के गहने लेकर फरार हो गया। इस पूरी वारदात को दुकान में लगे CCTV कैमरे ने कैद कर लिया है।

    ग्राहक बनकर आया, भरोसा जीतकर वारदात को दिया अंजाम

    यह घटना मंगलवार सुबह करीब 11 बजे शंकोसाई रोड नंबर-1 पर स्थित हरि मंदिर के पास विश्वनाथ ज्वेलर्स की है। दुकान के मालिक विश्वनाथ दत्ता के बेटे अभिजीत ने बताया कि आरोपी युवक ग्राहक बनकर दुकान में आया और शांति से गहने देखने लगा। उसने बातचीत के दौरान दुकानदार का भरोसा भी जीत लिया।

    एडवांस देकर बनाया प्लान, फिर गायब हो गया गहनों के साथ

    युवक ने एक गहना पसंद किया और एक हजार रुपये एडवांस देकर शाम को लेने का वादा करते हुए दुकान से बाहर निकल गया। कुछ समय बाद जब अभिजीत ने गहनों की जांच की, तो एक डिब्बे से कीमती आभूषण गायब मिले।

    CCTV में कैद हुई पूरी चालाकी

    दुकान के CCTV फुटेज की जांच करने पर पूरा मामला स्पष्ट हो गया। फुटेज में देखा गया कि युवक ने गहने देखने के दौरान मौका पाकर उन्हें चुरा लिया और आराम से बाहर निकल गया। दुकानदार के अनुसार, चोरी हुए गहनों की कीमत लगभग 22 से 23 लाख रुपये के बीच है।

    एक दिन पहले भी आया था आरोपी

    इस मामले की एक और चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी युवक एक दिन पहले भी इसी दुकान पर आया था। उसने 5700 रुपये के गहने खरीदकर दुकानदार का भरोसा जीतने का प्रयास किया। इसके बाद उसने उसी भरोसे का फायदा उठाते हुए बड़ी चोरी कर दी।

    पुलिस जांच में जुटी, व्यापारियों में डर का माहौल

    घटना की सूचना मिलते ही उलीडीह थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे पकड़ने का प्रयास कर रही है।

  • रामगढ़ में रहस्यमय मौत, स्कूल के पास शव मिलने से लोगों में दहशत

    रामगढ़ में रहस्यमय मौत, स्कूल के पास शव मिलने से लोगों में दहशत

    रामगढ़ में शव मिलने से मचा हड़कंप

    रामगढ़: सोमवार सुबह रामगढ़ शहर के एक शांत इलाके में उस समय हड़कंप मच गया जब बाजार समिति के निकट रामप्रसाद चंद्रभान स्कूल (सरस्वती विद्या मंदिर) के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव पाया गया। सुबह-सुबह टहलने निकले लोगों ने शव देख कर इसकी सूचना फैलानी शुरू कर दी, जिसके बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई।

    घसीटने के निशान ने बढ़ाई चिंता

    स्थानीय लोगों के अनुसार, शव के चारों ओर जमीन पर घसीटने के स्पष्ट निशान मौजूद थे। यह स्थिति पूरे मामले को और गंभीर बनाती है। लोगों का मानना है कि जिस स्थान पर शव मिला है, वहां हत्या नहीं हुई प्रतीत होती। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि शव को किसी अन्य स्थान पर हत्या के बाद लाकर यहां फेंका गया हो।

    दहशत का माहौल, लोगों में चिंता

    इस घटना के बाद पूरे इलाके में डर और असमंजस का माहौल बन गया है। लोग इस घटना को लेकर तरह-तरह की बातें कर रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। स्कूल के निकट इस तरह की घटना ने अभिभावकों में भी चिंता बढ़ा दी है, और कई लोग अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं।

    पुलिस का जवाब: जानकारी नहीं मिली

    जब इस मामले के बारे में थाना प्रभारी नवीन प्रकाश पांडे से संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि उन्हें अभी तक इस घटना की कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। पुलिस के इस उत्तर ने लोगों के बीच और भी सवाल खड़े कर दिए हैं कि इतनी बड़ी घटना की जानकारी समय पर क्यों नहीं दी गई।

    जांच के बाद ही होगा कुछ स्पष्ट

    फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह हत्या का मामला है या किसी अन्य कारण से मौत हुई है। लेकिन घटनास्थल की स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है। पुलिस के मौके पर पहुंचने और जांच शुरू होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी।

  • गिरिडीह में झामुमो का 53वां स्थापना दिवस, CM हेमंत सोरेन देंगे संदेश आज

    गिरिडीह में झामुमो का 53वां स्थापना दिवस, CM हेमंत सोरेन देंगे संदेश आज

    सीएम हेमंत सोरेन होंगे मुख्य अतिथि

    इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके साथ नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, गांडेय विधायक कल्पना मुर्मू समेत कई अन्य मंत्री, सांसद और विधायक भी उपस्थित रहेंगे। ऐसे में पार्टी के बड़े नेताओं की उपस्थिति से कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह का माहौल बना हुआ है।

    गांव से शहर तक से उमड़ेगा जनसैलाब

    स्थापना दिवस के अवसर पर शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापक उत्साह देखने को मिल रहा है। पार्टी के नेताओं का मानना है कि पूरे जिले से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक कार्यक्रम में शामिल होंगे। हाल के समय में शहरी क्षेत्रों में झामुमो का जनाधार बढ़ा है, जिससे इस बार और अधिक भीड़ की उम्मीद जताई जा रही है।

    इस बार कई मायनों में खास है आयोजन

    इस वर्ष का स्थापना दिवस समारोह कई कारणों से विशेष माना जा रहा है। यह पहली बार है जब यह कार्यक्रम 30 मार्च को आयोजित किया जा रहा है, जबकि हर वर्ष इसे 4 मार्च को मनाया जाता था। होली के कारण इस बार तारीख में बदलाव किया गया है। इसके साथ ही, यह पहली बार होगा जब दिशोम गुरु शिबू सोरेन की अनुपस्थिति में यह आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, इस बार सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जा रहा है।

    मेयर और डिप्टी मेयर भी रहेंगे मौजूद

    इस बार कार्यक्रम में शहर के मेयर और उप मेयर की उपस्थिति भी सुनिश्चित है, जो इसे और भी विशेष बना रही है। पार्टी इसे अपने बढ़ते शहरी जनाधार से जोड़कर देख रही है।

    नेताओं ने लिया तैयारी का जायजा

    रविवार को नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने स्वयं झंडा मैदान पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने मंच, पंडाल और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और जहां कमी नजर आई, उसे तुरंत सुधारने के निर्देश दिए। इस दौरान झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह, मेयर प्रमिला मेहरा, उप मेयर सुमित कुमार समेत कई नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम को लेकर कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह

    झामुमो के नेताओं का कहना है कि इस बार का स्थापना दिवस केवल एक समारोह नहीं, बल्कि संगठन की ताकत दिखाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। पार्टी को आशा है कि झंडा मैदान में बड़ी संख्या में लोग जुटेंगे और यह आयोजन एक यादगार घटना बनेगा।

  • खूंटी में तनाव बढ़ा, मुरहू हिंसा के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी

    खूंटी में तनाव बढ़ा, मुरहू हिंसा के खिलाफ अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी

    खूंटी में तनावपूर्ण स्थिति, अनिश्चितकालीन बंद का ऐलान

    खूंटी: खूंटी जिले के मुरहू में हाल ही में हुई हिंसक झड़प के बाद इलाके का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। शनिवार को हुई पथराव की घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश उत्पन्न कर दिया है। इस बीच, रविवार को सर्व सनातन समाज की बैठक में पूरे खूंटी जिले में अनिश्चितकालीन बंद का निर्णय लिया गया। यह बंद दोपहर से लागू हो गया, जिसका प्रभाव बाजारों और सड़कों पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।

    बाजार बंद कराने निकले प्रदर्शनकारी

    बैठक के बाद समाज के सदस्य शहर के विभिन्न हिस्सों में घूमकर दुकानों को बंद कराते हुए नजर आए। इसके बाद, पूर्व मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा के नेतृत्व में सैकड़ों लोग खूंटी थाना पहुंचे। वहां, उन्होंने डीएसपी वरुण रजक से मिलकर अपनी मांगें रखीं। इस प्रदर्शन के दौरान, लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर असंतोष व्यक्त किया और विरोध प्रकट किया।

    गिरफ्तार लोगों की रिहाई की मांग

    प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग थी कि गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों को बिना किसी शर्त के तुरंत रिहा किया जाए। इसके साथ ही, पुलिस की कार्रवाई पर रोक लगाने की भी मांग उठाई गई। पूर्व मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने कहा कि निर्दोष व्यक्तियों को परेशान करने की कार्रवाई को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा की।

    डीएसपी का बयान: कार्रवाई साक्ष्यों के आधार पर

    प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई पूरी तरह से तथ्यों और प्राप्त शिकायतों के आधार पर की जा रही है। डीएसपी वरुण रजक ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से मिले आवेदन के आधार पर कुछ व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है। वर्तमान में, दो व्यक्तियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त हुए हैं, जबकि अन्य को रिहा करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि जांच जारी है और दोषी पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

    लोगों से शांति बनाए रखने की अपील

    प्रशासन ने नागरिकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। डीएसपी ने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और कानून अपने हाथ में लेने से बचें। उन्होंने चेतावनी दी कि माहौल को बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    अब तक दर्ज हुए 10 मामले

    इस पूरे घटनाक्रम में मुरहू थाना में अब तक कुल 10 प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से तीन मामले प्रशासन द्वारा दर्ज किए गए हैं। विभिन्न संगठनों और पक्षों ने प्रशासन को अपनी-अपनी शिकायतें सौंपी हैं। एक पक्ष ने हमले की नीयत से मारपीट का आरोप लगाया है, जबकि दूसरे ने कानून-व्यवस्था और जुलूस के संबंध में सवाल खड़े किए हैं।

    प्रशासन अलर्ट, स्थिति पर नजर

    घटना के बाद से प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। जिले में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

  • कोडरमा में जंगली हाथियों का आतंक, महुआ चुनने गई महिला की मौत

    कोडरमा में जंगली हाथियों का आतंक, महुआ चुनने गई महिला की मौत

    कोडरमा में जंगली हाथियों का आतंक जारी

    कोडरमा: कोडरमा जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में मरकच्चो थाना क्षेत्र के जामु हरलाडीह गांव में एक दुखद घटना घटी, जहां 55 वर्षीय सीता देवी की हाथी के हमले में मृत्यु हो गई। जानकारी के अनुसार, सीता देवी रविवार सुबह लगभग 5 बजे महोदरा जंगल में महुआ चुनने गई थीं, तभी एक जंगली हाथी ने उन पर हमला कर दिया। हाथी ने उन्हें पटककर जमीन पर गिरा दिया और फिर पैर रखकर कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। साथ में गई अन्य महिलाएं किसी तरह जान बचाने में सफल रहीं।

    चार दिनों में तीसरी मौत, ग्रामीणों में दहशत

    इस प्रकार की लगातार घटनाओं से क्षेत्र में डर का माहौल उत्पन्न हो गया है। पिछले चार दिनों में हाथियों के हमले में तीन लोगों की जान जा चुकी है। इससे पहले बुधवार को मरियमपुर और बोनाकाली क्षेत्र में दो अन्य लोगों की भी मौत हो चुकी है। ग्रामीणों का मानना है कि एक हाथी झुंड से अलग हो गया है और वह लगातार लोगों पर हमला कर रहा है, जबकि अन्य हाथी आसपास के जंगलों में मौजूद हैं।

    मवेशियों को भी बनाया निशाना

    हाथियों का आतंक केवल मानव जीवन तक सीमित नहीं है। झरीटांड और ढेबुआडीह गांव में शुक्रवार रात हाथियों ने कई मवेशियों को कुचलकर मार डाला। गौशालाओं को भी नुकसान पहुंचाया गया है और बाहर बंधे जानवर भी इसके शिकार बने हैं। इससे स्थानीय लोगों की समस्याएं और बढ़ गई हैं, और अब लोग दिन में भी जंगल जाने से डरने लगे हैं।

    वन विभाग की तत्परता

    घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। रेंज ऑफिसर रविंद्र कुमार ने पीड़ित परिवार को तुरंत 25 हजार रुपये की सहायता प्रदान की। इसके अलावा, 3.75 लाख रुपये के मुआवजे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद देने का आश्वासन भी दिया गया है।

    संसाधनों की कमी, हाथियों को नियंत्रित करना चुनौती

    वन विभाग की टीम लगातार हाथियों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है, लेकिन संसाधनों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने का प्रयास जारी है, लेकिन अभी तक पूरी तरह से सफलता नहीं मिल पाई है।

    ग्रामीणों में डर और आक्रोश

    लगातार हो रही मौतों के कारण ग्रामीणों में डर के साथ-साथ आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है। लोगों का मानना है कि यदि जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

  • पोस्टमार्टम में देरी के चलते विधायक प्रदीप प्रसाद ने मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था पर उठाए सवाल

    पोस्टमार्टम में देरी के चलते विधायक प्रदीप प्रसाद ने मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था पर उठाए सवाल

    हजारीबाग अस्पताल में हंगामा, पोस्टमार्टम में देरी पर धरना

    हजारीबाग: शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमार्टम में देरी को लेकर शनिवार को बड़ा हंगामा हुआ। सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने अपने समर्थकों और मृतक के परिजनों के साथ अस्पताल के बाहर धरना दिया। इस दौरान सैकड़ों लोग वहां इकट्ठा हो गए और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की।

    रामनवमी जुलूस के दौरान हुई हत्या

    बीती रात रामनवमी के जुलूस के दौरान कटकमसांडी प्रखंड के गोदखर गांव के निवासी राम कुमार साव की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई। इस घटना में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनके शव को देर रात पोस्टमार्टम के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया।

    परिजनों का आरोप, डॉक्टर के आने में देरी

    परिजनों का कहना है कि सुबह 9 बजे डॉक्टर आने वाले थे, लेकिन दो घंटे तक कोई चिकित्सक नहीं आया। इसी कारण विधायक प्रदीप प्रसाद भड़क उठे और धरने पर बैठ गए। उन्होंने कहा कि कई अधिकारियों को सूचना देने के बावजूद पोस्टमार्टम में देरी हो रही है।

    पैसे मांगने का गंभीर आरोप

    धरने के दौरान विधायक ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम के लिए मृतक के परिजनों से पैसे मांगे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल में व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ चुकी है और गरीबों को हर कदम पर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

    अस्पताल की व्यवस्था पर विधायक की कड़ी आलोचना

    विधायक ने कहा कि बड़े अधिकारी केवल बयान देने के लिए आते हैं, लेकिन वास्तविकता में कोई सुधार नहीं होता। डॉक्टर समय पर उपलब्ध नहीं होते और इलाज भी पैसे के आधार पर होता है। उन्होंने इस व्यवस्था में सुधार की मांग की।

    अधीक्षक का जांच और कार्रवाई का आश्वासन

    मामले की जानकारी मिलने के बाद अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अनुकूलन पूर्ति मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर के देर से आने की जांच की जाएगी और उन पर उचित कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पैसे मांगने के आरोपों की भी जांच की जाएगी।

    धरना खत्म, पोस्टमार्टम प्रक्रिया शुरू

    अधीक्षक के आश्वासन के बाद विधायक ने धरना समाप्त किया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया आरंभ की गई। घटना के बाद गोदखर गांव में शोक और तनाव का माहौल है। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।

  • रामनवमी जुलूस के दौरान परिवार से चुराए गए गहने और नकद।

    रामनवमी जुलूस के दौरान परिवार से चुराए गए गहने और नकद।

    ताला तोड़कर घर में घुसे चोर

    जानकारी के अनुसार, यह घटना सब्जी विक्रेता मोहन महतो के घर में हुई। शुक्रवार और शनिवार की रात अज्ञात चोरों ने घर का ताला तोड़ते हुए अंदर घुसकर सामान की चोरी की। जब परिवार घर वापस लौटा, तो उन्होंने देखा कि हर जगह सामान बिखरा पड़ा था, जिससे वे दंग रह गए।

    गहने और नकदी लेकर फरार

    मोहन महतो की पत्नी संध्या देवी ने बताया कि चोर घर से चांदी की पायल, बिछिया, सोने का मांग टीका, नथनी और अन्य गहने चुरा ले गए। इसके अलावा पर्स में रखे 15 हजार रुपये नकद और गुल्लक में जमा करीब 5 हजार रुपये भी गायब हो गए। इस प्रकार, कुल मिलाकर चोरों ने लगभग 50 हजार रुपये की संपत्ति पर हाथ साफ किया।

    जुलूस देखने गया था पूरा परिवार

    परिवार के सभी सदस्य रामनवमी की शोभायात्रा देखने के लिए घर से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान चोरों ने बंद घर को निशाना बनाया। जब परिवार सुबह करीब 10 बजे वापस लौटा, तो उन्हें घटना का पता चला।

    पुलिस जांच में जुटी

    घटना की सूचना मिलने के बाद सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है। संध्या देवी ने अज्ञात चोरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए थाने में आवेदन दिया है।

    इलाके में बढ़ रही चोरी की घटनाएं

    स्थानीय निवासियों का कहना है कि हाल के दिनों में इलाके में चोरी की घटनाएं काफी बढ़ गई हैं। खासकर बंद घरों को निशाना बनाया जा रहा है। लोग यह भी मानते हैं कि युवाओं में बढ़ती नशाखोरी के कारण इस तरह की वारदातें बढ़ रही हैं।

    सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता

    इस घटना के बाद इलाके के निवासियों में डर का माहौल व्याप्त है। लोगों ने पुलिस से गश्त बढ़ाने और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

  • डॉक्टर की अनुपस्थिति में स्टाफ ने किया इलाज, पलामू में 6 साल की बच्ची की मौत

    डॉक्टर की अनुपस्थिति में स्टाफ ने किया इलाज, पलामू में 6 साल की बच्ची की मौत

    छात्रावास में रहकर कर रही थी पढ़ाई

    अशरती नाम की एक छात्रा पांकी-मेदिनीनगर मुख्य पथ स्थित बसडीहा के चांदो आवासीय छात्रावास में अध्ययन कर रही थी। अचानक उसकी तबीयत खराब होने पर उसे पांकी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।

    डॉक्टर नहीं थे मौजूद, स्टाफ कर रहा था इलाज

    इस मामले में एक प्रमुख आरोप यह है कि अस्पताल में उस समय कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था और स्टाफ ने ही बच्ची का इलाज प्रारंभ किया। शिक्षक का कहना है कि बच्ची को अस्पताल लाया गया था, लेकिन वहां डॉक्टर की अनुपस्थिति में इलाज शुरू कर दिया गया।

    दूसरी ओर, अस्पताल के चिकित्सक डॉ. वीरेंद्र का कहना है कि बच्ची को अस्पताल में छोड़कर शिक्षक चले गए थे, जिससे उसकी स्थिति और गंभीर हो गई। दोनों पक्षों के दावों के कारण मामला संदिग्ध बना हुआ है।

    परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

    घटना के बाद बच्ची के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम छाया हुआ है और सभी इस घटना से गहरे दुखी हैं। मासूम की मौत ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है।

    निष्पक्ष जांच की उठी मांग

    स्थानीय लोगों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है। वे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं ताकि सच्चाई उजागर हो सके और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

    आवासीय विद्यालयों पर भी उठे सवाल

    इस घटना के बाद पांकी क्षेत्र के आवासीय विद्यालयों की व्यवस्था पर भी प्रश्न उठने लगे हैं। आरोप है कि कई स्थानों पर बच्चों को न तो उचित शिक्षा मिल रही है और न ही बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इससे बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को खतरा बना हुआ है।

    सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

    यह घटना एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्था और छात्रावासों की निगरानी पर गंभीर प्रश्न उठा रही है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जांच में क्या निष्कर्ष निकलते हैं और जिम्मेदारों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

  • उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का उलिहातू दौरा, बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि देंगे।

    उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का उलिहातू दौरा, बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि देंगे।

    उपराष्ट्रपति का विशेष दौरा

    उपराष्ट्रपति का यह दौरा विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह उनके उपराष्ट्रपति बनने के बाद पहला उलिहातू दौरा होगा। इससे पहले, वे झारखंड के राज्यपाल के रूप में भी इस क्षेत्र में आ चुके हैं, जिससे इस दौरे को प्रतीकात्मक रूप से और भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    प्रशासन की तैयारियाँ

    उपराष्ट्रपति के आगमन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। उलिहातू के कंट्रापीढ़ी क्षेत्र और खूंटी में अस्थायी हेलीपैड का निर्माण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा, सफाई और अन्य व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त किया जा रहा है।

    हेलीपैड का इतिहास

    यह ध्यान देने योग्य है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे के दौरान भी इसी क्षेत्र में अस्थायी हेलीपैड बनाए गए थे। इस बार भी उसी तर्ज पर तेजी से तैयारियाँ चल रही हैं, ताकि कार्यक्रम में किसी प्रकार की बाधा न आए।

    स्थल निरीक्षण

    अनुमंडल पदाधिकारी दीपेश कुमारी ने इस दौरे की पुष्टि करते हुए बताया कि उलिहातू में उपराष्ट्रपति का कार्यक्रम लगभग एक घंटे का निर्धारित है। बुधवार को एसडीओ दीपेश कुमारी, डीएसपी वरुण रजक और खूंटी थाना पुलिस ने हेलीपैड और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया और तैयारियों का जायजा लिया।

    सुरक्षा व्यवस्था

    कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि दौरा पूरी तरह से सुरक्षित, व्यवस्थित और गरिमामय तरीके से संपन्न हो।

    स्थानीय लोगों का उत्साह

    उपराष्ट्रपति के आगमन को लेकर स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। बिरसा मुंडा की जन्मस्थली पर देश के उपराष्ट्रपति का आना इस क्षेत्र के लिए गर्व की बात मानी जा रही है।

  • सैटेलाइट चित्रों से NCB का बड़ा खुलासा: चतरा-खूंटी सहित कई क्षेत्रों में अफीम की खेती।

    सैटेलाइट चित्रों से NCB का बड़ा खुलासा: चतरा-खूंटी सहित कई क्षेत्रों में अफीम की खेती।

    झारखंड में अफीम खेती का मामला: एनसीबी की नई रिपोर्ट

    रांची: झारखंड में अफीम के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बावजूद तस्करों की गतिविधियाँ फिर से बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में प्राप्त सैटेलाइट चित्रों से यह स्पष्ट हुआ है कि कई जिलों में अफीम की फसल न केवल सुरक्षित है, बल्कि अब यह तैयार भी हो रही है। यह जानकारी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) द्वारा दी गई है, जिसने इस मामले की रिपोर्ट राज्य के संबंधित एजेंसियों को भेजी है।

    एनसीबी का सीआईडी को अलर्ट

    एनसीबी ने झारखंड सीआईडी को पत्र भेजकर सैटेलाइट चित्रों के आधार पर तात्कालिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इन चित्रों में उन क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है, जहाँ अवैध रूप से अफीम की खेती हो रही है। अब इन स्थानों का ग्राउंड वेरिफिकेशन करके फसल को नष्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

    सैटेलाइट इमेज का खुलासा

    एनसीबी के पत्र में उल्लेख किया गया है कि ये सैटेलाइट चित्र नई दिल्ली में स्थित सहायक निदेशक के माध्यम से प्राप्त किए गए हैं। इन्हें जिप फाइल के रूप में तैयार कर ईमेल के जरिए झारखंड भेजा गया है। अक्षांश और देशांतर के आधार पर इन स्थानों की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

    अफीम की खेती के प्रमुख जिले

    सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार, झारखंड के कई जिलों में अफीम की खेती का कार्य जारी है। चतरा जिले से सबसे अधिक मामले सामने आए हैं, जहाँ 10 विभिन्न स्थानों पर खेती के संकेत मिले हैं। इसके अतिरिक्त, खूंटी में 4, हजारीबाग में 3, लातेहार और वेस्ट सिंहभूम में 2-2 स्थानों पर अफीम की खेती पाई गई है। रांची और पतरातू में भी 1-1 स्थान पर इस प्रकार की गतिविधियों के संकेत मिले हैं। यह दर्शाता है कि राज्य में अफीम का तंत्र अभी भी सक्रिय है।

    जमीनी स्थिति और सख्ती

    सरकार और प्रशासन की ओर से अफीम उन्मूलन के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन सैटेलाइट इमेज से यह स्पष्ट हो गया है कि परिस्थितियाँ अभी भी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं हैं। तस्कर नए तरीकों का उपयोग करके खेती को बचाने में सफल हो रहे हैं।

    जल्द होने वाली कार्रवाई

    एनसीबी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि चिन्हित स्थानों का शीघ्र सत्यापन कर अवैध फसल को नष्ट किया जाए। इसके साथ ही, इस कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट एनसीबी को भेजने के लिए भी कहा गया है।

  • संदिग्ध परिस्थितियों में जवान की मौत, गन साफ करते समय गोली चली

    संदिग्ध परिस्थितियों में जवान की मौत, गन साफ करते समय गोली चली

    झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम में जवान की संदिग्ध मौत

    चाईबासा: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोन्टो थाना क्षेत्र में तैनात एक जवान की संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु हो गई है। मृतक का नाम अजय किशोर खाका है। रविवार रात को उन्हें अपनी ही सर्विस इंसास राइफल से गोली लगने के बाद पूरे पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई।

    नक्सल विरोधी अभियान में तैनात

    जानकारी के अनुसार, अजय किशोर खाका गुमला जिले के रायडीह क्षेत्र के निवासी थे और वर्तमान में टोन्टो थाना में कार्यरत थे। वे सारंडा जंगल में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान में सक्रिय रूप से शामिल थे। वह सीआरपीएफ की 174वीं बटालियन के पालीसाई कैंप में तैनात थे और अपनी ड्यूटी पर पूरी गंभीरता से लगे हुए थे।

    गोली लगने के तुरंत बाद अस्पताल पहुंचाया गया

    घटना के बाद, साथी जवानों ने उन्हें तुरंत चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों ने उनकी जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि गोली उनके गले के आस-पास लगी थी, जिससे उनकी स्थिति गंभीर हो गई थी।

    हादसा या आत्महत्या? विभिन्न मत

    इस घटना के बारे में कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि जवान पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में थे और उन्होंने आत्महत्या की। वहीं, अन्य लोगों का मानना है कि वे अपनी राइफल की सफाई कर रहे थे, तभी अचानक गोली चल गई और यह एक हादसा हो गया।

    हर पहलू से जांच की जा रही है

    घटना की जानकारी मिलते ही किरीबुरू के एसडीपीओ अजीत केरकेट्टा मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने बताया कि जवान की मौत के कारणों की जांच हर पहलू से की जा रही है।

    परिजनों को सूचित किया गया

    मृतक के परिजनों को इस घटना की जानकारी दे दी गई है और उनके आने का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले को लेकर सतर्क हैं।

  • धनबाद में तेजस्वी यादव का बयान, बिहार में महाराष्ट्र की तरह होगा परिवर्तन

    धनबाद में तेजस्वी यादव का बयान, बिहार में महाराष्ट्र की तरह होगा परिवर्तन

    बिहार में संभावित सत्ता परिवर्तन की चर्चा

    तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि बिहार में भी सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया चल रही है, जैसे कि महाराष्ट्र में हुआ था। उनका कहना है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जिस भी राजनीतिक दल के साथ मिलकर काम करती है, उसे धीरे-धीरे कमजोर करके समाप्त कर देती है। इस संदर्भ में उन्होंने जदयू का उल्लेख किया और कहा कि उनके साथ भी ऐसा ही हो रहा है।

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमले

    तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि भाजपा को ऐसे मुख्यमंत्री की आवश्यकता है जो केवल रबर स्टैंप की तरह कार्य करें। इसी कारण से नीतीश कुमार को राज्यसभा भेजने की योजना बनाई जा रही है।

    राज्यसभा चुनाव पर उठाए सवाल

    हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के संबंध में तेजस्वी ने गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए ने वोट हासिल करने के लिए धोखे और चालाकी का सहारा लिया और यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी।

    पश्चिम बंगाल की राजनीति पर टिप्पणी

    तेजस्वी यादव ने पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि वहां भाजपा की स्थिति कमजोर है और ममता बनर्जी एक बार फिर मुख्यमंत्री बन सकती हैं।

    महंगाई और बेरोजगारी मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरा

    केंद्र सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी और पलायन जैसे मुद्दों को लेकर भी तेजस्वी ने तीखा हमला किया। उनका कहना था कि जनता इन समस्याओं से परेशान है, लेकिन सरकार इन पर ध्यान नहीं दे रही है।

    स्थानीय नेताओं का स्वागत

    गोविंदपुर पहुंचने पर तेजस्वी यादव का स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। इस मौके पर कई राजनीतिक कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे।

    बयान के बाद राजनीतिक हलचल

    तेजस्वी यादव के इस दौरे और बयानों के बाद इलाके में राजनीतिक गतिविधियों में तेजी आई है। उनके बयानों ने बिहार की राजनीति में संभावित बदलाव की चर्चा को और बढ़ा दिया है।

  • सरहुल जुलूस में खोया बच्चा, रांची पुलिस ने रातभर देखभाल कर परिवार से मिलाया

    सरहुल जुलूस में खोया बच्चा, रांची पुलिस ने रातभर देखभाल कर परिवार से मिलाया

    रांची पुलिस ने सरहुल शोभायात्रा के दौरान पेश की मानवता की मिसाल

    रांची: सरहुल शोभायात्रा के अवसर पर रांची पुलिस ने एक बच्चे की मदद कर मानवता की एक उत्कृष्ट मिसाल प्रस्तुत की। कचहरी चौक के निकट, एक मासूम बच्चा अपने परिवार से बिछड़ गया, जिसे पुलिस ने पूरी रात सुरक्षित रखा और अगले दिन उसके परिजनों से मिलवा दिया।

    भीड़ में बिछड़ गया मासूम

    सरहुल जुलूस के दौरान कचहरी चौक पर भारी भीड़ मौजूद थी, इसी बीच एक छोटा बच्चा अपने परिवार से बिछड़ गया। बच्चे को अकेले देखकर वहां मौजूद लोगों ने उसे पुलिसकर्मियों के पास पहुंचा दिया।

    सीसीआर कंट्रोल में रखा सुरक्षित

    पुलिस ने तुरंत बच्चे को सीसीआर कंट्रोल रूम में सुरक्षित रखा और उसकी पहचान तथा परिवार की खोजबीन शुरू की। वायरलेस के माध्यम से, सभी थानों और सोशल मीडिया पर बच्चे के परिजनों को सूचित करने का प्रयास किया गया।

    रातभर तलाश करते रहे परिजन

    इस बीच, बच्चे के परिजनों ने उसे ढूंढने की कोशिश की, लेकिन भारी भीड़ के कारण उन्हें कोई सफलता नहीं मिली। अंततः वे मायूस होकर घर लौट गए। अगले दिन सुबह लगभग 10 बजे मोहल्ले के लोगों से उन्हें बच्चे की स्थिति की जानकारी मिली।

    दादी और मौसी पहुंचीं कंट्रोल रूम

    सूचना मिलने के बाद बच्चे की दादी और मौसी तुरंत सीसीआर कंट्रोल रूम पहुंचीं। उन्होंने बताया कि बच्चे की मां का निधन हो चुका है और पिता बीमार हैं। जुलूस के दौरान बच्चा उनसे बिछड़ गया था।

    पुलिस ने घर तक पहुंचाया

    शुरुआत में बच्चा दादी और मौसी के साथ जाने में हिचकिचा रहा, लेकिन वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कोतवाली और गोंदा थाना की टीम ने बच्चे और उसके परिजनों को पुलिस वाहन से सुरक्षित उनके घर तक पहुंचाया।

    पिता से मिलते ही खुश हुआ बच्चा

    घर पहुंचने के बाद बच्चे की मुलाकात उसके बीमार पिता से कराई गई। आवश्यक जांच के बाद बच्चे को उसके परिवार के हवाले कर दिया गया। अपने परिवार से मिलकर बच्चा अत्यंत खुश नजर आया।

    पुलिस की पहल की सराहना

    इस पूरे घटनाक्रम में रांची पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता की स्थानीय लोगों ने सराहना की। बच्चे के परिजनों ने पुलिस का आभार व्यक्त किया और कहा कि यदि समय पर सहायता नहीं मिलती, तो बच्चे को पुनः पाना बहुत मुश्किल होता।

  • झारखंड से हरियाणा जा रही अफीम की खेप बरामद, पलामू पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार किया।

    झारखंड से हरियाणा जा रही अफीम की खेप बरामद, पलामू पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार किया।

    पलामू पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अफीम की खेप बरामद

    पलामू: झारखंड में नशे के कारोबार के खिलाफ पलामू पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। चतरा से हरियाणा भेजी जा रही अफीम की एक बड़ी खेप को पकड़ लिया गया है। इस ऑपरेशन में दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके खिलाफ पूर्व में भी मामले दर्ज हैं।

    रेलवे स्टेशन के पास डिलीवरी की सूचना

    पलामू पुलिस को सूचना मिली थी कि डालटनगंज रेलवे स्टेशन के आसपास अफीम की डिलीवरी होने वाली है। इसके बाद पुलिस ने तुरंत सक्रियता दिखाई और इलाके में सर्च अभियान शुरू कर दिया।

    संदिग्ध युवकों की गिरफ्तारी

    तलाशी के दौरान रेलवे स्टेशन के यात्री शेड के पास पुलिस ने दो युवकों को संदिग्ध स्थिति में देखा। जब पुलिस ने उन्हें रोका और तलाशी ली, तो पूरे मामले का खुलासा हुआ।

    बरामद की गई 1 किलो से अधिक अफीम

    तलाशी के दौरान मुकेश कुमार रजक और सत्यदेव यादव के पास से 1 किलो 263 ग्राम अफीम बरामद की गई। दोनों आरोपी चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र के रिमी रामपुर गांव के निवासी हैं।

    हरियाणा भेजने की योजना

    पूछताछ में यह पता चला कि आरोपी इस अफीम को ट्रेन के माध्यम से हरियाणा ले जाने की योजना बना रहे थे, जहां इसकी सप्लाई की जानी थी। पुलिस के अनुसार, दोनों तस्करों पर हरियाणा में पहले से अफीम के कारोबार से संबंधित मामले दर्ज हैं।

    एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई

    गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ मेदिनीनगर टाउन थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। डीएसपी राजीव रंजन ने बताया कि पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आई हैं और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।

    पुलिस टीम की सक्रियता

    इस छापेमारी में डीएसपी राजीव रंजन, टाउन थाना प्रभारी ज्योतिलाल रजवार, टीओपी-2 प्रभारी राकेश कुमार समेत कई पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे। पुलिस अब इस मामले में आगे की कार्रवाई की योजना बना रही है।

  • झारखंड में मौसम का कहर, आज बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी

    झारखंड में मौसम का कहर, आज बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी

    झारखंड में मौसम में बदलाव, लोगों की जानें गईं

    रांची: झारखंड में पिछले एक हफ्ते से मौसम में नाटकीय परिवर्तन देखने को मिल रहा है। दिन में तेज धूप और अचानक बारिश के चलते लोगों को मौसम की अनिश्चितता का सामना करना पड़ रहा है। इस भिन्नता के कारण राज्य में अब तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। मौसम विभाग ने रविवार को भी इसी तरह के मौसम की चेतावनी जारी की है।

    एक हफ्ते से जारी है मौसम का उतार-चढ़ाव

    राजधानी रांची सहित राज्य के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कहीं गरज के साथ बारिश हो रही है, तो कहीं तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग का मानना है कि आज भी कई क्षेत्रों में रुक-रुक कर बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है, साथ ही कुछ स्थानों पर वज्रपात भी हो सकता है।

    बीते 24 घंटे में ऐसा रहा हाल

    पिछले 24 घंटों में मौसम ने लोगों को काफी परेशान कर दिया। दोपहर में उमस और तेज धूप ने सभी को बेहाल कर दिया, लेकिन शाम होते-होते मौसम ने अचानक करवट ली। कई जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जबकि कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी हुई। धनबाद, बोकारो, गिरिडीह और जामताड़ा जैसे जिलों में तेज हवा और ओलों ने जनजीवन को प्रभावित किया। धनबाद में बड़े ओले गिरने से सड़कें और खेत सफेद हो गए।

    फसलों को भारी नुकसान

    इस खराब मौसम के कारण कृषि पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सब्जियों की फसल और आम के पेड़ों में लगे मोजर को नुकसान पहुंचा है। किसानों की चिंता बढ़ गई है क्योंकि लगातार बदलते मौसम से उनकी फसलें बर्बाद होने का खतरा बढ़ गया है।

    वज्रपात से गई जान, परिवार में मातम

    दुमका जिले में वज्रपात से एक दुखद घटना हुई है। मसलिया थाना क्षेत्र के डिगवाडीह गांव में बिजली गिरने से 35 वर्षीय कन्हैया राय की मृत्यु हो गई, जबकि उनके पिता झुलस गए। इस दुर्घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

    आज भी ऐसा ही रहेगा मौसम

    मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को भी झारखंड के अधिकतर जिलों में रुक-रुक कर बारिश जारी रहेगी। कुछ इलाकों में तेज हवाओं की संभावना है और वज्रपात का खतरा बना रहेगा। लोगों को सलाह दी गई है कि वे खराब मौसम के दौरान घर से बाहर न निकलें और सतर्क रहें।

  • सरहुल में राजधानी रांची का झूमना, पाहन की भविष्यवाणी से बारिश की उम्मीद में वृद्धि

    सरहुल में राजधानी रांची का झूमना, पाहन की भविष्यवाणी से बारिश की उम्मीद में वृद्धि

    झारखंड में सरहुल पर्व का धूमधाम

    रांची: झारखंड के प्रमुख प्राकृतिक उत्सव सरहुल के अवसर पर राजधानी रांची पूरी तरह से उत्सव के रंगों में रंगी नजर आई। चारों ओर पारंपरिक वेशभूषा, मांदर की थाप और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला। यह पर्व केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह मानव और प्रकृति के बीच के गहरे संबंधों की पहचान है।

    हातमा सरना स्थल पर विशेष पूजा

    सरहुल शोभा यात्रा की शुरुआत हातमा (सरना टोली) स्थित सरना स्थल से हुई, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विशेष पूजा की गई। मुख्य पाहन जगलाल पाहन ने सरई (सखुआ) के पेड़ों के नीचे देवी-देवताओं का आह्वान किया। इस दौरान विभिन्न देवताओं को विशेष अर्पण किए गए, जिसमें इष्ट देवता के लिए सफेद मुर्गा, ग्राम देवता के लिए रंगवा मुर्गा, जल देवता के लिए लाल मुर्गा, पूर्वजों की स्मृति में रंगीली मुर्गा और बुरी शक्तियों से रक्षा के लिए काली मुर्गी चढ़ाई गई। इसके साथ ही, चावल से बनी हड़िया (तपान) अर्पित कर सुख-शांति और संतुलन बनाए रखने की प्रार्थना की गई।

    पाहन की भविष्यवाणी: फसल की लहराने की खुशी

    सरहुल पर्व पर सबसे महत्वपूर्ण पहलू पाहन की भविष्यवाणी होती है। इस वर्ष भी जगलाल पाहन ने किसानों के लिए अच्छी खबर दी। उन्होंने बताया कि पूजा में रखे गए घड़े का पानी पूरी तरह भरा हुआ पाया गया है। उनका मानना है कि यह संकेत है कि इस वर्ष अच्छी बारिश होगी, जिससे खेतों में धान की फसल लहलहाएगी और किसानों के भंडार भरे रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि बारिश शुभ दिशा से होगी, जो पूरे वर्ष के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जाता है।

    पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की उपस्थिति

    इस अवसर पर झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन भी सरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने सरना मां से राज्य की खुशहाली और लोगों की समृद्धि की कामना की। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड की पहचान उसकी संस्कृति से है और इसे हमेशा संजोकर रखना चाहिए।

    खिचड़ी प्रसाद और पारंपरिक नृत्य का आयोजन

    पूजा के बाद श्रद्धालुओं के बीच खिचड़ी का महाप्रसाद बांटा गया। इसके बाद सरना टोली से शोभा यात्रा निकली, जिसमें लोग मांदर, नगाड़ा और ढाक की थाप पर नाचते नजर आए। पुरुष और महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे। पूरे माहौल में उत्साह, आस्था और अपनापन साफ झलक रहा था।

    सरहुल: प्रकृति से जुड़ने का पर्व

    सरहुल केवल एक त्योहार नहीं है, बल्कि यह हमें याद दिलाता है कि मानव और प्रकृति का रिश्ता कितना गहरा है। पेड़-पौधों, जल और धरती के प्रति सम्मान जताने वाला यह पर्व झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है।

  • पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को कांग्रेस से 3 साल के लिए निकाला, सीएम पर टिप्पणी पर कार्रवाई।

    पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को कांग्रेस से 3 साल के लिए निकाला, सीएम पर टिप्पणी पर कार्रवाई।

    रांची : झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी की अनुशासन समिति ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। संगठन के अनुशासन को बनाए रखने के लिए पूर्व मंत्री योगेंद्र साव को पार्टी से तीन वर्षों के लिए निकाला गया है। इस फैसले की जानकारी प्रदेश मीडिया विभाग के सतीश पॉल मुंजानी ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से साझा की।

    सोशल मीडिया पर दिए गए विवादास्पद बयान

    अनुशासन समिति के अनुसार, योगेंद्र साव बार-बार सोशल मीडिया पर गठबंधन सरकार और मुख्यमंत्री के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियाँ कर रहे थे। हाल ही में उन्होंने फेसबुक लाइव पर सरकार को लेकर कई विवादित बयान दिए, जिसे पार्टी ने गंभीरता से लिया।

    पार्टी की छवि पर प्रभाव

    कांग्रेस ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस प्रकार की सार्वजनिक टिप्पणी पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाती है। विशेष रूप से ऐसे समय में, जब कांग्रेस खुद राज्य की गठबंधन सरकार का हिस्सा है। इस तरह के बयानों को संगठनात्मक अनुशासन के खिलाफ माना गया है।

    नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई

    अनुशासन समिति ने इसे पार्टी के नियमों का उल्लंघन माना है। खासकर अनुशासनात्मक नियमों की धारा 04 (क), (ख) और (ड़) के तहत यह कदम उठाया गया है। इसी कारण योगेंद्र साव की प्राथमिक सदस्यता को तीन वर्षों के लिए समाप्त कर दिया गया है।

    अनुशासन पर कड़ा संदेश

    कांग्रेस का यह निर्णय स्पष्ट संदेश देता है कि पार्टी अनुशासन के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतेगी। इस कार्रवाई से झारखंड की राजनीति में हलचल तेज हो गई है, और अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि योगेंद्र साव आगे क्या कदम उठाते हैं।

  • रिंकू सिंह को नाम वापसी से पहले नूतन सिंह का समर्थन और आशीर्वाद मिला

    रिंकू सिंह को नाम वापसी से पहले नूतन सिंह का समर्थन और आशीर्वाद मिला

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    जमशेदपुर में जुगसलाई नगर परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक विकास हुआ है। उम्मीदवार नूतन सिंह ने भाजपा के समर्थित प्रत्याशी रिंकू सिंह को समर्थन देने का फैसला लेते हुए अपना नामांकन वापस ले लिया है। यह जानकारी भाजपा जिलाध्यक्ष संजीव सिन्हा ने स्टेशन रोड पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।

    पार्टी के भीतर कई इच्छुक थे उम्मीदवार 💼

    सिन्हा ने बताया कि नगर परिषद चुनाव के लिए कई इच्छुक उम्मीदवारों ने आवेदन किया, जिनमें नूतन और उनके पति पप्पू सिंह भी शामिल थे। हालांकि, पार्टी ने फैसला किया कि रिंकू सिंह भाजपा का समर्थित प्रत्याशी होंगे। पार्टी के नेताओं ने नूतन और पप्पू सिंह की इस निर्णय में सहमति को पार्टी अनुशासन और सामाजिक एकता का उदाहरण करार दिया।

    नूतन सिंह का समर्थन और आशीर्वाद ✨

    प्रत्याशी रिंकू सिंह ने नूतन सिंह से आशीर्वाद लिया और उन्हें शॉल ओढाकर सम्मानित किया। नूतन ने रिंकू को विजय के लिए प्रेरित करते हुए हर संभावित सहयोग का आश्वासन दिया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने जीत की प्रतीकात्मकता के लिए विक्टरी साइन दिखाया।

    अपनों के लिए त्याग की आवश्यकता 🌟

    नूतन ने रिंकू को अपनी छोटी बहन बताते हुए कहा कि उन्होंने पार्टी और समाज के निर्देशों का पालन करते हुए नाम वापस लिया है। पारिवारिक संबंधों की अहमियत को समझाते हुए पप्पू सिंह ने कहा कि उनका मानना है कि जो निर्णय पार्टी और समाज द्वारा लिया जाता है, वही अंतिम होता है।

    नई ऊर्जा मिली बड़ी बहन के आशीर्वाद से 🔋

    रिंकू सिंह ने कहा कि नूतन सिंह और उनके परिवार के साथ उनके पुराने संबंध रहे हैं। उन्हें विश्वास है कि बड़ी बहन के आशीर्वाद से उन्हें नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलेगी, जो जुगसलाई के विकास के लिए सहायक होगी। दोनों नेताओं के बीच हुई मुलाकात के दौरान “हर हर महादेव” और “जय श्री राम” के उद्घोष से चुनावी माहौल में जोश भर गया।

    विकास और विचारधारा की जीत की आवश्यकता ✅

    भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अभय सिंह ने कहा कि पप्पू सिंह और उनका परिवार समाज सेवा में सक्रिय रहे हैं। नूतन और पप्पू का समर्थन वापस लेना पार्टी के हित में एक अद्भुत निर्णय है। अभय सिंह ने यह भी कहा कि जुगसलाई जैसे क्षेत्र में विकास बनाम विनाश की सोच के बीच यह चुनाव हो रहा है। पिछले दस वर्षों में क्षेत्र में जनसंख्या में वृद्धि हुई है, जिसके लिए हिंदुत्व और राष्ट्रवादी विचारधारा की जीत जरूरी है।

    इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा जिला कमेटी के महामंत्री संजीव सिंह, अनिल मोदी सहित अनेक पार्टी पदाधिकारी और समर्थक मौजूद थे।

  • श्रद्धा कपूर के भाई सिद्धांत को 252 करोड़ ड्रग्स मामले में मुंबई पुलिस का समन

    श्रद्धा कपूर के भाई सिद्धांत को 252 करोड़ ड्रग्स मामले में मुंबई पुलिस का समन

    श्रद्धा कपूर के भाई सिद्धांत कपूर को ड्रग्स मामले में समन

    बॉलीवुड में ड्रग्स से जुड़ा एक और विवाद गहराने लगा है। सुपरस्टार श्रद्धा कपूर के भाई सिद्धांत कपूर को मुंबई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल ने एक महत्वपूर्ण ड्रग्स मामले में समन जारी किया है। सिद्धांत को 25 नवंबर को पूछताछ के लिए उपस्थित होने के लिए कहा गया है। इससे पूर्व, सोशल मीडिया स्टार ओरी को भी इसी केस में समन किया गया था, लेकिन वह पहले निर्धारित तारीख पर नहीं पहुंचे और अब उनकी पेशी की नई तारीख 26 नवंबर तय की गई है।

    मामला कैसे सामने आया?

    यह मामला मार्च 2024 में महाराष्ट्र के सांगली जिले में एक फार्म पर छापे के दौरान उजागर हुआ था। पुलिस ने वहां से मेफेड्रोन नामक ड्रग्स का 126 किलो से अधिक सामान जब्त किया, जिसकी अनुमानित कीमत 252 करोड़ रुपये बताई जा रही है। छापे के दौरान, दुबई से भारत लौटे एक आरोपी मोहम्मद सलीम शेख उर्फ लैविश शेख ने कई बड़े नामों का खुलासा किया, जिसमें भारत और विदेश में आयोजित रेव पार्टियों का उल्लेख किया गया, जहां ड्रग्स की आपूर्ति की जाती थी।

    कौन-कौन शामिल थे?

    इन रेव पार्टियों में कथित तौर पर बॉलीवुड सितारे, नेता और इन्फ्लुएंसर्स शामिल थे। शेख के बयान में श्रद्धा कपूर और उनके भाई सिद्धांत कपूर का उल्लेख किया गया है। इसके अतिरिक्त, नोरा फतेही, फिल्म निर्माताओं अब्बास-मस्तान, रैपर लोका, एनसीपी नेता जीशान सिद्दीकी और दाऊद इब्राहिम के भतीजे अलीशाह पारकर जैसे नाम भी सामने आए हैं।

    पुलिस द्वारा जारी आदेश

    पुलिस का कहना है कि यह सभी लोग इन पार्टियों में शामिल होते थे और ड्रग्स के इस्तेमाल या सप्लाई से जुड़े थे। मुंबई क्राइम ब्रांच अब इन व्यक्तियों से जानकारी जुटा रही है। सिद्धांत कपूर, जो एक अभिनेता और सहायक निर्देशक हैं, ने ‘1924’ और ‘कागज’ जैसी फिल्मों में काम किया है। उनका और श्रद्धा कपूर का रिश्ता हमेशा चर्चा का विषय रहा है। पुलिस की कार्रवाई जारी है और इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

  • पाकिस्तान के पेशावर में मस्जिद में ब्लास्ट, 50 लोग हुए घायल

    पाकिस्तान के पेशावर में मस्जिद में ब्लास्ट, 50 लोग हुए घायल

    पाकिस्तान के पेशावर में पुलिस लाइन मस्जिद में जोरदार धमाका हुआ है। समाचार एजेंसी एएनआई ने पाकिस्तान मीडिया जियो न्यूज के हवाले से इस खबर की पुष्टि की है। फिलहाल मामले में अधिक जानकारी की प्रतिक्षा है।

    पेशावर (पाकिस्तान), एजेंसी। पाकिस्तान के पेशावर में पुलिस लाइन मस्जिद में जोरदार धमाका हुआ है। समाचार एजेंसी एएनआई ने पाकिस्तान मीडिया जियो न्यूज के हवाले से इस खबर की पुष्टि की है। फिलहाल मामले में अधिक जानकारी की प्रतिक्षा है।

    मस्जिद में हुआ ब्लास्ट, 50 लोग घायल

    पाकिस्तान अखबार डॉन के मुताबिक, पेशावर के पुलिस लाइन इलाके में सोमवार दोपहर ये ब्लास्ट हुआ है। ये ब्लास्ट एक मस्जिद में हुआ है, जिसमें कम से कम 50 लोगों के घायल होने की खबर है।

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