रिलीज से पहले ही फिल्म के डायरेक्टर और हीरो का निधन, बॉलीवुड में ‘मनहूसियत’ का साया

बॉलीवुड की त्रासदी: ‘लव एंड गॉड’

बॉलीवुड में कुछ फिल्में केवल मनोरंजन का साधन नहीं होतीं, बल्कि उनके पीछे एक दुखद कहानी होती है। ऐसी ही फिल्म है ‘लव एंड गॉड’, जो लैला-मजनू की अमर प्रेम कहानी पर आधारित है। इस फिल्म के निर्माण में पूरे 23 साल लगे और सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसके निर्देशक, मुख्य अभिनेता और कई प्रमुख कलाकार फिल्म के रिलीज होने से पहले ही इस दुनिया को छोड़ चुके थे।

इस फिल्म का सफर 1963 में शुरू हुआ था। प्रसिद्ध निर्देशक के. आसिफ, जिन्होंने ‘मुगल-ए-आजम’ जैसी ऐतिहासिक फिल्म बनाई, इस प्रोजेक्ट को अपने जुनून के तहत बना रहे थे। प्रारंभ में फिल्म का लीड रोल गुरु दत्त को दिया गया था। हालांकि, 1964 में गुरु दत्त के अचानक निधन ने फिल्म के लिए पहला बड़ा झटका दिया। उनकी मृत्यु के बाद फिल्म की पूरी शूटिंग को फिर से शुरू करना पड़ा। इसके बाद संजीव कुमार को मुख्य भूमिका में लिया गया, लेकिन 1971 में के. आसिफ का महज 48 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। इस घटना ने फिल्म के विकास को रोक दिया और यह लंबे समय तक अधूरी पड़ी रही।

किस्मत का खेल जारी

के. आसिफ की पत्नी अख्तर आसिफ ने फिल्म को पूरा करने की जिम्मेदारी उठाई। लेकिन दुर्भाग्य ने एक बार फिर धोखा दिया। 1985 में फिल्म के दूसरे हीरो संजीव कुमार का भी दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। अब न तो निर्देशक थे और न ही मूल अभिनेता, जिससे पूरी टीम बिखर गई। अंततः 23 साल की मेहनत के बाद फिल्म 1986 में रिलीज हुई। इसे बॉडी डबल्स, पुराने फुटेज और रीलों को जोड़कर पूरा किया गया। लेकिन रिलीज के समय न गुरु दत्त, न संजीव कुमार और न ही निर्देशक के. आसिफ का साथ था। इस फिल्म को ‘मनहूस’ का टैग मिल गया।

बॉक्स ऑफिस पर असफलता

‘लव एंड गॉड’ को दर्शकों से कोई खास समर्थन नहीं मिला और यह बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप साबित हुई। इसके बाद यह फिल्म जल्दी ही गुमनामी में चली गई। 23 साल की लंबी यात्रा, तीन प्रमुख हस्तियों की मौत और अंत में असफलता ने ‘लव एंड गॉड’ को बॉलीवुड की सबसे ट्रैजिक फिल्मों में से एक बना दिया।

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