चुनाव आयोग की कृपा नहीं, कार्यकर्ताओं के बलिदान से खिल उठा बंगाल का कमल – बाबूलाल मरांडी

बाबूलाल मरांडी ने पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत पर किया पलटवार

नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की हालिया जीत को चुनाव आयोग की मेहरबानी बताने वाले दलों पर कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए स्पष्ट किया कि यह जीत चुनाव आयोग की कृपा का परिणाम नहीं, बल्कि भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत और बलिदान का फल है। मरांडी ने कहा कि बंगाल में भाजपा का कमल कार्यकर्ताओं के ‘लहू’ से खिला है, और कुछ लोग इस भ्रम में जी रहे हैं कि यह सत्ता चुनाव आयोग का ‘गिफ्ट’ है।

बंगाल की राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी

बाबूलाल मरांडी ने यह भी कहा कि जो लोग मानते हैं कि ईवीएम की मशीनें, केंद्रीय बल या दिल्ली का प्रभाव भाजपा को सत्ता तक लाए हैं, वे बंगाल की वास्तविकता से अनजान हैं। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि बंगाल में कमल का खिलना बैलेट बॉक्स से पहले कार्यकर्ताओं के बलिदान का नतीजा है। इस संदर्भ में, मरांडी ने अपने पोस्ट को चार भागों में विभाजित किया है, जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं की शहादत और सत्तारूढ़ दलों द्वारा किए गए अत्याचारों का विस्तार से उल्लेख किया गया है।

भाजपा का संघर्ष और बलिदान

उन्होंने अपने पोस्ट में “लाशों का अंबार और जलते हुए आशियाने”, “चट्टान जैसा मनोबल: मौत भी जिसे डरा न सकी”, “15 साल की तपस्या: शून्य से शिखर तक का रक्तरंजित सफर” और “यह ‘गिफ्ट’ नहीं, शहीदों का बलिदान है!” जैसे शीर्षकों के माध्यम से पार्टी के उतार-चढ़ाव वाले राजनीतिक सफर को दर्शाया है। मरांडी ने इस दौरान यह भी कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने कठिन संघर्ष करते हुए अपनी जान की परवाह किए बिना पार्टी के लिए काम किया है।

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