रिंग रोड निर्माण में बिना रैयतों को मुआवजा दिए काम शुरू कराने का रैयतों ने जताया विरोध

 ओरमांझी– रिंग रोड निर्माण में मेसरा चाय बागान के पास जिस विवादित जमीन खाता संख्या 14 और 140 पर पिछले 6-7 सालों से काम रूका नही हुआ था उस जमीन पर बुधवार को अचानक अनुमंडल अधिकारी के आदेशानुसार दल- बल के साथ पुलिस प्रशासन अंचल व एनएचएआई  के लोग जमीन पर का काम शुरू पहुंचे जिसकी सूचना रैयतों को चला तो मौके पर दर्जनों भर रैयत पहुंचे और रोड निर्माण का विरोध जताना शुरू कर दिया, रैयत अपना मुआवजा राशि की मांग कर रहे थे। और दर्जनों रैयत पोकलेन गाड़ी के नीचे बैठ कर रोड़ निर्माण का विरोध जताने लगे ,रैयत अपना जमीन का कागज दिखा रहे थे कि हमारे जमीन पर बिना मुआवजा का काम करने नहीं देंगे मौके पर पुलिस प्रशासन द्वारा रैयतों को बिना नोटिस किए हुए काम शुरू करने का विरोध जता रहे थे।विरोध जता रहे  रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया आंबेडकर झारखंड प्रदेश के महासचिव सह प्रवक्ता प्रीतम सांड लोहरा को जबरन पुलिस गाड़ी में उठाकर मेसरा पुलिस थाने ले गईं। जिसके बाद बड़ी तेजी से रिंग रोड निर्माण का काम शुरू हो गया इस मौके पर रैयतों ने बताया कि हमलोग मुआवजा राशि की मांग को लेकर न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है ताकि हम गरीबों को अपना अधिकार व न्याय मिल सके लेकिन हम लोगों को मुआवजा राशि नहीं मिल रहा है वही कांके के सीआई ने कहा की हमे आदेश मिला था कि रिंग रोड जो बाधित है उस पर जल्द काम शुरू किया जाए उसी आदेशानुसार काम कराने के लिए आये हुए है और ये मामला कोर्ट में है, रैयतों को तो मुआवजा दिया ही जाएगा। ज़मीन में दो लोग रैयत दावेदारी कर रहे है जिसके चलते रैयतों को मुआवजा राशि नही मिल पाया है। देर शाम तक  प्रीतम लोहरा को पुलिस प्रशासन थाने में बैठकर रखा। रिपब्लिकन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व अन्य अधिकारी और विवादित जमीन पर मजिस्ट्रेट बनाकर भेजे गए सीआई के थाने पहुंचने के उपरांत प्रीतम लोहरा बाइज्जत घर भेज दिया गया

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