गुमला में अवैध निकासी का मामला, प्रशासन में हड़कंप
झारखंड के गुमला जिले में वेतन मद से 28.39 लाख रुपये की अवैध निकासी का मामला प्रकाश में आया है, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। यह गड़बड़ी गुमला ट्रेजरी से संबंधित है, जिसका खुलासा महालेखाकार द्वारा आईएफएमएस डाटा की समीक्षा के दौरान हुआ। जानकारी के अनुसार, यह अवैध निकासी 2017 से 2025 के बीच की गई है। गुमला के उपायुक्त दिलेश्वर महतो ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों से तुरंत विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है, ताकि वास्तविकता स्पष्ट हो सके।
वित्त विभाग का नोटिस, जवाब की मांग
वित्त विभाग ने 28 अप्रैल को गुमला के ट्रेजरी अधिकारी को एक कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिसमें 24 घंटे के भीतर उत्तर देने का निर्देश दिया गया है। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि जिलास्तरीय जांच समिति को सहयोग नहीं मिलने की शिकायत की गई है, जिसे गंभीर अनुशासनहीनता के रूप में देखा गया है। विभाग ने उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना के चलते सख्त रुख अपनाया है और स्पष्ट किया है कि जांच में पूरा सहयोग आवश्यक है।
जांच समिति की चिंताएं, गड़बड़ी छिपाने की आशंका
वेतन मद से फर्जी निकासी की जांच के लिए डीआरडीए निदेशक विद्याभूषण कुमार की अध्यक्षता में एक जिलास्तरीय जांच समिति का गठन किया गया है। समिति ने वित्त विभाग को भेजे गए पत्र में आरोप लगाया है कि ट्रेजरी अधिकारी जांच प्रक्रिया में सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिससे वित्तीय अनियमितताओं को छिपाने की संभावना बढ़ गई है। समिति के अनुसार, महालेखाकार के पत्र के बाद 28.39 लाख रुपये की अवैध निकासी का मामला सामने आया है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर हैं, जिससे पता चलेगा कि इस पूरे प्रकरण में कौन-कौन जिम्मेदार है और उनके खिलाफ क्या कदम उठाए जाएंगे।