चाईबासा: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सोमवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोटो प्रखंड में सेरेंगसिया में आयोजित शहीदों को नमन सह परियोजना शिलान्यास–उद्घाटन एवं परिसंपत्ति वितरण समारोह में भाग लिया। इस कार्यक्रम में उन्होंने सेरेंगसिया शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष करने वाले अमर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
197 विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने 398 करोड़ 19 लाख 35 हजार 298 रुपये की राशि से 197 विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इसमें शामिल हैं:
- 122 योजनाओं का शिलान्यास: 224 करोड़ 78 लाख 77 हजार 843 रुपये
- 75 योजनाओं का उद्घाटन: 173 करोड़ 40 लाख 57 हजार 405 रुपये
लाभार्थियों के लिए परिसंपत्तियों का वितरण
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की योजनाओं के तहत 3 लाख 77 हजार 256 लाभार्थियों के बीच 637 करोड़ 43 लाख 13 हजार 500 रुपये की परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। इसके साथ ही 1479 युवाओं को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए।
“शहीदों का सम्मान हमारी परंपरा”
मुख्यमंत्री ने कहा कि वीर शहीदों का सम्मान हमारी संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे आगे बढ़ाते हुए आगामी पीढ़ियों तक शहादत की गाथा पहुंचाना हमारा दायित्व है। उन्होंने उल्लेख किया कि सेरेंगसिया की भूमि स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों के बलिदान की गवाह रही है।
आदिवासी संघर्ष और विरासत
मुख्यमंत्री ने कहा कि देशव्यापी आज़ादी की लड़ाई से पहले भी यहां के आदिवासियों ने अंग्रेजों के अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने अपनी पहचान और जल–जंगल–जमीन की रक्षा के लिए सब कुछ त्याग दिया—यह झारखंड की पहचान है।
विकास की रफ्तार तेज
मुख्यमंत्री ने प्रेस को बताया कि सरकार का कामकाज हेडक्वार्टर से नहीं, बल्कि गांवों से संचालित हो रहा है। योजनाएं आम लोगों तक पहुंच रही हैं और समस्याओं का समाधान त्वरित तरीके से हो रहा है, जिससे झारखंड सभी क्षेत्रों में तेजी से प्रगति कर रहा है।
सर्वांगीण सशक्तिकरण पर जोर
उन्होंने कहा कि आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक और बौद्धिक सशक्तिकरण के बिना विकास संभव नहीं है। सरकार शिक्षा को प्राथमिकता दे रही है—गरीब एवं जरूरतमंद बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी और उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्तियां प्रदान की जा रही हैं।
आधी आबादी को आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प
मुख्यमंत्री ने बताया कि महिलाओं को सशक्त करने के लिए मुख्यमंत्री मइंया सम्मान योजना सहित कई पहल की जा रही हैं, जिससे महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो सकें।

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