ट्रेन पर पत्थर फेंके जाने की जानकारी में कमी
ट्रेन पर पत्थर फेंके जाने की घटनाओं की सूचना तुरंत एस्कार्ट दल तक नहीं पहुँचती है। लगभग एक से डेढ़ सौ किलोमीटर यात्रा के बाद ही इस बारे में जानकारी मिलती है, जिसके बाद संबंधित पार्टी द्वारा अगले स्टेशन को सूचित किया जाता है। इस देरी के कारण अनेक स्टेशन पार हो जाने से जीआरपी और आरपीएफ के लिए उन अपराधियों को पकड़ना मुश्किल हो रहा है।

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