सुप्रीम कोर्ट ने दिया भुगतान का आदेश, परिवहन विभाग ने शुरू की प्रक्रिया
रांची। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम से झारखंड कैडर आवंटित कर्मियों का वेतन अब मिल जायेगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद झारखंड सरकार ने इस मामले में अपनी हरी झंडी दे दी है। इससे झारखंड में समायोजित कर्मियों के बकाये राशि के भुगतान का मार्ग प्रशस्त हो गया है। सुप्रीम कोर्ट की सगीर अहमद कमेटी की अनुशंसा और सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद झारखंड सरकार ने भी इस बाबत अपनी हरी झंडी दे दी है। परिवहन विभाग की तरफ से जल्द ही बकाये राशि का भुगतान संबंधी संकल्प जारी कर दिया जायेगा। बताया जाता है कि इस बाबत कर्मियों को 140 करोड़ का भुगतान किया जायेगा। ये कर्मी ग्रुप सी और ग्रुप डी कर्मी हैं। जो रांची, दुमका, धनबाद और जमशेदपुर प्रमंडल के बस डीपो, केंद्रीय कर्मशाला में जैसे हैं, जहां हैं के आधार पर कार्य कर रहे हैं। जानकारी हो कि झारखंड परिवहन निगम के बंद कर देने के बाद इनमें कार्यरत कर्मियों को राज्य सरकार के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में समायोजित किया गया था। इस वक्त इन निगम कर्मियों को चौथा वेतनमान मिल रहा है। लेकिन जब इनका समायोजन दूसरे विभाग में हुआ तो उन्हें संबंधित विभागों में सीधे छठा वेतनमान मिलने लगा। ऐसे में निगम कर्मियों ने पांचवें वेतनमान का लाभ देने के लिए हाइकोर्ट में याचिका दायर की। उनका कहना था कि उनके समायोजन में उनलोगों को पांचवें वेतनमान के लाभ से वंचित कर दिया गया है। जिससे उनके ग्रॉस सैलरी में भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। पूरे मामले में राज्य सरकार के परिवहन विभाग ने भी अपना पक्ष रखा। कोर्ट में यह मामला काफी लंबे समय तक विचाराधीन रहा।