रांची। सड़क पर लापरवाही की, तो यमराज से सामना हो सकता है। रांची में सड़क सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने अनोखे अंदाज में जागरूकता अभियान चलाया। दलादली चौक और तिलता चौक पर परिवहन सचिव राजीव रंजन, जिला परिवहन पदाधिकारी अखिलेश कुमार समेत अन्य अधिकारी सड़क पर उतरे। इस दौरान यमराज की वेशभूषा में मौजूद कलाकार ने वाहन चालकों को रोककर ट्रैफिक नियमों का पालन करने का संदेश दिया। बिना हेलमेट बाइक चलाने, सीट बेल्ट नहीं लगाने, नशे में वाहन चलाने और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वालों को इन लापरवाहियों के खतरों से अवगत कराया।
अभियान के दौरान वाहन चालकों को समझाया गया कि सड़क पर की गई छोटी-सी गलती भी जानलेवा साबित हो सकती है। हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करना, तेज रफ्तार में वाहन चलाना और नशे में ड्राइविंग करना न केवल चालक, बल्कि सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों की जिंदगी को भी खतरे में डालता है। यमराज की वेशभूषा में कलाकार ने अपने खास अंदाज में लोगों को चेतावनी दी कि ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करने का खामियाजा गंभीर सड़क दुर्घटना के रूप में भुगतना पड़ सकता है। वहीं, यातायात नियमों का पालन करने वाले जिम्मेदार वाहन चालकों को सुरक्षित जीवन का संदेश दिया गया।
परिवहन सचिव राजीव रंजन ने सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों का जिक्र करते हुए लोगों से यातायात नियमों को गंभीरता से लेने की अपील की। उन्होंने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकने के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। विभाग का उद्देश्य केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों को चेतावनी देना नहीं, बल्कि लोगों की आदतों में बदलाव लाना भी है, ताकि सड़क हादसों में कमी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि देश में वर्ष 2024-25 के दौरान लगभग 4.87 लाख दुर्घटनाएं हुईं। उनमें 33 प्रतिशत मामलों में लोगों को जान भी गंवानी पड़ी। इसी तरह, झारखंड में वर्ष 2024 में 4100 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हो गई। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे और स्टेट हाईवे पर किसी भी सूरत में गाड़ियों को पार्क नहीं करना चाहिए। इसकी वजह से हदसे होते हैं।
जागरूकता अभियान का दायरा बढ़ाया जाएगा
परिवहन सचिव ने कहा कि सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान का दायरा बढ़ाया जाएगा। परिवहन विभाग घर-घर तक पहुंचकर लोगों को ट्रैफिक नियमों के महत्व के बारे में बताएगा। इसके जरिए लोगों को समझाया जाएगा कि हेलमेट और सीट बेल्ट का इस्तेमाल करना, निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाना और नशे की हालत में ड्राइविंग से बचना क्यों जरूरी है।
वाहन चालक और राहगीर की साझा जिम्मेदारी
दलादली और तिलता चौक पर चलाए गए इस अभियान के जरिए परिवहन विभाग ने वाहन चालकों को स्पष्ट संदेश दिया कि सड़क पर लापरवाही किसी भी वक्त जानलेवा बन सकती है। सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर वाहन चालक और राहगीर की साझा जिम्मेदारी है। ऐसे में यातायात नियमों का पालन कर ही दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को कम किया जा सकता है।