जम्मू-कश्मीर के डोडा हादसे में शहीद हुए रांची के अजय लाकड़ा, मां ने मेहनत से बनाया था उन्हें सैनिक

रांची का अजय लाकड़ा जम्मू-कश्मीर के डोडा हादसे में शहीद, मां ने मजदूरी कर बनाया था सैनिक

जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए जवान अजय लकड़ा, झारखंड के गांव में छाया मातम

रांची: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में आतंकवाद विरोधी कार्यवाही के दौरान जवान अजय लकड़ा अपने ड्यूटी पर शहीद हो गए। अजय का संबंध धुर्वा स्थित लाबेद गांव से था। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह खाई में गिरने के कारण शहीद हुए, जिससे उनके परिवार पर गहरा सदमा लगा है।

पारिवारिक संघर्ष और अजय का सपना

अजय लकड़ा के पिता, स्वर्गीय लोहरा उरांव, का निधन कई वर्ष पहले हुआ था जब अजय बच्चे थे। उनके पिता की असामयिक मृत्यु के बाद, परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनकी मां पोकलो देवी ने अपने कंधों पर ली। पोकलो देवी ने कठिन परिस्थितियों में अपने बच्चों को बड़ा किया, जिसमें वह हड़िया बेचकर और मजदूरी करके उनका पालन-पोषण करती रहीं। अजय का बचपन से ही सेना में जाने का सपना था, जिसे उन्होंने सात साल पहले पूरा किया। उनके छोटे भाई अरूण लकड़ा भी सीआइएसएफ में तैनात हैं, जबकि उनकी छोटी बहन अंजू लकड़ा झारखंड पुलिस में कार्यरत हैं। अजय की तीन बहनों की शादी हो चुकी है।

पारिवारिक शोक और सम्मान

सेना के अधिकारियों ने अजय लकड़ा की मां को फोन करके उनके शहीद होने की सूचना दी। इस खबर के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल छा गया है। अजय का शव शनिवार को रांची आने की संभावना है। परिवार के सदस्य और गांववाले अजय की शहादत की याद में उन्हें सम्मानित कर रहे हैं। अजय के साथियों ने उन्हें हमेशा साहसी और जिम्मेदार जवान के रूप में याद किया। उनकी मां ने अपने जुझारू संघर्ष के माध्यम से तीन बच्चों को सरकारी नौकरियों में लगाया, जिससे उन्हें एक नई पहचान मिली।

अजय का व्यक्तिगत जीवन

अजय लकड़ा दिसंबर में 15 दिन की छुट्टी पर घर आए थे। छुट्टी खत्म होने के बाद, वह जम्मू-कश्मीर लौट गए थे। उनके विवाह की योजनाएं नहीं थीं, और उन्होंने हमेशा मां से कहा था कि जिम्मेदारियों को पूरा करने के बाद ही वह शादी करेंगे। अजय की मृत्यु की खबर ने परिवार में शोक का वातावरण बना दिया है।

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