आर्मी जमीन घोटाला मामला : लैंड स्कैम में गिरफ्तार रिम्स कर्मी अफसर अली निलंबित


रांची। आर्मी की जमीन अवैध तरीके से बेचे जाने के आरोप में गिरफ्तार गिरफ्तार रिम्स रेडियोलॉजी विभाग के रेडियोग्राफर मो अफसर अली को निलंबित कर दिया गया है। उसे 13 अप्रैल की तारीख से निलंबित किया गया है। ईडी की ओर से इसी दिन छापेमारी की गई थी। वहीं इसी दिन रात आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया था, जिसमें से अफसर अली भी एक था। रिम्स की ओर से जारी की गयी सूचना में बताया गया है कि रेडियोलॉजी विभाग के रेडियोग्राफर मो अफसर अली को हिरासत में लिये जाने की तिथि के प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही अफसर अली के विरूद्ध आरोप पत्र गठित करते हुए, अनुशासनिक कार्रवाई करने का भी आदेश दिया गया है। झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2016 के कंडिका-9 (2) (क) में निहित प्रावधान के तहत यह निर्देश जारी किया गया है। सेना के कब्जे वाली 4.55 एकड़ जमीन बेचने में आसनसोल के प्रदीप बागची को किंग पिन बताया जा रहा है। क्योंकि बंगाल में रजिस्टर्ड अधिकतर जमीन की डीड बागची के पिता प्रफुल्ल बागची के नाम पर है। लेकिन दैनिक भास्कर ने इसकी पड़ताल की तो पता चला कि बागची दरअसल जमीन दलाल अफसर अली का रबड़ स्टांप के रूप में काम कर रहा था। जमीन का नेचर बदलने, खाता-प्लॉट या क्षेत्रफल बदलवाने से लेकर कोलकाता में फर्जी डीड तैयार करने का असली मास्टरमाइंड रिम्स के थर्ड ग्रेड का कर्मचारी अफसर अली उर्फ अफ्सू खान है। आर्मी लैंड स्कैम केस में नाम आए अफसर अली रिम्स का स्थायी कर्मचारी है। अफसर अली कहने को तो रिम्स का थर्ड ग्रेड कर्मचारी है, लेकिन इसकी धाक ऐसी है कि करीब दो सालों से रिम्स में उसकी सिर्फ नाइट ड्यूटी लगती थी। कई बार एक महीने की उपस्थिति एक दिन में रजिस्टर में दर्ज कर महीने भर की सैलरी लेता था। रिम्स में भी उसका रवैया अजीब रहा है। रिम्स कर्मचारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि अफसर अली का विवाद कई बार जूनियर डॉक्टरों से भी हो चुका है। डॉक्टरों द्वारा काम करने को कहने पर अक्सर टालमटोल करना, अर्जेंट लिखकर जांच के लिए भेजने के बाद भी मरीजों को वापस लौटा देना उसकी आदत थी।

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