लेखक: Aaditya Hriday

  • यूरोप में तापमान वृद्धि से 62,700 लोगों की मौत, पूरी दुनिया को खतरा

    यूरोप में तापमान वृद्धि से 62,700 लोगों की मौत, पूरी दुनिया को खतरा

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    2024 की गर्मी में यूरोप में बढ़ी मौतों की संख्या

    नई दिल्ली: वर्ष 2024 की गर्मी ने यूरोप में भारी तबाही मचाई, जिससे 62,700 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। यह आंकड़ा सोमवार को प्रकाशित एक अध्ययन में सामने आया है, जिसमें गर्मी से संबंधित कारणों से हुई मौतों का जिक्र किया गया है। इस अध्ययन को नेचर मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित किया गया है। अध्ययन के अनुसार, महिलाएं और बुजुर्ग इस समस्या से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

    डेटा का स्रोत और विश्लेषण 🌡️

    बार्सिलोना इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ (आईएसग्लोबल) के शोधकर्ताओं ने 32 यूरोपीय देशों से रोजाना की मृत्यु दर के आंकड़े एकत्रित किए हैं। 2022 से 2024 के बीच की गर्मियों में कुल 181,000 से अधिक मौतें गर्मी के कारण हुई हैं। 1 जून से 30 सितंबर 2024 तक की अवधि में मृत्यु दर पिछले वर्ष की तुलना में 23% बढ़ गई, लेकिन कुल मौतें 2022 के आंकड़े 67,900 से थोड़ा कम थीं।

    आवश्यक तैयारी की सलाह

    अध्ययन के प्रमुख लेखक, टोमास जानोस ने बताया कि यह आंकड़े प्रभावी उपायों की आवश्यकता का संकेत देते हैं। वहीं, यूरोपीय संघ की कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस ने 2024 को यूरोप का अब तक का सबसे गर्म गर्मी का मौसम बताया। अनुमान लगाए गए मौतों में से दो-तिहाई संख्या दक्षिणी यूरोप के क्षेत्रों से आई है, जहां इटली में सबसे अधिक जनहानि हुई। वहाँ की बुजुर्ग आबादी इस समस्या का मुख्य कारण है, और पिछले तीन गर्मियों में तापमान हमेशा ऊंचे स्तर पर बना रहा।

    2025 में भी बनी चुनौतियाँ

    हालांकि यह अध्ययन 2025 के लिए आंकड़े नहीं देता, लेकिन इटली की इमरजेंसी मेडिसिन सोसाइटी ने चेताया है कि इस वर्ष भी उच्च तापमान के चलते कुछ क्षेत्रों में इमरजेंसी रूम में आने वाले मरीजों की संख्या 20% तक बढ़ गई है। इमरजेंसी मेडिसिन सोसाइटी के अध्यक्ष, एलेसांद्रो रिकार्डी ने बताया कि ज्यादा जोखिम में रहने वाले मरीजों को अस्पतालों की आवश्यकता अधिक हुई, जिससे हालात और भी गंभीर हो गए।

    हीटवेव के प्रति सरकारों की गंभीरता ☀️

    यूरोपीय हेल्थ अथॉरिटी ने लगातार हीटवेव की चेतावनी दी है। कुछ क्षेत्रों में गर्मी के प्रभाव की पहचान 24 डिग्री सेल्सियस (75.2°F) तापमान पर भी होती है। यूरोपीय एनवायरनमेंट एजेंसी के अधिकारी जेरार्डो सांचेज ने संकेत दिया कि हमें लंबे समय तक निवेश की आवश्यकता है। इसके तहत भवनों को बेहतर बनाने और सभी के लिए कूलिंग सिस्टम उपलब्ध कराने की जरूरत है।

    सांचेज का मानना है कि गर्मी से सुरक्षा एक आवश्यक उपचार की तरह होनी चाहिए। यह रिपोर्ट स्पष्ट करती है कि जलवायु परिवर्तन के कारण गर्मी का खतरा बढ़ रहा है, और यूरोप को भविष्य के लिए मजबूत योजनाएँ बनानी होंगी, ताकि भविष्य में इस तरह की मौतों की संख्या कम की जा सके।

  • झारखंड के खिलाड़ियों का कमाल, हेमंत ने जीता सिल्वर, शिवानी ने कांस्य

    झारखंड के खिलाड़ियों का कमाल, हेमंत ने जीता सिल्वर, शिवानी ने कांस्य

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    पलामू के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया

    झारखंड एथलेटिक्स एसोसिएशन और एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित 36वीं ईस्ट जोन नेशनल जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में पलामू के खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। जिले के पांच सदस्यीय दल ने इस प्रतियोगिता में भाग लिया, जिसमें हेमंत कुमार और शिवानी कुमारी ने अद्वितीय प्रदर्शन करके पलामू का नाम रोशन किया।

    प्रतियोगिता के पहले दिन की उपलब्धियां 🎖️

    प्रतियोगिता के पहले दिन, हेमंत कुमार ने जैवलिन थ्रो में स्वर्ण पदक हासिल किया, वहीं शिवानी कुमारी ने डिस्कस थ्रो में कांस्य पदक अपने नाम किया। इनके इस उत्कृष्ट प्रदर्शन ने सभी को गौरवान्वित किया और इनकी मेहनत का फल दिखाई दिया।

    मॉनिटरिंग द्वारा सम्मानित किया जाएगा

    पलामू जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन के सचिव संजय कुमार त्रिपाठी ने बताया कि इन अद्भुत खिलाड़ियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर नेशनल जूनियर एथलेटिक्स प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिलेगा।

    खेल प्रेमियों की बधाई 🌟

    हेमंत और शिवानी की इस उपलब्धि पर जिले के खेल पदाधिकारी, एथलेटिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आजाद शत्रु प्रसाद सिन्हा और ओलंपिक संघ के उच्च अधिकारियों ने उन्हें बधाई दी है। यह जीत न केवल इन खिलाड़ियों की मेहनत का परिणाम हैं, बल्कि यह जिले के युवा एथलीटों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।

  • नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा से सुख-शांति और नकारात्मकता से मुक्ति पाएं

    नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा से सुख-शांति और नकारात्मकता से मुक्ति पाएं

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की महिमा 🌼

    नवरात्रि के तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की आराधना की जाती है, जिन्हें शक्ति, साहस और शांति की देवी माना जाता है। उनकी पूजा से भक्तों को मानसिक संजीवनी, सुख-समृद्धि और नकारात्मक शक्तियों से छुटकारा मिलता है। इस दिन विशेष पूजन विधियों के माध्यम से भक्त मां की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।

    मां चंद्रघंटा का स्वरूप और महत्व ✨

    मां चंद्रघंटा का रूप अत्यंत आकर्षक है। उनके सिर पर घंटे के आकार का चंद्रमा विराजमान है, इसी कारण उनका नाम चंद्रघंटा रखा गया। उनके दस हाथों में विभिन्न अस्त्र और कमल का पुष्प है। मां की सवारी सिंह है, जो उनके वीरता और पराक्रम का प्रतीक है। उनकी घंटे की आवाज बुरी शक्तियों का विनाश करती है और भक्तों में सकारात्मक ऊर्ज का संचार करती है।

    पूजा विधि 🕉️

    नवरात्रि के तीसरे दिन, प्रातः जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र पहनें। मां चंद्रघंटा की मूर्ति या चित्र को पूजा स्थल पर स्थापित करें। दीप जलाएं, फूल और धूप अर्पित करें। मां को विशेष रूप से दूध और खीर का भोग अर्पित करना शुभ माना जाता है। उनके मंत्र “ॐ देवी चंद्रघंटायै नमः” का जाप करें, और “या देवी सर्वभूतेषु मां चंद्रघंटा रूपेण संस्थिता” का स्तुति唱 करें।

    लाभ और प्रभाव 🌟

    मां चंद्रघंटा की आराधना से भक्तों में साहस और आत्मविश्वास बढ़ता है। यह पूजा नकारात्मक सोच को समाप्त कर शांति और समृद्धि का संचार करती है। मां की कृपा से शत्रुओं और बाधाओं का अंत होता है। इस दिन ध्यान और साधना का विशेष महत्व है।

    नवरात्रि के तीसरे दिन करें यह उपाय 🙏

    इस विशेष दिन पर सफेद फूल और दूध से बने मिठाई का अर्पण करें, लाल वस्त्र पहनें और मां के मंत्रों का जाप करें। गरीबों को दान देना, विशेष रूप से दूध या सफेद वस्तुओं का वितरण, शुभफल लाता है।

    मां चंद्रघंटा की कृपा से सभी भक्त इस नवरात्रि में सुख, शांति और समृद्धि की अनुभूति करें।

  • रांची में दिखा तेंदुआ, भय का माहौल

    रांची में दिखा तेंदुआ, भय का माहौल

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    राजधानी रांची के densely populated इलाक़े में एक तेंदुआ दिखाई दिया है, जिसने स्थानीय लोगों में भय का माहौल बन गया है। यह तेंदुआ एक CCTV कैमरे में कैद हुआ है।कटहल मोड़ निवासी गुड्डू के घर के CCTV वीडियो में तेंदुआ सड़क के एक सिरे से दूसरे सिरे की ओर जा रहा है। यह घटना मंगलवार देर रात की है। आसपास के लोगों को इसकी भनक नहीं थी। जब गृह स्वामी ने CCTV फुटेज में तेंदुए को देखा, तो उन्होंने तुरंत रातू पुलिस को सूचित किया।

    पुलिस और वन विभाग की कार्रवाई

    जानकारी मिलने पर रातू थाना प्रभारी रामनरायण सिंह मौके पर पहुंचे और वन विभाग को भी इस मामले की सूचना दी। पुलिस और वन विभाग के अधिकारियों ने तेंदुए की तलाश शुरू की, लेकिन वह कहीं दिखाई नहीं दिया। रातू पुलिस और वन विभाग ने स्थानीय लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

  • भारत-मोरक्को ने रक्षा समझौता किया, समुद्री सुरक्षा व आतंकवाद-रोधी सहयोग पर रोडमैप बनाया

    भारत-मोरक्को ने रक्षा समझौता किया, समुद्री सुरक्षा व आतंकवाद-रोधी सहयोग पर रोडमैप बनाया

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    भारत और मोरक्को के बीच नए सैन्य समझौते पर हस्ताक्षर

    भारत और मोरक्को ने हाल ही में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मोरक्को के रक्षा मंत्री अब्देल्टिफ लौडिई के बीच हुई महत्वपूर्ण बातचीत के बाद एक सैन्य सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। इस वार्ता के दौरान, दोनों देशों ने आतंकवाद-रोधी अभियानों, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, और शांति बनाए रखने के अभियानों में सहयोग के लिए एक व्यापक रोडमैप पर सहमति बनाई।

    सैन्य सहयोग का संस्थागत ढांचा

    इस समझौते से द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को मजबूत करने के लिए एक आधिकारिक ढांचा स्थापित होगा, जिसमें प्रशिक्षण, आदान-प्रदान और औद्योगिक संबंधों को शामिल किया जाएगा। राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि यह बैठक बहुत उपयोगी रही और पिछले कुछ सालों में भारत और मोरक्को के संबंध काफी मजबूत हुए हैं।

    अहम क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएँ

    इस समझौते का उद्देश्य सैन्य शिक्षा, संयुक्त युद्धाभ्यास, और रक्षा उद्योग में सहयोग को बढ़ावा देना है। रक्षा मंत्रालय ने इस बातचीत के दौरान भारत और मोरक्को की पुरानी मित्रता को मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।

    भारतीय दूतावास में नए रक्षा प्रकोष्ठ की स्थापना

    राजनाथ सिंह द्वारा राबात स्थित भारतीय दूतावास में एक नए रक्षा प्रकोष्ठ का गठन किया जाएगा। उन्होंने मोरक्को को भारत की रक्षा उद्योग की क्षमताओं, विशेष रूप से ड्रोन और काउंटर-ड्रोन तकनीकों के बारे में भरोसा दिलाया।

    भारत में मोरक्कन रक्षा मंत्री का निमंत्रण

    दोनों पक्षों ने हिंद महासागर और अटलांटिक कॉरिडोर की सामरिक अहमियत के अनुसार समुद्री सुरक्षा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। इसके अलावा, राजनाथ सिंह ने मोरक्को के रक्षा मंत्री अब्देल्टिफ लौडिई को भारत आने का निमंत्रण भी दिया। उल्लेखनीय है कि यह राजनाथ सिंह की मोरक्को की यात्रा, किसी भारतीय रक्षा मंत्री की इस देश के लिए पहली यात्रा है, जो भारत और मोरक्को के बीच रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    भारत और मोरक्को के बीच बढ़ते संबंधों की ओर यह एक और कदम है, जो भविष्य में दोनों देशों के लिए सहयोग के नए अवसर खोल सकता है।

  • आदित्यपुर की प्लास्टिक ग्लास फैक्ट्री में भीषण आग, करोड़ों का नुकसान हुआ

    आदित्यपुर की प्लास्टिक ग्लास फैक्ट्री में भीषण आग, करोड़ों का नुकसान हुआ

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    झारखंड के आदित्यपुर में प्लास्टिक फैक्ट्री में भीषण आग

    आदित्यपुर (झारखंड): झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले के आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार की सुबह एक गंभीर घटना होने का समाचार है। इस दुर्घटना में फेज-2 में स्थित अंजनी प्लास्ट इंडस्ट्रीज में अचानक तेजी से आग लग गई, जिससे整个 क्षेत्र काले धुएं के गुबार में लिपट गया। यह कंपनी प्लास्टिक के ग्लास का निर्माण करती है, जिसकी वजह से आग तेजी से फैलने लगी।

    आग का कारण अभी तक अनजान 🔍

    अभी तक आग लगने के कारण स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही दमकल विभाग की तीन गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। इस आग की लपटें इतनी भयंकर थीं कि दूर-दूर से उन्हें देखा जा सकता था, जिसके कारण आसपास के क्षेत्रों में हड़कंप मच गया।

    स्थानीय लोगों का सहयोग

    दमकल कर्मचारियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों ने भी आग बुझाने में सहारा दिया। खबर लिखे जाने तक आग पर पूरी तरह से काबू नहीं पाया जा सका था। घटना की गनीमत यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई, परंतु आग ने फैक्ट्री को भारी नुकसान पहुंचाने का अनुमान लगाया है। प्रारंभिक आंकड़ों से संकेत मिलता है कि फैक्ट्री को लाखों रुपये का नुकसान हो सकता है। प्रशासन वर्तमान में आग लगने के कारणों की जांच कर रहा है।

    इस घटना ने स्थानीय निवासियों को चिंतित किया है और सभी की निगाहें इस ओर हैं कि प्रशासन क्या कदम उठाएगा।

  • वीज़ा विवाद के बीच भारतीय मूल के दो प्रोफेशनल्स को अमेरिकी कंपनियों में CEO बनाया

    वीज़ा विवाद के बीच भारतीय मूल के दो प्रोफेशनल्स को अमेरिकी कंपनियों में CEO बनाया

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    दो भारतीय मूल के नेता बनेंगे प्रमुख पदों पर

    अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन द्वारा एच-1बी वीज़ा नियमों को सख्त करने के बीच, दो प्रमुख अमेरिकी कंपनियों ने भारतीय मूल के नेताओं को उच्च पदों पर नियुक्त किया है। इस कदम के माध्यम से ये कंपनियां दिखाना चाहती हैं कि वे प्रदर्शन को प्राथमिकता देती हैं और किसी भी बाहरी दबाव के सामने नहीं झुकेंगी।

    टी-मोबाइल में श्रीनिवास गोपालन का पद

    भारतीय मूल के श्रीनिवास गोपालन 1 नवंबर से टी-मोबाइल के नए सीईओ बनेंगे। कंपनी ने उन्हें प्रमोशन देकर यह दर्शाया है कि वे एच-1बी वीज़ा नियमों का सकारात्मक जवाब दे रही हैं। गोपालन, जो वर्तमान में मुख्य परिचालन अधिकारी (COO) हैं, अपने अनुभव के बल पर माइक सीवर्ट का स्थान लेंगे।

    गोपालन ने लिंक्डइन पर एक पोस्ट में व्यक्त किया कि वह इस भूमिका को निभाने के लिए गर्व महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कंपनी की उपलब्धियों की सराहना की और बताया कि टी-मोबाइल ने ग्राहक सेवा में नई ऊंचाइयों को छुआ है।

    गोपालन का अनुभव

    गोपालन का करियर बेहद समृद्ध है। उन्होंने हिंदुस्तान यूनिलीवर, भारती एयरटेल, वोडाफोन, और डॉयचे टेलीकॉम जैसे संस्थानों में काम किया है, जहां उन्होंने कंपनी की वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया। टी-मोबाइल में, उन्होंने 5G और AI जैसी प्रौद्योगिकियों में नेतृत्व किया है।

    सीवर्ट ने गोपालन को “तेज-तर्रार और प्रभावशाली” बताया और यह विश्वास जताया कि वह ग्राहक अनुभव को और बेहतर करेंगे।

    मोल्सन कूर्स में राहुल गोयल की नियुक्ति

    दूसरी तरफ, शिकागो स्थित मोल्सन कूर्स ने राहुल गोयल को 1 अक्टूबर से अपना नया सीईओ नियुक्त किया है। गोयल 24 वर्षों से इस कंपनी से जुड़े हुए हैं और भारत में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद अमेरिका में बिजनेस की शिक्षा ली थी।

    मोल्सन कूर्स के बोर्ड के अध्यक्ष डेविड कूर्स ने कहा कि गोयल का अनुभव और दृष्टि कंपनी के विकास में महत्वपूर्ण हैं।

    राजनीतिक संदर्भ में इन नियुक्तियों का महत्व

    यह नियुक्तियाँ इस सन्दर्भ में महत्वपूर्ण हैं कि अमेरिका में बड़ी कंपनियों में भारतीय मूल के लोगों की नियुक्तियों पर राजनीतिक संवेदनशीलता बनी हुई है। MAGA समर्थक कभी-कभी इन व्यक्तियों को इस तरह से चित्रित करते हैं कि वे अमेरिकी नौकरियों पर खतरा बन रहे हैं।

    इस समय, भारतीय मूल के पेशेवरों ने अमेरिका की कई प्रमुख कंपनियों का नेतृत्व किया है, जैसे कि माइक्रोसॉफ्ट, अल्फाबेट और फॉर्च्यून 500 कंपनियाँ, जो इस प्रवृत्ति का संकेत देती हैं।

  • ऑपरेशन सिंदूर: नाना पाटेकर ने राजौरी में पाकिस्तानी हमलों के पीड़ितों से मिलकर जीते दिल

    ऑपरेशन सिंदूर: नाना पाटेकर ने राजौरी में पाकिस्तानी हमलों के पीड़ितों से मिलकर जीते दिल

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    नाना पाटेकर ने फिर से दिखाई दरियादिली, जम्मू-कश्मीर में राहत प्रदान की

    ऑपरेशन सिंदूर: बॉलीवुड के प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर ने 22 सितंबर को जम्मू-कश्मीर के राजौरी गैरीसन में पाकिस्तानी गोलीबारी से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय सेना के सहयोग से किया गया, जिसमें कुल 117 परिवारों को 42 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की गई। नाना की एनजीओ, निरमला गजानन फाउंडेशन, ने इस महत्वपूर्ण कार्य में प्रमुख भूमिका निभाई, जो उन परिवारों की सहायता के लिए थी जिन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के बाद सीमा पार गोलीबारी में अपने करीबी खोए या अपने घरों को नुकसान उठाना पड़ा।

    ऑपरेशन सिंदूर का महत्व

    ऑपरेशन सिंदूर, जो मई 2025 में भारतीय सेना द्वारा चलाया गया, में पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए गए थे। इस जवाबी कार्रवाई के फलस्वरूप, पाकिस्तान ने राजौरी-पूंछ सीमा पर भारी गोलीबारी की, जिससे कई परिवार प्रभावित हुए। नाना पाटेकर ने इन परिवारों को पुनर्वास पैकेज देकर न केवल आर्थिक सहायता प्रदान की, बल्कि भावनात्मक समर्थन भी दिया। एक 11 वर्षीय लड़की, जिसका पिता शहीद हो गया, की शिक्षा का खर्च उठाने का वादा नाना ने किया। इस दौरान उनकी आंखों में आंसू थे, और उन्होंने कहा, ‘यह कोई एहसान नहीं है। यह हमारी जिम्मेदारी है। जब देश में ऐसी घटनाएं होती हैं तो हमें अपने भाई-बहनों का सहारा बनना चाहिए।’

    सरकार और समाज की जिम्मेदारी

    नाना पाटेकर ने अपनी दरियादिली से जीता सबका दिल

    मीडिया से बात करते हुए नाना ने कहा कि सरकार ने कई प्रयास किए हैं, लेकिन आम नागरिक को भी आगे आना होगा। उन्होंने कहा, ‘अगर हम नहीं करेंगे, तो और कौन करेगा? यह छोटी-सी मदद है, लेकिन इससे हमें संतोष मिलता है।’ नाना ने सुबह 10 बजे राजौरी पहुंचकर सेना के जीओसी मेजर जनरल कौशिक मुखर्जी और डिप्टी कमिश्नर अभिषेक शर्मा के साथ समय बिताया। यह उनकी एनजीओ की सेना के साथ पुरानी साझेदारी का हिस्सा है, जो जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के 45 आर्मी गुडविल स्कूलों का संचालन कर रही है।

    सोशल मीडिया पर फैली नाना की दरियादिली

    नाना पाटेकर, जो अपनी बेहतरीन एक्टिंग और सामाजिक कार्यों के लिए जाने जाते हैं, 1999 के कारगिल युद्ध में भी सेना के साथ खड़े रहे थे। इस बार भी उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में खराब रास्तों का मुद्दा उठाया और दिल्ली में अधिकारियों से बात करने का आश्वासन दिया। उनके इस अनूठे कदम की प्रशंसा फैंस सोशल मीडिया पर कर रहे हैं। लोग लिख रहे हैं कि नाना जैसे सितारे असली हीरो हैं।

  • बस मालिक का दावा: मेरे पुत्र की हत्या साजिश से हुई, कार्रवाई होनी चाहिए

    बस मालिक का दावा: मेरे पुत्र की हत्या साजिश से हुई, कार्रवाई होनी चाहिए

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    सूरज बस के मालिक ने हत्या का आरोप लगाया

    पोटका : सुंदरनगर थाना क्षेत्र के कालिया बेड़ा में 15 सितंबर को एक युवक के घायल अवस्था में पाए जाने की घटना के बाद उसके परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। स्थानीय लोगों द्वारा सूचना मिलने पर सूर्य कर के परिजनों ने तुरंत सुंदरनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। घायल सूरज को पहले टीएमएच भेजा गया, लेकिन चिकित्सकों की सलाह पर उसे कटक, ओडिशा रेफर किया गया। वहाँ के डॉक्टर्स का कहना है कि सूरज को मारपीट कर गंभीर स्थिति में पहुंचाया गया था, क्योंकि उसके नाजुक अंगों पर चोट के गहरे निशान थे। इसके अलावा, स्कूटी पर कोई खरोंच का निशान नहीं मिला, जिससे यह स्पष्ट होता है कि उसे दुर्घटना के बजाय किसी ने जानबूझकर घायल किया था।

    सूरज के पिता ने लगाए गंभीर आरोप

    सूरज के पिता, विनोद कर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि उनके बेटे की हत्या की गई है और उसे कालिया बेड़ा में पीट-पीटकर फेंक दिया गया था। उन्होंने मांग की कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। विनोद कर ने बताया कि सूरज हर दिन की तरह 5 बजे कंप्यूटर क्लास के लिए निकला था और रात 9 बजे घर लौटने वाला था। इस दिन रात 8:50 बजे उनकी सूरज से आखिरी बार बात हुई। उसके बाद 9:22 बजे उन्हें सूरज के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना मिली।

    उन्होंने कहा, “यह कोई साधारण दुर्घटना नहीं है। हमें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि इस घटना में शामिल सभी लोग चिन्हित हों और कड़ी सजा मिले।”

  • झारखंड: 108 पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को 2 महीने से पोस्टिंग का इंतजार, वेतन जारी

    झारखंड: 108 पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों को 2 महीने से पोस्टिंग का इंतजार, वेतन जारी

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    झारखंड में प्रशासनिक सेवा के 108 अधिकारी पिछले दो माह से अपनी पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। सरकारी नियमों के अनुसार, अधिकारियों और कर्मचारियों को इस तरह के लंबे समय तक इंतजार में नहीं रखा जाना चाहिए। इस समय, राज्य में 200 से अधिक पद रिक्त हैं, जबकि डेढ़ लाख से ज्यादा पदों पर अभी भी कोई कार्यरत नहीं है। ये अधिकारी सचिवालय में उपस्थित होते हैं, लेकिन बिना किसी काम के लौट जाते हैं। इनमें कई ऐसे आईएएस और आईपीएस अधिकारी भी सम्मिलित हैं।

    अधिकारियों की स्थिति में कोई सुधार नहीं

    हाल ही में, पांच आईपीएस अधिकारियों ने चार महीने से अधिक समय तक पोस्टिंग का इंतजार किया, और उनकी पोस्टिंग एक सप्ताह पहले हुई। इसके अलावा, राज्य प्रशासनिक सेवा के 45 और पुलिस सेवा के 63 अधिकारी भी अपने पदस्थापन का इंतजार कर रहे हैं। पिछले चार महीनों से, एक दर्जन अधिकारियों को डीडीसी पद से हटाए जाने के बाद कोई नई पोस्टिंग नहीं मिली है। इसके साथ ही, 36 जूनियर सिलेक्शन ग्रेड अधिकारियों को भी दो महीने से अपनी बारी का इंतजार है।

    भारी बारिश से जिले प्रभावित

    सोमवार की शाम से रांची में हुई झमाझम बारिश के बाद बुधवार को झारखंड के कई जिलों में भारी बारिश के आसार हैं।

    प्रमोशन का लाभ नहीं मिल पा रहा

    गृह विभाग की ओर से जून में अधीनस्थ सेवा के 64 अधिकारियों को राज्य पुलिस सेवा में प्रमोशन दिया गया था, लेकिन उनमें से केवल एक अधिकारी की पोस्टिंग हो पाई। यह भी ध्यान देने योग्य है कि प्रमोशन के लाभ भी पोस्टिंग तिथि से ही निर्धारित होते हैं। इसलिए, पोस्टिंग न होने के कारण कई अधिकारी लाभ से वंचित रह गए हैं।

    नियमों का उल्लंघन

    वित्त विभाग ने “वेटिंग फॉर पोस्टिंग” या अन्य कारणों से काम न करने की अवधि के वेतन पर दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 1998 के एक पत्र में कहा गया था कि बिना काम के वेतन का भुगतान एक गंभीर वित्तीय अनियमितता है। 2022 में जारी हुए एक संकल्प पत्र में भी स्पष्ट किया गया था कि ऐसी प्रथाओं पर पूर्ण रूप से रोक लगाई जानी चाहिए।

    ऐसे मामलों में, पोस्टिंग में देरी के कारणों की समीक्षा की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याएं न पैदा हों। विभाग ने निर्देशित किया है कि अधिकारी एक सप्ताह के भीतर अपनी पोस्टिंग की प्रक्रिया सुनिश्चित करें, और किसी भी स्थिति में 15 दिनों से अधिक का समय नहीं लगना चाहिए।

    झारखंड के लिए यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जिसे समय रहते सुलझाना आवश्यक है।

  • रांची: 300 साल पुराना भवानी-शंकर मंदिर, नवरात्र में गोपनीय पूजा और गर्भगृह में दर्शन वर्जित

    रांची: 300 साल पुराना भवानी-शंकर मंदिर, नवरात्र में गोपनीय पूजा और गर्भगृह में दर्शन वर्जित

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    ठाकुरगांव का 300 साल पुराना भवानी-शंकर मंदिर: आस्था और रहस्य का प्रतीक ✨

    रांची के ठाकुरगांव में स्थित भवानी-शंकर मंदिर, आस्था और परंपरा का अनूठा संगम है। यह मंदिर लगभग 300 साल पुराना है और अपनी धार्मिक मान्यताओं के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। यहाँ स्थापित अष्टधातु से बनी ‘भवानी-शंकर’ की प्रतिमाएँ अत्यधिक दुर्लभ मानी जाती हैं, लेकिन भक्तों के लिए इनका दर्शन वर्जित है।

    गर्भगृह में प्रवेश केवल पुजारी और राजपरिवार के सदस्यों के लिए 🚪

    मंदिर की खासियत यह है कि गर्भगृह में केवल मंदिर के पुजारी और ठाकुरगांव के शाहदेव राजपरिवार के सदस्य ही जा सकते हैं। आम भक्त मंदिर के प्रांगण में बैठकर पूजा करते हैं और पुजारियों को चुनरी, पुष्प और प्रसाद अर्पित करते हैं। शाहदेव राजपरिवार के वंशज जयकुमार नाथ शाहदेव का कहना है कि यहां माँ भवानी का साक्षात रूप विद्यमान है।

    पूजा की रहस्यमय प्रक्रिया 🌌

    नवरात्र के दौरान, पूजा की प्रक्रिया रहस्यमय होती है। पुजारी अपनी आंखों पर पट्टी बांध कर भवानी-शंकर की प्रतिमा का अभिषेक करते हैं। यह परंपरा सदियों पुरानी है और पूरी श्रद्धा के साथ निभाई जाती है।

    संधि बलि और दशहरे का मेला 🎉

    नवरात्र की अष्टमी तिथि पर संधि बलि की विशेष परंपरा का आयोजन किया जाता है। नवमी के दिन बकरों और एक भैंसे की बलि दी जाती है। यह रिवाज सदियों पुराना है और केवल राजपरिवार की अनुमति से ही संपन्न होता है। नवरात्र और विजयादशमी के दिन मंदिर के आसपास मेला भी लगता है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग लेते हैं।

    मंदिर का ऐतिहासिक सफर 📜

    भवानी-शंकर मंदिर का इतिहास भी काफी रोचक है। कहा जाता है कि 1543 में नवरत्नगढ़ के महाराज रघुनाथ शाहदेव के बेटे यदुनाथ शाहदेव की बारात बक्सर जा रही थी। इसी दौरान उन्हें नदी के किनारे दिव्य चिंतामणि रत्न और भवानी-शंकर की प्रतिमाएं मिलीं। बाद में यदुनाथ शाहदेव के पुत्र, कुंवर गोकुल नाथ शाहदेव ने इन प्रतिमाओं की पूजा शुरू की और इस प्रकार मंदिर की स्थापना हुई।

    भवानी-शंकर मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि आस्था और संस्कृति का प्रतीक है, जो सदियों से भक्तों को आकर्षित कर रहा है।

  • पटना: यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज

    पटना: यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    पटना में युवा कांग्रेस का प्रदर्शन, पुलिस से हुई भिड़ंत 🚨

    पटना में मंगलवार को युवा कांग्रेस के नेताओं और सदस्यों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया। यह कार्यक्रम सदाकत आश्रम से शुरू होकर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ा, जहां युवा कार्यकर्ताओं ने घेराव करने का निर्णय लिया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं को राजापुर पुल पर पुलिस द्वारा रोका गया, जिसके चलते प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर सड़क पर धरना देने लगे।

    उद्घाटन और संघर्ष की विशेषताएँ 🔥

    इस प्रदर्शन का नेतृत्त्व युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु चिब और राज्य अध्यक्ष गरीब दास कर रहे थे। जब कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ी, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठियां चलायीं। कई कार्यकर्ताओं ने सड़क पर लेटकर अपनी आवाज़ को बुलंद किया। पुलिस ने उन्हें खींचकर राइट कंट्रोल वाहन में बैठाया।

    अदाणी के खिलाफ आवाज़ उठाते युवा कार्यकर्ता 📢

    युवा कांग्रेस के नेता उदयभानु चिब, गरीब दास और प्रवक्ता ज्ञान रंजन ने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों की जमीन का दुरुपयोग किया है। वे भागलपुर के पीरपैंती में अदाणी को बिजली घर के लिए जमीन हस्तांतरित करने का भी विरोध कर रहे हैं। उनके अनुसार, 1050 एकड़ भूमि एक रुपये वार्षिक की लीज पर दी गई है, साथ ही हजारों आम के पेड़ भी शामिल हैं।

    प्रदर्शन के दौरान कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया। यह स्थिति उन कार्यकर्ताओं का जज़्बा दिखाती है जो जनहित के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

  • कोडरमा में 7वीं क्लास की छात्रा से स्कूल में छेड़छाड़, शिक्षक की सरेआम पिटाई

    कोडरमा में 7वीं क्लास की छात्रा से स्कूल में छेड़छाड़, शिक्षक की सरेआम पिटाई

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    कोडरमा जिले के उत्क्रमित उच्च विद्यालय योगीडीह से एक चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां एक शिक्षक पर कक्षा 7 की छात्रा के साथ छेड़खानी का आरोप लगा है। विद्यालय के प्राचार्य मुन्ना सिंह ने इस मामले को लेकर स्थानीय पुलिस थाना, मरकच्चो में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

    घटना का विवरण

    प्राचार्य ने बताया कि यह घटना 16 सितंबर को दोपहर 2 बजे के आसपास हुई। उस समय छुट्टियाँ हो चुकी थीं और पीड़ित छात्रा अकेली कक्षा में बैठी थी। प्राचार्य ने सूचना दी कि उन्होंने कंप्यूटर शिक्षक एनुल हक को छात्रा के हालचाल पूछने के लिए कक्षा में भेजा। शिक्षक ने बताया कि छात्रा की तबियत खराब है, जिसके बाद वह छात्रा अपने घर चली गई।

    अगले दिन विश्वकर्मा पूजा की छुट्टी थी, और विद्यालय बंद था। स्कूल खुलने पर, छात्रा ने प्राचार्य को सूचना दी कि उसके पिता बाहर गए हुए हैं और वह डरी हुई थी। प्राचार्य ने बताया कि मंगलवार को छात्रा के पिता ने शिकायत की कि 16 सितंबर को जब उनकी बेटी कक्षा में अकेली थी, तब शिक्षक एनुल हक ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया।

    पुलिस कार्रवाई

    इस मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राचार्य ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मरकच्चो थाना प्रभारी नंद किशोर तिवारी ने बताया कि छात्रा के पिता की शिकायत मिलने के बाद पुलिस सक्रिय हुई और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। शिक्षक को हिरासत में ले लिया गया है और आगे की कार्रवाई शुरू की गई है।

    स्थानीय लोगों का आक्रोश

    इस घटना के बाद, पीड़ित छात्रा के गांव वाले विद्यालय पहुंचे और आरोपी शिक्षक के साथ मारपीट की। पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर शिक्षक को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर ग्रामीणों को समझाया।

    इस प्रकार की घटनाएं शिक्षा के विनाश में योगदान करती हैं और इसे रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है। स्थानीय प्रशासन इस मामले की गहराई से जांच कर रहा है।

  • आज 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का वितरण; राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी सम्मानित

    आज 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का वितरण; राष्ट्रपति मुर्मू करेंगी सम्मानित

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    नई दिल्ली। साल 2023 के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (National Film Awards) के विजेताओं की घोषणा 01 अगस्त को की गई थी। आज इस समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सम्मानित करेंगे। यह आयोजन नई दिल्ली के विज्ञान भवन में हो रहा है, जहां फिल्म उद्योग की कई मशहूर हस्तियां उपस्थित होंगी।

    उपलब्धियों के रंग में रंगी फिल्मी दुनिया 🌟

    इस बार के विजेताओं की सूची में शाहरुख खान, रानी मुखर्जी, और विक्रांत मेसी जैसे प्रमुख कलाकार शामिल हैं। विशेष रूप से, मूवी जवान के लिए शाहरुख खान और 12वीं फेल के लिए विक्रांत मेसी को सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार सांझा तौर पर दिया जाएगा। सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार रानी मुखर्जी को मैसेज चटर्जी वर्सेस नॉर्वे के लिए प्राप्त होगा।

    सबसे उत्कृष्ट फल्म की श्रेणी में 12वीं फेल को शीर्ष स्थान मिला है, जबकि सर्वश्रेष्ठ निर्देशन का पुरस्कार सुदीप्तो सेन को द केरल स्टोरी के लिए मिलेगा।

    दादा साहेब फाल्के पुरस्कार 2023 🌟

    इस अवसर पर दादा साहेब फाल्के पुरस्कार भी दिया जाएगा, जो मलयालम सिनेमा के महानायक मोहनलाल को मिला है।

    समारोह का प्रसारण कब और कैसे देखें 📺

    आज शाम को चार बजे से, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू विजेताओं को पुरस्कार प्रदान करेंगी। इस समारोह का सीधा प्रसारण डीडी न्यूज चैनल पर और यूट्यूब पर देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि समारोह का प्रसारण दोपहर तीन बजे से शुरू होगा, जिसमें सभी विजेता रेड कार्पेट पर चलकर मंच पर पहुंचेंगे।

    कोविड महामारी के प्रभाव के चलते राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन दो साल बाद हो रहा है, जिसका सभी कलाकार और प्रशंसक बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।

  • रांची में ईडी की बड़ी कार्रवाई: जमीन घोटाला मामले में हुई छापेमारी

    रांची में ईडी की बड़ी कार्रवाई: जमीन घोटाला मामले में हुई छापेमारी

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    रांची में मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कई स्थानों पर एक साथ छापे मारे हैं। यह छापेमारी जमीन घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में की गई है।

    छापेमारी के दौरान, ईडी की टीम ने महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है, जिससे इस मामले में और जानकारी सामने आ सकती है।

    यह खबर अभी अपडेट हो रहा है !

  • मीटिंग से लौटते समय बैंक मैनेजर की गोली मारकर हत्या

    मीटिंग से लौटते समय बैंक मैनेजर की गोली मारकर हत्या

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    वैशाली जिले में एक बैंक मैनेजर की हत्या कर दी गयी है। AXIS बैंक के मैनेजर राकेश कुमार की हत्या सोमवार शाम को तब हुई जब वह एक सेल्फ हेल्प ग्रुप की मीटिंग के बाद लौट रहे थे। यह घटना बिदुपुर थाने क्षेत्र के चेचर खपुरामार्ग के एक सुनसान इलाके में हुई।घायल बैंक मैनेजर को बिदुपुर सीएचसी जाया गया, वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। राकेश कुमार की उम्र 30 वर्ष थी और वह मुजफ्फरपुर जिले के साहेबगंज थाने के अहियापुर के निवासी थे।

  • पुर्तगाल ने फिलिस्तीन को दी औपचारिक मान्यता, विदेश मंत्री का संयुक्त राष्ट्र में ऐलान

    पुर्तगाल ने फिलिस्तीन को दी औपचारिक मान्यता, विदेश मंत्री का संयुक्त राष्ट्र में ऐलान

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    पुर्तगाल ने फिलिस्तीन को स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता दी 🇵🇹

    न्यूयॉर्क में हाल ही में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, पुर्तगाल के विदेश मंत्री पाउलो रांजेल ने घोषणा की कि देश ने फिलिस्तीन को आधिकारिक तौर पर एक स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता प्रदान की है।

    मान्यता का महत्व

    रांजेल ने बताया कि फिलिस्तीन की मान्यता पुर्तगाल की विदेश नीति का एक मुख्य और स्थायी तत्व है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार हमेशा से दो राष्ट्रों के समाधान का समर्थन करती रही है, जो कि एक न्यायपूर्ण और दीर्घकालिक शांति की दिशा में महत्वपूर्ण है।

    गाजा में संकट की गंभीरता

    गाजा में फिलिस्तीनियों की मौतों की संख्या 65,000 से अधिक हो गई है, जिससे मानवीय संकट और गहरा हुआ है। विदेश मंत्री ने युद्धविराम की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि हालांकि युद्धविराम महत्वपूर्ण है, फिर भी फिलिस्तीन को मान्यता देने से गाजा में चल रहे संकट का समाधान नहीं होगा।

    अन्य देशों के साथ जुड़ाव

    इस पहल के साथ, पुर्तगाल उन देशों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्होंने फिलिस्तीन को मान्यता दी है, जैसे कि ब्रिटेन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब गाजा में हिंसा और मानवीय संकट बहुपराक्रम पर है।

    उम्मीद जताई जा रही है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति और स्थिरता की दिशा में नया मार्ग प्रशस्त करेगा।

  • कुड़मी आंदोलन समाप्त, रांची-हटिया से 26 ट्रेनों रद्द, दो हजार पर मुकदमा, जानें कारण।

    कुड़मी आंदोलन समाप्त, रांची-हटिया से 26 ट्रेनों रद्द, दो हजार पर मुकदमा, जानें कारण।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    कुड़मी समाज का आंदोलन समाप्त, वार्ताओं के बाद मिली राहत 🚆

    रांची: झारखंड में अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल किए जाने की मांग को लेकर कुड़मी समाज द्वारा चलाए जा रहे ‘रेल टेका, डहर छेका’ आंदोलन का समापन रविवार को हो गया। सरकारी वार्ताओं और मंत्रालय स्तर पर किए गए आश्वासनों के बाद आंदोलन का फैसला लिया गया।

    प्रतिबंधित स्थानों पर प्रदर्शन के मामले दर्ज ⚖️

    चक्रधरपुर मंडल के अंतर्गत 2000 व्यक्तियों पर तीन स्थानों पर रेलवे ट्रैक को जाम करने के कारण मामलों की पुष्टि की गई है। रेल पुलिस (आरपीएफ) ने आरोप लगाया है कि सीनी और गम्हरिया में प्रदर्शनकारी समाज ने रेलवे की लाइन को बाधित करने का प्रयास किया है। इसके अतिरिक्त, खड़गपुर मंडल के गालूडीह से भी चार से पांच सौ लोगों पर मामले दर्ज किए गए हैं।

    आंदोलन खत्म, लेकिन ट्रेन रद्दी की समस्या जारी 🚫

    कुड़मी आंदोलन का पूरक प्रयास एक दिन बाद समाप्त हुआ, जिसके परिणामस्वरूप चक्रधरपुर मंडल ने ट्रेन परिचालन को सामान्य करने का निर्देश दिया। रविवार की सुबह, पहली यात्री ट्रेन, मुंबई-हावड़ा गीतांजलि एक्सप्रेस, को 8:29 बजे रवाना किया गया। कई अन्य ट्रेनें, जैसे कि अहमदाबाद-हावड़ा एक्सप्रेस एवं शिरडी-हावड़ा एक्सप्रेस को भी राउरकेला, चक्रधरपुर, और अन्य मार्गों से चलाने की अनुमति दी गई।

    हालांकि, शनिवार को हुए प्रदर्शनों के कारण पटना-बिलासपुर एक्सप्रेस और कई अन्य ट्रेनों को रद्द करना पड़ा, जिसके चलते यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। रविवार को, रांची और हटिया से चलने वाली 26 ट्रेनें भी रद्द रहीं, और इसकी संभावना है कि अगले दिन भी कुछ ट्रेनें रद्द रहेंगी।

    कोच की कमी का असर, कुछ ट्रेनें रद्द

    रविवार को टाटानगर से चलने वाली स्टील एक्सप्रेस को भी रद्द किया गया, जबकि कुछ अन्य ट्रेनों के मार्ग में भी बदलाव किया गया। एर्नाकुलम एक्सप्रेस ने नए मार्ग से टाटानगर पहुंचने का प्रयास किया जबकि हावड़ा से जनशताब्दी एक्सप्रेस को समय में बदलाव के साथ चलाने के आदेश दिए गए।

    जैसे ही रेलवे परिचालन सामान्य होने की दिशा में बढ़ रहा है, कोच की कमी और रद्दी ट्रेनों की समस्या ने यात्रियों की परेशानियों को समाप्त होने में समय लगाया है। इस स्थिति में सुधार की उम्मीद है, लेकिन यात्रा करने वालों को एक-दो दिनों के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

  • पंजाबी संगीत के सम्राट चरणजीत आहूजा का 74 वर्ष की आयु में निधन

    पंजाबी संगीत के सम्राट चरणजीत आहूजा का 74 वर्ष की आयु में निधन

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री में शोक की लहर 😢

    हाल ही में पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री से एक दुखद समाचार सामने आया है। प्रसिद्ध संगीतकार चरणजीत आहूजा का निधन 74 वर्ष की आयु में हो गया। वे कई वर्षों से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और उनका इलाज चंडीगढ़ के पीजीआई में चल रहा था। उनके मरने से पंजाबी संगीत जगत में गहरा शोक व्याप्त है।

    सीएम भगवंत मान का भावुक संदेश

    पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एक सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से अपनी संवेदनाएं व्यक्त की। उन्होंने कहा, “संगीत सम्राट उस्ताद चरणजीत आहूजा का चले जाना म्यूजिक इंडस्ट्री के लिए एक अपूर्णीय क्षति है। उनके द्वारा रचित संगीत हमेशा पंजाबियों के दिलों में बसा रहेगा। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें।”

    दिलजीत दोसांझ का श्रद्धांजलि

    बॉलीवुड और पंजाबी गायक दिलजीत दोसांझ ने भी चरणजीत आहूजा को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम कहानी में आहूजा की फोटो साझा करते हुए लिखा, “चरणजीत आहूजा ने म्यूजिक की दुनिया में जो योगदान दिया है, वह अनमोल है। उनका संगीत हमेशा हमारे बीच रहेगा। वे सच्चे लीजेंड थे।

    मास्टर सलीम का इमोशनल पोस्ट

    पारंपरिक संगीत के गायक मास्टर सलीम ने भी आहूजा को याद करते हुए एक भावुक पोस्ट साझा किया। उन्होंने लिखा, “आज म्यूजिक की दुनिया का एक बड़ा नाम हमसे दूर चला गया। भगवान उन्हें अपने चरणों में स्थान दें।”

    चरणजीत आहूजा: एक संगीत सम्राट

    चरणजीत आहूजा को पंजाब की संगीत दुनिया का सम्राट माना जाता था। उन्होंने न केवल पंजाबी म्यूजिक बल्कि बॉलीवुड फिल्मों में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। अपने करियर के दौरान, उन्होंने गुरदास मान, अमर सिंह चमकीला, और कुलदीप मानक जैसे कई दिग्गज गीतकारों के साथ काम करके पंजाबी म्यूजिक को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।

    उनके कुछ प्रसिद्ध गाने जैसे “की बनू दुनियां दा” (1986), “गभरू पंजाब दा” (1986), “दुश्मनी जट्टां दी” (1993), और “तूफान सिंह” (2017) आज भी लोगों के दिलों में बसे हैं।

    चरणजीत आहूजा का योगदान संगीत की दुनिया में सदैव जीवित रहेगा और उनकी याद हमेशा हमारे साथ रहेगी।

  • शेख हसीना के वकील ने किया बड़ा खुलासा; विदेशी ताकतों का हाथ तख्तापलट में, जानें विस्तार से

    शेख हसीना के वकील ने किया बड़ा खुलासा; विदेशी ताकतों का हाथ तख्तापलट में, जानें विस्तार से

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    बांग्लादेश में तख्तापलट की घटनाओं पर नई जानकारी

    बांग्लादेश में पिछले वर्ष हुए तख्तापलट और शेख हसीना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन पर वकील ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। उनका कहना है कि इस पूरे मामले में केवल घरेलू बल नहीं, बल्कि विदेशी शक्तियों का भी हाथ था।

    शेख हसीना का इस्तीफा: एक नई व्याख्या

    इस सिलसिले में, सरकारी वकील मोहम्मद आमिर हुसैन ने स्पष्ट रूप से कहा कि शेख हसीना ने अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया, बल्कि उन पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के चलते उन्हें भारत भागना पड़ा। उन्होंने यह बात नेशनल सिटिजन पार्टी के संयोजक नाहिद इस्लाम के गवाही के संदर्भ में कही, जो इस मामले में 47वें गवाह के रूप में पेश हुए थे।

    गवाहों के बयान और तर्क

    हुसैन ने कहा कि वे बिना कारण मोहम्मद यूनुस का नाम नहीं लेना चाहते थे, लेकिन गवाहों के बयान के आधार पर ऐसा करना पड़ा। उन्होंने कहा कि शेख हसीना ने आंदोलन को दबाने के लिए कोई खतरनाक हथियारों का उपयोग नहीं किया। उनकी प्राथमिकता हमेशा से कानून और व्यवस्था को बनाए रखना रही है।

    नए चुनावों के समीप स्थिति

    हाल ही में बांग्लादेश के चुनाव आयोग ने शेख हसीना को आगामी चुनाव में भाग लेने से रोक दिया है। फरवरी 2025 में चुनाव होने वाले हैं, जिसमें कई अन्य राजनीतिक हस्तियों को भी मतदान से वंचित किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हसीना के परिवार के लोग और सुरक्षा सलाहकारों को भी वोट डालने की अनुमति नहीं दी गई है। चुनाव आयोग का कहना है कि जिन्होंने विदेश में अपना निवास बनाया है, उनके एनआईडी कार्ड लॉक होने के कारण उन्हें मतदान का अधिकार नहीं है।

    यह घटनाक्रम बांग्लादेश के राजनीतिक माहौल में एक नया मोड़ ला सकता है, और इससे आगामी चुनावों पर प्रभाव पड़ने की संभावनाएं हैं।

  • रोहिणी आचार्या ने संजय यादव के कारण परिवार को किया अनफॉलो, रिश्तों में आई दरार!

    रोहिणी आचार्या ने संजय यादव के कारण परिवार को किया अनफॉलो, रिश्तों में आई दरार!

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    रोहिणी आचार्य और लालू परिवार के बीच बढ़ती दूरियां

    बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के परिवार के साथ संबंधों में तनाव उत्पन्न होता दिख रहा है। हाल में हुए घटनाक्रम में, रोहिणी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने परिवार के सदस्यों और पार्टी नेताओं को अनफॉलो कर दिया। उन्होंने लालू यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव जैसे नेताओं को अपने फॉलोइंग लिस्ट से हटा दिया है, जो उनकी असहमति का स्पष्ट संकेत है।

    सोशल मीडिया पर तनाव

    चेतावनी के तौर पर, रोहिणी आचार्य ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट को 8 घंटे तक लॉक रखा, जिसके बाद कुछ विवादास्पद पोस्ट गायब हो गए। उल्लेखनीय है कि रोहिणी ने सारण से लोकसभा चुनाव में भी भाग लिया था, लेकिन उन्हें भारतीय जनता पार्टी के नेता राजीव प्रताप रूडी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। जबकि उनकी विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारी की अटकलें थी, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि उनका किसी भी राजनीतिक पद, जैसे विधानसभा या राज्यसभा में जाने का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने अपने आत्मसम्मान को प्रमुखता दी है।

    परिवार में असंतोष का कारण

    लालू यादव के परिवार में संजय यादव की भूमिका को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। तेजस्वी यादव की सलाहकार के तौर पर कार्य कर रहे संजय यादव का प्रभाव परिवार के अन्य सदस्यों पर नकारात्मक असर डाल रहा है। इस विवाद में, तेजप्रताप यादव भी संजय पर आरोप लगाने से पीछे नहीं हट रहे हैं। उन्होंने बिना नाम लिए संजय को ‘जयचंद’ कहा, जिसका इशारा स्पष्ट है।

    राजनीतिक महत्वाकांक्षा का नकार

    रोहिणी ने अपने ट्वीट के माध्यम से स्पष्ट किया है कि उनका किसी भी राजनीतिक महत्वाकांक्षा का कोई इरादा नहीं है और उन्हें किसी प्रकार की पद की चाह नहीं है। उनकी यह स्थिति लालू परिवार में आंतरिक राजनीति के बीच महत्वपूर्ण बन गई है। इस स्थिति में, तेजस्वी के लिए भविष्य की चुनौतियां बढ़ रही हैं, खासकर यदि भ्रष्टाचार के मामलों में कुछ सामने आता है।

    रोहिणी आचार्य की यह स्थिति न केवल परिवार के लिए चिंताजनक है, बल्कि यह आरजेडी पार्टी के राजनीतिक भविष्य पर भी सवाल उठा रही है। इस विवाद में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पारिवारिक समरसता और राजनीति के बीच संघर्ष अब खुलकर सामने आ रहा है।