चतरा में वन अधिकार कानून के पूर्ण कार्यान्वयन के लिए महाअभियान और धरना आयोजित

📌 गांडीव लाइव डेस्क:

चतरा में वन अधिकार अधिनियम के लिए भव्य महारैली 🗣️

चतरा: वन अधिकार अधिनियम 2006 को सही ढंग से लागू करने और ग्राम सभा की महत्वपूर्ण भूमिका सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चतरा जिला ग्राम सभा समिति के तत्वाधान में ग्रामीणों, आदिवासियों और वनाश्रितों ने एक विशाल महारैली का आयोजन किया। यह रैली समाहरणालय (डीसी कार्यालय) के समक्ष एक दिवसीय धरने में परिवर्तित हो गई।

भावुक प्रदर्शन और नारेबाजी 📢

प्रदर्शन के दौरान, उपस्थित लोगों ने जोरदार नारे लगाए, जिसमें प्रमुखता से यह सुनाई पड़ा—“ना लोकसभा, ना विधानसभा, सबसे अच्छा ग्राम सभा”। इस कार्यक्रम का नेतृत्व चतरा जिला ग्राम सभा समिति के प्रमुख अशोक भारती ने किया।

कानून की अनदेखी पर विचार 💬

वक्ताओं ने बताया कि वन अधिकार कानून 2006 में स्पष्ट कहा गया है कि जो वनवासी परिवार 13 दिसंबर 2005 से पहले जंगलों में निवास कर रहे हैं, उन्हें वन पट्टा (वन भूमि का अधिकार पत्र) प्रदान किया जाना चाहिए। लेकिन, आरोप लगाया गया है कि कई स्थानों पर वन विभाग ग्राम सभा की अनुमति के बिना अन्य लोगों को पट्टे जारी कर रहा है, जो कि कानून की भावना के खिलाफ है।

ग्राम सभा की भूमिका को महत्व 📅

प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि ग्राम सभा की अनदेखी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वन विभाग की कोई टीम ग्राम सभा की सहमति के बिना पट्टा वितरण का प्रयास करती है, तो कड़ा विरोध किया जाएगा। संबंधित कार्यालय में ताला लगाने की भी बातें कही गईं।

मांगें रखी गईं ✅

उन्होंने यह भी मांग की कि कानून का सही और पारदर्शी ढंग से क्रियान्वयन किया जाए, सभी पात्र परिवारों को पट्टे दिए जाएं और ग्राम सभा को उसकी वैधानिक भूमिका में सशक्त बनाया जाए। यदि इन मांगों को जल्दी पूरा नहीं किया गया, तो आंदोलन को और प्रभावी बनाया जाएगा और संघर्ष जारी रहेगा। इस धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, ग्राम सभा समिति के सदस्य, और प्रभावित परिवार शामिल रहे।

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