धनबाद अपराध: दुबई से पाकिस्तान तक फैला प्रिंस खान का जाल; अब्बास के खुलासे से पुलिस हैरान

धनबाद । शहर में आतंक और रंगदारी का पर्याय बन चुका कुख्यात अपराधी प्रिन्स खान गैंग के बारे में पुलिस ने महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की हैं। हाल ही में गिरफ्तार गैंग के प्रमुख सदस्य सैयद अब्बास नकवी उर्फ मेजर से की गई पूछताछ में इस आपराधिक नेटवर्क की गहराई और उसके बदलते स्वरूप का खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, यह गैंग अब केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि इसका संचालन और फंडिंग कई स्तरों पर फैले नेटवर्क के माध्यम से हो रहा है।

गैंग के मुख्य सदस्य नकवी को कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया और उसे धनबाद लाकर पूछताछ की जा रही है। इस दौरान कई महत्वपूर्ण खुलासे हुए हैं।

मेजर ने करीब तीन दर्जन मामलों में स्वीकारी संलिप्तता

धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सैयद अब्बास नकवी उर्फ मेजर पिछले कई वर्षों से जिले में रंगदारी, गोलीबारी और बमबाजी जैसी घटनाओं में सक्रिय था। पूछताछ के दौरान मेजर ने लगभग तीन दर्जन मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।

उसने बताया कि वह गैंग के लिए तकनीकी और वित्तीय प्रबंधन का कार्य करता था, जिसमें वर्चुअल नंबर उपलब्ध कराना, धमकी भरे कॉल करना और रंगदारी की रकम को हवाला, बैंक ट्रांसफर और बिटकॉइन के जरिए प्रिन्स खान तक पहुंचाना शामिल है।

पूछताछ में ये भी सामने आया कि प्रिन्स खान प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ चुका है और वह दुबई से भागकर पाकिस्तान में छिपा हुआ है। मेजर ने कुछ बड़े आपराधिक मामलों का भी खुलासा किया है, जिनमें रंजीत सिंह हत्याकांड, नन्हें खान की हत्या, उपेंद्र सिंह मर्डर केस और कई व्यवसायियों पर गोलीबारी और बमबाजी की घटनाएं शामिल हैं। वर्ष 2023 में उपेंद्र सिंह की हत्या उसकी पत्नी के एक षड्यंत्र के तहत प्रिन्स खान की मदद से की गई थी।

लेनदेन के लिए किया जाता है 100 से ज्यादा बैंक खातों का इस्तेमाल

मेजर ने खुलासा किया कि गैंग ने रंगदारी के लेनदेन के लिए 100 से अधिक बैंक खातों का प्रयोग किया। इसके अलावा, यह भी जानकारी मिली कि गैंग ने दहशत फैलाने के लिए कुछ मीडिया से जुड़े लोगों का भी प्रयोग किया। साथ ही, कई सफेदपोश और राजनीतिक संपर्कों की भी जांच की जा रही है।

एसएसपी प्रभात कुमार ने बताया कि पूछताछ में सैफी ने कहा कि प्रिन्स खान नशे का आदी है और वह लगातार नशा करता रहता है। सैफी के अनुसार, उसके अलग होने के बाद प्रिन्स खान के गैंग का संचालन उसके भाई गोपी खान, गोपी का साला ऋत्विक खान और अन्य रिश्तेदार कर रहे हैं।

धनबाद से की जा रही थी करीब 01 करोड़ रुपये हर महीने वसूली

इसके अतिरिक्त, प्रिन्स खान के भारत में रह रहे दो भाई और अन्य रिश्तेदार भी उसके गैंग को सहायता प्रदान कर रहे हैं। सैफी के अनुसार, कुछ महीने पहले तक धनबाद से लगभग 01 करोड़ रुपये हर महीने रंगदारी वसूल की जा रही थी, जो अब काफी कम हो गई है।

एसएसपी ने बताया कि अभी भी धनबाद के कई क्षेत्रों से व्यापारियों की ओर से प्रिन्स खान को पैसे भेजे जा रहे हैं। उन्होंने व्यापारियों से अपील की कि वे प्रिन्स खान को रुपये भेजना बंद करें, क्योंकि ऐसा करना एक आतंकवादी को आर्थिक सहायता पहुंचाने जैसा है। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और प्रिन्स खान गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी है।

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