रेडबर्ड एयर एंबुलेंस का रांची कार्यालय बंद, चतरा हादसे के बाद स्थानीय कर्मचारी अनुपस्थित

एयर एंबुलेंस कंपनी रेडबर्ड का रांची दफ्तर बंद, बोर्ड को उखाड़ फेंका, चतरा हादसे के बाद स्थानीय स्टाफ भी गायब

चतरा में एयर एंबुलेंस दुर्घटना: रेडबर्ड एयरलाइंस का कार्यालय बंद

रांची: चतरा में एयर एंबुलेंस के हादसे के बाद, रेडबर्ड एयरलाइंस प्राइवेट लिमिटेड ने अपने रांची ऑफिस को बंद कर दिया है। हिनू स्थित कार्यालय का शटर बंद है, जिस पर ताला लटका हुआ है। इसके बाहर कंपनी का बोर्ड हटाया जा चुका है और मोबाइल नंबर पर स्टीकर चिपका दिया गया है। इस घटना के संदर्भ में कंपनी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, और उनकी वेबसाइट भी मेंटनेंस मोड पर है, जिसमें फिलहाल कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।

चतरा विमान हादसे का खौफनाक मंजर

स्थानीय संचालन से जुड़े कर्मचारी भी कार्यालय में उपस्थित नहीं पाए गए। 23 फरवरी को, कंपनी का सी-90 विमान रांची से एक मरीज को एयर लिफ्ट करने के लिए निकला था। कुछ ही देर में यह चतरा जिले के सिमरिया क्षेत्र के कसियातु जंगल में दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सभी सात यात्रियों की मृत्यु हो गई। घटना के बाद से प्रबंधन से संपर्क की कोशिशें चल रही हैं, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला है।

सरकारी सब्सिडी और निजी उपयोग का सवाल

जांच में पता चला है कि यह विमान झारखंड राज्य में गंभीर मरीजों को एयर लिफ्ट करने के लिए सब्सिडी सेवा में भी कार्यरत था। जानकारी के अनुसार, यह विमान हर महीने लगभग 12 से 15 दिन उड़ान भरता था, जिसमें 10-11 मरीजों को झारखंड सरकार की सब्सिडी दर पर इलाज के लिए दूसरे बड़े अस्पतालों तक पहुँचाया जाता था। अब बड़ा सवाल यह है कि जब सब्सिडी सेवा के लिए सरकार के साथ समझौता था, तो उसी विमान का निजी वाणिज्यिक उपयोग किन शर्तों पर और किसके अनुमोदन से किया जा रहा था।

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