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  • बिहार में JDU ने MP-राजस्थान मॉडल के खिलाफ स्पष्ट किया, CM नीतीश के उत्तराधिकारी पर चर्चा प्रारंभ

    बिहार में JDU ने MP-राजस्थान मॉडल के खिलाफ स्पष्ट किया, CM नीतीश के उत्तराधिकारी पर चर्चा प्रारंभ

    बिहार की राजनीति में हलचल: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे पर अटकलें

    पटना। बिहार की राजनीति में इस समय काफी गतिविधियाँ देखने को मिल रही हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे की संभावनाओं पर चर्चा जोरों पर है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को यह उम्मीद थी कि नीतीश कुमार 26 मार्च को उनकी “समृद्धि यात्रा” का समापन करने के बाद अपने पद से इस्तीफा देंगे।

    मुख्यमंत्री की संभावित उत्तराधिकार की चर्चाएँ

    जदयू (जनता दल यूनाइटेड) ने स्पष्ट किया है कि वह बिहार में राजस्थान या मध्य प्रदेश जैसे राजनीतिक प्रयोगों से बचना चाहती है। पार्टी के अंदर नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएँ प्रारंभ हो गई हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और भी गर्म हो गया है।

    भाजपा की रणनीति पर असर

    भाजपा नेताओं का मानना है कि यदि नीतीश कुमार अपने पद से हटते हैं, तो इससे उनकी पार्टी की स्थिति पर असर पड़ेगा। वहीं, जदयू के अंदर भी नेतृत्व परिवर्तन को लेकर गंभीर विचार-विमर्श चल रहा है।

  • नीतीश कुमार JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए, कोई नामांकन नहीं मिला

    नीतीश कुमार JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए, कोई नामांकन नहीं मिला

    नीतीश कुमार फिर बने जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष

    नई दिल्ली। नीतीश कुमार को एक बार फिर से जेडीयू का राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्विरोध रूप से चुना गया है। नामांकन के लिए सुबह 11 बजे तक का समय निर्धारित किया गया था, लेकिन इस दौरान नीतीश कुमार के अलावा किसी अन्य नेता ने अपना पर्चा दाखिल नहीं किया। इस स्थिति के कारण उन्हें सर्वसम्मति से पार्टी की अध्यक्षता सौंप दी गई है।

    निर्वाचन प्रक्रिया का विवरण

    जेडीयू की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि अध्यक्ष पद के लिए नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि मंगलवार, 24 मार्च, 2026 को सुबह 11 बजे थी। समय खत्म होने के बाद निर्वाचन अधिकारी के पास केवल नीतीश कुमार का नामांकन ही शेष रहा। इस अवसर पर निर्वाचन अधिकारी अनिल प्रसाद हेगड़े, जो पूर्व सांसद रह चुके हैं, दोपहर 2:30 बजे नीतीश कुमार को निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपेंगे।

    पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति

    इस मौके पर पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा में संसदीय दल के नेता संजय कुमार झा, केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार और अन्य वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहेंगे। नीतीश कुमार के साथ जेडीयू अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करने वाले संजय कुमार झा और श्रवण कुमार के अलावा बिहार एवं अन्य प्रदेशों से आए पार्टी के वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।

    राजनीतिक पृष्ठभूमि

    नीतीश कुमार ने जेडीयू की एनडीए में वापसी से पहले पार्टी की कमान संभाली थी। दिसंबर 2023 में, राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने जेडीयू के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था। उस समय पार्टी बिहार में महागठबंधन का हिस्सा थी और नीतीश कुमार इंडिया ब्लॉक के गठन की प्रक्रिया में जुटे थे। ललन सिंह के इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार ने अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली और कुछ ही समय में जेडीयू ने आरजेडी और महागठबंधन से संबंध तोड़कर बीजेपी की अगुवाई वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को अपना लिया।

    भविष्य की राजनीति के संकेत

    हाल ही में, नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया था और राज्यसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। अब जब वे जेडीयू के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभालेंगे, उनके बेटे निशांत कुमार ने भी राजनीति में कदम रखा है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि निशांत को बिहार का डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है, जबकि मुख्यमंत्री के नाम को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है।

  • केसी त्यागी की जेडीयू से विदाई, पार्टी ने कहा- अब कोई संबंध नहीं

    केसी त्यागी की जेडीयू से विदाई, पार्टी ने कहा- अब कोई संबंध नहीं

    जेडीयू में के.सी. त्यागी का अध्याय समाप्त

    नई दिल्ली. जेडीयू (जदयू) के सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ नेता के.सी. त्यागी का पार्टी में योगदान अब समाप्त हो चुका है। हाल ही में उनके बयानों और गतिविधियों पर उठे सवालों के मद्देनजर, पार्टी नेतृत्व ने उनसे दूरी बनाने का निर्णय लिया। जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने स्पष्ट किया है कि अब के.सी. त्यागी का पार्टी के साथ कोई औपचारिक संबंध नहीं रहा है।

    नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग

    के.सी. त्यागी ने हाल ही में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग की थी। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर इस संबंध में अपने विचार प्रस्तुत किए थे। पत्र में, त्यागी ने कहा था कि जैसे चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को यह उपाधि दी गई थी, नीतीश कुमार भी इसके हकदार हैं। परंतु, जेडीयू ने इस मांग से दूर रहने का फैसला लिया। प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि त्यागी का यह बयान पार्टी के आधिकारिक स्टैंड से अलग है और इसे उनकी व्यक्तिगत राय के रूप में देखा जाना चाहिए।

    सम्मानजनक अलगाव की ओर कदम

    सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच सम्मानजनक अलगाव हो चुका है, हालांकि पार्टी ने त्यागी के खिलाफ कोई औपचारिक अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की है। यह कदम उनके लंबे समय के संबंध को देखते हुए लिया गया है। पार्टी के अंदरूनी हलकों में इसे एक युग का अंत माना जा रहा है, जबकि जेडीयू नेतृत्व अपनी रणनीति और संगठनात्मक मजबूती पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

    मुस्तफिजुर रहमान पर विवादास्पद बयान

    के.सी. त्यागी ने हाल ही में क्रिकेट खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान के समर्थन में बयान दिया था, जो जेडीयू नेतृत्व को अनुचित लगा। उन्होंने कहा था कि खेल में राजनीति नहीं लानी चाहिए और भारत को भी उन्हें खेलने की अनुमति देनी चाहिए। लेकिन बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के बाद इस बयान का विरोध हुआ। पार्टी के अनुसार, त्यागी को ऐसे बयानों का समर्थन नहीं करना चाहिए था।

    जेडीयू की नीति पर असहमति

    जेडीयू नेतृत्व का मानना है कि जब मामला दो देशों के बीच का हो, तो त्यागी को पार्टी के साथ चर्चा करनी चाहिए थी। पहले भी वे कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर पार्टी की नीति से अलग बयान दे चुके हैं, जिससे पार्टी को मुश्किल स्थिति का सामना करना पड़ा। अंततः, उनकी इस स्थिति के कारण उन्हें जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से इस्तीफा देना पड़ा।

  • जेडीयू ने चिह्न बांटे, अनंत सिंह मोकामा से होंगे पार्टी के उम्मीदवार

    जेडीयू ने चिह्न बांटे, अनंत सिंह मोकामा से होंगे पार्टी के उम्मीदवार

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    जेडीयू ने विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों को बांटे चुनाव चिन्ह

    नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनावों (Bihar Assembly Elections) की तैयारियों के बीच, एनडीए द्वारा सीट शेयरिंग की घोषणा के बाद, जनता दल (यूनाइटेड) यानी जेडीयू ने अपने उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह देना शुरू कर दिया है।

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सक्रियता

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निवास पर संभावित उम्मीदवारों की लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जहां उन्हें पार्टी का चुनाव चिन्ह सौंपा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, यह प्रक्रिया संगठनात्मक मजबूती और चुनावी रणनीति के तहत की जा रही है।

    मुख्य उम्मीदवारों की घोषणा

    इस बार जेडीयू ने मोकामा से अनंत सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित किया है, जो पार्टी के लिए महत्वपूर्ण कदम है। अनंत सिंह, जो कि क्षेत्र में एक प्रमुख नेता माने जाते हैं, की उम्मीदवारी वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पार्टी के चुनावी सरजमीं को मजबूत कर सकती है।

    सीट बंटवारे की स्थिति

    जेडीयू का यह कदम चुनावी गतिशीलता के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। एनडीए में सीटों के बंटवारे के बाद, पार्टी अपनी स्थिति को मजबूत बनाने के लिए प्रयासरत है। आगामी चुनावों के लिए उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया पार्टी की चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    बिहार में चुनावी माहौल में तेजी आने की उम्मीद है, जबकि जेडीयू अपने मंच को और मजबूत करने में जुटी हुई है। आगामी दिनों में अन्य उम्मीदवारों की भी घोषणा की जा सकती है।

  • जदयू प्रभारी अशोक चौधरी पहुंचे रांची

    जदयू प्रभारी अशोक चौधरी पहुंचे रांची

    रांची | अपने तीन दिवसीय दौरे पर जदयू के झारखंड प्रभारी डॉ अशोक चौधरी रांची पहुंचे. पार्टी नेताओं ने एयरपोर्ट पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ अशोक ने जदयू नेता उपेंद्र कुशवाहा के पार्टी छोड़ने पर कहा कि वह उनकी इच्छा थी. अपनी इच्छा से पार्टी में आए और अपनी इच्छा से पार्टी से चले भी गए. पार्टी ने उन्हें सम्मान देने का काम किया था. हमारी पार्टी में नेताओं की कमी नहीं है. तीन बार उपेंद्र कुशवाहा पार्टी में आए. हर बार पार्टी ने उन्हें सम्मान देने का काम किया, लेकिन वो अति महत्वकांक्षी हो गए थे. गौरतलब है कि 16 जनवरी को भी डॉ अशोक चौधरी झारखंड में संगठन की मजबूती को लेकर नेताओं के साथ बैठक कर चुके हैं.

    डॉ अशोक चौधरी ने कहा कि भाजपा को पूरे देश में रोकने के लिए विपक्षी दलों की गोलबंदी जरूरी है. क्योंकि वोटों के बिखराव की वजह से फायदा भाजपा उठा लेते हैं, और सत्ता की कुर्सी को हासिल कर लेते हैं. अभी भी इस देश में गंगा जमुनी संस्कृति को एक रखने वाले लोगों की संख्या भाजपा से ज्यादा है. हमारे नेता नीतीश कुमार ने तो सार्वजनिक मंच से ऐलान कर दिया है कि वे पीएम कैंडिडेट नहीं हैं. कांग्रेस अगर पहल करे और एकजुटता बनती है तो उनके नेतृत्व में लोकसभा का चुनाव लड़ा जाएगा.

    रामगढ़ विधानसभा उपचुनाव पर डॉ अशोक चौधरी ने कहा कि प्रदेश में चलने वाली सरकार के साथ हमारी पार्टी का गठबंधन नहीं है, लेकिन वृहद राजनीति को देखते हुए झारखंड जदयू ने कांग्रेस के उम्मीदवार बजरंग महतो को समर्थन देने का निर्णय लिया है.

  • जेडीयू के जिला उपाध्यक्ष सुनील कुमार को घर में  अपराधियों ने मारी गोली, मौत

    जेडीयू के जिला उपाध्यक्ष सुनील कुमार को घर में अपराधियों ने मारी गोली, मौत

    गया | बिहार के गया जिले में जेडीयू के जिला उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह को घर में घुसकर अपराधियों ने गोली मार दी है. जिससे उनकी मौत हो गयी है. स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गयी.

    लोगों ने बताया कि सुनील कुमार सिंह सुबह अपने घर पर ही मौजूद थे, तभी अज्ञात बदमाश चेहरे पर गमछा बांधकर घर के अंदर घुसे. जबतक सुनील कुमार सिंह कुछ समझ पाते अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी. सुनील सिंह को गोली लगने के कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गयी. गोली की आवाज सुनकर घर पर मौजूद लोग उनके पास पहुंचे. तब तक अपराधी वहां से फरार हो चुके थे.

  • नीतीश कुमार ने राज्यपाल को सौंपा इस्तीफा, नई सरकार बनाने का पेश किया दावा

    बिहार की सियासत ने करवट ले ली है. नीतीश कुमार ने बीजेपी का साथ छोड़कर महागठबंधन में जाने का फैसला ले लिया है. बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिया है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, कल या परसो नीतीश कुमार महागठबंधन के सीएम के तौर पर शपथ लेंगे.

    बता दें कि पिछले 24 घंटे से बिहार में सियासी गतिविधि तेज हो गई है. नीतीश कुमार और बीजेपी के अलग होने की चर्चा हो रही थी. जिसके बाद मंगलवार को सुबह 11 बजे जेडीयू की बैठक हुई. बैठक में बीजेपी से अलग होने का फैसला लिया गया. वहीं JDU के सांसद कौशलेंद्र ने कहा था कि जनता दल यूनाइटेड को तोड़ने की कोशिश की गई थी. पार्टी को तोड़ने वाले लोग सफल नहीं हुए. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जेडीयू को तोड़ने की कोशिश की गई. जेडीयू के कुछ विधायक और सांसद को मंत्री बनाने का ऑफर दिया गया है. विधायकों के पास फोन कॉल का ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मौजूद है.

  • बिहार में बड़ा सियासी उलटफेर, JDU-BJP गठबंधन टूटा, CM नीतीश कुमार ने लिया फैसला

    बिहार में आज जेडीयू और बीजेपी गठबंधन टूट गया है. जनता दल यूनाइटेड की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ये फैसला लिया है. शाम को 4 बजे मुख्यमंत्री राज्यपाल से मुलाकात करेंगे. नीतीश कुमार बीजेपी का साथ छोड़ेंगे, ऐसी अटकलें लगातार चल रही थीं, जिस पर अब मुहर लग गई है. हालांकि जेडीयू की तरफ से औपचारिक ऐलान नहीं किया गया है. लेकिन दोनों पार्टियों का गठबंधन टूट गया है. सीएम नीतीश कुमार महागठबंधन के साथ सरकार बनाएंगे, जिसमें आरजेडी, लेफ्ट और कांग्रेस शामिल है. शाम को जब वह राज्यपाल से मुलाकात करेंगे तब महागठबंधन के नेता भी उनके साथ मौजूद रहेंगे और गवर्नर को समर्थन पत्र सौंपेंगे.