नवजात चोरी की अफवाह झूठी, माता-पिता ने खुद दूसरे को सौंपा था बच्चा।

📌 गांडीव लाइव डेस्क:

हजारीबाग जिले में नवजात बच्चे की झूठी चोरी की कहानी

हजारीबाग जिले में एक नवजात बच्चे की चोरी के कथित मामले ने नया मोड़ लिया है। हाल की पुलिस जांच में सामने आया है कि बच्चे की चोरी नहीं हुई थी, बल्कि उसे माता-पिता की सहमति से किसी अन्य व्यक्ति को सौंपा गया था। सामाजिक बदनामी के डर के चलते परिवार ने इस मामले को बच्चा चोरी का रूप दे दिया।

आर्थिक दबाव के कारण नवजात का सौंपना

बहमीर गांव की निवासी बेबी देवी ने हाल ही में अपने छठे बच्चे को जन्म दिया। आर्थिक तंगी के चलते नवजात के पालन-पोषण में कठिनाई का सामना करना पड़ा। बेबी देवी ने पुलिस से बातचीत में कहा कि वह बच्चे की देखभाल नहीं कर सकती थी, इसी वजह से उसने अपनी सहेली देवंती देवी के माध्यम से रिश्तेदार मीना देवी उर्फ मालती देवी को नवजात सौंप दिया।

सामाजिक बदनामी से उपजी कहानी

जैसे ही यह जानकारी गांव में फैली, परिवार को सामाजिक बदनामी का डर सताने लगा। इस डर ने नवजात चोरी की झूठी कहानी रचने के लिए मजबूर किया, जिसके चलते पूरे क्षेत्र में इस अफवाह ने हड़कंप मचा दिया।

सड़क जाम से बढ़ा तनाव

मामले में वृद्धि के कारण परिजनों और गांववालों ने सड़क जाम कर दी, जिससे स्थिति बिगड़ गई। यह कदम प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन गया।

SIT की जांच और बच्चे की बरामदगी

घटना की गहराई को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। इस जांच के दौरान पुलिस ने चौपारण से मीना देवी उर्फ मालती देवी को पकड़ लिया और उसके पास से नवजात को सकुशल बरामद किया। बच्चे को उसकी मां बेबी देवी के सुपुर्द कर दिया गया है।

कार्रवाई की जाएंगी जिम्मेदारों पर

पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि मामले की कानूनी जांच जारी है। झूठी सूचना फैलाने, साजिश रचने और सड़क जाम के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Comment

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Scroll to Top