PESA: निशा उरांव के नेतृत्व में खूंटी के ग्राम प्रधानों ने शोकॉज पर किया विरोध

खूंटी में ग्राम प्रधानों का प्रशासन के खिलाफ विरोध

खूंटी जिले के ग्राम प्रधानों ने प्रशासन द्वारा उनके अधिकारों का उल्लंघन करने के खिलाफ कड़ा विरोध जताया है। ग्राम प्रधानों ने निशा उरांव के नेतृत्व में उपायुक्त से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें ग्राम घासीबारी और ग्राम डुमरगड़ी के प्रधानों को संबंधित अंचलाधिकारियों द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का उल्लेख किया गया है। ग्राम प्रधानों का कहना है कि राज्य सरकार के अधिकारियों का इन परंपरागत पदों के अधिकारों पर कोई कानूनी हक नहीं है। यदि कोई शिकायत है, तो उसका समाधान ग्राम सभा के माध्यम से उचित और विधि सम्मत होना चाहिए।

प्रशासनिक हस्तक्षेप पर ग्राम प्रधानों की चिंताएं

ग्राम प्रधानों ने यह आरोप लगाया है कि प्रशासन एक विशेष धर्म के प्रभाव में आकर परंपरागत ग्राम प्रधानों को परेशान कर रहा है। ज्ञापन में उन्होंने समथा बनाम आंध्र प्रदेश मामले में सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण निर्णय का उल्लेख करते हुए कहा कि इस फैसले में बताया गया है कि पाँचवी अनुसूचित क्षेत्रों में राज्य का कोई ‘स्वामी’ का दर्जा नहीं है, बल्कि वह एक सहयोगी के रूप में कार्य करता है। सर्वोच्च न्यायालय ने अनुसूचित क्षेत्रों में पारंपरिक स्वशासन के अधिकारों और स्वायत्तता की सुरक्षा पर जोर दिया है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top