केंद्रीय बजट समाज के सभी वर्गों को समावेश करता है : डॉ कुजूर

एक्सआईएसएस ने केंद्रीय बजट 2022-23 पर पैनल चर्चा का आयोजन
रांची। जेवियर समाज सेवा संस्थान में केंद्रीय बजट पर फादर माइकल वैन डेन बोगार्ट एसजे आॅडिटोरियम में एक पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। एक्सआईएसएस के संकाय सदस्यों और छात्र वक्ताओं ने स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्त और कृषि आदि क्षेत्रों में बजट के विवरण पर चर्चा की। संस्थान के निदेशक डॉ जोसेफ मरियानुस कुजुर ने अपने स्वागत भाषण में केंद्रीय बजट चर्चा पर खुशी साझा की। उन्होंने महामारी के संदर्भ में केंद्रीय बजट 2022-23 के समावेशी और संतुलन पर जोर दिया। यह समझना होगा कि कैसे यह बजट समाज के सभी वर्गों को जाति, वर्ग और रंग के बावजूद उनका समावेश करता है। यह बजट हमारे विकास के लिए है, इसलिएए इस चर्चा के माध्यम से यह समझना अनिवार्य हो जाता है। कि क्या देश के प्रत्येक नागरिकए जो विभिन्न सामाजिक और वर्ग समूह से आते है और विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित है। अतिथि स्पीकर फिलिप मैथ्यू ने कहा कि बुनियादी ढांचे पर 7.5 लाख करोड़ रुपये का कैपेक्स आधारित बजट अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा। बजट एमएसएमई के लिए विशेष रूप से फायदेमंद था। जीएसटी के आगमन के साथ कई एमएसएमई औपचारिक क्षेत्र में आने में कामयाब रहेंगे। डॉ प्रदीप केरकेट्टा ने कहा कि बजट का उद्देश्य अर्थव्यवस्था के विकास में तेजी लाना है। यह रोजगार और आय में वृद्धि करेगा लेकिन यह एक दीर्घकालिक दृष्टि है। मानव संसाधन प्रबंधन कार्यक्रम के कार्यक्रम प्रमुख डॉ रमाकांत अग्रवाल ने कहा कि बजट वित्तीय घाटे के प्रबंधनीय स्तरों के साथ आर्थिक विकास में तेजी लाने के लिए बाजार समर्थक आर्थिक सुधारों पर प्रकाश डालता है। चर्चा में डॉ बीपी महापात्रा, डॉ राज वर्मा, डॉ अमित के गिरी, सुश्री सोनाक्षी आद्या और कृष्ण कुमार ने अपने विचार व्यक्त किए।

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