रिम्स में तृतीय और चतुर्थ के कर्मचारियों की नियुक्ति क्यो नहीं हो रही है : हाईकोर्ट

रिम्स निदेशक के खिलाफ हाईकोर्ट जारी करेगा आवमानना नोटिस
बार बार स्टैंड बदलने से कोर्ट ने सरकार को लगाई फटकार, अगली सुनवाई 22 को

रांची। झारखंड हाइकोर्ट रिम्स के डायरेक्टर के खिलाफ अवमानना नोटिस जारी करेगा। जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए रिम्स में विभिन्न पदों पर नियुक्ति में हो रही देरी पर आज कड़ी नाराजगी जतायी है। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नायक प्रसाद की बेंच में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आज सुनवाई हुई। हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि पिछले दो वर्षों से रिम्स में तृतीय और चतुर्थ के कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हो रही है और रिम्स निर्देशक एवं सरकार बार बार अपना स्टैंड बदल रहे हैं। इसके साथ ही अदालत ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि रिम्स निदेशक के खिलाफ कंटेंप्ट नोटिस किया जाएगा। अब इस मामले की अगली सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने मंगलवार की तिथि निर्धारित की है। कोरोना काल में रिम्स मे नियुक्तियों समेत अन्य कुव्यवस्था पर संज्ञान लेते हुए झारखंड हाइकोर्ट ने सुनवाई शुरू की है। जिसे अदालत ने जनहित याचिका में तब्दील किया है।

कोर्ट ने 28 जनवरी को मांगा था जवाब
इसके पहले मामले की सुनवाई 28 जनवरी को हुई थी। जब कोर्ट ने रिम्स प्रबंधन और राज्य सरकार से मामले में जवाब मांगा था, साथ ही कहा था कि चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों के लिए रिम्स में पद है, जो वर्तमान में खाली है। इनपर नियुक्ति करने की जगह आउटसोर्सिंग पर बहाली की गयी, जो गलत है। रिम्स प्रबंधन ने मामले में बताया कि राज्य सरकार के आदेश पर आउटसोर्सिंग बहाली हुई है। रिम्स ने राज्य सरकार के आदेश का पालन किया है।

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