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  • बिहार विधानसभा चुनाव की तिथि घोषित, मतदान दो चरणों में…

    बिहार विधानसभा चुनाव की तिथि घोषित, मतदान दो चरणों में…

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    बिहार के विधानसभा चुनाव के संचालन की घोषणा चुनाव आयोग द्वारा की गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए बताया कि चुनाव दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले चरण में 121 और दूसरे चरण में 122 सीटों पर मतदाता अपने मत डालेंगे। मतदान की तारीखें 6 और 11 नवंबर निर्धारित की गई हैं। इसके साथ ही, झारखंड के घाटशिला सीट पर उपचुनाव भी 11 नवंबर को होंगे।

    पिछले चुनावों की पृष्ठभूमि

    2020 में हुए बिहार विधानसभा चुनाव में तीन चरणों में मतदान हुआ था। पहले चरण का मतदान 28 अक्टूबर को, दूसरे का 3 नवंबर को और तीसरे का 7 नवंबर को संपन्न हुआ था। मतगणना का कार्य 10 नवंबर को किया गया था। उस समय चुनाव को तीन चरणों में कराने का निर्णय राज्य में नक्सली गतिविधियों और सुरक्षा चिंताओं के कारण लिया गया था।

    मतदाता भागीदारी और सुविधाएं

    पिछले चुनाव में मतदाता भागीदारी लगभग 58.7% रही, जो 2015 के मुकाबले में वृद्धि दर्शाती है। वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। चुनाव आयोग ने मतदाताओं की सुविधा के लिए प्रभावी कदम उठाए हैं। बिहार में 90,712 बीएलओ (BLOs), 243 ईआरओ (EROs) और 38 डीईओ (DEOs) नियुक्त किए गए हैं, जिनसे सीधे संपर्क किया जा सकता है। मतदाता 1950 नंबर पर कॉल करके चुनावी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, पटना के लिए +91-612-1950 डायल करना होगा। इसके अतिरिक्त, ECINet ऐप के माध्यम से मतदाता अपने BLO से कॉल बुक भी कर सकते हैं।

  • बिहार विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश कैबिनेट ने 129 प्रस्तावों को मंजूरी दी

    बिहार विधानसभा चुनाव से पहले नीतीश कैबिनेट ने 129 प्रस्तावों को मंजूरी दी

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में 129 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। यह बैठक चुनाव से पहले संभावित रूप से अंतिम थी, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

    कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों को प्रोत्साहन राशि में बढ़ोतरी 💰

    बैठक में निर्णय लिया गया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत सभी कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों के मानदेय में 10% की वृद्धि की जाएगी। इसके अलावा, बिहार सचिवालय आशुलिपिक सेवा के विविध ग्रेड के पदों का पुनर्गठन भी किया गया है।

    राज्यकर्मियों के लिए महंगाई भत्ता बढ़ा 📈

    नीतीश कुमार ने दीपावली से पहले राज्यकर्मियों और पेंशनभोगियों को एक बड़ी सौगात देने का ऐलान किया है। महंगाई भत्ता 3% बढ़ाकर 58% कर दिया गया है, जो 1 जुलाई 2025 से प्रभावी होगा। सम्राट चौधरी ने बताया कि इस कदम से लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत मिलेगी। इस फैसले के चलते वित्तीय वर्ष 2025-26 में अतिरिक्त व्यय भार 917.78 करोड़ रुपये आएगा।

    अन्य महत्वपूर्ण निर्णय 🌟

    बैठक में लिए गए अन्य अहम निर्णयों में शामिल हैं:

    • बिहार फिल्म एवं नाट्य संस्थान की स्थापना
    • पूर्णिया, डेहरी, और मोतिहारी में जलापूर्ति परियोजनाओं का विकास
    • पर्यावरण, वन, और जलवायु विभाग में 2700 पदों का सृजन
    • सिमरिया धाम और विष्णपुद मंदिर का विकास
    • बिहार राज्य अधिवक्ता कल्याण को मंजूरी
    • बिहार राज्य कर्मचारी सेवाशर्त नियमावली का कार्यान्वयन
    • साइबर क्राइम और सिक्योरिटी यूनिट में नई भर्तियाँ
    • नगरपालिका संपत्ति कर प्रोत्साहन योजना को मंजूरी

    इस बैठक ने बिहार की राजनीतिक और प्रशासनिक स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव लाने की दिशा में एक नया कदम उठाया है।

  • बिहार: चुनाव से पहले नीतीश कुमार को झटका, जेडीयू विधायक संजीव कुमार आज राजद में होंगे शामिल

    बिहार: चुनाव से पहले नीतीश कुमार को झटका, जेडीयू विधायक संजीव कुमार आज राजद में होंगे शामिल

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    खगड़िया जिले से एक महत्वपूर्ण राजनीतिक खबर सामने आई है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों में जुटे राजनीतिक दलों के बीच पाला बदलने का सिलसिला तेजी पकड़ रहा है। इस क्रम में, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जदयू) को एक और झटका लगा है।

    संजीव कुमार ने जदयू को छोड़ा, आरजेडी का हाथ थामा

    जदयू के विधायक संजीव कुमार ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से जानकारी दी कि वह अब राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) का हिस्सा बन गए हैं। चर्चा है कि वे आरजेडी के चुनावी प्रतीक, लालटेन, के साथ आगामी चुनावों में उतरेंगे। संजीव कुमार आज दोपहर एक बजे आरजेडी की सदस्यता ग्रहण करेंगे, जिसमें तेजस्वी यादव भी मौजूद रहेंगे।

    राजनीतिक समीकरण और उम्मीदवार की तैयारी

    संजीव कुमार के जदयू से पाला बदलने की अटकलें कुछ समय से चल रही थीं। उन्होंने मीडिया के साथ बातचीत में यह भी बताया था कि चाहे उन्हें टिकट मिले या नहीं, वे हमेशा जनता के हितों के लिए काम करते रहेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने अपनी ही सरकार के कुछ नेताओं पर आरोप लगाया कि वे परबत्ता क्षेत्र में विकास कार्यों में बाधा डाल रहे हैं।

    संजीव कुमार को 2020 के विधानसभा चुनाव में परबत्ता से जदयू की तरफ से टिकट दिया गया था। उन्होंने आरजेडी के दिगंबर प्रसाद तिवारी को केवल 951 वोटों के अंतर से हराकर जीत हासिल की थी। संजीव के पिता, आरएन सिंह, जदयू के एक प्रमुख नेता थे, जो चार बार विधायक और नीतीश सरकार में मंत्री रह चुके थे। उन्हें खगड़िया क्षेत्र के विकास पुरुष के रूप में जाना जाता था, और उनका इस वर्ष मई में निधन हो गया था।

  • “OBC समुदाय से लेकर मराठा आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए”: पंकजा मुंडे

    “OBC समुदाय से लेकर मराठा आरक्षण नहीं दिया जाना चाहिए”: पंकजा मुंडे

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    महाराष्ट्र सरकार की मंत्री पंकजा मुंडे ने मराठा आरक्षण के मुद्दे पर अपनी ही सरकार के खिलाफ स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने गुरुवार को मराठों के लिए सरकारी नौकरियों और प्रवेश में आरक्षण का समर्थन जताया। उनका कहना है कि यह आरक्षण ओबीसी समुदाय से नहीं लिया जाना चाहिए, क्योंकि ओबीसी लोग पहले से ही कठिनाईयों का सामना कर रहे हैं।

    दशहरा रैली में की गई घोषणा 🎉

    बीड़ जिले के सावरगांव घाट में दशहरा के अवसर पर आयोजित रैली में पंकजा ने जातिवाद के खिलाफ आवाज उठाते हुए कहा, “गोपीनाथ मुंडे ने मराठा आरक्षण का समर्थन किया था, और हम भी इसके लिए खड़े हैं, लेकिन इसे हमारे हिस्से से न छीनें।” उन्होंने आगे बताया कि उनका समुदाय आज भी भुखमरी से जूझ रहा है और इस समस्या ने उनकी नींद उड़ा दी है।

    पंकजा ने यह भी कहा, “मैंने कभी जाति के आधार पर नहीं देखा कि मैं किसके लिए प्रचार कर रही हूं। मैंने हमेशा मानवता को प्राथमिकता दी है।”

    राज्य सरकार का आदेश और ओबीसी की नाराजगी

    मराठा आरक्षण पर बात करते हुए, यह जानना महत्वपूर्ण है कि मनोज जरांगे नाम के एक आरक्षण कार्यकर्ता ने 29 अगस्त से पांच दिन तक अनशन के बाद, 2 सितंबर को महाराष्ट्र सरकार द्वारा एक सरकारी आदेश जारी किया गया। इस आदेश ने मराठा समुदाय के पात्र सदस्यों को कुनबी जाति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने का अधिकार दिया है। इसके बाद, ये सदस्य ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण का लाभ उठा सकेंगे।

    हालांकि, ओबीसी समुदाय में इस निर्णय के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है, क्योंकि वे मराठों को ओबीसी श्रेणी में शामिल करने का विरोध कर रहे हैं।

  • सांसद आदित्य साहू बने भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष

    सांसद आदित्य साहू बने भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    झारखंड: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के केंद्रीय नेतृत्व ने आदित्य प्रसाद साहू को झारखंड प्रदेश का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त करने का फैसला किया है। यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है और साहू की नियुक्ति रवींद्र राय के स्थान पर की गई है, जिन्हें विधानसभा चुनाव के दौरान कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था।

    आदित्य साहू की राजनीतिक पृष्ठभूमि

    सांसद आदित्य साहू पहले प्रदेश भाजपा में महामंत्री की जिम्मेदारी निभा रहे थे। रांची के ओरमांझी क्षेत्र से ताल्लुक रखते हुए, साहू कोल्हान प्रमंडल के प्रभारी रहे हैं। उन्हें पार्टी में पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाए जाने तक, कार्यकारी अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है। इस संबंध में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरूण सिंह द्वारा आदेश जारी किया गया है।

    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का बयान

    भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्‌डा ने घोषणा की है कि आदित्य साहू को झारखंड भाजपा का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह निर्णय राजनीति में स्थिरता बनाए रखने के लिए किया गया है।

  • कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन की स्वास्थ्य बिगड़ी, बेंगलुरु अस्पताल में भर्ती

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन की स्वास्थ्य बिगड़ी, बेंगलुरु अस्पताल में भर्ती

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सेहत अचानक बिगड़ गई है। बुखार की शिकायत के बाद उन्हें बेंगलुरु के प्रसिद्ध एमएस रमैया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम उनकी सेहत पर लगातार नज़र रख रही है। खरगे को मंगलवार रात को रमैया अस्पताल लाया गया। वहां मेडिकल टीम ने तुरंत उनकी सेहत की जांच की, जिसमें कई प्रकार के टेस्ट शामिल थे। डॉक्टरों का कहना है कि फिलहाल स्थिति चिंता का विषय नहीं है, लेकिन खरगे को तब तक निगरानी में रखा जाएगा जब तक उनकी सेहत स्थिर नहीं हो जाती।

    राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ

    खरगे की अस्पताल में भर्ती होने की खबर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों में चिंता का माहौल बन गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने उनके जल्दी स्वस्थ होने की शुभकामनाएँ दी हैं। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं द्वारा भी उनके स्वास्थ्य के लिए शुभकामनाएँ दी जा रही हैं।

    सरकारी और राजनीतिक स्तर पर इस स्थिति का तेजी से ध्यान रखा जा रहा है। जैसे ही नए जानकारी सामने आएगी, इसे सार्वजनिक किया जाएगा।

  • तेजप्रताप ने अखिलेश यादव को किया ब्लॉक, जानिए नाराजगी की वजह

    तेजप्रताप ने अखिलेश यादव को किया ब्लॉक, जानिए नाराजगी की वजह

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    बिहार में राजनीतिक तनाव: तेजप्रताप ने अखिलेश को किया ब्लॉक 🚫

    बिहार की राजनीतिक स्थिति में चुनाव से पहले उथल-पुथल बढ़ने लगी है। आरजेडी के प्रमुख लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव, जो अपनी नई पार्टी के साथ चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं, ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ अपने रिश्ते में अचानक खटास ला दी है।

    रिश्तों में दरार

    तेजप्रताप यादव ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने अखिलेश यादव को सोशल मीडिया पर ब्लॉक कर दिया है। उनका यह कदम तब सामने आया जब अखिलेश यादव ने हाल ही में पटना का दौरा किया था, लेकिन तेजप्रताप के फोन का जवाब नहीं दिया। तेजप्रताप ने कहा कि जब अखिलेश पटना आए, तो उन्होंने उनसे संपर्क करने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और यह स्थिति उनके लिए निराशाजनक रही।

    भाजपा के साथ तेजप्रताप का संपर्क

    तेजप्रताप का यह भी कहना है कि जब वह पटना आए थे, तो उन्होंने कई बार संदेश भिजवाए लेकिन किसी का जवाब नहीं आया। इसके परिणामस्वरूप, उन्होंने अखिलेश को ब्लॉक कर दिया। हालांकि, इस दौरे के दौरान अखिलेश ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी से मुलाकात की थी, जो कि लालू यादव के परिवार के साथ उनके संबंधों को दर्शाता है।

    परिवारों के बीच टकराव

    अखिलेश यादव और लालू यादव के परिवारों के बीच एक लंबा रिश्ता रहा है। तेजप्रताप की बहनों ने भी एक साथ मिलकर उन्हें राखी भेजी, लेकिन राजलक्ष्मी सहित कुछ बहनों ने उनके साथ संबंध तोड़ दिए। तेजप्रताप के आरजेडी से निकाले जाने के बाद भी उन पर समाजवादी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही थीं। लेकिन अपने हालिया खुलासे के साथ, अब यह स्पष्ट है कि उनके रिश्ते अब पूरी तरह से समाप्त हो चुके हैं।

    बिहार की राजनीति में यह घटनाक्रम एक नई दिशा की ओर इशारा कर रहा है, जो आगामी चुनावों पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।

  • अंबा प्रसाद के भाई अंकित की 13.24 एकड़ भूमि जब्त, ED चार्जशीट से हुआ ख़ुलासा

    अंबा प्रसाद के भाई अंकित की 13.24 एकड़ भूमि जब्त, ED चार्जशीट से हुआ ख़ुलासा

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    ईडी द्वारा बालू खनन के मामले में चार्जशीट दायर

    अवैध बालू खनन के संबंध में पीएमएल अधिनियम के तहत चल रही जांच में, ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने बड़कागांव की पूर्व कांग्रेस विधायक अंबा प्रसाद के भाई अंकित राज के खिलाफ कई प्रमुख जानकारी साझा की है।

    अवैध खनन और संपत्ति की जब्ती

    ईडी ने चार्जशीट में बताया कि अंकित राज ने अपने खनन लाइसेंस की अवधि समाप्त होने के बाद भी बालू का खनन जारी रखा और इस दौरान उसने अधिकारियों को धमकाने का भी काम किया। जांच के तहत 13.24 एकड़ भूमि और एक करोड़ रुपये मूल्य के मकान को जब्त किया गया है। इसमें 2021 में 75 लाख रुपये में खरीदी गई आठ डिसमिल जमीन भी शामिल है, जिस पर अंकित ने 26 लाख रुपये की लागत से पक्का मकान बनवाया था।

    जमीन की विस्तृत जानकारी

    ईडी ने बताया है कि उसने विभिन्न मौजाओं में कई भूमि को भी जब्त किया है, जिनमें शामिल हैं:

    • मौजा जोरदाग: 53.5 डिसमिल
    • मौजा सदमपुर: 89.16 डिसमिल
    • मौजा बहोरनपुर: 73 डिसमिल
    • और कई अन्य जमीनें।

    यह कार्रवाई गुमला में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ के साथ भी जोड़कर देखी जा रही है, जिसमें JJMP के तीन उग्रवादी मारे गए हैं।

    संपत्तियों की कुल मूल्यांकन

    चार्जशीट में कहा गया है कि अंकित राज से संबंधित 3.02 करोड़ रुपये की 30 चल-अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया गया है। यह संपत्तियाँ अवैध बालू खनन के माध्यम से अर्जित की गई थीं। 2019 में सोनपुरा घाट के लिए खनन लाइसेंस समाप्त होने के बाद भी, उसने हाहारो, प्लांडू व दामोदर नदियों से बालू निकाला था।

    ईडी की कार्रवाई

    अभी तक, ईडी ने इस मामले में कुल 3.40 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया पूरी की है। यह जांच झारखंड पुलिस में दर्ज 16 प्राथमिकियों के आधार पर की जा रही है, जिसमें जबरन वसूली, अवैध बालू खनन और सरकारी कार्यों में बाधा डालने के आरोप शामिल हैं।

    इस प्रकार, ईडी की कार्रवाई यह दर्शाती है कि अवैध खनन और उसकी रोकथाम के प्रति गंभीर कदम उठाए जा रहे हैं।

  • सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन हिंसक, लद्दाख में BJP कार्यालय में आग लगाई गई।

    सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन हिंसक, लद्दाख में BJP कार्यालय में आग लगाई गई।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    लद्दाख में छात्रों और पुलिस के बीच हुई झड़पें

    हफ्ते के पहले कार्यदिवस, बुधवार, को लद्दाख केंद्रशासित प्रदेश में छात्रों और पुलिस के बीच गंभीर झड़प देखने को मिली। यह घटनाएँ उस समय हुईं जब पर्यावरणविद सोनम वांगचुक ने लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया।

    आंदोलनकारी छात्रों का प्रदर्शन 🚩

    प्रदर्शनकारियों ने भाजपा के कार्यालय पर पथराव करते हुए उस पर हमला किया और वहां आग लगा दी। घटना के बाद, छात्रों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, जिसके फलस्वरूप स्थिति और अधिक बिगड़ गई। इससे छात्रों ने उग्र हो कर पुलिस वैन को भी आग के हवाले कर दिया। इसी के चलते, पुलिस ने भी प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया।

    स्थानीय लोगों का समर्थन

    उन्होंने लेह के विभिन्न स्थानों पर इकट्ठा होकर लद्दाख को पूर्ण राज्य के रूप में मान्यता देने की मांग की। विदित हो कि सोनम वांगचुक पिछले 15 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और उनके समर्थन में बड़ी संख्या में छात्रों ने सड़कों पर उतरकर आवाज उठाई।

    प्रदर्शन और शांतिपूर्ण वार्ता की अपेक्षा 💬

    प्रदर्शनकारी अपने चार मुख्य मांगों को लेकर आगे आ रहे हैं:

    1. लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया जाए।
    2. लद्दाख को संविधान की छठी अनुसूची में समाहित किया जाए।
    3. लद्दाख में लोकसभा की सीटों की संख्या बढ़ाई जाए।
    4. लद्दाख की जनजातियों को आदिवासी का दर्जा प्रदान किया जाए।

    केंद्र सरकार ने 6 अक्टूबर को लद्दाख के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है, जिसमें लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) के सदस्य भी शामिल होंगे।

    2019 के बदलावों का प्रभाव

    ज्ञात हो कि 5 अगस्त 2019 को अनुच्छेद 370 को खत्म करने के बाद, केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर को दो केंद्रशासित प्रदेशों में विभाजित किया था। अब वही लद्दाख पूर्ण राज्य का दर्जा हासिल करने के लिए संघर्ष कर रहा है, जो यहाँ के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुद्दा बन चुका है।

    स्थिति पर नजर रखने के लिए अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है ताकि शांति बनाए रखी जा सके।

  • सोनिया गांधी की अनुपस्थिति में CWC बैठक में खरगे ने कहा- पीएम मोदी हुए असफल

    सोनिया गांधी की अनुपस्थिति में CWC बैठक में खरगे ने कहा- पीएम मोदी हुए असफल

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    कांग्रेस की महत्वपूर्ण CWC बैठक पटना में आयोजित

    पटना में आज कांग्रेस पार्टी के लिए एक विशेष दिन है। स्वतंत्रता के बाद पहली बार बिहार में कांग्रेस की वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक शुरू हुई है। यह बैठक सुबह 10 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक चलने वाली है। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य 150 से अधिक वरिष्ठ नेता इस अहम बैठक में शामिल हो रहे हैं। बिहार प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम ने बताया कि इस बैठक से पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा है, और तैयारी पूरी तरह से की गई है।

    CWC बैठक की शुरुआत

    CWC की बैठक का औपचारिक शुभारंभ कांग्रेस अध्यक्ष ने सदाकत आश्रम में झंडा फहराकर किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सचिन पायलट और अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हैं।

    खंड में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का संदेश

    बैठक में प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों पर चर्चा करते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भारत इस समय दोनों राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीर समस्याओं का सामना कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार की कूटनीति में विफलता की वजह से देश को काफी मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है।

    राहुल गांधी का पटना आगमन

    राहुल गांधी पटना पहुँच चुके हैं, जहाँ उनका स्वागत वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं द्वारा किया गया। वह सीधे सदाकत आश्रम पहुंचे, जहां कांग्रेस कार्यकर्ता उनका जोरदार स्वागत कर रहे हैं।

    सोनिया गांधी की अनुपस्थिति के कारण

    सोनिया गांधी के न आने पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं थी, जिससे वह बैठक में भाग नहीं ले पाईं। उन्होंने यह भी ज़ाहिर किया कि मुख्यमंत्री पद पर बात तभी की जाएगी जब इंडिया गठबंधन की बैठक होगी।

    कांग्रेस का नया लड़ाई का आह्वान

    कांग्रेस के बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने कहा कि पार्टी बिहार में एक तरह का ‘स्वतंत्रता संग्राम’ लड़ रही है। उन्होंने भाजपा पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि यह बैठक पार्टी के लिए चुनावी योज़नाओं को मजबूत बनाने का एक ऐतिहासिक अवसर है।

    सदाकत आश्रम के बाहर कार्यकर्ताओं की भीड़

    सदाकत आश्रम में सभी व्यवस्थाएँ चाक-चौबंद हैं। यहां बिना पास किसी को भी प्रवेश नहीं मिल रहा है। आश्रम के भीतर और बाहर पुलिस की बड़ी संख्या में तैनाती की गई है।

    पवन खेड़ा का गंभीर आरोप

    कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने NDA सरकार पर सीधा हमला करते हुए कहा कि मोदी सरकार वोट चुराने के लिए षड्यंत्र कर रही है और चुनाव आयोग का दुरुपयोग कर रही है।

    सचिन पायलट की टिप्पणी

    सचिन पायलट ने कहा कि यह बैठक ऐतिहासिक है और इससे राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय होगी। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग बदलाव की चाहत रखते हैं और सीट शेयरिंग पर विस्तार से चर्चा उत्सव के बाद होगी।

    पप्पू यादव का जिक्र

    खुद को कांग्रेसी कहने वाले पप्पू यादव ने राहुल गांधी का स्वागत करते हुए कहा कि यह बैठक वोट चोरों से देश को आजाद कराने के लिए महत्वपूर्ण है।

    भूपेश बघेल का बयान

    CWC की बैठक के बीच भूपेश बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी कई मोर्चों पर असफल हुए हैं, जिसके परिणामस्वरूप देश की स्थिति बिगड़ चुकी है।

    कांग्रेस की यह बैठक न केवल महत्वपूर्ण है, बल्कि आने वाले चुनावों में राजनीतिक रणनीतियों को भी नया मोड़ दे सकती है।

  • UP: योगी सरकार का ‘जातिवाद विरोधी’ महत्वपूर्ण निर्णय, BJP सहयोगियों में असमंजस

    UP: योगी सरकार का ‘जातिवाद विरोधी’ महत्वपूर्ण निर्णय, BJP सहयोगियों में असमंजस

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    उत्तर प्रदेश सरकार का जातिवाद के खिलाफ महत्वपूर्ण निर्णय

    उत्तर प्रदेश सरकार ने जाति के आधार पर राजनीतिक रैलियों, वाहनों पर जाति नाम लिखने, और पुलिस रिकॉर्ड में जाति के उल्लेख पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। इस कवायद ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सहयोगी दलों को एक नई चुनौती पेश की है।

    जातिवाद पर अंकुश

    रविवार की रात को जारी किए गए आदेश ने स्पष्ट किया कि जातिवाद के खिलाफ यह कदम उठाया गया है। इस बात की जांच की जा रही है कि क्या इस निर्णय का प्रभाव आगामी चुनावों पर पड़ेगा या नहीं। भाजपाई सहयोगी दल अब इस आदेश को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि इससे उनकी राजनीतिक रणनीतियों में बदलाव आ सकते हैं।

    राजनीतिक प्रतिक्रिया

    इस प्रतिबंध के बारे में विभिन्न राजनीतिक दलों ने mixed प्रतिक्रियाएँ दी हैं। कुछ नेताओं ने इसे सकारात्मक कदम बताया है, जबकि अन्य का मानना है कि यह निर्णय भाजपा और उसके सहयोगियों के लिए मुश्किल पैदा कर सकता है। ऐसे में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह निर्णय वास्तव में जातिवाद को खत्म करने में सफल होता है या नहीं।

    अगले कदम क्या होंगे?

    राजनीतिक विश्लेषक यह मानते हैं कि यदि यह निर्णय सही तरीके से लागू होता है, तो यह उत्तर प्रदेश में जातिवाद की प्रथा के खात्मे में सहायक हो सकता है। सरकार की ओर से आगामी योजनाओं और नीतियों पर भी नज़र रखी जाएगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जातिगत भेदभाव को समाप्त किया जा सके।

    इस नए निर्णय से यूपी की राजनीतिक समीकरणों में महत्वपूर्ण परिवर्तन आ सकते हैं, जिससे आने वाले विधानसभा चुनावों के परिदृश्य में बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।

  • हरियाणा कांग्रेस बिहार चुनावों से पहले बड़े फेरबदल की तैयारी में, नए राज्य अध्यक्ष शीघ्र घोषित होंगे

    हरियाणा कांग्रेस बिहार चुनावों से पहले बड़े फेरबदल की तैयारी में, नए राज्य अध्यक्ष शीघ्र घोषित होंगे

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    हरियाणा में कांग्रेस की नए अध्यक्ष और विधायक दल के नेता की नियुक्ति पर चर्चा

    हरियाणा में 2024 के विधानसभा चुनावों में मिली हार के बाद कांग्रेस में बड़े बदलाव होने की संभावना है। पार्टी के भीतर जल्द ही विधायक दल के नेता और प्रदेश अध्यक्ष के नामों की घोषणा की जा सकती है। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को एक बार फिर विधायक दल का नेता बनाया जाएगा। इससे पूर्व, बीजेपी के नेताओं ने कांग्रेस पर विधायक दल के नेता का चयन न करने को लेकर लगातार हमले जारी रखे थे। जबकि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अनौपचारिक रूप से इस भूमिका का निर्वहन किया है।

    राव नरेंद्र की अध्यक्ष पद पर दावेदारी

    हुड्डा खेमे के सक्रिय होने के साथ ही, विधानसभा अध्यक्ष पद की दावेदारी से राव नरेंद्र ने पीछे हटने का निर्णय लिया है। प्रदेश अध्यक्ष के पद के लिए राव नरेंद्र का नाम सबसे आगे है, जो अहीरवाल की नारनौल विधानसभा सीट से चुनाव जीतने के बाद चर्चित हुए हैं। उन्हें राहुल गांधी का करीबी माना जाता है और उनसे पहले स्वास्थ्य मंत्री के पद पर भी कार्य कर चुके हैं।

    सामुदायिक प्रतिनिधित्व का ध्यान

    सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अहीर समुदाय से किसी नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने पर ध्यान दे रही है। पार्टी के प्रभारी ने आलाकमान को संभावित नामों की एक सूची प्रस्तुत की है, जिसमें राव नरेंद्र सिंह, राव दान सिंह और पूर्व अध्यक्ष कैप्टन अजय यादव के नाम शामिल हैं। इनमें राव नरेंद्र सिंह को सबसे ज्यादा समर्थन मिल रहा है, खासकर कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला द्वारा।

    गुटबाजी और खींचतान का अंत

    भूपेंद्र सिंह हुड्डा के दोबारा विधायक दल के नेता बनने की संभावना से उनकी खेमे में खुशी का माहौल है। पार्टी के भीतर पिछले कुछ समय से चल रही खींचतान अब खत्म होती दिख रही है, और आलाकमान ने दोनों पदों के लिए नामों को स्वीकृति दे दी है। मुख्य अध्यक्ष चौधरी उदयभान की विदाई तय मानी जा रही है, जिन पर हार के बाद से इस्तीफे का दबाव है।

    राव नरेंद्र का राजनीति में पैठ बनाना उन्हें आगामी चुनावों में पार्टी के लिए एक मजबूती प्रदान कर सकता है। पार्टी के चुनावी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए, कई कार्यकारी अध्यक्ष भी नियुक्त किए जा सकते हैं।

    कांग्रेस की इस नई रणनीति से हरियाणा में राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण परिवर्तन आने की संभावना है।

  • आजम खान की रिहाई से यूपी की राजनीति पर पड़ेगा असर; सपा और भाजपा दोनों को मिलेगा लाभ

    आजम खान की रिहाई से यूपी की राजनीति पर पड़ेगा असर; सपा और भाजपा दोनों को मिलेगा लाभ

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    आज़म खां की रिहाई: उत्तर प्रदेश की सियासत पर गहरा असर 🗳️

    लखनऊ में आज़म खां की जेल से रिहाई ने उत्तर प्रदेश के राजनीतिक परिदृश्य में हलचल पैदा कर दी है। सवाल यह है कि उनकी वापसी से समाजवादी पार्टी (सपा) को किस तरह लाभ होगा, खासकर मुस्लिम मतदाताओं के संदर्भ में। सपा इस अवसर का इस्तेमाल करके मुस्लिम समुदाय में संभावित मत विभाजन को रोकने का प्रयास करेगी। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उनके बयानों का उपयोग हिन्दू मतदाताओं के ध्रुवीकरण के लिए कर सकती है।

    मुस्लिम मतों का बिखराव रोकने में सपा की भूमिका 🤝

    आज़म खां, जो अब 77 वर्ष के हो चुके हैं, ने अपने समर्थकों के बीच हमेशा एक प्रभावशाली स्थिति बनाए रखी है। उनके जेल से बाहर आने के बाद रामपुर और अन्य जिलों में मुस्लिम युवाओं के बीच उनके प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। 2009 में जब आज़म ने सपा छोड़ दिया था, तो पार्टी को इसका भारी नुकसान हुआ था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे सपा की राजनीति का एक अहम हिस्सा रहे हैं।

    सावधानी से उठाने होंगे कदम ⚖️

    2024 के लोकसभा चुनाव में मुस्लिम मतों का रुख कांग्रेस की ओर जाते हुए देखा गया था। ऐसे में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में, भले ही सपा सीधे तौर पर आज़म का इस्तेमाल न भी करे, लेकिन उनके अस्तित्व को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। आज़म की रिहाई के बाद उनके तीखे बयानों में कोई कमी नहीं आई है, और उनकी बयानबाजी यह संकेत देती है कि सपा को उनके संदर्भ में सावधानी बरतनी पड़ेगी।

    भाजपा की रणनीति: नफरत से ध्रुवीकरण का प्रयास ⚡

    भाजपा ने आज़म खां की बयानों को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया है। जैसे कि भारत माता के संदर्भ में दिया गया उनका विवादास्पद बयान। अगर भविष्य में धार्मिक ध्रुवीकरण की स्थिति बनती है, तो भाजपा इसका लाभ उठाने से चुक नहीं जाएगी।

    कांग्रेस के लिए चुनौती 🥊

    हालांकि, आज़म खां के किसी अन्य पार्टी में जाने का सवाल भी सामने आता है। कांग्रेस, जो पश्चिम उत्तर प्रदेश में मुस्लिम मतों के लिए संघर्ष कर रही है, को आज़म के आगे आने की कल्पना करना आसान नहीं होगा। अगले विधानसभा चुनावों में, जहां सपा और कांग्रेस एक साथ मिलकर लड़ने की तैयारी कर रही हैं, वहां इन राजनीतिक समीकरणों को समझना बेहद जरूरी होगा।

    निष्कर्ष

    आज़म खां की रिहाई ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। सपा, भाजपा और कांग्रेस सभी को यह समझना होगा कि इस स्थिति का सही मूल्यांकन कैसे किया जाए। यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे आने वाले समय में यह सियासी समीकरण कैसे बदलते हैं।

  • आजादी के बाद पहली बार बिहार में कांग्रेस की CWC बैठक, तेलंगाना की सफलता की पुनरावृत्ति की तैयारी

    आजादी के बाद पहली बार बिहार में कांग्रेस की CWC बैठक, तेलंगाना की सफलता की पुनरावृत्ति की तैयारी

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    कांग्रेस की ऐतिहासिक बैठक पटना में

    कांग्रेस पार्टी बिहार में स्वतंत्रता के बाद पहली बार केंद्रीय कार्यकारी समिति (CWC) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित करने जा रही है। यह सभा बुधवार को पटना के सदाकत आश्रम में होने वाली है। पार्टी का उद्देश्य तेलंगाना विधानसभा चुनावों में मिली सफलता को बिहार में भी दोहराना है, जहां 2023 में CWC की बैठक का सकारात्मक परिणाम देखा गया था।

    बैठक में प्रमुख मुद्दों पर चर्चा

    इस बैठक में कांग्रेस के प्रमुख नेता जैसे मल्लिकार्जुन खड़गे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और लगभग 170 पार्टी सदस्य शामिल होंगे। मुख्य रूप से इस बैठक में बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी, चुनाव में पारदर्शिता, वोटर रोल के जांच में अनियमितताएं और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी।

    इसके साथ ही, पार्टी महंगाई, बेरोजगारी, महिलाओं के खिलाफ अत्याचार और कूटनीतिक विफलताओं जैसे मुद्दों पर भी गौर करेगी।

    राहुल गांधी की यात्रा की सराहना

    सूत्रों के अनुसार, बैठक में राहुल गांधी की मतदाता अधिकार यात्रा की प्रशंसा की जाएगी, जिसका उद्देश्य बिहार में वोट चोरी और वोटर लिस्ट की जांच करना था। राहुल ने बिहार में 16 दिनों में 1300 किमी की यात्रा करते हुए 25 जिलों का दौरा किया। कांग्रेस ‘घर-घर अधिकार अभियान’ की शुरुआत कर रही है, जिसका मकसद वोट चोरी को रोकना और लोगों को उनके मतदाता अधिकार के प्रति जागरूक करना है।

    ऐतिहासिक संदर्भ

    यह पहली बार है कि स्वतंत्रता के बाद इतनी बड़ी कांग्रेस बैठक बिहार में हो रही है; पिछली बार ऐसा 1940 में हुआ था। सदाकत आश्रम एक ऐतिहासिक स्थल है, जहां महात्मा गांधी, राजेंद्र प्रसाद और नेहरू जैसे नेताओं ने स्वतंत्रता संग्राम की योजना बनाई थी।

    कांग्रेस इस बैठक के माध्यम से बिहार विधानसभा चुनावों में मजबूती से भाग लेने की तैयारी कर रही है। चुनाव आयोग की ओर से अक्टूबर में चुनाव की घोषणा किए जाने की संभावना है।

    भले ही कांग्रेस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह कितनी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी, महागठबंधन के सदस्य राष्ट्रीय जनता दल ने सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने की पेशकश की है। अब यह देखना होगा कि कांग्रेस कितनी सीटों पर चुनाव में उतरने का ऐलान करती है।

  • स्वास्थ्य मंत्री और विधायक ‘डम डम डिगा डिगा’ गाने पर नाचे, वीडियो वायरल

    स्वास्थ्य मंत्री और विधायक ‘डम डम डिगा डिगा’ गाने पर नाचे, वीडियो वायरल

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    जामताड़ा में मंत्री और विधायक का धमाकेदार डांस 💃

    झारखंड के जामताड़ा में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी और सारठ विधायक उदय शंकर सिंह, उर्फ चुन्ना सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दोनों नेता ‘डम डम डिगा-डिगा’ गाने पर मंच पर थिरकते नजर आ रहे हैं। उनके इस जोश भरे प्रदर्शन ने दर्शकों में खूब उत्साह भरा और उपस्थित सभी लोगों ने ताली बजाकर उनका समर्थन किया।

    उद्घाटन समारोह में उमंग का माहौल 🎉

    यह घटना जामताड़ा के झिलुवा पुलिस कैंप में इंडिया रिजर्व बटालियन (IRB) के उद्घाटन समारोह के दौरान हुई। समारोह की शुरुआत जवानों ने शानदार परेड के साथ की, जिसके बाद महिला पुलिस जवानों ने नागपुरी गीतों पर मनमोहक डांस प्रस्तुत किया। उनके नृत्य ने सभी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

    डांस का मजेदार पल 🌟

    जैसे ही ‘डम डम डिगा-डिगा’ गाना शुरू हुआ, उनके उत्साह का कोई ठिकाना नहीं रहा। मंत्री और विधायक मंच पर पहुंचकर जवानों के साथ नृत्य किया। दर्शकों ने उनकी इस मस्ती को देखकर उत्साह से तालियां बजाईं। समारोह स्थल पर खुशी का माहौल बना रहा और वहां मौजूद सभी लोगों ने इस पल को अपने मोबाइल में कैद किया। स्थानीय निवासियों ने इस दृश्य को यादगार बताया।

  • अशोक चौधरी ने प्रशांत किशोर को 100 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा, PK पर लगे 200 करोड़ के बेनामी संपत्ति आरोप।

    अशोक चौधरी ने प्रशांत किशोर को 100 करोड़ का मानहानि नोटिस भेजा, PK पर लगे 200 करोड़ के बेनामी संपत्ति आरोप।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    बिहार में अशोक चौधरी ने प्रशांत किशोर को भेजा मानहानि नोटिस

    बिहार सरकार के ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने जन सुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर को 100 करोड़ रुपये के मानहानि का नोटिस जारी किया है। चौधरी ने किशोर पर गलत तथ्य पेश करने और उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किशोर अपने आरोपों के लिए माफ नहीं मांगते, तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के लिए मजबूर होंगे।

    क्या है मामला?

    कथित तौर पर, प्रशांत किशोर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह दावा किया था कि अशोक चौधरी ने दो सालों के भीतर अपनी पत्नी, बेटी, समधन और मानव वैभव विकास ट्रस्ट के माध्यम से 200 करोड़ रुपये की संपत्ति खरीदी है। इसी ट्रस्ट की ट्रेजरी अशोक चौधरी की सांसद बेटी शांभवी चौधरी की सास अनिता कुणाल संभालती हैं। इस आरोप के बाद चौधरी ने किशोर से सबूत माँगे हैं।

    कानूनी दांव-पेंच

    अशोक चौधरी ने पहले भी प्रशांत किशोर के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। इससे पहले, किशोर ने यह आरोप लगाया था कि चौधरी ने अपनी बेटी शांभवी को लोकसभा चुनाव में टिकट खरीदने के लिए रिश्वत दी थी। शांभवी चौधरी ने पिछले साल लोकसभा चुनाव में लोजपा (रामविलास) के टिकट पर समस्तीपुर से जीत हासिल की थी।

    इस घटनाक्रम ने बिहार की राजनीतिक पिच पर एक नया मोड़ ला दिया है। आने वाले दिनों में इस विवाद का आगे क्या मोड़ आता है, यह देखना दिलचस्प होगा।

  • जगद्गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान, बोले- बिहार चुनाव में सभी सीटों पर उतारेंगे उम्मीदवार।

    जगद्गुरु स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का बड़ा बयान, बोले- बिहार चुनाव में सभी सीटों पर उतारेंगे उम्मीदवार।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    आगामी विधानसभा चुनावों में शंकराचार्य का बड़ा बयान 🗳️

    बिहार के बांका स्थित मदुसूदन मंदिर बौसी में जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। उन्होंने घोषणा की कि उनका संगठन सभी निर्वाचन क्षेत्रों में अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतारेगा।

    गौ माता की रक्षा पर जोर 🐄

    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, “जो अधिकारी गौ माता की रक्षा करते हैं, वही मतदाता हमें समर्थन देंगे। पहले जब हम सरकार में नहीं थे, तब गौ माता के संरक्षण की बातें होती थीं, लेकिन वर्तमान में स्थिति अलग है। आज गौ माता की हत्या की जा रही है, और सरकार उन लोगों से चंदा ले रही है जो इसे बढ़ावा दे रहे हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि पिछले तीन चुनावों में स्थिति एक समान रही है, लेकिन गौ माता की शिकार जारी है।

    नेपाल के राजनीतिक परिदृश्य पर टिप्पणी 🇳🇵

    स्वामी ने हाल ही में नेपाल में लोकतंत्र के बजाय राजतंत्र की वकालत की। उनका मानना है कि जब नेपाल का शासन राजतंत्र था, तो वहां कोई गंभीर समस्या नहीं थी। उन्होंने कहा कि चीन के समर्थन ने नेपाल में लोकतंत्र स्थापित किया, लेकिन इसके बाद जनता की असंतोष बढ़ गया है।

    हिंदू समुदाय की अनदेखी पर चिंता 😟

    वाराणसी में आयोजित एक कार्यक्रम में स्वामी ने भारतीय राजनीति में हिंदू समुदाय के प्रति भेदभाव की बात की। उनका कहना था कि 100 करोड़ हिंदुओं की समस्याओं को अनदेखा किया जा रहा है, जबकि अल्पसंख्यकों के लिए अनेक योजनाएँ बनाई जा रहीं हैं। उन्होंने वोटिंग में सक्रिय भागीदारी के महत्व पर जोर डाला।

    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने यह भी कहा कि गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिया जाना चाहिए। उन्होंने गौ हत्या पर कड़ी सजा का प्रावधान करने की मांग की और धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पदयात्रा का समर्थन किया।

    इस प्रकार, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयान ने बिहार की राजनीतिक और धार्मिक चर्चाओं को फिर से जीवित कर दिया है। उनके समर्थक इसे आगामी चुनावों के प्रति जागरूकता और मतदान में संलग्नता का सशक्त संदेश मानते हैं।

  • रोहिणी आचार्य का सोशल मीडिया खाता 8 घंटे तक रहा बंद, अनलॉक के बाद पोस्ट vanished

    रोहिणी आचार्य का सोशल मीडिया खाता 8 घंटे तक रहा बंद, अनलॉक के बाद पोस्ट vanished

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    पटना: बिहार के विरोधी पार्टी के नेता और आरजेडी प्रमुख तेजस्वी यादव के भाई संजय यादव ने हाल ही में अपनी बहन रोहिणी आचार्य की सोशल मीडिया पर नाराजगी का सामना किया। रोहिणी ने अपने अधिकारियों को शांत करने के लिए कुछ पोस्ट साझा किए, जो शुक्रवार रात से चर्चा का विषय बन गए। हालांकि, शनिवार की सुबह उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट को प्राइवेट कर लिया, जिससे अन्य यूजर्स उनके द्वारा साझा किए गए पोस्ट नहीं देख सके। इससे पहले, ट्रोलर्स ने रोहिणी पर हमले किए थे। शाम को उन्होंने फिर से अपना अकाउंट अनलॉक किया, लेकिन फिर भी उनके पोस्ट देखने में समस्या रही।

    संजय यादव पर उठी उंगलियाँ

    रोहिणी ने पहले पोस्ट में संजय यादव को एक प्रचार रथ के संदर्भ में लक्षित किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि “प्रथम सीट हमेशा नेता के लिए ही होती है”। यह पोस्ट उन्होंने फेसबुक पर राजद समर्थक आलोक कुमार के एक पोस्ट को साझा कर किया। आलोक ने तेजस्वी यादव के रथ पर बैठे संजय की एक छवि साझा की और लिखा कि “फ्रंट सीट हमेशा शीर्ष नेता के लिए होती है और उनकी अनुपस्थिति में किसी अन्य को उस स्थान पर नहीं बैठना चाहिए।” उन्होंने सुझाव दिया कि अगर कोई खुद को शीर्ष नेतृत्व से ऊपर समझता है, तो यह एक अलग बात है।

    तेजस्वी की कुर्सी पर कब्जा चाहते हैं संजय यादव, तेजप्रताप का समर्थन

    रोहिणी आचार्य के समर्थन में तेजप्रताप यादव ने कहा कि उन्होंने एक बहन और बेटी के रूप में अपना कर्तव्य निभाया है और आगे भी निभाते रहने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा, “मेरी कोई राजनीतिक महत्वाकांक्षा नहीं है; मेरे लिए मेरा आत्म-सम्मान सबसे ऊपर है।” रोहिणी ने पिता लालू प्रसाद की छवि के साथ एक अन्य पोस्ट में लिखा, “जो अपनी जान को जोखिम में डालते हैं, उनकी हिम्मत में कोई तुलना नहीं होती।”

    तेजप्रताप का रोहिणी के समर्थन में बयान

    राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजप्रताप यादव ने अपनी बहन रोहिणी का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “एक महिला के दृष्टिकोन से उन्होंने जो किया है, वह सराहनीय है और इसे सभी महिलाओं के लिए एक आदर्श माना जाएगा। उनकी बहनत्व की इस भावना का अपमान करने वालों पर दंड निश्चित है।”

  • बिहार चुनावों में नई तकनीक का उपयोग, AI कार्टून और वीडियो विरोधियों को बना रहे हैं निशाना

    बिहार चुनावों में नई तकनीक का उपयोग, AI कार्टून और वीडियो विरोधियों को बना रहे हैं निशाना

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    बिहार में चुनावों का डिजिटल तूफान 🌪️

    बिहार में विधानसभा चुनाव का माहौल पूरी तरह से तैयार है। पारंपरिक चुनाव प्रचार, जैसे पोस्टर और नुक्कड़ नाटक, अब नई सीमाओं पर पहुंच चुका है। एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित वीडियो अब राजनीतिक समर में एक नया हथियार बन गए हैं। ये वीडियो न केवल मनोरंजक हैं, बल्कि जनता की सोच को प्रभावित करने में भी सक्षम हैं, खासकर युवा पीढ़ी पर इनका गहरा असर देखने को मिल रहा है।

    एआई का राजनीतिक प्रचार में उभरता हुआ स्थान

    तकनीकी विकास के साथ, एआई वीडियो का उपयोग अब चुनाव प्रचार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। भाजपा, कांग्रेस, जदयू और राजद जैसे प्रमुख दलों के बीच एआई वीडियो को लेकर एक प्रतियोगिता चल रही है। ये वीडियो विपक्ष की कमजोरियों को उजागर करने के लिए सक्रिय रूप से उपयोग किए जा रहे हैं। कांग्रेस का हालिया वीडियो “साहब के सपनों में आई मां” ने काफी हंगामा उत्पन्न किया है, जिसके चलते हाईकोर्ट से इसे हटाने का आदेश भी आया।

    डिजिटल प्लेटफार्म: नए प्रभाव का माध्यम

    कांग्रेस के सोशल मीडिया पेज पर वोट चोरी, बेरोजगारी और कानून व्यवस्था जैसे मुद्दों पर आधारित वीडियो की भरमार है। वहीं, भाजपा चारा घोटाले और बिहार की पिछली स्थिति को दर्शाते हुए जनता को जागरूक कर रही है। जदयू ने बिहार के विकास के मुद्दे को प्रस्तुत करते हुए तेजस्वी यादव को भविष्य के सीएम के रूप में पेश किया है। इस पूरे परिदृश्य में एआई वीडियो अब एक मुख्य भूमिका निभा रहा है, जो चुनावी संदेशों को तेजी से फैलाने का काम कर रहा है।

    एआई वीडियो की थीम्स

    • एआई द्वारा बनाए गए कार्टून से मुद्दों की व्याख्या।
    • पूर्व की घटनाओं को दिखाकर नेताओं पर कटाक्ष।
    • अपने पक्ष में लोगों की राय को प्रकट करना।
    • समय के साथ विकास या अवनति को दर्शाना।
    • समस्याओं को मतदाताओं तक पहुंचाना और विपक्ष पर प्रहार करना।

    भाजपा-जदयू की रणनीतियाँ

    भाजपा और जदयू ने तेजस्वी यादव और राहुल गांधी पर कई एआई वीडियो पेडिंग किए हैं। भाजपा का “हम समय बानी” वीडियो लालू परिवार के अंतर्विरोधों को उजागर करता है। जदयू ने भी बिहार में बदलाव को एक महत्वपूर्ण मुद्दा बनाया है, जिसमें नीतीश कुमार के भाषणों और निर्णयों के वीडियो शामिल हैं।

    विपक्ष की पहल

    कांग्रेस भी पीछे नहीं है। “बवाल बिहारी” सीरिज के तहत बेरोजगारी और वोट चोरी जैसे मुद्दों को उठाया जा रहा है। कांग्रेस ने पीएम मोदी और चुनाव आयोग पर भी कटाक्ष करते हुए कई वायरल वीडियो बनाए हैं। राजद ने भी तेजस्वी के सकारात्मक दृष्टिकोण को लेकर वीडियो साझा किए हैं, जो संभावित मतदाताओं को आकर्षित करने में सहायक हो सकते हैं।

    निष्कर्ष

    बिहार में चल रहे विधानसभा चुनाव में एआई वीडियो का उपयोग एक नया आयाम पेश कर रहा है। यह न केवल राजनीतिक मुद्दों को उठाने का माध्यम है, बल्कि इसे वोटरों के बीच संवेदनशीलता और बातचीत को बढ़ावा देने के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा है। चुनावी प्रक्रिया में यह तकनीक अब एक आवश्यक तत्व बन चुकी है।

  • कुड़मियों का आंदोलन समाप्त, 27 ट्रेनें आज भी रद्द

    कुड़मियों का आंदोलन समाप्त, 27 ट्रेनें आज भी रद्द

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    कुड़मी समाज का रेल टेका आंदोलन, सरकार ने दिया आश्वासन 🚂

    रांची: शनिवार को कुड़मी समाज ने एसटी का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर रेल टेका आंदोलन शुरू किया। झारखंड के विभिन्न स्थानों पर इस आंदोलन के दौरान रेल सेवाएं ठप हो गईं। देर रात केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद आंदोलन को वापस लेने का फैसला किया गया। आदिवासी कुड़मी समाज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, छोटेलाल महतो ने बताया कि गृह मंत्रालय ने उनकी मांगों पर त्वरित कार्यवाही का आश्वासन दिया है। इस मुद्दे पर जल्द ही गृह मंत्रालय और समाज के नेताओं के बीच वार्ता होगी।

    कुड़मी आंदोलन का प्रभाव 🚧

    कुड़मी समाज के ‘रेल टेका डोहोर छेका’ आंदोलन के कारण रेलवे में व्यवधान आ गया। कई ट्रेनों को रद्द किया गया, जबकि कुछ को विभिन्न स्टेशनों पर रोका गया। आंदोलन के दौरान, रांची और हटिया स्टेशन से करीब एक दर्जन ट्रेनों को रद्द कर दिया गया, जिसका असर लगभग 2 लाख यात्रियों पर पड़ा।

    ट्रेनों की रद्दीकरण की सूची 📅

    शनिवार को 14 ट्रेनों का परिचालन रद्द करने के कारण, रांची और हटिया आने वाली 20 से अधिक ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर फंसी रहीं। इस कारण लगभग 28,000 यात्री अपने गंतव्य तक नहीं पहुँच सके।

    डीआरएम करुणा निधि सिंह ने रविवार को बताया कि आंदोलन समाप्त होने के बाद, ज्‍यादातर ट्रेनों को चलाने का प्रयास किया जाएगा, हालांकि रेल पटरियों की स्थिति के कारण कुछ ट्रेनें रद्द रह सकती हैं।

    रविवार के लिए रद्द किए गए महत्वपूर्ण ट्रेनें 🚆

    • टाटानगर-बरकाकाना
    • आद्रा-बरकाकाना
    • आसनसोल-रांची
    • पटना-रांची वंदे भारत
    • रांची-हावड़ा इंटरसिटी

    रविवार को 27 ट्रेनें रद्द रहने की उम्मीद है। इस स्थिति से यात्री वर्ग को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन रेलवे प्रशासन इस मामले में सक्रियता से काम कर रहा है।

    आंदोलन के दौरान हुई हल्की झड़पों का समापन हो चुका है और भविष्य में स्थिति में सुधार की संभावनाएं बनी हुई हैं।

  • यासीन मलिक की पत्नी मुशाल हुसैन: 20 साल छोटी पाकिस्तानी हसीना से प्यार, सेमी-न्यूड पेंटर

    यासीन मलिक की पत्नी मुशाल हुसैन: 20 साल छोटी पाकिस्तानी हसीना से प्यार, सेमी-न्यूड पेंटर

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (JKLF) के नेता यासीन मलिक, जो आतंकवाद वित्तपोषण के मामलों में जेल में हैं, ने हाल ही में कुछ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान में हुए 26/11 हमले के मास्टरमाइंड, हाफिज सईद से मिलने के लिए उन्हें प्रशंसा दी थी। दिल्ली हाई कोर्ट में प्रस्तुत हलफनामे में मलिक ने यह भी खुलासा किया कि उस समय के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एनके नारायण को इस बारे में सभी जानकारी थी, फिर भी उन्हें आतंकवादी घोषित कर दिया गया।

    यासीन मलिक की पत्नी और उसकी पृष्ठभूमि 🌏

    यासीन मलिक की पत्नी, मुशाल हुसैन, भारतीय सरकार के खिलाफ अपनी बयानबाजी के लिए जानी जाती हैं। दोनों का विवाह 2009 में पाकिस्तान में हुआ था, जिसे पूरे देश में चर्चा का विषय बनाया गया था। मुशाल भारतीय मूल के लोगों के खिलाफ अक्सर बयान देती रहती हैं और उनके परिवार का राजनीतिक背景 भी खासा मजबूत है। उनका पिता एक प्रसिद्ध अर्थशास्त्री हैं जबकि उनकी मां पाकिस्तान मुस्लिम लीग की महिला इकाई की महासचिव रह चुकी हैं।

    उनकी लव स्टोरी की शुरुआत ❤️

    यासीन और मुशाल की पहली मुलाकात 2005 में हुई थी, जब मलिक कश्मीर के अलगाववादी आंदोलन के लिए समर्थन जुटाने के लिए पाकिस्तान गए थे। मुशाल ने यासीन के बोलने के तरीके से प्रभावित होकर उन्हें प्रपोज किया। यासीन की शुरुआत में शादी करने की कोई योजना नहीं थी, लेकिन अंततः यह रिश्ता 22 फरवरी 2009 को शादी के बंधन में बंध गया।

    भारत के खिलाफ मुशाल की कथनी और करनी 💬

    मुशाल हुसैन ने पाकिस्तान की कार्यवाहक सरकार में प्रधानमंत्री की विशेष सलाहकार के रूप में काम किया है। वे पेंटिंग के लिए भी जानी जाती हैं और उन्होंने अपने कला के माध्यम से भारत के खिलाफ प्रोपेगैंडा भी फैला रखा है। उनके द्वारा चलाए जा रहे संगठन, “पीस एंड कल्चर ऑर्गनाइजेशन,” का उद्देश्य अपनी विचारधारा के अनुसार दक्षिण एशिया में सांस्कृतिक प्रभाव स्थापित करना है।

    इस घटनाक्रम ने राजनीतिक हलचलें तेज कर दी हैं, और सभी की निगाहें इस दिशा में हैं कि यासीन मलिक के आरोपों पर सरकार कैसे प्रतिक्रिया देती है।