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  • राहुल के हाईड्रोजन बम दावे पर राजनाथ सिंह का कटाक्ष, बोले: “वह तो पटाखा भी नहीं जला सकते”

    राहुल के हाईड्रोजन बम दावे पर राजनाथ सिंह का कटाक्ष, बोले: “वह तो पटाखा भी नहीं जला सकते”

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के मतदान चोरी के दावों को पूरी तरह से दरकिनार किया है। उन्होंने कहा कि गांधी ने जो बयान दिए हैं, वे अव्यवहारिक हैं और उन्होंने इस विषय पर कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए हैं।

    चुनाव आयोग का स्पष्टीकरण

    बिहार चुनाव से पहले उठाए गए सवालों पर केंद्रिय मंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि जो भी शिकायतें हैं, उन्हें कोर्ट में ले जाया जा सकता है। उन्होंने राहुल गांधी की ओर इशारा करते हुए कहा, “उन्होंनें हाइड्रोजन बम की बात की है, लेकिन वास्तव में वे एक पटाखा भी नहीं जला पाए हैं।”

    वोट चोरी पर राहुल गांधी का आरोप

    हरियाणा और महाराष्ट्र में वोटिंग के दौरान लगे आरोपों पर राजनाथ सिंह ने कहा कि गांधी की पदयात्रा का कोई परिणाम नहीं निकला है। “वे अब चुनावों की बात कर रहे हैं जो पहले हो चुके हैं। किसी भी तरह से लोगों को धोखा देकर राजनीति नहीं कर सकते,” उन्होंने टिप्पणी की।

    विपक्ष पर साधा निशाना

    राजनाथ सिंह ने एसआईआर का विरोध कर रहे विपक्ष के अन्य दलों पर भी निशाना साधा और कहा कि वे जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन कर रहे हैं। उन्होंने प्रश्न उठाते हुए कहा, “जो लोग बाहर से आए हैं उनका नाम मतदाता सूची में था, अब उन्हें हटाया जा रहा है। क्या इससे उन्हें कोई समस्या होनी चाहिए?”

  • BJP ने तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी को ‘कांग्रेस का मतलब मुसलमान’ बयान पर जिन्ना का अनुयायी बताया

    BJP ने तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी को ‘कांग्रेस का मतलब मुसलमान’ बयान पर जिन्ना का अनुयायी बताया

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के हालिया बयान पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विरोध जताया है। रेड्डी ने कहा कि “कांग्रेस का मतलब मुसलमान है,” जिससे भाजपा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और उनकी पार्टी जिन्नावादी मानसिकता को स्वीकार कर चुके हैं। भाजपा का कहना है कि यह बयान शरिया को भारतीय संविधान से ऊपर रखने का संकेत है।

    उपचुनाव में विरोध का कारण

    जुबीली हिल्स विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में पार्टी द्वारा भारतीय क्रिकेट के पूर्व कप्तान अजहरुद्दीन को मंत्री पद देने के निर्णय का भाजपा ने विरोध किया। रेड्डी ने एक रैली में कहा, “कांग्रेस हमेशा अल्पसंख्यकों को महत्व देती रही है।” इसी संदर्भ में भाजपा ने उन्हें जवाब दिया कि यह कांग्रेस का असली चेहरा है।

    भाजपा का हमला

    भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने रेड्डी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “रेवंत रेड्डी खुलकर उन बातों को स्वीकार कर रहे हैं, जो हम लंबे समय से कहते आ रहे हैं। यह भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस नहीं, बल्कि जिन्नावादी कांग्रेस है।”

    पूनावाला ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का यह रवैया दिखाता है कि वे मुसलमानों और उनके वोट बैंक को संविधान से ऊपर रखते हैं। उन्होंने कहा कि इसी मानसिकता के कारण कांग्रेस ने ओबीसी, एससी और एसटी के आरक्षण में कटौती की है, जिससे उनके पसंदीदा वोट बैंक को लाभ पहुंचाया जा सके।

    भविष्य की संभावनाएं

    यह बयान और उसके बाद का विवाद आने वाले उपचुनाव में दोनों पार्टियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। भाजपा को उम्मीद है कि इसका चुनावी फायदा मिलेगा, जबकि कांग्रेस को अपने समर्थन को बनाए रखने के लिए सशक्त रणनीतियों की आवश्यकता होगी।

  • लोहरदगा बना झारखंड का फुटबॉल हब: प्रीमियर लीग का भव्य आरंभ, विदेशियों ने बढ़ाई धूम

    लोहरदगा बना झारखंड का फुटबॉल हब: प्रीमियर लीग का भव्य आरंभ, विदेशियों ने बढ़ाई धूम

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    लोहरदगा में एलपीएल 2025 का शानदार शुभारंभ

    लोहरदगा: लोहरदगा प्रीमियर लीग (एलपीएल) 2025 का उद्घाटन सोमवार को नदिया हिंदू उच्च विद्यालय के मिनी स्टेडियम में हुआ। इस प्रतियोगिता ने ना केवल फुटबॉल के प्रति लोगों का जुनून जगाया, बल्कि जिले की नई खेल पहचान की भी नींव रखी है।

    फुटबॉल टूर्नामेंट का उद्देश्य

    यह प्रतियोगिता फीफा नियमों के अनुरूप आयोजित की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। इसे जिला फुटबॉल संघ द्वारा आयोजित किया जा रहा है।

    रोमांच का पहला दिन 🎉

    उद्घाटन मुकाबले में कैरो कैनेटिक्स और सेन्हा स्टैलियंस की टीमों के बीच मुकाबला 1-1 की बराबरी पर रहा। पहले हाफ में सेन्हा ने बढ़त बनाई, लेकिन अंत में कैरो कैनेटिक्स ने गोल कर मैच को बराबर कर दिया। इस मैच के मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार विशाल तिग्गा को मिला।

    सपनों की ऊँचाई बड़ी

    सांसद सुखदेव भगत ने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा, “हमारा जिला छोटा जरूर है, पर सपनों की ऊंचाई बड़ी है। फुटबॉल झारखंड की पहचान है और लोहरदगा इस पहचान को और मजबूत कर रहा है।”उपायुक्त डॉ. कुमार ताराचंद ने कहा कि इस तरह के आयोजन स्थानीय युवाओं के लिए सुनहरा अवसर साबित होंगे और यह एलपीएल भविष्य में राज्य स्तर पर पहचान बनाएगा।पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी ने खेल को भाईचारे और एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि स्थानीय युवाओं को विदेशी खिलाड़ियों से सीखने का काफी अच्छा मौका मिलेगा।

    विदेशी खिलाड़ियों की भागीदारी

    एलपीएल 2025 में विदेशी खिलाड़ियों की उपस्थिति ने इसे और अधिक रोमांचक बना दिया। दर्शकों ने उनकी उत्कृष्टता की सराहना की, जिससे यह प्रतीत होता है कि लोहरदगा अब फुटबॉल का एक नया गढ़ बनता जा रहा है।

  • विधायक एवं RJD उम्मीदवार डॉ. संजीव के खिलाफ FIR

    विधायक एवं RJD उम्मीदवार डॉ. संजीव के खिलाफ FIR

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    खगड़िया जिले में विधायक पर मामला दर्ज

    खगड़िया जिले के परबत्ता से विधायक और राजद के प्रत्याशी डॉ. संजीव कुमार के खिलाफ परबत्ता थाना में एक गंभीर मामला दर्ज किया गया है। थाना अध्यक्ष अरविंद कुमार ने स्वयं इस मामले की सूचना दी, जिसमें विधायक द्वारा उन्हें वॉट्सऐप थाना अध्यक्ष ने कहा कि विधायक ने अपने मोबाइल नंबर से अरविंद कुमार के नंबर पर कॉल कर उन्हें धमकी दी। उन्होंने कहा, “आप मेरे आदमी मिथिलेश चौधरी के खिलाफ सीसीए-तीन का प्रस्ताव भेजने की बात क्यों कर रहे हैं। इससे आपको कठिनाई होगी।” इस धमकी में यह भी कहा गया कि इस प्रस्ताव के कारण उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

  • बिहार चुनावों में करोड़पति उम्मीदवारों की भरमार, 92 NDA और 86 महागठबंधन के धनी उम्मीदवार

    बिहार चुनावों में करोड़पति उम्मीदवारों की भरमार, 92 NDA और 86 महागठबंधन के धनी उम्मीदवार

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    बिहार विधानसभा चुनाव में करोड़पतियों की भरमार 💰

    बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 18 जिलों की 121 विधानसभा सीटों पर खड़े उम्मीदवारों में से 73 प्रतिशत, यानी 178 उम्मीदवार करोड़पति हैं। चुनाव आयोग को दिए गए शपथपत्र में यह जानकारी सामने आई है। उल्लेखनीय है कि केवल 35 प्रतिशत यानी 65 उम्मीदवारों की संपत्ति एक करोड़ रुपये से कम है।

    एनडीए और इंडिया गठबंधन का आंकड़ा

    क्रोड़पतियों की सूची में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के 92 उम्मीदवार शामिल हैं, जबकि इंडिया गठबंधन (India alliance) के 86 उम्मीदवार इस श्रेणी में आते हैं।

    लखपतियों की स्थिति

    लखपति उम्मीदवारों की बात की जाए तो 64 में से 35 इंडिया गठबंधन से हैं, जबकि 29 एनडीए के हैं। इस सूची में वाम दल के 14 उम्मीदवार भी शामिल हैं।

    सबसे अमीर और सबसे गरीब उम्मीदवार

    बरबीघा से जदयू के उम्मीदवार कुमार पुष्पंजय की संपत्ति 71.57 करोड़ रुपये है, जो उन्हें सबसे अमीर बनाती है। वहीं, आरा से माले के क्यामुद्दीन अंसारी केवल 37 हजार रुपये की चल संपत्ति के साथ सबसे गरीब उम्मीदवार हैं।

    टॉप पांच अमीर उम्मीदवारों की सूची

    पहले चरण के दौरान जिन पांच अमीर उम्मीदवारों का नाम सामने आया है, वे हैं:

    1. देव कुमार चौरसिया (राजद, हाजीपुर) – 67 करोड़ रुपये
    2. सिद्धार्थ सौरभ (भाजपा, बिक्रम) – 42.87 करोड़ रुपये
    3. अरुण कुमार गुप्ता (राजद, बड़हरिया) – 40.9 करोड़ रुपये
    4. अनंत सिंह (जदयू, मोकामा) – 37.88 करोड़ रुपये

    संपत्ति की असमानता 🌍

    चुनाव आयोग के दस्तावेजों के अनुसार, हायाघाट से माकपा उम्मीदवार श्याम भारती की संपत्ति केवल 39 हजार रुपये है। वहीं, अगिआंव से भाजपा के उम्मीदवार महेश पासवान ने 55 हजार रुपये की संपत्ति बताई है।

    श्याम के पास केवल एक पुरानी बाइक है, जबकि उनकी पत्नी के नाम पर 2.36 लाख की चल और 55.63 लाख की अचल संपत्ति है। महेश पासवान के पास आठ लाख रुपये की कृषि योग्य भूमि है, और लोजपा (रा) के विष्णुदेव पासवान के पास 3.62 लाख रुपये की चल संपत्ति है।

    निष्कर्ष

    बिहार विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारों की संपत्ति की जानकारी यह दर्शाती है कि एक तरफ जहां करोड़पतियों की संख्या अधिक है, वहीं दूसरी तरफ कई उम्मीदवार ऐसे भी हैं जिनकी संपत्ति काफी कम है। यह चुनावी परिदृश्य में संपत्ति की असमानता को भी उजागर करता है।

  • तेजस्वी महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के चेहरे, मुकेश सहनी उपमुख्यमंत्री के उम्मीदवार

    तेजस्वी महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के चेहरे, मुकेश सहनी उपमुख्यमंत्री के उम्मीदवार

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    बिहार चुनाव में महागठबंधन का नया नेतृत्व!

    बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन के सीट बंटवारे पर चल रही चर्चा के बीच, कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक अहम घोषणा की है। उन्होंने तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री के रूप में और मुकेश सहनी को उप मुख्यमंत्री के पद पर नामित करने की बात कही है। इसके अतिरिक्त, गहलोत ने यह भी बताया कि यदि सरकार बनती है, तो कांग्रेस एक अन्य समाज से उप मुख्यमंत्री को भी शामिल करेगी।

    महागठबंधन के लिए एकता की आवश्यकता

    गहलोत के अनुसार, महागठबंधन के सदस्यों के बीच मतभेद कम करने के लिए उन्हें पटना भेजा गया था। वहां उन्होंने आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव से संवाद किया। उन्होंने कहा, “बिहार में हमारा गठबंधन पूरी तरह से एकजुट है और चुनाव के लिए तत्पर है। महागठबंधन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थिति को स्पष्ट किया जाएगा।”

    तेजस्वी यादव का संकल्प

    तेजस्वी यादव ने चुनावी माहौल को संबोधित करते हुए कहा, “हम सब मिलकर बिहार के विकास का कार्य करेंगे। मैं आदरणीय लालू जी, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और सभी महागठबंधन के सदस्यों का धन्यवाद करता हूँ। आपके विश्वास पर हम खरे उतरने का प्रयास करेंगे।” गहलोत ने फिर से स्पष्ट किया कि मुकेश सहनी इस बार उप मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे। उन्होंने कहा, “हम सबकी सहमति के बाद यह निर्णय लिया गया।”

    बिहार की राजनीतिक स्थिति में यह बदलाव आगामी चुनावों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है, और महागठबंधन के नेतृत्व की यह नई दिशा ज़रूर ध्यान आकर्षित करेगी।

  • बाहुबली मुन्ना शुक्ला की बेटी और RJD प्रत्याशी शिवानी को मिली धमकी, बढ़ाई गई सुरक्षा

    बाहुबली मुन्ना शुक्ला की बेटी और RJD प्रत्याशी शिवानी को मिली धमकी, बढ़ाई गई सुरक्षा

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान महागठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर तनातनी जारी है। इसी बीच, आरजेडी के उम्मीदवार और बाहुबली नेता मुन्ना शुक्ला की बेटी शिवानी शुक्ला को जान से मारने की धमकी दी गई है। अज्ञात अपराधी ने पुलिस कंट्रोल रूम को फोन कर यह धमकी दी। इस मामले में करताहा थाना की पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी और शिवानी की सुरक्षा बढ़ा दी है। उन्हें पुलिस गार्ड प्रदान किया गया है।

    कौन हैं शिवानी शुक्ला? 🧐

    शिवानी शुक्ला, बिहार के जाने-माने बाहुबली नेता मुन्ना शुक्ला की बेटी हैं। उन्होंने लंदन की यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से एलएलएम की डिग्री प्राप्त की है। शिवानी ने अपनी प्राथमिक शिक्षा दिल्ली पब्लिक स्कूल और बेंगलुरु की एलायंस यूनिवर्सिटी से हासिल की है। उनके पिता, मुन्ना शुक्ला वर्तमान में जेल में हैं। आरजेडी ने शिवानी को लालगंज सीट से उम्मीदवार बनाया है। उनकी शिक्षा को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

    मुन्ना शुक्ला का राजनीतिक सफर

    मुन्ना शुक्ला, जो भूमिहार समाज से आते हैं, ने वर्ष 2000 में जेल में रहते हुए विधानसभा चुनाव जीतने का एक अनूठा काम किया था। उनका परिवार लालगंज क्षेत्र में एक मजबूत राजनीतिक छवि रखता है। हालांकि, 2010 के बाद से शुक्ला परिवार ने किसी भी चुनाव में सफलता नहीं पाई, लेकिन अब शिवानी शुक्ला के रूप में उन्हें एक नई उम्मीद मिली है।

    शिवानी का वित्तीय स्थिति और राजनीतिक दृष्टिकोण 💰

    शिवानी शुक्ला ने अपने चुनावी हलफनामे में बताया है कि उनके पास कुल 21 लाख रुपये की चल संपत्ति है। वहीं, उन्हें विदेश में पढ़ाई के लिए 36 लाख रुपये का ऋण लेना पड़ा। शिवानी का मानना है कि वह राजनीति में मंत्री या विधायक बनने के लिए नहीं, बल्कि अपने पिता को जेल से रिहा कराने की इच्छाशक्ति के साथ चुनावी मैदान में उतरी हैं।

  • मैथिली ठाकुर पर ‘पाग’ का अपमान का आरोप, BJP विधायक केतकी सिंह ने मिथिला की गरिमा को ठेस पहुँचाई

    मैथिली ठाकुर पर ‘पाग’ का अपमान का आरोप, BJP विधायक केतकी सिंह ने मिथिला की गरिमा को ठेस पहुँचाई

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    दरभंगा के अलीनगर सीट पर बढ़ा राजनीतिक हंगामा

    बिहार की दरभंगा स्थित अलीनगर विधानसभा सीट पर राजनीतिक तापमान चढ़ता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने इस बार गायिका मैथिली ठाकुर को अपना उम्मीदवार बनाया है। हाल ही में, एनडीए कार्यकर्ताओं की एक सभा में उस समय हंगामा मच गया जब यूपी के बलिया से विधायक केतकी सिंह ने मिथिला का सम्मान प्रतीक पाग को उठाकर फेंक दिया।

    कार्यकर्ताओं का आक्रोश बढ़ा

    इस घटना के दौरान मंच के समीप मौजूद कार्यकर्ता और स्थानीय लोग भड़क उठे। मैथिली ठाकुर, जिनका स्थानीय लोगों में खासा सम्मान है, ने मतदाताओं से बातचीत करते हुए पाग को थाली में रखकर मखाना खाने का दृश्य पेश किया। इस दौरान उनके बयान ने लोगों को नाराज कर दिया, जिससे यह संदेश गया कि उन्हें वोटरों से आशीर्वाद मांगने की बजाय अपनी बातों पर ध्यान देना अधिक महत्वपूर्ण था।

    सोशल मीडिया पर इस घटना की तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। एक यूजर ने लिखा, “क्या केतकी सिंह को पाग का अपमान करने का अधिकार है?” इस पर अन्य लोगों ने भी पलटवार किया।

    केतकी सिंह का विवादास्पद बयान

    केतकी सिंह ने सभा में कहा, “ये पाग क्या है?” जैसे ही दर्शकों ने बताया कि यह मिथिला का सम्मान है, उन्होंने इसे फेंकते हुए कहा, “नहीं, मैथिली ठाकुर मिथिला का सम्मान हैं।” इस बयान ने कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश उत्पन्न किया, जिससे स्थिति और भी बिगड़ गई।

    मिथिला की सांस्कृतिक पहचान को ठेस

    कई स्थानीय लोगों ने इस घटना को मिथिला की भावनाओं पर चोट पहुंचाने वाला बताया है। पाग, जिसे अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सम्मानित करते हैं, ने मिथिला की सांस्कृतिक पहचान को प्रदर्शित किया है। इसके अलावा, **मिथिला पेंटिंग** जैसी सांस्कृतिक धरोहर भी पर्यटन और रोजगार में सहायक साबित हो रही है।

    मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य में इस घटना ने बीजेपी के लिए कई सवाल खड़े कर दिए हैं, और स्थानीय नेता स्पष्टता की मांग कर रहे हैं।

    अलीनगर का चुनावी माहौल

    यह विधानसभा क्षेत्र दरभंगा लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। 2020 विधानसभा चुनाव में **विकासशील इंसान पार्टी (VIP)** ने यहां जीत हासिल की थी। इस बार महागठबंधन ने **आरजेडी** के विनोद मिश्रा को पुनः उम्मीदवार बनाया है। वह मुस्लिम-यादव समीकरण के कारण इस चुनाव में मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।

    अलीनगर में पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को होना है। इस चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।

  • कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने त्यागपत्र दिया, ये वजह सामने आई…

    कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने त्यागपत्र दिया, ये वजह सामने आई…

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    पटना: बिहार चुनाव के मद्देनजर तैयारियां तेज हो गई हैं और सभी राजनीतिक पार्टियां जोरशोर से प्रचार में जुटी हैं। इस बीच, कांग्रेस पार्टी के अंदर से नेताओं के बीच मतभेदों की खबरें सामने आ रही हैं। छपरा में, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष बच्चू प्रसाद बीरू ने टिकट वितरण से असंतोष जाहिर करते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

    छपरा में राजनीतिक हलचल

    पार्टी सूत्रों के अनुसार, बच्चू प्रसाद बीरू ने न केवल अपने पद से इस्तीफा दिया है, बल्कि पार्टी की सदस्यता भी त्याग दी है। उन्हें माना जा रहा है कि टिकट बंटवारे में उनकी उम्मीदवारी को नजरअंदाज किया गया, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया। चुनावी माहौल में जिलाध्यक्ष का इस्तीफा कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

    पार्टी के भीतर जारी इन अंतर्विरोधों से आगामी चुनाव में उनकी स्थिति पर असर पड़ सकता है। पार्टी को इस समय एकजुट होकर अपने सदस्यों को बेहतर तरीके से समन्वयित करना आवश्यक होगा।

    वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में, यह स्पष्ट है कि बिहार में चुनावी परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और सभी पार्टियों को अपने-अपनी प्राथमिकताओं पर ध्यान देना होगा।

  • गुजरात के नए कैबिनेट में विभाग आवंटन: रविंद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा को मिला विभाग

    गुजरात के नए कैबिनेट में विभाग आवंटन: रविंद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा को मिला विभाग

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    गुजरात सरकार ने कैबिनेट में किया विभागों का नया बंटवारा

    गुजरात की भूपेंद्र पटेल सरकार ने आज अपने कैबिनेट में विभागों का पुनर्विभाजन किया है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने स्वयं सामान्य प्रशासन, प्रशासनिक सुधार और प्रशिक्षण जैसी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां अपने हाथ में ली हैं।

    उपमुख्यमंत्री के पास महत्वपूर्ण विभाग

    उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी को गृह विभाग, पुलिस, आवास, जेल, सीमा सुरक्षा और नागरिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं। इनके अतिरिक्त, उन्हें शराब और उत्पाद शुल्क, परिवहन, कानून और न्याय, खेल और युवा सेवाओं की भी जिम्मेदारी मिली है, जो सुरक्षा और प्रशासन से संबंधित अहम कार्यों का प्रबंधन करते हैं।

    वित्त और शहरी विकास की जिम्मेदारी

    कैबिनेट मंत्री कनुभाई मोहनलाल देसाई को वित्त विभाग, शहरी विकास और शहरी आवास का कार्यभार सौंपा गया है। ये विभाग राज्य की आर्थिक नीति और शहरी योजनाओं के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माने जाते हैं। वहीं, रुषिकेश गणेशभाई पटेल को ऊर्जा, पेट्रोकेमिकल्स, पंचायत और ग्रामीण आवास जैसे विभाग दिए गए हैं, जो राज्य के ऊर्जा प्रबंधन और ग्रामीण विकास के लिए आवश्यक हैं।

    जडेजा की पत्नी को शिक्षा विभाग

    राज्य कैबिनेट में शामिल भारतीय क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की पत्नी रिवाबा जडेजा को प्राथमिक, माध्यमिक और वयस्क शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इस नियुक्ति से राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता और सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    नवीनतम कैबिनेट विस्तार की जानकारी

    हाल ही में हर्ष संघवी को राज्य का डिप्टी सीएम नियुक्त किया गया था। वे तीन बार के विधायक हैं और वर्तमान में मजुरा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने 25 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई, जिसके बाद अब मंत्रिपरिषद में कुल 26 मंत्री हो गए हैं। खास बात यह है कि पिछले वर्ष कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए विधायक अर्जुन मोढवाडिया को भी मंत्री बनाया गया है।

  • भोजपुरी अभिनेत्री और NDA उम्मीदवार सीमा सिंह का नामांकन रद्द, मढौरा सीट से चिराग पासवान की थी प्रत्याशी

    भोजपुरी अभिनेत्री और NDA उम्मीदवार सीमा सिंह का नामांकन रद्द, मढौरा सीट से चिराग पासवान की थी प्रत्याशी

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    मढ़ौरा से सीमा सिंह का नामांकन रद्द, एनडीए को लगा बड़ा झटका

    बिहार के मढ़ौरा विधानसभा क्षेत्र से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की उम्मीदवार सीमा सिंह का नामांकन पत्र नामंजूर कर दिया गया है। चुनावी प्रक्रिया के दौरान यह निर्णय लिया गया, जिससे एनडीए को एक बड़ा झटका लगा। जानकारी के अनुसार, चार और उम्मीदवारों के नामांकन भी रद्द किए गए हैं।

    कागजातों में कमी बना कारण

    निर्वाचक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी रद्द किए गए नामांकन पत्रों में नियमों के अनुसार आवश्यक दस्तावेजों की कमी और तकनीकी त्रुटियों के कारण यह कार्रवाई की गई थी। रद्द होने वाले उम्मीदवारों में निर्दलीय अल्ताफ आलम राजू, बसपा के आदित्य कुमार और निर्दलीय विशाल कुमार भी शामिल हैं। यह पूरे क्षेत्र में राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।

    राजनीतिक समीकरण में बदलाव

    समीक्षकों का मानना है कि सीमा सिंह का नामांकन रद्द होने से मढ़ौरा में मुकाबला अब primarily राजद और जनसुराज जैसे अन्य उम्मीदवारों के बीच सीमित हो जाएगा। राजद के जितेंद्र कुमार राय, जो पूर्व विधायक और बिहार सरकार में मंत्री रह चुके हैं, मुख्य प्रतिद्वंदी बनकर उभरे हैं।

    लोजपा के समर्थकों में निराशा

    सीमा सिंह के नामांकन की अस्वीकृति पर लोजपा के समर्थकों में निराशा देखी गई है, जबकि विपक्षी दल इस स्थिति को अपने लिए लाभप्रद मान रहे हैं। मढ़ौरा विधानसभा का चुनावी परिदृश्य अब एक नई दिशा में बढ़ता दिख रहा है।

    सीमा सिंह की शैक्षणिक योग्यता

    सीमा सिंह के निर्वाचन शपथपत्र के अनुसार, वह केवल नौवीं कक्षा तक पढ़ाई की हैं। उन्होंने 1999 में महाराष्ट्र के ठाणे में स्थित एक स्कूल से परीक्षा उत्तीर्ण की थी। फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के बाद, वह अब राजनीति में अपनी किस्मत आजमाने के लिए सक्रिय हो गई हैं।

  • बिहार में महागठबंधन को झटका, झामुमो अकेले लड़ेगी चुनाव

    बिहार में महागठबंधन को झटका, झामुमो अकेले लड़ेगी चुनाव

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    रांची : झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने बिहार चुनाव में महागठबंधन से अपना नाता तोड़ने का निर्णय लिया है। पार्टी ने घोषणा की है कि वह स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ेगी और छह विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। बिहार विधानसभा की 243 सीटों के लिए मतदान 6 और 11 नवंबर को होगा, जबकि मतों की गिनती 14 नवंबर को की जाएगी।

    झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा, “पार्टी ने बिहार चुनाव अपने दम पर लडऩे का फैसला किया है। हम चकाई, धमदाहा, कटोरिया (एसटी), मनिहारी (एसटी), जमुई और पीरपैंती सीटों पर चुनाव में भाग लेंगे।” इन सीटों पर दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा।

    चुनाव प्रचार के लिए तैयारियां 💪

    झामुमो ने बिहार चुनाव को लेकर 20 स्टार प्रचारकों की सूची जारी की है, जिसमें झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल होंगे। एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि महागठबंधन से सीटों की मांग की गई थी, लेकिन महागठबंधन ने इसे अनसुना कर दिया, इसलिए पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।

    भट्टाचार्य ने मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए कहा, “हम महागठबंधन के साथ हैं और उससे यह उम्मीद रखते हैं कि जेएमएम की हिस्सेदारी की घोषणा शीघ्र की जाए, क्योंकि नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।”

    पूर्व अनुभवों का संदर्भ 🔍

    भट्टाचार्य ने 2019 के झारखंड विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को सात सीटें दी गई थीं, लेकिन वे केवल एक सीट पर जीत हासिल कर सके थे। उन्होंने कहा, “हमने झारखंड में सरकार में राजद को एक विधायक को मंत्री बनाया था। आगामी चुनाव में, हमने राजद को झारखंड की छह सीटों का आवंटन किया।”

    जुझारूपन का संकल्प ⚔️

    भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि झामुमो अच्छे से जानता है कि चुनाव कैसे लडऩा है, विशेषकर भाजपा के खिलाफ। उन्होंने कहा, “हम गठबंधन सहयोगियों के बीच किसी भी भ्रम से बचना चाहते हैं, जिससे अन्य पार्टियों को फायदा मिल सकता है। इसलिए, हम चाहेंगे कि हमारी केंद्रीय समिति की बैठक तक सभी मुद्दों का समाधान हो जाए। बिहार में कई सीटें ऐसी हैं जहां हम मदद नहीं करेंगे तो महागठबंधन को भारी नुकसान हो सकता है।”

  • सूरजभान सिंह हुए आरजेडी में शामिल…

    सूरजभान सिंह हुए आरजेडी में शामिल…

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    बिहार के पूर्व सांसद सूरजभान सिंह ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) का दामन थाम लिया है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। सूरजभान, जो कि पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान और उनके भाई पशुपति पारस के करीबी सहयोगी माने जाते हैं, ने हाल ही में आरजेडी से जुड़कर राजनीतिक दिशा में एक नया मोड़ लिया है। एनडीए से बाहर होने के बाद, पशुपति पारस की राजनीतिक संभावनाओं पर जो संकट आया है, उसके बीच सूरजभान का आरजेडी में शामिल होना महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

    वीणा देवी की चुनावी चुनौती

    सूरजभान सिंह की पत्नी, पूर्व सांसद वीणा देवी, मोकामा सीट से चुनाव लड़ने जा रही हैं, जहाँ वे बाहुबली अनंत सिंह और जेडीयू के उम्मीदवार के खिलाफ अपनी किस्मत आज़माएँगी। इस सीट को अब एक महत्वपूर्ण राजनीतिक केंद्र माना जा रहा है, जहाँ दो बड़े नेता आमने-सामने हैं। आरजेडी ने सूरजभान के माध्यम से **भूमिहार समुदाय** का समर्थन हासिल करने की कोशिश की है।

    छपरा सीट पर खेसारी लाल की पत्नी की दावेदारी

    इसके अलावा, भोजपुरी गायक खेसारी लाल की पत्नी चंदा को भी आरजेडी का प्रतीक चिह्न प्राप्त हुआ है। वे छपरा सीट से चुनाव लड़ेंगी, जहाँ उनका मुकाबला भाजपा की महिला उम्मीदवार छोटी कुमारी से होगा। इससे छपरा सीट का राजनीतिक परिदृश्य और भी दिलचस्प हो गया है, क्योंकि यहां यादव, राजपूत, ब्राह्मण, बनिया और मुस्लिम वोटर्स की संख्या महत्वपूर्ण है।

    छपरा सीट का राजनीतिक माहौल

    छपरा विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का प्रभाव रहा है। वर्तमान में, इस सीट से डॉ. सीएन गुप्ता विधायक हैं, जो पिछले दो कार्यकाल से जीतते आ रहे हैं। लेकिन इस बार बीजेपी ने उनका टिकट काटकर छोटी कुमारी को उम्मीदवार बनाया है। 2020 के चुनावों में, सीएन गुप्ता को 75,710 वोट मिले थे, जबकि आरजेडी के रणधीर कुमार सिंह को 68,939 वोट मिले थे, जो दर्शाता है कि दोनों के बीच मुकाबला काफी निकट था। खेसारी लाल यादव की स्थानीय लोकप्रियता भी चुनाव में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

  • जेडीयू ने चिह्न बांटे, अनंत सिंह मोकामा से होंगे पार्टी के उम्मीदवार

    जेडीयू ने चिह्न बांटे, अनंत सिंह मोकामा से होंगे पार्टी के उम्मीदवार

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    जेडीयू ने विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों को बांटे चुनाव चिन्ह

    नई दिल्ली: बिहार विधानसभा चुनावों (Bihar Assembly Elections) की तैयारियों के बीच, एनडीए द्वारा सीट शेयरिंग की घोषणा के बाद, जनता दल (यूनाइटेड) यानी जेडीयू ने अपने उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह देना शुरू कर दिया है।

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सक्रियता

    मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के निवास पर संभावित उम्मीदवारों की लगातार बैठकें आयोजित की जा रही हैं, जहां उन्हें पार्टी का चुनाव चिन्ह सौंपा जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, यह प्रक्रिया संगठनात्मक मजबूती और चुनावी रणनीति के तहत की जा रही है।

    मुख्य उम्मीदवारों की घोषणा

    इस बार जेडीयू ने मोकामा से अनंत सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित किया है, जो पार्टी के लिए महत्वपूर्ण कदम है। अनंत सिंह, जो कि क्षेत्र में एक प्रमुख नेता माने जाते हैं, की उम्मीदवारी वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पार्टी के चुनावी सरजमीं को मजबूत कर सकती है।

    सीट बंटवारे की स्थिति

    जेडीयू का यह कदम चुनावी गतिशीलता के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। एनडीए में सीटों के बंटवारे के बाद, पार्टी अपनी स्थिति को मजबूत बनाने के लिए प्रयासरत है। आगामी चुनावों के लिए उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया पार्टी की चुनावी रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    बिहार में चुनावी माहौल में तेजी आने की उम्मीद है, जबकि जेडीयू अपने मंच को और मजबूत करने में जुटी हुई है। आगामी दिनों में अन्य उम्मीदवारों की भी घोषणा की जा सकती है।

  • बिहार चुनावों से पहले आरजेडी और तेजस्वी को बड़ा झटका: 2 विधायक ने दिया इस्तीफा

    बिहार चुनावों से पहले आरजेडी और तेजस्वी को बड़ा झटका: 2 विधायक ने दिया इस्तीफा

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और तेजस्वी यादव को एक गंभीर संकट का सामना करना पड़ा है। नवादा और रजौली से पार्टी के विधायक विभा देवी और प्रकाश वीर ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। उनकी यह कदम भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण करने के साथ हुआ है। विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव को दिए गए इस्तीफे के पीछे RJD के अंदर चल रही अंतर्कलह और नेतृत्व के संकट को बताया गया है।दोनों नेताओं ने कहा कि वे अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और BJP के नेतृत्व के तहत विकास की राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस घटनाक्रम ने चुनावी तैयारियों के दौरान तेजस्वी यादव को एक महत्वपूर्ण चुनौती दी है, क्योंकि नवादा जिला RJD का पारंपरिक गढ़ माना जाता रहा है, जहां अब पार्टी का प्रभाव कमजोर होता नजर आ रहा है।

  • बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए का नया सीट फॉर्मूला

    बिहार विधानसभा चुनाव में एनडीए का नया सीट फॉर्मूला

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर एनडीए (National Democratic Alliance) गठबंधन में सीटों को लेकर नया फॉर्मूला तय हो गया है। बिहार बीजेपी के प्रभारी विनोद तावंडे ने इस संबंध में जानकारी अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की है।

    सीटों की संख्या में बदलाव

    नई व्यवस्था के मुताबिक, जेडीयू और बीजेपी दोनों को 101-101 सीटें मिलेंगी। वहीं, चिराग पासवान की पार्टी को 29 सीटें दी गई हैं, जबकि उपेंद्र कुशवाहा और जीतन राम मांझी को 6-6 सीटों पर चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा। यह बदलाव जेडीयू की स्थिति को कमजोर करता है, क्योंकि वह अब बिहार में बड़े भाई की भूमिका में नहीं रह गई है।

    चिराग पासवान को लाभ

    चिराग पासवान के लिए यह चुनावी फॉर्मूला फायदेमंद साबित हो रहा है। पहले 25-26 सीटों की बातें चल रही थीं, जो अब बढ़कर 29 हो गई हैं। उनकी मांगों में ब्रह्मपुर, गोविंदपुर और हिसुआ विधानसभा क्षेत्रों को भी शामिल किया गया है। 2020 के चुनाव में, चिराग ने एनडीए से अलग होकर चुनाव लड़ा था, जिससे जेडीयू को भारी नुकसान उठाना पड़ा था और आरजेडी (Rashtriya Janata Dal) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी।

    एनडीए की मजबूरी और आगे की राह

    चिराग पासवान की अलग होने की आशंका ने जेडीयू और बीजेपी को मजबूर किया, जिसके चलते उनकी सीटों की संख्या बढ़ानी पड़ी। इस बीच, इंडिया गठबंधन द्वारा सीटों का ऐलान अभी तक नहीं किया गया है। बिहार के राजनीतिक मंच पर यह बदलाव कई नई समीकरणों को जन्म देगा।

  • एनडीए ने सीट बंटवारे पर सहमति बनाई, चिराग पासवान ने 25 सीटों पर सहमति जताई, भाजपा ने आश्वासन दिया।

    एनडीए ने सीट बंटवारे पर सहमति बनाई, चिराग पासवान ने 25 सीटों पर सहमति जताई, भाजपा ने आश्वासन दिया।

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    एनडीए में सीट बंटवारे पर सहमति का नया संकेत

    बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए एनडीए (NDA) में सीट बंटवारे को लेकर गंभीर बातचीत चल रही है। हाल के दिनों में चिराग पासवान की तत्परता के साथ 40 विधानसभा सीटों पर स्थिति स्पष्ट करने के प्रयासों की चर्चा रही है। सूत्रों के अनुसार, वह अब 25 सीटों पर सहमति देने के लिए तैयार हो सकते हैं, जिसके बदले उन्हें भाजपा से केंद्र एवं बिहार सरकार में अधिक महत्वपूर्ण भूमिकाएं मिलने का आश्वासन मिला है। इसके अतिरिक्त, उनकी पार्टी को एक राज्यसभा सीट की पेशकश भी की जा सकती है।

    चिराग पासवान का बयान: सबकुछ ठीक है!

    चिराग पासवान ने हाल ही में कहा है कि एनडीए में सभी चीजें सही दिशा में जा रही हैं और जल्दी ही सीट बंटवारे की घोषणा होने की उम्मीद है। हालांकि, आधिकारिक रूप से किसी भी पक्ष की तरफ से कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन यह स्पष्ट हो रहा है कि चिराग 25 सीटों पर सहमत होने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। गुरुवार को भाजपा और उनकी पार्टी के नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें नित्यानंद राय और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी उपस्थित थे। चिराग पासवान ने कहा कि सभी चर्चा सकारात्मक हैं और बातें अब फाइनल स्टेज में हैं।

    चुनाव की तैयारियां तेज

    बिहार में 6 और 11 नवंबर को मतदान होना है, और भाजपा चाहती है कि उसके उम्मीदवारों को कम से कम 20 दिनों का समय चुनाव प्रचार के लिए मिले। इसलिए गठबंधन में जल्दी से सीट बंटवारे के मुद्दे को सुलझाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। भाजपा जीतनराम मांझी और अन्य सहयोगी दलों के साथ तालमेल बैठाने में लगी हुई है।

    चिराग का लक्ष्य

    चिराग पासवान ने यह भी उल्लेख किया है कि उनका लोकसभा चुनाव में प्रदर्शन शानदार रहा है, और वे अधिक सीटों की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही, उनके मुख्यमंत्री बनने की आकांक्षा भी है, जो चुनावी रणनीति को और दिलचस्प बनाती है।

    इस प्रकार, एनडीए में सीट बंटवारे की स्थिति ने बिहार चुनाव के संदर्भ में एक नया मोड़ ले लिया है। अब देखना होगा कि आगे की रणनीतियों में क्या बदलाव होते हैं।

  • सांसद पप्पू यादव के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला, FIR दर्ज

    सांसद पप्पू यादव के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मामला, FIR दर्ज

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव के खिलाफ आदर्श चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह मामला सहदेई बुजुर्ग प्रखंड के नयागांव पश्चिमी पंचायत के गनियारी गांव में बाढ़ से प्रभावित居民ों के बीच नकद वितरण को लेकर है।

    प्राथमिकी की जानकारी

    सीओ अनुराधा कुमारी के अनुसार, इस प्राथमिकी में पप्पू यादव के साथ नयागांव पूर्वी पंचायत के निवासी श्याम नंदन राय का नाम भी शामिल किया गया है। इसके अलावा, कुछ अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपित किया गया है। सीओ ने कहा कि श्याम नंदन राय ने सांसद को बुलाकर पीड़ितों के बीच रुपये बांटने का प्रयास किया, जिससे वहां भीड़ इकट्ठा हुई।

    जांच की प्रक्रिया

    इस घटनाक्रम की सूचना मिलने पर राजस्व कर्मचारी दिवाकर कुमार और अंचल कार्यालय देसरी में कार्यरत रंजित कुमार ने गनियारी गांव जाकर जांच की। जांच के दौरान यह पता चला कि सांसद पप्पू यादव ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर बाढ़ पीड़ितों को तीन से चार हजार रुपये का वितरण किया है।

    साक्ष्य का सबूत

    सीओ ने कहा कि जांच में स्थानीय लोगों ने रुपये वितरण करते हुए फोटो और वीडियो भी दिखाए। प्राथमिकी में उल्लेख किया गया है कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की घोषणा के बाद से आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन किया गया है।

  • मुख्यमंत्री सिद्धारमैया कैबिनेट से 50% मंत्रियों को हटाने की तैयारी में, मास्टर प्लान बनाया

    मुख्यमंत्री सिद्धारमैया कैबिनेट से 50% मंत्रियों को हटाने की तैयारी में, मास्टर प्लान बनाया

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    कर्नाटक में राजनीतिक हलचल: मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के कैबिनेट में बदलाव की चर्चा

    कांग्रेस शासित कर्नाटक में जल्द ही एक महत्वपूर्ण राजनीतिक परिवर्तन की संभावना बताई जा रही है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया अपने कैबिनेट से लगभग आधे मंत्रियों को हटाने की तैयारी कर सकते हैं। हालांकि, इस विषय पर resmi तौर पर कोई सूचना नहीं दी गई है। राज्य के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी इस संबंध में कोई जानकारी साझा करने से इनकार किया है।

    कैबिनेट फेरबदल की योजना

    एक रिपोर्ट के अनुसार, सिद्धारमैया ने 13 अक्टूबर को सभी कैबिनेट मंत्रियों के लिए एक रात्रिभोज का आयोजन किया है। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री मौजूदा मंत्रियों में से 50 प्रतिशत को हटाकर नए चेहरों को शामिल करने की योजना बना रहे हैं। उनकी योजना के अनुसार, करीब 15 नए मंत्रियों को शामिल करना है, जिसके चलते पार्टी आलाकमान को तत्काल बदलाव में कठिनाई हो सकती है।

    बदली की उम्मीदें

    रिपोर्ट के अनुसार, AICC यानी ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के साथ बातचीत के दौरान, सिद्धारमैया ने नवंबर में कैबिनेट फेरबदल के संकेत दिए थे। यह ध्यान देने योग्य है कि नवंबर में सिद्धारमैया के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यकाल के ढाई वर्ष पूरे हो रहे हैं, और इसलिए यह परिवर्तन बिहार विधानसभा चुनाव के बाद संभव है।

    दलित नेताओं की बैठक

    इसी बीच, तीन दलित मंत्रियों की मुलाकात भी हुई, जिसमें जी परमेश्वरा, सतीश जरकिहोली और महादेवप्पा शामिल हैं। इन नेताओं ने चर्चा की है कि यदि मुख्यमंत्री का पद बदला जाता है, तो दलित नेताओं का क्या निर्णय होगा। कहा जा रहा है कि दलित मंत्री सीएम पद के लिए परमेश्वरा के नाम की सिफारिश कर सकते हैं।

    इन घटनाक्रमों पर सही दिशा में आगे बढ़ने के लिए सभी से संयम रखने का आग्रह किया गया है, ताकि पार्टी का सामंजस्य बना रहे।

  • घाटशिला उपचुनाव से पहले हेमंत सोरेन ने बुलाई बैठक

    घाटशिला उपचुनाव से पहले हेमंत सोरेन ने बुलाई बैठक

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    घाटशिला में उपचुनाव के लिए चुनाव आयोग ने 11 नवंबर को मतदान की तिथि निर्धारित की है। इस चुनाव के परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे, जो कि बिहार विधानसभा चुनाव के साथ आएंगे। ये उपचुनाव पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन के बाद हो रहा है, और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन की राजनीतिक प्रतिष्ठा पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।

    हेमंत सोरेन की पार्टी की बैठक

    मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के केंद्रीय अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने 15 अक्टूबर को पार्टी की बैठक बुलाई है। यह बैठक हरमू स्थित सोहराई भवन में सुबह 11 बजे होगी, जिसमें केंद्रीय समिति के सभी पदाधिकारी और सदस्यों को आमंत्रित किया गया है। बैठक में घाटशिला उपचुनाव, बिहार विधानसभा चुनाव और पार्टी के संगठनात्मक स्थिति के बारे में चर्चा होगी।

    राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप

    इस उपचुनाव में सिर्फ बीजेपी और जेएमएम आमने-सामने नहीं हैं, बल्कि यहाँ मुख्यमंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री की राजनीतिक प्रतिष्ठा भी दांव पर है। यह उपचुनाव हेमंत सोरेन के दूसरे कार्यकाल का पहला चुनाव है, इसलिए इसे सरकार की विश्वसनीयता से जोड़ा जा रहा है। संभावित उम्मीदवारों में दिवंगत रामदास सोरेन के बेटे सोमेश सोरेन और बीजेपी के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन शामिल हो सकते हैं।

    जयराम महतो का संभावित प्रभाव

    इस चुनाव में जयराम महतो की राजनीतिक स्थिति भी महत्वपूर्ण होगी। उनकी पार्टी जेएलकेएम ने 2024 के विधानसभा चुनाव में भाग लिया था और उनके उम्मीदवार को लगभग आठ हजार वोट मिले थे। अब यह देखना होगा कि वे इस उपचुनाव में अपने उम्मीदवार को प्रस्तुत करते हैं या नहीं।

  • बिहार: प्रशांत किशोर की पार्टी के नेता पर हमला, बाइक सवार अपराधियों ने की फायरिंग

    बिहार: प्रशांत किशोर की पार्टी के नेता पर हमला, बाइक सवार अपराधियों ने की फायरिंग

    📌 गांडीव लाइव डेस्क:

    बिहार में विधानसभा चुनाव का समय नजदीक आ रहा है, और विभिन्न राजनीतिक दल उम्मीदवारों की चयन प्रक्रिया में जुट गए हैं। इसी बीच, जनसुराज पार्टी के संभावित उम्मीदवार गजेंद्र सिंह पर गया में एक जानलेवा हमला हुआ है।

    गजेंद्र सिंह पर हुआ हमला ⚠️

    जानकारी के अनुसार, गजेंद्र सिंह उस समय स्कॉर्पियो में यात्रा कर रहे थे जब बाइक सवार अपराधियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। गनीमत रही कि इस हमले में गजेंद्र सिंह बाल-बाल बच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक गोली स्कॉर्पियो की सतह पर लगी, जबकि अन्य गोलियां चूक गईं।

    चुनाव में बिगड़ते हालात 📉

    यह घटना दिखाती है कि बिहार में चुनावी महौल कितनी संवेदनशील है। राजनीतिक दल अब सुरक्षा के विषय में भी गंभीरता से विचार कर रहे हैं। आने वाले चुनावों में, यह देखना दिलचस्प होगा कि किस प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी।