झारखंड सरकार पर बाबूलाल मरांडी का तीखा हमला
लोहरदगा : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने बुधवार को लोहरदगा जिला परिसदन में मीडिया को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वर्तमान झारखंड सरकार ने जनता को धोखा दिया है और इसे ‘ठगुआ सरकार’ करार दिया। मरांडी ने चुनाव प्रचार के दौरान किए गए वादों को याद करते हुए कहा कि सरकार अपने वादों में विफल रही है।
युवाओं और योजनाओं की अनदेखी
उन्होंने स्थानीय नीति और तकनीकी शिक्षा जैसी महत्वपूर्ण बातों के मामले में सरकार द्वारा की गई लापरवाहियों की आलोचना की। उनके अनुसार, गरीब, वृद्ध, विधवा और दिव्यांग योजनाओं के लाभार्थियों की मदद नहीं की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मंइयां सम्मान योजना उन तक नहीं पहुंच रही है, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है, और पोर्टल के बंद होने की समस्या पर भी चिंता जताई।
रोजगार और युवा पलायन
बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के एक लाख रोजगार देने के वादे पर सवाल उठाया और कहा कि राज्य के युवा रोज़गार की अनुपस्थिति के कारण मजबूरन अस्थायी काम कर रहे हैं। उन्होंने सरकारी वादों की कमी को देखते हुवे कहा कि राज्य में डिग्री और इंजीनियरिंग कॉलेजों का स्वप्न अभी भी अधूरा है।
आउटसोर्सिंग और किसानों का मुद्दा
ठगी का आरोप : मरांडी ने कहा कि आउटसोर्सिंग कंपनियों के माध्यम से युवाओं से पैसे की ठगी की जा रही है, जबकि सरकार इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही। उन्होंने कहा कि धान खरीदी की नीति स्पष्ट नहीं है और बिचौलियों को पूरी छूट दी गई है।
चाईबासा घटना पर त्वरित कार्रवाई की मांग
उन्होंने चाईबासा में बच्चों की मौत को गंभीरता से लिया और संबंधित मंत्री की बर्खास्तगी की मांग की, ताकि पीड़ित परिवारों को न्याय मिल सके।
भ्रष्टाचार के आरोप
मरांडी ने विभिन्न विभागों में चल रहे भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर किया और शराब घोटाले से जुड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने गलतियों को छिपाने के लिए अधिकारियों को बलि का बकरा बना दिया और चार्जशीट नहीं दी।
डेमोग्राफी में बदलाव
मरांडी ने विशेष पहचान रजिस्टर (एसआईआर) की आवश्यकता पर जोर दिया, यह बताते हुए कि राज्य की जनसंख्या में बदलाव हो रहा है। आदिवासी आबादी में गिरावट और मुस्लिम आबादी में वृद्धि उनके लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति स्थानीय राजनीति के चलते बनी हुई है।




















