श्रेणी: Politics

  • राजस्थान में विधायकों के फंड में भ्रष्टाचार का नवीनतम खुलासा

    राजस्थान में विधायकों के फंड में भ्रष्टाचार का नवीनतम खुलासा

    राजस्थान में विधायक निधि से जुड़ा बड़ा खुलासा

    जयपुर। राजस्थान की राजनीति में विधायक निधि से संबंधित गतिविधियों को लेकर एक गंभीर मामला उभर कर सामने आया है। हालिया मीडिया रिपोर्टों में यह आरोप लगाया गया है कि कई विधायक विकास कार्यों की अनुशंसा के लिए कमीशन की मांग कर रहे हैं। यह स्थिति न केवल राजनीतिक क्षेत्र में हड़कंप मचाने वाली है, बल्कि इससे विकास परियोजनाओं की पारदर्शिता पर भी प्रश्न उठते हैं।

    कमीशन की मांग का आरोप

    पार्टी नेताओं के अनुसार, कुछ विधायक विकास कार्यों के प्रस्तावों को मंजूरी देने के बदले में आर्थिक लाभ की मांग कर रहे हैं। यह स्थिति तत्वावधान में बहुत ही चिंताजनक मानी जा रही है। ऐसे मामलों से न केवल सत्ता में बैठे लोगों की छवि प्रभावित होती है, बल्कि आम जनता की विश्वास भी डगमगाती है।

    डमी फर्म के माध्यम से भ्रष्टाचार का आरोप

    रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि कुछ विधायक डमी फर्मों का सहारा लेकर इन भ्रष्टाचार के मामलों में शामिल हैं। इन कंपनियों के जरिए विकास कार्यों का निष्पादन दिखाया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में उनके पीछे कोई ठोस आधार नहीं है। इस स्थिति की जांच की आवश्यकता है ताकि वास्तविक दोषियों को सजा मिल सके।

    राजकीय प्रतिक्रिया की आवश्यकता

    इस मामले को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने सरकार से तेजी से कार्रवाई की मांग की है। यदि जांच प्रक्रिया को तुरंत शुरू नहीं किया गया, तो यह मामला और अधिक जटिल हो सकता है, जिससे राज्य की राजनीति में और अनिश्चितता उत्पन्न होगी। विधायक निधि में ऐसे घोटालों का खुलासा राज्य की विकास योजनाओं पर गहरा असर डाल सकता है।

  • मध्य प्रदेश मंत्री प्रतिमा बागरी ने BJP कार्यालय को बुलाया, संगठन से मांगा स्पष्टीकरण

    मध्य प्रदेश मंत्री प्रतिमा बागरी ने BJP कार्यालय को बुलाया, संगठन से मांगा स्पष्टीकरण

    मध्य प्रदेश में मंत्री प्रतिमा बागरी की मुसीबतें बढ़ी

    भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार में राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी की स्थिति उस समय गंभीर हो गई जब उनके भाई अनिल बागरी को गांजे की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इस घटना के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उच्च पदाधिकारियों ने सख्त रुख अपनाते हुए मंत्री बागरी को प्रदेश कार्यालय बुलाया। उन्होंने क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल के साथ लगभग आधे घंटे तक चर्चा की। इसके बाद प्रदेश महामंत्री हितानंद शर्मा से भी बंद कमरे में बातचीत हुई।

    संगठन द्वारा सवाल उठाना

    सूत्रों के अनुसार, संगठन के सदस्यों ने मंत्री बागरी से पूछा, “आपके नाक के नीचे इतनी गतिविधियाँ होती रहीं, क्या आपको इसकी जानकारी नहीं थी?” भाई की गिरफ्तारी को लेकर भी स्पष्टता मांगी गई। मंत्री प्रतिमा बागरी ने अपने आपको निर्दोष बताते हुए कहा कि “भाई के कार्यों से मेरा कोई संबंध नहीं है।” लेकिन संगठन ने सख्त निर्देश जारी किए। अजय जामवाल से मुलाकात के बाद मंत्री बागरी की मनस्थिति मायूस दिखी।

    पार्टी की छवि पर असर

    यह ध्यान देने योग्य है कि इससे पहले भी मंत्री के परिवार से जुड़े कुछ लोग ऐसी विवादास्पद स्थितियों में पाए गए हैं, जिससे पार्टी की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। भाजपा नेतृत्व इस मामले को गंभीरता से ले रहा है और आगे की कार्रवाई पर नजर बनाए हुए है।

  • नीतीश कैबिनेट में नए विभागों का आवंटन,सीएम को सिविल एविएशन, टाइगर को युवा रोजगार विभाग मिला

    नीतीश कैबिनेट में नए विभागों का आवंटन,सीएम को सिविल एविएशन, टाइगर को युवा रोजगार विभाग मिला

    बिहार सरकार ने तीन नए विभागों का सृजन किया

    पटनाः बिहार सरकार ने हाल ही में **तीन विभागों** की स्थापना की है। शनिवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंत्रियों के बीच विभागों का उचित बंटवारा किया। मुख्यमंत्री ने सिविल विमानन विभाग अपने पास रखा है, जो कि पहले से उनके अधीन रहा है।

    मंत्रियों के बीच विभागों का वितरण

    बिहार के किशनगंज में हलवा खाने के बाद 16 छात्राओं के बीमार होने से एक अराजकता पैदा हो गई। उच्च शिक्षा विभाग का प्रभार शिक्षा मंत्री सुनील कुमार को दिया गया है, जो जदयू के कोटे से मंत्री हैं। भाजपा के संजय सिंह टाइगर को **युवा रोजगार एवं कौशल विभाग** का मंत्री बनाया गया है। मंत्रिमंडल के पुनर्गठन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास अब सामान्य प्रशासन, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन और सिविल विमानन विभाग शामिल हैं।

    नए मंत्री और उनके विभाग

    शिक्षा मंत्री सुनील कुमार, शिक्षा, उच्च शिक्षा एवं विज्ञान, प्रावैधिकी तथा तकनीकी शिक्षा विभाग का भी प्रबंधन करेंगे। पहले श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग देख रहे संजय सिंह टाइगर को नवसृजित युवा, रोजगार एवं कौशल विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। अरुण शंकर प्रसाद को पर्यटन एवं नव सृजित कला एवं संस्कृति विभाग का मंत्री नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, सुरेंद्र मेहता को डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग का मंत्री बनाया गया है।

  • नई दिल्ली: संसद में ई-सिगरेट विवाद

    नई दिल्ली: संसद में ई-सिगरेट विवाद

    नई दिल्ली। संसद में इन दिनों ई-सिगरेट के मुद्दे को लेकर बहस जारी है। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को एक पत्र लिखकर गंभीर शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने आवेनुसार तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक सांसद पर संसद के नियमों और विधायी कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।

    अनुराग ठाकुर की शिकायत

    अनुराग ठाकुर ने पत्र में इस घटना का विस्तृत वर्णन किया है और कहा कि इस प्रकार के कार्य संसद की मर्यादा और कानून की अवमानना के समान हैं। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया है कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जाए और नियमों के उल्लंघन के लिए उचित कार्रवाई की जाए। इस मामले ने तब तूल पकड़ा जब संसद परिसर में टीएमसी के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय को सिगरेट पीते देखा गया, जिसके बाद यह राजनीतिक विवाद में बदल गया।

    सुगात रॉय की प्रतिक्रिया

    सुगात रॉय ने बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि उन्हें नहीं लगता कि उन पर कोई नियम लागू होता है क्योंकि वह बाहर सिगरेट पी रहे थे। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह और गजेन्द्र सिंह शेखावत ने उनके इस क्रियाकलाप पर आपत्ति जताई, जिसमें शेखावत ने कहा कि सांसदों को सोच-समझकर कार्य करना चाहिए ताकि जनता को सही संदेश मिले।

    टीएमसी सांसदों का पलटवार

    इस घटना के बाद टीएमसी सांसद कीर्ति आजाद ने भाजपा पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि संसद परिसर में कई सांसदों ने धूम्रपान किया है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एक भाजपा सांसद सांसद निधि में 40% कमीशन लेते हैं।

    अनुराग ठाकुर का दावा

    गौरतलब है कि प्रश्नकाल के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने तृणमूल कांग्रेस सांसद पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने स्पीकर से मामले की जांच कराने की मांग की, जिस पर स्पीकर ने आश्वस्त किया कि नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उचित जांच की जाएगी।

  • कर्नाटका के बाद अब पंजाब कांग्रेस में हलचल, राहुल गांधी ने की सक्रियता

    कर्नाटका के बाद अब पंजाब कांग्रेस में हलचल, राहुल गांधी ने की सक्रियता

    कांग्रेस में आंतरिक कलह जारी, पंजाब इकाई में सियासी उठा-पटक

    चंडीगढ़। हाल ही में कर्नाटक में हुए विवाद के बाद अब कांग्रेस पार्टी की पंजाब इकाई भी आंतरिक टकराव का सामना कर रही है। पार्टी के आलाकमान ने इस स्थिति को संभालने के लिए सक्रियता दिखाई है, और जानकारी के अनुसार, सांसद राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर बैठक भी बुलाई थी। हालांकि, इस संदर्भ में कांग्रेस ने कोई आधिकारिक एलान नहीं किया है।

    नवजोत कौर सिद्धू का बयान और बढ़ता तनाव

    कांग्रेस की निलंबित नेता नवजोत कौर सिद्धू के हालिया बयान ने पार्टी में तनाव को और बढ़ा दिया है। सूत्रों के मुताबिक, आलाकमान ने हालात को नियंत्रित करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई है। राहुल गांधी ने पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की और संसद सत्र के दौरान समस्याओं को बढ़ने से रोकने की दिशा में चर्चा की है।

    राजा अमरिंदर सिंह वडिंग पर तीखे आरोप

    नवजोत कौर ने हाल ही में राजा अमरिंदर सिंह वडिंग, जो कि पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष हैं, पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कौर, जो पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी हैं, ने वडिंग पर पार्टी को ‘बर्बाद’ करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि वह और उनके पति हमेशा कांग्रेस के साथ रहेंगे।

    कौर ने वडिंग के कार्यों पर तंज कसते हुए दावा किया कि उन्होंने पार्टी के 70 प्रतिशत नेताओं को पार्टी से अलग कर दिया है, जो चुनावी टिकिट के लिए योग्य हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वडिंग पंजाब की सीटों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

    बड़े समर्थन का दावा

    नवजोत कौर ने दावा किया कि उन्हें कांग्रेस की पंजाब इकाई के 70 प्रतिशत और एआईसीसी के 90 प्रतिशत सदस्यों का समर्थन प्राप्त है। उन्होंने अपने निलंबन पर बात करते हुए कहा कि यह नोटिस ऐसे व्यक्ति से आया है, जो मान्यता प्राप्त नहीं है।

    सुखजिंदर सिंह रंधावा ने दी प्रतिक्रिया

    लंबे समय से चल रहे आरोपों के बीच, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि नवजोत कौर के आरोपों का जवाब अब अदालत में दिया जाएगा। रंधावा का कहना है कि उनका और नवजोत सिद्धू का पारिवारिक रिश्ता था और इस तरह के आरोप लगाना शर्मनाक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अदालत में सिद्धू को जवाब देंगे।

  • कांग्रेस पार्टी को झटका, 150 से अधिक कार्यकर्ताओं ने भाजपा जॉइन की

    कांग्रेस पार्टी को झटका, 150 से अधिक कार्यकर्ताओं ने भाजपा जॉइन की

    मध्य प्रदेश के बड़वानी में कांग्रेस को नया झटका

    बड़वानी। मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले की पानसेमल विधानसभा में एक बार फिर कांग्रेस पार्टी को महत्वपूर्ण नुकसान हुआ है। ताजा जानकारी के अनुसार, लगभग 100 परिवारों के 150 से अधिक कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा में शामिल हुए इन कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने यह कदम अपने गांवों के विकास और स्थायी परिवर्तन की आकांक्षा के कारण उठाया है।

    भाजपा में शामिल होने का कारण

    नए भाजपा सदस्यों ने अपनी प्राथमिकताओं को साझा करते हुए बताया कि वे अपने इलाके में बेहतर विकास और अवसरों की तलाश में हैं। उनका मानना है कि भाजपा के नेतृत्व में क्षेत्र का विकास तेजी से होगा। इस प्रकार, यह घटनाक्रम प्रदेश की राजनीति में एक नई चर्चा का विषय बन गया है, जहां कांग्रेस की मजबूती पर सवाल उठने लगे हैं।

    आगामी चुनौतियाँ

    पार्टी के भीतर इस बदलाव ने कांग्रेस के लिए नई चुनौतियाँ उत्पन्न की हैं। अब देखना यह है कि कांग्रेस इस स्थिति का सामना कैसे करती है और क्या वे अपने कार्यकर्ताओं को वापस लाने के लिए कोई ठोस कदम उठाएंगे।

  • शरद पवार के डिनर में राहुल, अजित, अडानी और केंद्रीय मंत्री शामिल हुए

    शरद पवार के डिनर में राहुल, अजित, अडानी और केंद्रीय मंत्री शामिल हुए

    दिल्ली में शरद पवार का विशेष डिनर

    नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में बुधवार की शाम राजनीतिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र रही। एनसीपी और एसपी के प्रमुख शरद पवार के घर आयोजित एक विशेष डिनर में विभिन्न दलों के नेता एकत्रित हुए। इस अवसर पर देश के प्रमुख उद्योगपतियों ने भी भाग लिया। यह मुलाकात शरद पवार के 85वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी।

    नेताओं की उपस्थिति

    इस डिनर में भारत के कई केंद्रीय मंत्रियों ने भी शिरकत की। प्रमुख नेताओं के बीच चर्चा का विषय वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य और आगामी चुनावी रणनीतियाँ रहीं। शरद पवार की मेज़बानी ने सभी उपस्थित लोगों को एक सामूहिक मंच पर लाने का काम किया।

    उद्योगपतियों की सहभागिता

    अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में सक्रिय उद्योगपति भी इस आयोजन में शामिल हुए। उनकी उपस्थिति से यह स्पष्ट हुआ कि राजनीतिक चुनौतियों के बीच औद्योगिक क्षेत्र की सक्रियता भी महत्वपूर्ण है। डिनर में हुई बातचीत ने विभिन्न विचारों और दृष्टिकोणों को साझा करने का एक उत्कृष्ट मंच प्रदान किया।

    पार्टी सीमाओं से परे एकता

    इस आयोजन ने पार्टी सीमाओं को पार करते हुए एक नई गठबंधन भावना को दर्शाया। शरद पवार के 85वें जन्मदिन के अवसर पर आयोजित इस समारोह ने सभी जोड़ने वाले पहलुओं को उजागर किया और राजनीतिक एकता की आवश्यकता पर बल दिया।

  • मध्य प्रदेश: कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन में अपनी पार्टी के खिलाफ नारे लगाए

    मध्य प्रदेश: कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन में अपनी पार्टी के खिलाफ नारे लगाए

    सतना में प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस का अति-उत्साह

    सतना में हाल ही में एक राजनीतिक घटना ने ध्यान आकर्षित किया है, जहाँ मध्यप्रदेश सरकार की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के भाई की गांजा तस्करी में गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ ‘मुर्दाबाद’ के नारे लगाए, जो कि एक असामान्य स्थिति थी।

    प्रदर्शन का कारण

    मध्यप्रदेश शासन की राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के भाई की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इसका विरोध करने का निर्णय लिया। प्रदर्शन में हिस्सा लेने वाले कई कार्यकर्ता कड़ी नारेबाजी कर रहे थे, लेकिन इस दौरान नारेबाजी की दिशा पूरी तरह से विरोधाभासी थी, जब उन्होंने अपनी ही पार्टी के प्रति विरोधभाव व्यक्त किया।

    राजनीति में अति-उत्साह का प्रभाव

    राजनीति में जोश होना एक सकारात्मक पहलू है, किंतु कभी-कभी अति-उत्साह भारी परेशानी का कारण बन सकता है। इस स्थिति में उन्होंने अपने प्रदर्शन के उद्देश्य को भटकते हुए देखा, जिसका प्रभाव उनकी पार्टी पर पड़ सकता है। नेता और कार्यकर्ता एक सकारात्मक संदेश देने के बजाय, उल्टा प्रभाव छोड़ते नजर आए।

  • लालू और तेजस्वी यादव आरजेडी बागियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेंगे

    लालू और तेजस्वी यादव आरजेडी बागियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करेंगे

    राजद की समीक्षा बैठक: बगियों पर संभावित कार्रवाई

    पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार की समीक्षा के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बगियों पर सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। पार्टी के उम्मीदवारों और पदाधिकारियों ने बगियों की जानकारी प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल को दी है। पार्टी के प्रमुख लालू प्रसाद और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के निर्देशानुसार दर्जनों नेताओं पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

    समीक्षा बैठक की विशेषताएँ

    मंगलवार को पटना प्रमंडल के जिला अध्यक्षों, प्रधान महासचिव, पूर्व विधायकों, पूर्व सांसदों एवं अन्य पार्टी पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कार्यकर्ताओं ने तेजस्वी यादव से अपेक्षा की कि वह अपने घर का दरवाजा कार्यकर्ताओं के लिए खोलें और उनके सुझावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूती प्रदान करें।

    कार्यकर्ताओं की चिंताएँ

    बैठक में यह भी बताया गया कि पार्टी की दिशा में बदलाव लाने से पहले तेजस्वी को अपने दृष्टिकोण को विस्तार और स्पष्टता देने की आवश्यकता है। नेताओं ने संकेत दिया कि पार्टी तब तक मजबूती नहीं हासिल कर सकती जब तक वे विशेषकर अतिपिछड़ों और अल्पसंख्यकों की समस्याओं का समाधान नहीं करेंगे।

    वित्तीय स्थिति और चुनावी रणनीति

    एक अन्य महत्वपूर्ण बिंदु पर आरजेडी कार्यकर्ताओं ने मंगनी लाल मंडल से सवाल किया कि पार्टी किस प्रकार गरीब कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ाने में सहायता करेगी। कार्यकर्ताओं ने यह भी सुझाव दिया कि अगर पार्टी अपने धन से गरीब कार्यकर्ताओं को चुनाव लड़ाने में मदद नहीं कर सकती, तो उनकी स्थिति में सुधार कैसे होगा?

    पटना में संगठन की स्थिति

    पटना के नागरिकों ने पार्टी संगठन की कमजोरी पर भी चर्चा की। उन्होंने इस बात का उल्लेख किया कि संगठन को मजबूती देने के लिए पूर्व में कोई ठोस प्रयास नहीं किया गया। इसके अलावा, जातीय हिंसा से भरे गानों को चुनाव हारने का एक प्रमुख कारण बताया गया, साथ ही हरियाणा के कार्यकर्ताओं की सक्रियता पर भी सवाल उठाए गए।

  • बाबूलाल मरांडी ने फर्जी प्रमाणपत्र से नामांकन की सीबीआई जांच की मांग की

    बाबूलाल मरांडी ने फर्जी प्रमाणपत्र से नामांकन की सीबीआई जांच की मांग की

    झारखंड विधानसभा में फर्जी प्रमाणपत्र को लेकर उठे गंभीर सवाल

    झारखंड विधानसभा में मंगलवार को कार्यवाही की शुरुआत होते ही, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मेडिकल कॉलेजों में फर्जी प्रमाणपत्रों के उपयोग का मामला उठाया। उन्होंने यह आरोप लगाया कि झारखंड संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (जेसीईसीईबी) ने नेशनल मेडिकल काउंसिलिंग कमेटी की गाइडलाइन का उल्लंघन करते हुए काउंसिलिंग में धांधली की जा रही है। इससे योग्य और मेहनती अभ्यर्थियों को नामांकन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

    सीबीआई जांच की मांग

    इस मुद्दे को बेहद गंभीर बताते हुए, मरांडी ने इसकी सीबीआई जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि जेसीईसीईबी द्वारा एनटीए की वेबसाइट को काउंसिलिंग से जोड़ने में लापरवाही बरती जा रही है, जोकि बोर्ड के अधिकारियों की मिलीभगत का संकेत है।

    काउंसिलिंग रद्द करने की अपील

    उन्होंने काउंसिलिंग प्रक्रिया को तत्काल रद्द करके नए सिरे से काउंसिलिंग कराने की मांग की। उनका कहना था कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित की जाने वाली प्रवेश परीक्षा के परिणामों का उपयोग काउंसिलिंग के लिए किया जाना चाहिए, लेकिन यह प्रक्रिया सही तरीके से लागू नहीं की जा रही है।

    विपक्ष के हंगामे की चेतावनी

    मरांडी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार इस मामले को गंभीरता से नहीं लेगी, तो विपक्ष को सदन में हंगामा करना पड़ेगा, क्योंकि उनके पास और कोई विकल्प नहीं है।

    धान के समर्थन मूल्य पर चर्चा

    उन्होंने धान के समर्थन मूल्य का भी जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष ने सोमवार को सदन में हंगामा किया था। इस हंगामे का परिणाम यह निकला कि 3,200 रुपये प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य को घटाकर मात्र 2,450 रुपये निर्धारित कर दिया गया।

    कांग्रेस अध्यक्ष पर हमला

    इस बीच, रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष कुमार राजा का नेम प्लेट तोड़ने की घटना भी सामने आई है, जिसके खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

  • प्रधानमंत्री मोदी का इंडिगो संकट पर विस्तृत वक्तव्य, नियम पर जानकारी साझा

    प्रधानमंत्री मोदी का इंडिगो संकट पर विस्तृत वक्तव्य, नियम पर जानकारी साझा

    इंडिगो एयरलाइंस संकट: सफर में परेशानियों का सिलसिला जारी

    नई दिल्ली। देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो की उड़ानों में यात्रियों को हो रही समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। आठवे दिन भी संकट जारी है, जबकि एयरलाइन अपने शेड्यूल को स्थिर करने की कोशिश में लगी हुई है। इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए, सरकार भी एक्शन में आ गई है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने दिशा-निर्देश दिए हैं कि वरिष्ठ अधिकारी जल्द ही प्रमुख एयरपोर्ट्स का संपत्ति निरीक्षण करें। ये अधिकारी मुंबई, ब Bengaluru, हैदराबाद, कोलकाता, चेन्नई, अहमदाबाद, पुणे, गुवाहाटी, गोवा और तिरुवनंतपुरम जैसे एयरपोर्ट्स का दौरा करेंगे।

    प्रधानमंत्री मोदी का इंडिगो संकट पर महत्वपूर्ण बयान

    इंडिगो की समस्या पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि नियम और कानून लोगों को परेशान करने के लिए नहीं होते, बल्कि सिस्टम को मजबूत करने के लिए होते हैं। उनकी यह टिप्पणी इस संकट पर ध्यान केंद्रित करती है।

    दिल्ली एयरपोर्ट पर फ्लाइट्स की बड़ी संख्या में रद्दीकरण

    दिल्ली एयरपोर्ट पर इंडिगो की उड़ानों का रद्दीकरण जारी है। आज ही, इंडिगो की 76 आने वाली और 76 जाने वाली फ्लाइट्स रद्द हुई हैं, जिससे कुल रद्द की गई फ्लाइट्स की संख्या 152 हो गई है। यह स्थिति यात्रियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

    संसद में उठेगा इंडिगो संकट का मामला

    इंडिगो की फ्लाइट में देरी और रद्दीकरण से उत्पन्न स्थिति अब संसद तक पहुंच गई है। सिविल एविएशन मिनिस्टर राम मोहन नायडू 9 दिसंबर मंगलवार को दोपहर 12 बजे लोकसभा में इस मसले पर बयान देंगे। इससे पहले, उन्होंने राज्यसभा में कहा कि संकट का कारण तकनीकी समस्या नहीं, बल्कि क्रू रोस्टरिंग और ऑपरेशनल प्लानिंग की कमियां हैं।

    इंडिगो की प्रमुखता और उसके रूट्स की स्थिति

    इंडिगो एयरलाइंस का भारतीय एविएशन सेक्टर में दबदबा स्पष्ट है। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत में उड़ान भरने वाले हर 10 यात्रियों में से लगभग 6 इंडिगो के माध्यम से यात्रा करते हैं। देश के 1,200 घरेलू रूट्स में से 950 से अधिक पर इंडिगो की उड़ानें हैं, और लगभग 600 रूट्स (60% से अधिक) पर केवल इंडिगो ही एकमात्र एयरलाइन है।

    इंडिगो फ्लाइट्स में संभावित कटौती

    समाचार के अनुसार, इंडिगो की उड़ानों में पहले चरण में 5% की कटौती की योजना बनाई जा रही है, जिसका मतलब है कि रोजाना लगभग 110 उड़ानें कम हो सकती हैं। यदि परिस्थितियां ठीक नहीं होतीं, तो भविष्य में 5% अतिरिक्त कटौती भी हो सकती है।

  • कांग्रेस ने 500 करोड़ रुपए के बयान पर नवजोत कौर सिद्धू को निलंबित किया

    कांग्रेस ने 500 करोड़ रुपए के बयान पर नवजोत कौर सिद्धू को निलंबित किया

    पंजाब कांग्रेस ने नवजोत कौर सिद्धू को सस्पेंड किया

    नई दिल्ली: पंजाब कांग्रेस ने नवजोत कौर सिद्धू को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सस्पेंड कर दिया है। नवजोत कौर, जिन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग सहित कई वरिष्ठ नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए थे, की इस कार्रवाई ने राजनीतिक गरमा-गर्मी बढ़ा दी है। उन्होंने टिकट बेचने और व्यक्तिगत इच्छाओं का हवाला देते हुए यह कहा कि ये फैसले पंजाब के लिए हानिकारक साबित हो रहे हैं।

    राज्यपाल से मुलाकात और शर्तें

    शनिवार को नवजोत कौर सिद्धू ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने बताया कि यदि कांग्रेस ने सिद्धू को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया, तभी वह सक्रिय राजनीति में लौटेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में वह टीवी पर अच्छे पैसे कमा रही हैं। नवजोत ने यह जताया कि सिद्धू का कांग्रेस से जुड़ाव है, लेकिन विपक्ष में उनकी स्थिति को लेकर उन्हें चिंता है।

    आरोप और प्रतिक्रियाएँ

    नवजोत कौर सिद्धू ने पार्टी नेताओं के खिलाफ कई बार बोलते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने 500 करोड़ रुपये में मुख्यमंत्री पद की कुर्सी बेचने के आरोपों का भी उल्लेख किया, हालांकि बिना पार्टी का नाम लिए। हाल ही में, सिद्धू ने राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी के नेताओं के साथ सांठ-गांठ का आरोप लगाया है, जिसमें अमरिंदर सिंह राजा वडिंग और प्रताप सिंह बाजवा का जिक्र किया गया है। उन्होंने काउंसलर चुनाव में 5 करोड़ रुपये की लेन-देन का भी आरोप लगाया।

    सोशल मीडिया पर जानकारी साझा

    पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और लुधियाना से सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने नवजोत कौर के खिलाफ सस्पेंशन की जानकारी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा की। उन्होंने एक पत्र भी जारी किया जिसमें इस सस्पेंशन की प्रक्रिया का उल्लेख किया गया है।

  • हुमायूं कबीर ने टीएमसी को चुनौती देते हुए 135 सीटों पर चुनाव लड़ने का किया ऐलान

    हुमायूं कबीर ने टीएमसी को चुनौती देते हुए 135 सीटों पर चुनाव लड़ने का किया ऐलान

    टीएमसी के विधायक हुमायूं कबीर ने नई पार्टी बनाने का ऐलान किया

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद से विधायक हुमायूं कबीर ने टीएमसी को चुनौती देते हुए नई पार्टी बनाने का निर्णय लिया है। वह आगामी चुनावों में 135 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने और विभिन्न दलों के साथ गठबंधन करने की योजना बना रहे हैं। कबीर की राजनीतिक यात्रा दो दशकों से अधिक की है, और वे विभिन्न पार्टियों में सक्रिय रह चुके हैं।

    हुमायूं कबीर की संपत्ति की जानकारी

    एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की एक रिपोर्ट के अनुसार, हुमायूं कबीर की संपत्ति लगभग 3 करोड़ 7 लाख 42 हजार 300 रुपये है, जिसमें 96 लाख 75 हजार 930 रुपये की चल संपत्ति और 2 करोड़ 10 लाख 66 हजार 370 रुपये की अचल संपत्ति शामिल है। ये आंकड़े 2021 के विधानसभा चुनाव में दाखिल हलफनामे से लिए गए हैं। उन्होंने इस हलफनामे में एक टाटा स्टॉर्म सफारी कार और 80 ग्राम सोने की जानकारी भी साझा की थी।

    हुमायूं कबीर का राजनीतिक सफर

    हुमायूं कबीर ने अपने करियर की शुरुआत कांग्रेस पार्टी से की थी, और पंचायत चुनाव में भी भाग लिया था। 2012 में टीएमसी में शामिल होने के बाद, उन्होंने मंत्री पद भी संभाला था। हालांकि, रेजिनानगर विधानसभा उपचुनाव हारने के कारण उन्हें पद से हटा दिया गया। कबीर ने 2015 में टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी पर आरोप लगाए थे, जिसके चलते उन्हें पार्टी से छह वर्षों के लिए बाहर कर दिया गया। इसके बाद, वे कुछ समय समाजवादी पार्टी और फिर भाजपा में रहे। 2020 में वे फिर से टीएमसी में लौट आए।

    गठबंधन और चुनावी रणनीति

    कबीर ने हाल ही में एक नया धर्मनिरपेक्ष गठबंधन बनाने के इरादे का इजहार किया है। उन्होंने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के साथ सकारात्मक बातचीत के संकेत दिए हैं। कबीर ने मुर्शिदाबाद, मालदा, नदिया और 24 परगना जिलों में हेलीकॉप्टर दौरे के साथ-साथ 135 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने की भी योजना बनाई है।

    ममता बनर्जी को दी चुनौती

    हुमायूं कबीर ने मुख्यमन्त्री ममता बनर्जी को सीधे चुनौती देते हुए कहा कि वे अगले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री के पद पर पुनः नहीं लौट पाएंगी। कबीर ने कहा, ‘मुख्यमंत्री को पूर्व मुख्यमंत्री बनना है। 2026 में वे पुनः मुख्यमंत्री नहीं रहेंगी।’ इसके साथ ही उन्होंने टीएमसी से इस्तीफा देने का भी इरादा व्यक्त किया।

  • वंदे मातरम पर संसद में आज चर्चा, पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे उद्घाटन

    वंदे मातरम पर संसद में आज चर्चा, पीएम नरेंद्र मोदी करेंगे उद्घाटन

    संसद में ‘वंदे मातरम’ पर विशेष चर्चा शुरू

    नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र जारी है, और आज (08 दिसंबर) को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ पर विशेष चर्चा का आयोजन किया जाएगा। इस बहस की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा में करेंगे, जबकि राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह इस पर चर्चा की शुरुआत करेंगे। इस चर्चा के लिए 10 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।

    लोकसभा में 150 वर्ष पुरानी गीत पर चर्चा

    आज लोकसभा में वंदे मातरम पर चर्चा होगी, जो 150 वर्ष पूर्व लिखी गई है। इस ऐतिहासिक गीत के महत्व पर चर्चा का आगाज़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर 12 बजे करेंगे। विपक्ष के उपनेता गौरव गोगोई समेत आठ सदस्यों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा, और चर्चा का समापन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के उद्धबोधन से होगा। उल्लेखनीय है कि सरकार ने 7 नवंबर को इस राष्ट्रीय गीत की 150वीं वर्षगांठ मनाई थी।

    विभाजन का आरोप

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हालही में कहा कि 1937 में वंदे मातरम के टुकड़े किए गए थे, जिससे विभाजन की सोच का बीज बोया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि राष्ट्र-निर्माण के इस महत्वपूर्ण गीत के साथ ऐसा अन्याय क्यों हुआ। उन्होंने माना कि यह सोच आज की पीढ़ी के लिए भी एक बड़ी चुनौती है।

    इमाम एसोसिएशन का बयान

    संसद में बहस शुरू होने से पहले ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने टिप्पणी की है कि मुस्लिम समुदाय को राष्ट्रगीत से कोई घृणा नहीं है। उनकी आपत्ति धार्मिक मान्यताओं और गीत के अगले हिस्से में मूर्ति पूजा के भाव को लेकर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रगीत की शुरुआती दो पंक्तियों को गाने में किसी मुसलमान को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

    गीत का ऐतिहासिक संदर्भ

    सार्वजनिक रूप से वंदे मातरम का पहला प्रकाशन 7 नवंबर 1875 को साहित्यिक पत्रिका बंगदर्शन में हुआ। 1882 में यह गीत बंकिम चंद्र चटर्जी के उपन्यास आनंदमठ का हिस्सा बना। बाद में रवींद्रनाथ टैगोर ने इसे संगीतबद्ध किया और यह स्वतंत्रता सेनानियों के लिए आजादी की लड़ाई में प्रेरणा का स्रोत बना। भारत सरकार ने 24 जनवरी, 1950 को वंदे मातरम को राष्ट्रीय गीत का दर्जा दिया।

  • बंगाल में बाबरी मस्जिद मामले पर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, ‘भाजपा का महत्वपूर्ण मुद्दा है’

    बंगाल में बाबरी मस्जिद मामले पर शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, ‘भाजपा का महत्वपूर्ण मुद्दा है’

    शत्रुघ्न सिन्हा का भाजपा पर धर्म का उपयोग करने का आरोप

    नई दिल्ली। त्रिणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर धर्म का सहारा लेकर मतदाताओं को भड़काने का आरोप लगाया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व और लोकप्रियता के लिए प्रशंसा के शब्द भी कहे। यह बयान तब आया जब भाजपा ने मुख्यमंत्री बनर्जी पर निलंबित TMC विधायक हुमायूं कबीर को मुसलमानों के ध्रुवीकरण की अनुमति देने का आरोप लगाया। हुमायूं ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए नींव रखी। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सिन्हा ने कहा, ‘मैं सभी धर्मों के समभाव में विश्वास करता हूं। आसनसोल एक भाईचारे का शहर है, जहां हर राज्य के लोग एक साथ रहते हैं।’

    ममता बनर्जी की लोकप्रियता पर शत्रुघ्न का जोर

    शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा, ‘भाजपा के पास हितकारी मुद्दे हैं, जिन्हें वे धर्म के नाम पर उठाकर लोगों को भड़का सकते हैं। ममता बनर्जी एक बेहद लोकप्रिय और प्रभावशाली नेता हैं। भाजपा को ममता बनर्जी को हराने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी है।’ उत्तर 24 परगना के TMC विधायक निर्मल घोष ने भी इसी चर्चा में कहा कि मुख्यमंत्री सभी समुदायों के लिए समान दृष्टिकोण रखती हैं और बांग्ला भूमि की हर धर्म के प्रति उनकी निष्ठा है। उन्होंने कहा, ‘लोग ममता बनर्जी के साथ हैं, आप इसे 2026 में देखेंगे।’

    बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए नींव का शुभारंभ

    निलंबित TMC विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद के निर्माण के लिए नींव रखी। उन्होंने सभा में कहा कि वह संवैधानिक अधिकारों का पालन कर रहे हैं और कुछ भी गैरकानूनी नहीं कर रहे हैं। कबीर ने इस मुद्दे पर स्पष्ट किया, ‘जैसे कोई मंदिर या चर्च बना सकता है, वैसे ही मैं भी मस्जिद बना सकता हूं। कहा जा रहा है कि हम बाबरी मस्जिद नहीं बना सकते; लेकिन यह कहीं भी नहीं लिखा है।’ कबीर ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला हिंदुओं की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया था, और संविधान मस्जिद बनाने की अनुमति देता है।

  • बीजेपी विधायक का विवादास्पद वक्तव्य महिलाओं की आत्मसंतुष्टि पर

    बीजेपी विधायक का विवादास्पद वक्तव्य महिलाओं की आत्मसंतुष्टि पर

    बिहार में भाजपा विधायक प्रमोद कुमार का विवादित बयान

    पटना। कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी द्वारा संसद में कुत्ता लाने के विवाद के बीच बिहार में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक प्रमोद कुमार का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वे महिलाओं के बारे में एक विवादित टिप्पणी करते नजर आ रहे हैं। मोतिहारी से भाजपा विधायक प्रमोद कुमार ने कहा कि कई महिलाएं आत्मसंतोष के लिए अपने कुत्ते के साथ सोती हैं। इसके बाद उन्होंने अपने बयान की सफाई देते हुए कहा कि उनका इरादा महिलाओं का अपमान करना नहीं था, बल्कि वे पाश्चात्य संस्कृति के प्रभाव को विदेश से जुड़ते उदाहरण के तौर पर पेश कर रहे थे।

    वायरल वीडियो का विवरण

    बिहार विधानसभा सत्र के दौरान सदन के बाहर भाजपा विधायक प्रमोद कुमार का एक यूट्यूबर के साथ बातचीत का वीडियो हाल ही में वायरल हुआ। इस वीडियो में, प्रमोद कुमार कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी द्वारा संसद में कुत्ता लाने पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “कई लोगों की आदत होती है कि वे कुत्ते के साथ सोते हैं, मोबाइल में देखेंगे, बहुत सी महिलाएं कुत्ते के साथ रहती हैं, वही उनका ध्यान केंद्रित करता है।”

    आरजेडी प्रवक्ता का प्रतिक्रिया

    बिहार के मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की प्रवक्ता प्रियंका भारती ने सोशल मीडिया पर प्रमोद कुमार के इस बयान को साझा करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संतोष तब मिलता है, जब भाजपा नेताओं द्वारा महिलाओं के प्रति ऐसे अपमानजनक टिप्पणियां की जाती हैं।

    भाजपा विधायक की सफाई

    वायरल वीडियो के बाद चर्चा में आए भाजपा विधायक प्रमोद कुमार ने शनिवार को पटना में विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत करते समय अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनके शब्दों को गलत संदर्भ में पेश किया गया। प्रमोद ने जोर देकर कहा कि उन्होंने पश्चिमी संस्कृति के संदर्भ में बात की थी और यह कि पाश्चात्य संस्कृति भारतीय सभ्यता पर हावी नहीं होनी चाहिए।

    उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका किसी महिला का अपमान करने का इरादा नहीं था। उनका विचार यह था कि संसद एक लोकतंत्र का मंदिर है, और वहां किसी के द्वारा कुत्ते ले जाना अमर्यादित है।

  • कंगना रनौत ने राहुल गांधी को भाजपा में शामिल होकर नेतृत्व की सलाह दी

    कंगना रनौत ने राहुल गांधी को भाजपा में शामिल होकर नेतृत्व की सलाह दी

    राहुल गांधी का सरकार पर आरोप

    नई दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केन्द्र सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार विदेशी मेहमानों को विपक्ष के नेता से नहीं मिलने देती। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह के कार्यकाल में यह परंपरा रही थी कि विदेश से आने वाले अतिथि विपक्ष के नेता से मिलते थे।

    कंगना रनौत की प्रतिक्रिया

    भाजपा सांसद कंगना रनौत ने राहुल गांधी की टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि उनके देश के प्रति भावनाएँ संदेहास्पद हैं। कंगना ने सुझाव दिया कि राहुल को भाजपा में शामिल हो जाना चाहिए, यह कहते हुए कि वह भी अटल बिहारी वाजपेयी की तरह बन सकते हैं। उन्होंने राहुल की तुलना अटल जी से करते हुए यह कहा कि अगर वह भाजपा में शामिल होते हैं, तो उन्हें बेहतर पहचान मिलेगी।

    राहुल गांधी का बयान और पूर्व परंपराएं

    राहुल गांधी ने संसद भवन में संवाददाताओं से कहा कि विदेशी मेहमानों के स्वागत की परंपरा अब समाप्त हो गई है। उनका कहना है कि विपक्ष के नेता का एक अलग दृष्टिकोण होता है और उन्हें विदेशी अधिकारियों से मिलने की अनुमति मिलनी चाहिए। लेकिन वर्तमान में मोदी सरकार और विदेश मंत्रालय इस परंपरा का पालन नहीं कर रहे हैं।

    पुतिन की भारत यात्रा पर टिप्पणी

    रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के संबंध में बात करते हुए राहुल ने कहा कि यह परंपरा रही है कि विदेश से आने वाला अतिथि विपक्ष के नेता से भी मिलता है। उन्होंने बताया कि विदेश यात्रा के दौरान भी सरकार उन्हें मिलने की अनुमति नहीं देती, जिससे आलोचना हो रही है।

    शशि थरूर की प्रतिक्रिया

    कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राहुल गांधी की बातों का समर्थन करते हुए कहा कि लोकतंत्र में विदेशी अतिथियों से मिलने की इजाजत देना महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में ऐसा होना आवश्यक है।

  • तेजप्रपात यादव ने पूर्व IPS अमिताभ दास पर एफआईआर दर्ज की, छवि को नुकसान पहुँचाने का आरोप

    तेजप्रपात यादव ने पूर्व IPS अमिताभ दास पर एफआईआर दर्ज की, छवि को नुकसान पहुँचाने का आरोप

    तेजप्रताप यादव ने पूर्व IPS के खिलाफ किया एफआईआर दर्ज

    पटनाः तेजप्रताप यादव, जो लालू यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष हैं, ने पूर्व IPS अधिकारी अमिताभ दास के खिलाफ पटना के सचिवालय थाना में मामला दर्ज कराया है। तेजप्रताप ने अपनी शिकायत में कहा है कि अमिताभ दास ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उनके खिलाफ अपमानजनक और मनगढ़ंत टिप्पणी की है, जिससे वे अत्यंत व्यथित हैं।

    आरोपों का विवरण

    तेजप्रताप यादव ने सार्वजनिक रूप से लिखित बयान में आरोप लगाया कि पूर्व IPS अमिताभ दास ने अपने चैनल के माध्यम से उनकी छवि को नुकसान पहुँचाने के उद्देश्य से झूठी और भ्रामक बातें प्रसारित की हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दास ने उनके व्यक्तिगत जीवन और परिवार के मामलों पर अन्यायपूर्ण टिप्पणियाँ की हैं। तेजप्रताप ने बताया कि इस प्रकार की टिप्पणियाँ बेहद दुखद और असहनीय हैं, विशेषकर जब वह एक पूर्व उच्च पदस्थ अधिकारी द्वारा की जाती हैं।

    राजनीतिक प्रतिक्रिया

    तेजप्रताप ने अपने सोशल मीडिया पर यह भी उल्लेख किया कि अमिताभ दास का नाम पूर्व में भी कई विवादों में आ चुका है। उन्होंने दास के कार्यशैली का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके सार्वजनिक बयान अक्सर विवाद उत्पन्न करते रहे हैं। इसके आलोक में, तेजप्रताप ने कहा कि ऐसे “उदंड प्रवृत्ति” वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई आवश्यक है।

    समाज में हलचल

    तेजप्रताप द्वारा एफआईआर दर्ज कराने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मंचों पर किसी व्यक्ति, विशेषकर पूर्व अधिकारियों द्वारा बिना आधार के व्यक्तिगत हमले करना अस्वीकार्य है। तेजप्रताप ने इस मामले में पुलिस से त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा जताई है।

  • भाजपा के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर जल्द होगी घोषणा, पहले तीन नाम सामने

    भाजपा के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के नाम पर जल्द होगी घोषणा, पहले तीन नाम सामने

    भारतीय जनता पार्टी के नए अध्यक्ष की घोषणा जल्द

    नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नए अध्यक्ष की घोषणा बहुत जल्द की जा सकती है। वर्तमान अध्यक्ष जे.पी. नड्डा का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और इसे कई बार बढ़ाया भी गया है। इस स्थिति में उम्मीद की जा रही है कि 15 दिसंबर 2025 से पहले नई अध्यक्षता का ऐलान होगा।

    नड्डा का कार्यकाल और भविष्य

    जे.पी. नड्डा को एक प्रभावशाली नेता के रूप में देखा जाता है, जिन्होंने पार्टी के भीतर कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। हालांकि, वर्तमान राजनीतिक हालात में नए नेतृत्व की आवश्यकता महसूस की जा रही है। ऐसे में भाजपा सुविधाजनक समय पर नए अध्यक्ष की घोषणा करने की योजना बना रही है।

    संभावित उम्मीदवारों के नाम

    भाजपा में नए अध्यक्ष के लिए कुछ प्रमुख नामों पर चर्चा हो रही है। पार्टी के अंदर कई नेताओं में इस पद के लिए योग्यता और अनुभव है, जो आगामी निर्णय की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं। इस संदर्भ में, नेताओं की पसंद और पार्टी की जरूरतें दोनों को ध्यान में रखा जाएगा।

  • रांची के राजभवन का नाम दूसरी बार बदलकर लोकभवन रखा गया

    रांची के राजभवन का नाम दूसरी बार बदलकर लोकभवन रखा गया

    रांची: 14 दिसंबर 1951 को बिहार के गवर्नर हाउस के नाम में बदलाव के लिए गिरफ्तारी की गई थी, जिसके बाद इसे राजभवन के रूप में जाना जाने लगा।

    झारखंड में राजभवन का नाम बदला गया है, इस संबंध में राज्यपाल सचिवालय ने अधिसूचना जारी की।

    गर्वमेंट हाउस का नाम कैसे बदला?

    आजाद भारत में गर्वमेंट हाउस का नाम बदलने की प्रक्रिया सरल नहीं थी। तब के प्रधानमंत्री पंडित नेहरू ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और राज्यपालों से इस मुद्दे पर पत्राचार किया और परामर्श लिया। नेहरू ने खुद सभी संबंधित व्यक्तियों को पत्र भेजकर उनके विचार मांगे, जिसके बाद गर्वमेंट हाउस का नाम राजभवन रखा गया।

    नेहरू ने राजभवन के लिए लिखी चिट्ठी

    नेहरू ने सभी मुख्यमंत्रियों को अपने पत्र में लिखा, “आपने अवश्य देखा होगा कि नई दिल्ली के गवर्नमेंट हाउस का नाम अब राष्ट्रपति भवन कर दिया गया है। एक राज्यपाल ने सुझाव दिया कि उनके राज्य के गवर्नमेंट हाउस का नाम ‘राज्यपाल भवन’ रखा जाए। हमारा विचार है कि सभी राज्य सरकारों के सरकारी आवासों के लिए जो नाम अपनाया जाए, वह पूरे भारत में समान होना चाहिए और विभिन्न भाषाओं के अनुश्रवण में सरल और उपयुक्त होना चाहिए।”

    एक सुझाव दिया गया है—जिससे हम सहमत हैं—कि नाम ‘राज भवन’ रखा जाना चाहिए, जो सरल और सभी राज्य भाषाओं के अनुरूप है। अतः, हमारा सुझाव है कि यह नाम सभी राज्यपालों और राजप्रमुखों के आवासों पर लागू किया जाना चाहिए। अंतिम निर्णय लेने से पहले हम आपकी प्रतिक्रिया जानना चाहेंगे।”

    भवदीय,

    हस्ताक्षर: जवाहरलाल नेहरू

    प्रति: सभी राज्यों के राज्यपाल एवं राजप्रमुख”

    नेहरू कैबिनेट की बैठक

    नेहरू द्वारा इस पत्राचार से पहले एक कैबिनेट की बैठक भी हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि सभी राज्यों के गर्वमेंट हाउस का नाम राजभवन रखा जाए। इस निर्णय के बाद दिसंबर महीने में बिहार के साथ-साथ अन्य सभी राज्यों ने इसे आधिकारिक रूप से लागू किया। बिहार ने इस संबंध में सबसे पहले अधिसूचना जारी की, जिसमें राजभवन को राज्यपाल का आवास दर्शाया गया।

    हालांकि नेहरू चाहते थे कि इसे राज्यपाल भवन कहा जाए, लेकिन कई मुख्यमंत्रियों की सलाह पर इसे राजभवन नाम दिया गया।

  • MCD चुनाव में 12 सीटों के परिणाम, भाजपा को 7, आप को 3 मिलीं, कांग्रेस को एक सीट प्राप्त

    MCD चुनाव में 12 सीटों के परिणाम, भाजपा को 7, आप को 3 मिलीं, कांग्रेस को एक सीट प्राप्त

    दिल्ली नगर निगम उपचुनाव परिणाम

    नई दिल्ली. दिल्ली नगर निगम के उपचुनाव में सभी 12 सीटों के परिणाम घोषित हो चुके हैं। भारतीय जनता पार्टी (भा.ज.पा.) ने सात सीटों पर जीत हासिल की है, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) को तीन सीटों पर सफलता मिली है। एक सीट पर शोएब इकबाल की पार्टी ने कब्जा जमाया। कांग्रेस ने भी एक सीट पर भाजपा को हराया है।

    भाजपा का मजबूत प्रदर्शन

    एमसीडी उपचुनाव के परिणाम बताते हैं कि भारतीय जनता पार्टी ने 12 में से सात सीटों पर सफलता प्राप्त की है। आम आदमी पार्टी ने तीन सीटों पर जीत दर्ज की, जिससे निगम में उसकी उपस्थिति बनी रही। इसके अलावा, शोएब इकबाल की पार्टी ने भी एक सीट पर जीत हासिल की, जो दिल्ली के राजनीतिक परिदृश्य में छोटे दल की भागीदारी को दर्शाता है। इसी तरह, कांग्रेस ने भी एक सीट जीतकर अपने को पुनर्स्थापित किया है।

    द्वारका में भाजपा का कमल

    द्वारका क्षेत्र में भाजपा ने जीत दर्ज की है, जहां पार्टी ने मनीषा देवी को टिकट दिया था। आम आदमी पार्टी ने यहां राजबाला पर भरोसा दिखाया था, परंतु विजय मनीषा देवी की हुई। वोटों का अंतर 9100 रहा। यहाँ से पिछले चुनाव में पश्चिमी दिल्ली की सांसद कमलजीत सहरावत पार्षद बनी थीं।

    नारायणा में आम आदमी पार्टी की जीत

    नारायणा में आम आदमी पार्टी ने भाजपा के उम्मीदवार चंद्रकांता को पराजित करते हुए जीत हासिल की है। यहाँ वोटों का अंतर मात्र 148 है।

    विनोद नगर में भाजपा का कब्जा

    विनोद नगर में भाजपा के उम्मीदवार सरला चौधरी ने आम आदमी पार्टी की गीता रावत को हराया, और वोटों का अंतर 1769 रहा।

    अशोक विहार में भी भाजपा की जीत

    अशोक विहार क्षेत्र में भाजपा ने आम आदमी पार्टी की सीमा गोयल को हराया। यहां की चुनावी दौड़ काफी कड़ी थी, जिसमें भाजपा ने 405 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।

    ग्रेटर कैलाश में भाजपा की स्थिति मजबूत

    ग्रेटर कैलाश में भाजपा ने आम आदमी पार्टी की अहसाना गुप्ता को हराते हुए जीत हासिल की, जहां वोटों का अंतर 4065 रहा।

    मुंडका सीट पर आप की जीत

    मुंडका सीट पर आम आदमी पार्टी के अनिल ने भाजपा के जयपाल को हराया।

    चांदनी चौक में भाजपा का जीत

    दिल्ली नगर निगम के उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार सुमन कुमार गुप्ता ने आम आदमी पार्टी के हर्ष शर्मा को 1,182 मतों के अंतर से हराया।

    संगम विहार में कांग्रेस की सफलता

    संगम विहार से कांग्रेस ने सुरेश चौधरी के तहत जीत दर्ज की और भाजपा के शुभ रंजीत गौतम को हराया। वोटों का अंतर लगभग 3628 रहा, यह सीट पहले भाजपा के पास थी।

    दक्षिणपुरी में आप का विजय

    दिल्ली के दक्षिणपुरी में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार रामस्वरूप कनौजिया ने भाजपा के उम्मीदवार को मात देते हुए जीत हासिल की। यहाँ उनका वोटों का अंतर 2262 रहा।

    मतगणना प्रक्रिया

    दिल्ली राज्य चुनाव आयोग द्वारा आयोजित मतगणना आज सुबह आठ बजे से आरंभ हुई थी। इन उपचुनावों में मतदान 30 नवंबर को हुआ था। मतगणना में करीब 700 कर्मचारियों को लगाया गया है, जिसमें हर मतगणना केन्द्र पर पर्याप्त सुरक्षा उपाय किए गए हैं।