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  • मध्य प्रदेश कांग्रेस का दीक्षित मार्च, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के गृह जिले में 5 जनवरी को

    मध्य प्रदेश कांग्रेस का दीक्षित मार्च, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के गृह जिले में 5 जनवरी को

    केंद्र सरकार का मनरेगा योजना का नाम बदलाव: कांग्रेस का आंदोलन प्रारंभ

    भोपाल। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम बदलकर “विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G-RAM-G)” रखने के निर्णय ने मध्य प्रदेश की राजनीतिक स्थिति को हिलाकर रख दिया है। इस निर्णय के विरोध में कांग्रेस अब सड़कों पर उतरने के लिए तैयार है। पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने यह घोषणा की है कि वे 5 जनवरी से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर से पदयात्रा की शुरुआत करेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य केवल नाम परिवर्तन का विरोध नहीं है, बल्कि यह गांधी के विचारों और गरिमा की रक्षा के लिए एक आंदोलन होगा।

    गांधी की आत्मा की रक्षा का संकल्प

    दिग्विजय सिंह ने सीहोर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह संघर्ष किसी पार्टी का नहीं, बल्कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की आत्मा की रक्षा के लिए है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार योजनाओं से गांधी का नाम निकालने का प्रयास कर रही है, जो कि देश के इतिहास और आत्मा पर एक गंभीर आक्रमण है। इस पदयात्रा की शुरुआत सीहोर जिले की किसी ग्राम पंचायत से की जाएगी, ताकि ग्रामीण भारत की आवाज सीधे दिल्ली तक पहुंच सके।

    कांग्रेस का आरोप: वैचारिक हमला

    कांग्रेस का कहना है कि मनरेगा का नाम बदलना केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं है, बल्कि यह एक वैचारिक हमला है। महात्मा गांधी का नाम हटाकर सरकार उस इतिहास को मिटाने का प्रयास कर रही है जिसने देश को आज़ादी दिलाई और गरीबों को अधिकार प्रदान किए। लोकसभा में इस बदलाव से संबंधित बिल के पास होने के बाद कांग्रेस ने इसे गांधी-विरोधी कदम बताया है। दिग्विजय सिंह ने सवाल उठाया कि जब सरकार गांधी को साहित्य से बाहर करने का प्रयास कर रही है, तो यह देश को किस दिशा में ले जा रहा है?

    जनचेतना का जागरण

    पदयात्रा का उद्देश्य केवल विरोध प्रदर्शन नहीं है, बल्कि ग्रामीणों में जागरूकता जगाना भी है। दिग्विजय सिंह श्रमिकों, किसानों, महिलाओं, और युवाओं के साथ संवाद करेंगे, ताकि उन्हें बताया जा सके कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि गरीबों की जीवनरेखा है। यह यात्रा राजनीतिक कार्यक्रम न होकर जन-आंदोलन का प्रारंभ है, जो गांवों की गलियों से संसद की सीढ़ियों तक पहुंचेगी।

    2025 का राजनीतिक एजेंडा

    कांग्रेस इस विषय को 2025 के राजनीतिक एजेंडे का केंद्रीय मुद्दा बनाने की योजना बना रही है। पार्टी का मानना है कि मनरेगा से गांधी का नाम हटाना उस भारत की आत्मा को चोट पहुंचाना है, जो सत्य, श्रम और समानता पर आधारित है। दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि यह पदयात्रा तब तक नहीं रुकेगी जब तक सरकार गांधी के नाम को वापस नहीं लाती।

    सीहोर: आंदोलन का केंद्र

    जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजीव गुजराती ने कहा कि शिवराज सिंह चौहान का गृह जिला सीहोर इस आंदोलन का मुख्य केंद्र बनने जा रहा है। यह केवल एक नाम बदलने का विरोध नहीं है, बल्कि यह यह तय करेगा कि भारत की आत्मा गांधी में सुरक्षित रहेगी या सत्ता की राजनीति में खो जाएगी। यह ध्यान देने योग्य है कि केंद्र सरकार ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का नाम बदलकर विकसित भारत गारंटी रोजगार आजीविका मिशन ग्रामीण कर दिया है। लोकसभा में भी इस योजना के बदलाव को लेकर बिल पास हो गया है, जिस पर कांग्रेस ने गंभीर आपत्ति जताई है।

  • हेमंत और कल्पना सोरेन की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार भेंट, गुमला में कार्तिक जतरा में होंगी शामिल

    हेमंत और कल्पना सोरेन की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार भेंट, गुमला में कार्तिक जतरा में होंगी शामिल

    राष्ट्रपति द्रौपर्दी मुर्मू की झारखंड यात्रा

    रांची: राष्ट्रपति द्रौपर्दी मुर्मू ने लोकभवन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन के साथ शिष्टाचार मुलाकात की। यह बैठक राष्ट्रपति के तीन दिवसीय झारखंड दौरे के अंतिम दिन आयोजित की गई। इस दौरान, मुख्यमंत्री सोरेन ने राष्ट्रपति को राज्य में चल रहे विकास कार्यों के बारे में जानकारी प्रदान की और उसे महत्वपूर्ण बताया।

    सरकारी नौकरी की घोषणा

    नई साल की शुरुआत से पहले, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 1910 अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी का उपहार देने की घोषणा की है। इस अवसर पर नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे, जो युवाओं के लिए एक बड़ी राहत का संकेत है।

    गुमला दौरे का कार्यक्रम

    राष्ट्रपति मुर्मू मंगलवार को गुमला का दौरा करेंगी। गुमला में उनका पहला स्थान रायडीह होगा, जहां वे पंखराज साहेब कार्तिक उरांव चौक पर स्थित स्वर्गीय कार्तिक उरांव की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगी। इसके बाद, वे अंतरराज्यीय जनसंस्कृति समागम समारोह, कार्तिक जतरा में शामिल होंगी। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी भी उपस्थित रहेंगे।

    वापसी की योजना

    2.45 बजे, राष्ट्रपति मुर्मू रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर पहुंचेंगी और वहां से सीधे वायुसेना के विमान द्वारा नई दिल्ली के लिए रवाना होंगी।

  • प्रियंका वाड्रा के बेटे रेहान ने गर्लफ्रेंड अवीवा बेग से की सगाई

    प्रियंका वाड्रा के बेटे रेहान ने गर्लफ्रेंड अवीवा बेग से की सगाई

    रेहान वाड्रा ने अवीवा बेग के साथ सगाई की

    कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के बेटे रेहान वाड्रा ने अपनी महिला मित्र अवीवा बेग के साथ सगाई कर ली है। अवीवा, जो कि दिल्ली की निवासी हैं, एक फोटोग्राफर हैं। दोनों परिवारों ने इस समारोह को बेहद निजी रखा और इसकी सूचना केवल करीबी लोगों को दी गई। अवीवा को फोटोग्राफी का काफी शौक है, जबकि रेहान भी इस क्षेत्र से जुड़े रहे हैं।

    संबंध का विगत

    प्रियंका गांधी और व्यवसायी रॉबर्ट वाड्रा के पुत्र रेहान ने पिछले 7 वर्षों से अवीवा को डेट किया है, और इस संबंध को वाड्रा परिवार द्वारा भी स्वीकृति प्राप्त है। अब इस जोड़ी की सगाई हो चुकी है, जिससे दोनों परिवारों के बीच का संबंध और भी मजबूत हुआ है।

    फोटोग्राफर के रूप में रेहान का करियर

    रेहान वाड्रा पेशे से एक वर्चुअल आर्टिस्ट हैं और बचपन से ही फोटोग्राफी में रुचि रखते हैं। उन्होंने 10 वर्ष की आयु से दुनिया की विविध सुंदरताओं की तस्वीरें क्लिक की हैं। वे कमर्शियल और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी में माहिर हैं। 2017 में एक क्रिकेट मैच के दौरान उन्हें चोट लगी, लेकिन इस घटना ने उनके फोटोग्राफी के प्रति जुनून को कम नहीं किया।

    प्रदर्शनी में भागीदारी

    रेहान ने कई प्रदर्शनी में भाग लिया है। 2021 में नई दिल्ली के बीकानेर हाउस में आयोजित ‘डार्क परसेप्शन’ प्रदर्शनी में उनका सोलो डेब्यू हुआ।

    मां का प्रेरणास्त्रोत

    रेहान का कहना है कि उनकी मां प्रियंका गांधी वाड्रा ने उन्हें फोटोग्राफी के प्रति हमेशा प्रेरित किया है। उनके नाना, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को भी इस कला में रुचि थी। अब रेहान उस विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।

    अवीवा बेग की भूमिका

    रेहान की मंगेतर अवीवा बेग ने अपने इंस्टाग्राम प्रोफाइल में खुद को फोटोग्राफर और प्रोड्यूसर बताया है। उनके पिता इमरान बेग व्यवसायी हैं जबकि मां नंदिता बेग एक इंटीरियर डिजाइनर हैं। नंदिता बेग और प्रियंका गांधी के बीच लंबे समय से दोस्ती है, और उन्होंने कांग्रेस मुख्यालय की सजावट में भी सहायता की थी।

    सगाई समारोह का आयोजन

    सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कल रात दोनों परिवारों की उपस्थिति में रेहान ने अवीवा को प्रपोज किया। सगाई का कार्यक्रम रणथम्भौर में आयोजित किया जाएगा, और शादी की योजना कुछ महीनों बाद बनाई गई है।

  • इंदौर: जिटी पटवारी और संजय शुक्ला को राजवाड़ा विरोध मामले में अदालत से बड़ी राहत मिली

    इंदौर: जिटी पटवारी और संजय शुक्ला को राजवाड़ा विरोध मामले में अदालत से बड़ी राहत मिली

    इंदौर की अदालत ने कांग्रेस नेताओं को दी राहत

    इंदौर समाचार: इंदौर की विशेष अदालत (MP-MLA Court) ने कोरोना महामारी के दौरान कलेक्टर के आदेश का उल्लंघन करने के आरोप में फंसे कांग्रेस के प्रमुख नेताओं को राहत देते हुए उन्हें दोषमुक्त कर दिया है। यह नेता जिनमें जीतू पटवारी, संजय शुक्ला, विशाल पटेल, और विनय बाकलीवाल शामिल हैं, पहले इस मामले में अभियुक्त थे।

    13 जून 2020 की घटना का घटनाक्रम

    जून 2020 में, जब देश कोरोना महामारी से जूझ रहा था, इंदौर के राजवाड़ा पर स्थित देवी अहिल्या प्रतिमा के नीचे तत्कालीन कांग्रेस विधायकों ने एक धरना दिया था। पुलिस ने आरोप लगाया कि इन नेताओं ने बिना अनुमति जनसभा आयोजित की और जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी धारा 144 के आदेशों का उल्लंघन किया। इसके फलस्वरूप, उनके खिलाफ भादवि की धारा 188 और 34 के तहत मामला दर्ज किया गया।

    पुलिस के केस में कमी

    विशेष न्यायाधीश श्री देव कुमार की अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस की जांच में कई गंभीर खामियां उजागर हुईं, जो बचाव पक्ष के लिए फायदेमंद साबित हुईं:

    फरियादी और विवेचक एक ही

    इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी अमृता सोलंकी ने न केवल फरियादी के रूप में कार्य किया, बल्कि जांच भी की। अदालत ने इसे निष्पक्षता के सिद्धांतों के विपरीत माना।

    गवाहों की कमी

    इस प्रकार के सार्वजनिक प्रदर्शन में पुलिस ने एक भी आम नागरिक को गवाह नहीं बनाया, जिससे सभी गवाह पुलिसकर्मी ही रहे।

    तकनीकी साक्ष्यों का अभाव

    पुलिस ने यह दावा किया था कि प्रदर्शन की वीडियो रिकॉर्डिंग हुई थी, लेकिन अदालत में कोई ठोस वीडियो साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

    स्पष्टता की कमी

    गवाही के दौरान पुलिसकर्मियों ने यह स्पष्ट नहीं किया कि नेताओं की क्या मांगें थीं या प्रदर्शन में कितने लोग शामिल थे।

    अधिवक्ताओं का पक्ष

    नेताओं का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ताओं सौरभ मिश्रा और जय हार्डिया ने अदालत को बताया कि यह मामला मुख्यतः राजनीतिक कारणों से दर्ज किया गया था। पुलिस यह साबित करने में असफल रही कि वहां वास्तव में किसी आदेश का उल्लंघन हुआ या जनहानि का खतरा उत्पन्न हुआ। साक्ष्यों की अनुपस्थिति को ध्यान में रखते हुए अदालत ने सभी चार नेताओं को बरी करने का आदेश दिया।

  • राहुल गांधी ने दिग्विजय से मुलाकात में RSS की तारीफ का जिक्र किया

    राहुल गांधी ने दिग्विजय से मुलाकात में RSS की तारीफ का जिक्र किया

    राहुल गांधी और दिग्विजय सिंह की महत्वपूर्ण मुलाकात

    नई दिल्ली। दिग्विजय सिंह ने रविवार को राहुल गांधी से मुलाकात की, जो कि कांग्रेस के स्थापना दिवस के अवसर पर इंदिरा भवन में आयोजित हुई। इस मुलाकात के दौरान, दिग्विजय सिंह ने आरएसएस और भाजपा की कुछ पहलों की प्रशंसा की, जिसे देखकर राहुल गांधी ने उनसे हाथ मिलाया।

    मुलाकात की विशेष बातें

    सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने दिग्विजय सिंह के साथ संवाद करते समय उनके द्वारा की गई टिप्पणियों पर चर्चा की। यह मुलाकात कांग्रेस के भीतर समन्वय और संवाद का एक महत्वपूर्ण उदाहरण रही, जिससे पार्टी की रणनीतियों पर विचार विमर्श किया गया। दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत संगठनात्मक मुद्दों पर भी आधारित रही।

  • भगवतम् का बयान: विश्व को वैश्विक नेता बनने की आवश्यकता है

    भगवतम् का बयान: विश्व को वैश्विक नेता बनने की आवश्यकता है

    भारत को फिर से ‘विश्वगुरु’ बनाने की आवश्यकता

    हैदराबाद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को कहा कि भारत को एक बार फिर से ‘विश्वगुरु’ बनने की दिशा में प्रयास करने चाहिए। उन्होंने बताया कि यह केवल एक महत्वाकांक्षा नहीं, बल्कि वैश्विक आवश्यकता है।

    योगी अरविंद के विचारों की पुष्टि

    भागवत ने हैदराबाद में आयोजित ‘विश्व संघ शिविर’ के दौरान अपनी बात रखी, जहाँ उन्होंने उल्लेख किया कि लगभग 100 साल पहले योगी अरविंद ने कहा था कि सनातन धर्म का पुनरुत्थान ईश्वर की चाह है और इसके लिए हिंदू राष्ट्र का अस्तित्व आवश्यक है। उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि अब वह समय आ चुका है।

    संघ के योगदान पर जोर

    भागवत ने कहा कि भारत को ‘विश्वगुरु’ बनाने के लिए संघ के प्रयासों के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में निरंतर मेहनत की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी बताया कि संघ व्यक्तियों के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रहा है ताकि वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकें।

    तकनीकी उन्नति पर मानवीय नियंत्रण

    संघ प्रमुख ने इस बात पर जोर दिया कि तकनीकी प्रगति, जैसे सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, को नियंत्रित किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि यदि मानवीय दृष्टिकोण लागू किया जाए, तो इन तकनीकों के नकारात्मक परिणामों से बचा जा सकता है।

  • सीएम मोहन यादव की सभा में व्यावसायिक धोखाधड़ी पर युवक को बाहर निकाला गया

    सीएम मोहन यादव की सभा में व्यावसायिक धोखाधड़ी पर युवक को बाहर निकाला गया

    सतना में मुख्यमंत्री का कार्यक्रम: व्यापम घोटाले का हंगामा

    सतना। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को सतना जिले में विंध्य व्यापार मेले के दौरान एक कार्यक्रम में भाग लिया। इस अवसर पर, जब मुख्यमंत्री जनता को संबोधित कर रहे थे, तब अचानक भीड़ में से एक युवक ने व्यापम घोटाले का नाम लेकर हंगामा करना शुरू कर दिया।

    घटित घटना का विवरण

    मुख्यमंत्री यादव विंध्य व्यापार मेले में जनसभा को संबोधित कर रहे थे, तभी उमरिहा, जसो के रहने वाले युवक, अरुणेश कुशवाहा ने अचानक चिल्लाते हुए सरकारी भर्ती परीक्षाओं में हो रही धांधली को लेकर प्रश्न उठाना शुरू किया। उसने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, “मैं युवा हूँ, मेरे साथ न्याय नहीं हो रहा है,” और “फ्रीडम ऑफ स्पीच” के नारे लगाए।

    सुरक्षा अधिकारियों की त्वरित प्रतिक्रिया

    युवक द्वारा हंगामा शुरू होते ही सभा में अफरातफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। मुख्यमंत्री के सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए युवक को काबू में किया। वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि सुरक्षाकर्मी युवक को उठाकर सभा स्थल से बाहर ले गए, जबकि युवक अपनी बात कहने की कोशिश करता रहा।

    पुलिस की जांच और खुलासे

    घटना के बाद पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच में पता चला कि अरुणेश कुशवाहा ने एक दिन पहले धारदार हथियार (चाकू) के साथ एक वीडियो तैयार किया था, जिसमें उसने धार्मिक भावनाओं को भड़काने का काम किया। उसे भगवान श्री राम और माता सीता के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने का भी आरोप लगा है। पुलिस ने युवक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

    प्रशासन का कड़ा रुख

    इस घटना के पश्चात सभा स्थल की सुरक्षा को और अधिक सख्त कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा में सेंध लगाने या सार्वजनिक कार्यक्रम में बाधा डालने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या युवक का यह हंगामा किसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा था।

  • कुमार विश्वास ने कहा, “अब युवा लोग कब्रिस्तान की बजाय अयोध्या जा रहे हैं”

    कुमार विश्वास ने कहा, “अब युवा लोग कब्रिस्तान की बजाय अयोध्या जा रहे हैं”

    कुमार विश्वास का अटल जयंती कार्यक्रम में राजनीतिक विवेचन

    लखनऊ। कवि कुमार विश्वास हाल ही में अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां उन्होंने कई मुद्दों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने ताजमहल, महात्मा गांधी, और दिल्ली के प्रदूषण जैसे संवेदनशील विषयों का उल्लेख किया। कुमार विश्वास ने आगरा में स्थित ताजमहल को कब्रिस्तान बताते हुए कहा कि अब युवा ताजमहल के बजाय अयोध्या की ओर बढ़ रहे हैं, जो एक महत्वपूर्ण बदलाव है।

    युवाओं की बदलती रुचियाँ

    कुमार विश्वास ने कार्यक्रम के दौरान इस परिवर्तन पर गौर करते हुए कहा, “यहां नए साल पर पहली बार ऐसा हो रहा है कि जो आगरा में कब्रिस्तान है, उसे देखने के बजाय युवा संख्या में अयोध्या और वृंदावन जा रहे हैं। बदलाव आवश्यक है, और इस प्रक्रिया में समय लगेगा।” उन्होंने यह भी कहा कि जिन लोगों को विश्वास है कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, उन्हें यह सोचने की आवश्यकता है कि राम से जुड़ी गतिविधियाँ जारी हैं।

    राम मंदिर मामले पर विचार

    अयोध्या के राम मंदिर विवाद पर बोलते हुए, कुमार विश्वास ने कहा कि यह देश अद्भुत है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि सुप्रीम कोर्ट में राम का जन्मस्थान लेकर 30 वर्षों तक मामला चला, और अंततः न्यायालय ने निर्णय लिया कि राम वहीं पैदा हुए जहाँ उनका मंदिर है।

    दिल्ली के प्रदूषण पर चिंता

    दिल्ली में चल रहे प्रदूषण पर कुमार विश्वास ने कटाक्ष करते हुए कहा कि तीनों स्तरों पर भाजपा की सरकार होते हुए भी दिल्ली की हवा की हालत चिंताजनक है। उन्होंने कहा, “रक्षा मंत्री, हम और अन्य सभी इस शहर में रहते हैं। तीन स्तर की सरकारें हैं, लेकिन हवा का क्या हाल है।”

    महात्मा गांधी और सरदार पटेल की चर्चा

    विस्वास ने महात्मा गांधी और सरदार पटेल की स्थिति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कांग्रेस को संबोधित करते हुए कहा, “आप लोग अपने पारिवारिक नायकों में उलझे हुए हैं, जबकि पटेल के विचारों को नजरअंदाज किया जा रहा है। यदि गांधी जी की मान्यता है, तो उनके विचारों का सम्मान होना चाहिए।”

  • MP: भाजपा नेता गिरफ्तार, शांति भंग के आरोप में JCB पर भाषण दिया

    MP: भाजपा नेता गिरफ्तार, शांति भंग के आरोप में JCB पर भाषण दिया

    सीहोर में तनावपूर्ण साम्प्रदायिक माहौल

    मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के आष्टा में शनिवार को साम्प्रदायिक माहौल एक बार फिर तनावपूर्ण हो गया। यह घटना तब घटी जब पूर्व पार्षद और भाजपा नेता कालू भट्ट तथा उनके साथी अंकुश ठाकुर जेसीबी मशीन पर चढ़कर भाषण दे रहे थे। इस दौरान स्थिति बिगड़ने से पहले ही पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई की।

    पुलिस की कार्रवाई

    पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया और बवाल को बढ़ने से रोकने के लिए भाजपा नेता को हिदायत दी। प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए त्वरित कदम उठाए, जिससे किसी भी प्रकार की हिंसा से बचा जा सके।

    स्थानीय प्रतिक्रिया

    इस घटनाक्रम के चलते स्थानीय निवासियों में चिंता का माहौल है। साम्प्रदायिक तनाव के ऐसे मामलों पर नजर रखना आवश्यक है, ताकि शांति और सौहार्द बना रहे। आयोजनों के दौरान इस प्रकार की स्थितियों से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन सक्रिय रूप से तैयार है।

  • मेहबूबा मुफ्ती ने कहा: अदालत को मेरे चरित्र को नुकसान पहुंचाने का अधिकार नहीं

    मेहबूबा मुफ्ती ने कहा: अदालत को मेरे चरित्र को नुकसान पहुंचाने का अधिकार नहीं

    महबूबा मुफ्ती का जेल स्थानांतरण पर बयान

    पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर के कैदियों के स्थानांतरण के संबंध में एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय द्वारा उनकी याचिका को खारिज करना आश्चर्यजनक है, जिसमें स्थानीय कैदियों को अन्य जगहों की जेलों से वापस लाने की मांग की गई थी। इस याचिका को अदालत ने यह कहते हुए खारिज किया कि यह राजनीतिक लाभ के लिए दायर की गई है। महबूबा ने श्रीनगर में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

    अदालत के फैसले पर महबूबा की प्रतिक्रिया

    महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उच्च न्यायालय का कहना है कि कोई भी नागरिक जनहित याचिका दायर कर सकता है, लेकिन चूंकि वह एक राजनीतिक नेता हैं, इसलिए उनकी याचिका को राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा गया। उन्होंने कहा, “उच्च न्यायालय को यकीन नहीं है कि राजनीतिक नेता जनता की वास्तविकताओं से गहरे जुड़े होते हैं।” महबूबा ने यह भी सवाल उठाया कि अदालत ने इस मामले का स्वतः संज्ञान क्यों नहीं लिया।

    महबूबा की नाराजगी के कारण

    महबूबा ने अदालत के दुवारा उसके चरित्र पर सवाल उठाने को अनुचित बताया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें राजनीतिक मुद्दे उठाने का पूरा अधिकार है। उनका मानना है कि अदालत को सरकार से यह पूछना चाहिए था कि जेलों में कितने कैदी विचाराधीन हैं और उन्हें किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

    कुलदीप सिंह सेंगर मामले पर टिप्पणी

    महबूबा मुफ्ती ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि उनकी मांग केवल उन कैदियों के स्थानांतरण तक सीमित थी, जिन्हें दोषी नहीं ठहराया गया है। विशेष रूप से, भाजपा के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के मामले में न्यायालय द्वारा दी गई सजा निलंबन को लेकर महबूबा ने आरोप लगाया कि न्यायपालिका का राजनीतिकरण कर दिया गया है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि कुछ न्यायाधीश अब भी सच्चाई के पक्ष में खड़े हैं।

  • मुख्यमंत्री Stalin ने पीएम मोदी के बारे में क्या कहा, जिससे भाजपा हुई नाराज?

    मुख्यमंत्री Stalin ने पीएम मोदी के बारे में क्या कहा, जिससे भाजपा हुई नाराज?

    स्टालिन का अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर जोर

    चैन्‍नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कहा है कि **बहुमत की असली ताकत** इस बात में निहित है कि अल्पसंख्यक बिना किसी डर के अपने जीवन जी सकें। उन्होंने समाज में विभाजन पैदा करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़े कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया।

    प्रधानमंत्री का क्रिसमस समारोह मुद्दे को बढ़ाता है

    स्टालिन ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा क्रिसमस समारोह में भाग लेने पर अपनी चिंता व्यक्त की है, जो अल्पसंख्यकों पर हमलों की बढ़ती घटनाओं के बीच आया है। उन्होंने जबलपुर और रायपुर में हो रहे हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि यह स्थिति चिंता का विषय है।

    भाजपा सरकार पर आरोप

    मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भाजपा के सत्ता में आने के बाद से अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत भरे भाषणों में 74 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह आंकड़ा इस स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने मणिपुर के अलावा जबलपुर, रायपुर और अन्य स्थानों पर हुए हमलों को उन लोगों के लिए अस्वीकार्य बताया जो **सद्भाव** को महत्वपूर्ण मानते हैं।

  • सौरभ भारद्वाज, संजीव झा और आदिल अहमद खान पर सांता क्लॉज के अपमान का मामला

    सौरभ भारद्वाज, संजीव झा और आदिल अहमद खान पर सांता क्लॉज के अपमान का मामला

    दिल्ली में आम आदमी पार्टी के नेताओं के खिलाफ एफआईआर

    डेस्क: आम आदमी पार्टी के तीन प्रमुख नेताओं पर धार्मिक भावनाओं को आघात पहुंचाने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज की है। इस मामले में पार्टी के सीनियर नेता सौरभ भारद्वाज, संजीव झा, और आदिल अहमद खान का नाम शामिल है। आरोप है कि उन्होंने ईसाई समुदाय के पवित्र प्रतीक सांता क्लॉज का अपमानजनक चित्रण किया। यह FIR अधिवक्ता खुशबू जॉर्ज की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है।

    वीडियो में सांता क्लॉज का अपमानजनक चित्रण

    शिकायत के अनुसार, 17 और 18 दिसंबर 2025 को इन नेताओं के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स से साझा किए गए एक वीडियो के कारण विवाद उत्पन्न हुआ। यह वीडियो दिल्ली के कनॉट प्लेस में आयोजित एक राजनीतिक स्किट का हिस्सा था, जिसमें सांता क्लॉज को बिना वस्त्र बेहोश दिखाया गया। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस वीडियो में सांता क्लॉज को राजनीतिक संदेश देने के लिए एक उपकरण के रूप में पेश किया गया है।

    शिकायत में विशेष आरोप

    वीडियो में सांता क्लॉज को नकली CPR (जीवन रक्षक प्रक्रिया) देते हुए दिखाना, ईसाई समाज के लिए एक गहरी चोट माना गया है। यह धार्मिक और सांस्कृतिक प्रतीक की पवित्रता का मजाक उड़ाने के बराबर है। विशेष रूप से, एडवेंट के पवित्र समय में ऐसे वीडियो का प्रसारण ईसाई धर्म के प्रति अपमान का प्रतीक है।

    दिल्ली पुलिस की कार्रवाई

    दिल्ली पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 302 के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि किसी भी धार्मिक प्रतीक का सार्वजनिक अपमान करना एक अपराध है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि विशेष रूप से इस तरह के मामलों में, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना और सार्वजनिक व्यवस्था को बिगाड़ना स्वीकार्य नहीं है। फिलहाल, डिजिटल साक्ष्यों और सोशल मीडिया पोस्ट की जांच की जा रही है।

  • सौरभ भारद्वाज व अन्य AAP नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज, ये हैं आरोप

    सौरभ भारद्वाज व अन्य AAP नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज, ये हैं आरोप

    दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी के नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की

    नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख नेताओं सौरभ भारद्वाज, संजय झा और आदिल अहमद खान के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की है। इन पर आरोप है कि उन्होंने धार्मिक भावनाओं को आहत किया है। यह मामला खासतौर पर ईसाई समुदाय के पवित्र प्रतीक ‘सांता क्लॉज’ के कथित अपमानजनक चित्रण से संबंधित है।

    प्रकरण की पृष्ठभूमि

    इस FIR का आधार एक अधिवक्ता खुशबू जॉर्ज द्वारा लगाए गए आरोप हैं। उनके अनुसार, इन नेताओं ने सांता क्लॉज के चित्रण के माध्यम से ईसाई धर्म को ठेस पहुँचाई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने राजनीतिक और धार्मिक दोनों ही क्षेत्रों में हलचल पैदा कर दी है।

  • आडवाणी के बीच मतभेद, नई पार्टी गठन की योजना BJP छोड़ने की

    आडवाणी के बीच मतभेद, नई पार्टी गठन की योजना BJP छोड़ने की

    अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी: भारतीय राजनीति की दो महत्वपूर्ण शख्सियतें

    नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रमुख नेता अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी की जोड़ी को भारतीय राजनीति में वर्षों तक अटूट माना जाता रहा है। लेकिन एक समय ऐसा भी था जब वाजपेयी ने एक नई राजनीतिक पार्टी बनाने पर गंभीरता से विचार किया। वरिष्ठ पत्रकार नीरजा चौधरी ने यह जानकारी बुधवार को प्रधानमंत्री संग्रहालय एवं पुस्तकालय में आयोजित एक व्याख्यान के दौरान साझा की। यह व्याख्यान अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती की पूर्व संध्या पर आयोजित किया गया था, जिसका विषय “अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन और योगदान” था।

    1984 का लोकसभा चुनाव और वाजपेयी का संकट

    नीरजा चौधरी के अनुसार, 1984 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को केवल दो सीटें मिली थीं और इस दौरान वाजपेयी ग्वालियर से चुनाव हार गए थे। इसी समय आडवाणी पार्टी में तेजी से उभर रहे थे, जिससे वाजपेयी निराश महसूस कर रहे थे। उन्होंने कुछ समय के लिए भाजपा से अलग होकर नई पार्टी बनाने का मन बनाया, लेकिन यह विचार ज्यादा लंबे समय तक नहीं चला और अंततः उन्होंने भाजपा के साथ बने रहने का निर्णय लिया।

    पोखरण-2 और आडवाणी की पीड़ा

    अपने व्याख्यान में नीरजा चौधरी ने 1998 में हुए पोखरण-2 परमाणु परीक्षण से जुड़ी एक महत्वपूर्ण घटना पर भी प्रकाश डाला, जिसने दोनों नेताओं के बीच तनाव को उजागर किया। वाजपेयी ने परीक्षण की जानकारी अपने प्रधान सचिव और सेना प्रमुखों के साथ साझा की, लेकिन आडवाणी को इस निर्णय में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि अन्य मंत्रिमंडल सदस्यों को भी परीक्षण की सूचना केवल दो दिन पहले दी गई, वह भी बिना तारीख बताए।

    चौधरी ने याद करते हुए बताया कि 11 मई 1998 को जब वह आडवाणी से मिलने पहुंची, तो वे अकेले बैठे थे और उनकी आंखों में आंसू थे। उन्हें यह दुख था कि वर्षों की मित्रता और पार्टी की पुरानी प्रतिबद्धता के बावजूद उन्हें भरोसे में नहीं लिया गया।

    1990 के दशक में वाजपेयी का प्रभाव

    नीरजा चौधरी ने यह भी बताया कि 1990 के दशक में अटल बिहारी वाजपेयी की छवि सर्वमान्य बन गई थी, जिससे वे भारतीय राजनीति में प्रभावशाली बन गए। उनके सभी दलों से अच्छे संबंध थे। वाजपेयी और पूर्व प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिंह राव के बीच भी करीबी रिश्ता था, जो कि उनके ब्राह्मण होने या 1977 में विदेश मंत्री रहते हुए दोनों की पुरानी जान-पहचान का परिणाम था।

  • मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मंत्री जी किशन रेड्डी के बीच मुलाकात, झरिया मास्टर प्लान पर चर्चा

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मंत्री जी किशन रेड्डी के बीच मुलाकात, झरिया मास्टर प्लान पर चर्चा

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और केंद्रीय कोयला मंत्री जी० किशन रेड्डी की मुलाकात

    रांची में बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी० किशन रेड्डी से उनके कांके रोड स्थित आवासीय कार्यालय में औपचारिक भेंट की। इस बैठक के दौरान **कोयला एवं खनन क्षेत्र** की उन्नति के लिए सकारात्मक चर्चाएँ हुईं। मुख्य मुद्दों में झरिया मास्टर प्लान, बेलगड़िया टाउनशिप परियोजना और अन्य प्रमुख विषय शामिल थे, जिन पर पंचायत की गई। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार का दृष्टिकोण साझा करते हुए केंद्र सरकार के साथ समन्वय की आवश्यकता पर जोर दिया।

    कोयला खनन मुद्दों पर चर्चा

    बैठक में कोल माइंस से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-मंथन हुआ। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बताया कि झरिया मास्टर प्लान और बेलगड़िया टाउनशिप परियोजना से विस्थापित परिवारों को सम्मानजनक जीवन प्रदान करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, नई कोल खनन परियोजनाओं और खनन कार्यों से संबंधित समस्त मुद्दों को भी उठाया गया। केंद्रीय मंत्री ने परियोजनाओं में आ रही समस्याओं से सूचित किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल निष्कर्ष निकाला कि **केंद्र-राज्य समन्वय के द्वारा ही समस्याओं का समाधान संभव है।**

    कैबिनेट से पेसा नियामवली के पारित होने पर जश्न

    मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में आदिवासी समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री आवास पर आकर उनकी प्रशंसा की। इस अवसर पर केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कोयला एवं खनन परियोजनाओं को लेकर उठाए गए सकारात्मक कदमों पर चर्चा हुई। अधिकारियों ने विस्थापितों के पुनर्वास, नौकरी और मुआवजा, सरकारी भूमि पर जमाबंदी जैसे मुद्दों पर सहमति प्रकट की। इससे यह स्पष्ट होता है कि खनन कार्यों का संचालन स्थानीय लोगों की भलाई के लिए किया जा रहा है।

    महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय

    बैठक के दौरान खनन से जुड़ी रॉयल्टी, मुआवज़े और सरकारी भूमि पर जमाबंदी को लेकर नीतिगत निर्णयों पर सहमति बनी। इसके अलावा, खनन क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण, स्थानीय रोजगार की समस्या और सामाजिक उत्तरदायित्व निधियों का प्रभावी उपयोग भी चर्चा के प्रमुख बिंदु थे। सभी संबंधित अधिकारी इस चर्चा में उपस्थित रहे और निरंतर संपर्क बनाए रखने पर जोर दिया गया।

    इस बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, केंद्रीय कोयला मंत्री के निजी सचिव पंकज जैन और कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जिन्होंने इस पहल को एक नए दिशा देने पर सहमति व्यक्त की।

  • उत्तर प्रदेश में नया भूमि स्वामित्व कानून विधेयक पारित

    उत्तर प्रदेश में नया भूमि स्वामित्व कानून विधेयक पारित

    उत्तर प्रदेश विधानसभा में घरौनी विधेयक का पारित होना

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को उत्तर प्रदेश ग्रामीण आबादी विधेयक, 2025 (घरौनी कानून) का पारित होना ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कानून के लागू होने से अब ग्रामीण क्षेत्रों में घरों के मालिकों को विभिन्न लाभ प्राप्त होंगे। घरौनी दस्तावेज का उपयोग कर ग्रामीण अब अपने घर बनाने अथवा मरम्मत कराने के लिए बैंकों से ऋण प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा, आबादी भूमि से संबंधित स्वामित्व रिकॉर्ड में आवश्यक संशोधन और नामांतरण की प्रक्रिया भी सरल हो जाएगी।

    योगी आदित्यनाथ सरकार का योगदान

    इस योजना को तेजी से लागू करने के लिए योगी आदित्यनाथ की सरकार ने प्रयास किए थे। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना को प्रदेश में घरौनी योजना के रूप में अपनाया गया है। यूपी विधानसभा में इसे पारित करने के बाद, इसे कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त मिली है। यह विधेयक ग्रामीणों के लिए उनके संपत्ति के संदर्भ में पुख्ता प्रमाण प्रदान करेगा।

    घरौनी को मिला कानूनी दर्जा

    घरौनी कानून विधेयक के पारित होते ही, घरौनी को एक आधिकारिक और कानूनी दस्तावेज का दर्जा प्राप्त हो गया है। पहले यह केवल प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत जारी होती थी, लेकिन अब इसे कृषि भूमि की खतौनी के समान मान्यता दी गई है। इसमें वरासत, विक्रय, उत्तराधिकार जैसे विभिन्न कारणों से नाम बदलने और रिकॉर्ड सुधार की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। घरौनी में दर्ज मोबाइल नंबर, पता और अन्य विवरण को अपडेट करने का भी प्रावधान है।

    घरौनी कानून का उद्देश्य

    घरौनी कानून बनाने का उद्देश्य इसे कानूनी मान्यता देना, नामांतरण और संशोधन की प्रक्रिया को सरल बनाना, ग्रामीणों को वित्तीय रूप से सशक्त करना और संपत्ति विवादों को कम करना है। यह कानून ग्रामीणों को अपनी संपत्ति का पक्का और कानूनी प्रमाण प्रदान करेगा, जिससे उन्हें वित्तीय और कानूनी सुरक्षा मिलेगी। इससे ग्रामीण विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

    स्वामित्व योजना का समर्थन

    पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने विधानसभा में इस कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन तकनीक आधारित स्वामित्व अभिलेखों को कानूनी मान्यता देने के लिए लाया गया है। इस कानून से घरौनी अभिलेखों के संरक्षण और नए रिकॉर्ड के समय पर पंजीकरण की व्यवस्था सुनिश्चित होगी।

    ग्रामीणों को आर्थिक लाभ

    मंत्री ने उल्लेख किया कि स्वामित्व योजना का मुख्य उद्देश्य गांवों में उचित सर्वेक्षण कर ग्रामीणों की आवासीय संपत्तियों के ठोस कागजात तैयार करना है। इससे ग्रामीण अपने मकान और जमीन के आधार पर बैंकों से ऋण, बीमा तथा अन्य वित्तीय सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इसके अतिरिक्त, भूमि के सही रिकॉर्ड उपलब्ध होने से संपत्ति कर का निर्धारण, जीआईएस मैपिंग और ग्राम पंचायतों की विकास योजनाओं में सुधार होगा।

  • बंगाल: हुमायूँ कबीर ने बाल्लीगंज सीट से हिन्दू उम्मीदवार निशा चट्टर्जी का नाम वापस लिया

    बंगाल: हुमायूँ कबीर ने बाल्लीगंज सीट से हिन्दू उम्मीदवार निशा चट्टर्जी का नाम वापस लिया

    बालीगंज सीट से उम्मीदवार का नाम वापस लिया

    कोलकाता में जनता उन्नयन पार्टी (JUP) के संस्थापक हुमायूं कबीर ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए बालीगंज सीट से घोषित उम्मीदवार निशा चटर्जी को हटा दिया। कबीर ने कहा कि चटर्जी की सोशल मीडिया पर मौजूद सामग्री पार्टी की छवि से मेल नहीं खाती और इससे जनता में गलत संदेश फैल सकता है।

    पार्टी की छवि की सुरक्षा

    अपने निर्णय पर स्पष्टता देते हुए, कबीर ने कहा कि उन्होंने चटर्जी की तस्वीरें और वीडियो देखे, जिसके बाद उन्हें यह निर्णय लेना पड़ा। उन्होंने कहा, “यह फैसला लेना मेरे अधिकार में है।” कबीर ने यह भी बताया कि बालीगंज सीट के लिए एक नई महिला उम्मीदवार का नाम जल्द ही घोषित किया जाएगा, जो संभवतः मुस्लिम समुदाय से हो सकती हैं।

    धर्म के आधार पर आरोप

    वहीं, निशा चटर्जी ने इस फैसले को धर्म से जोड़ते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उनका हटना केवल इसलिए हुआ क्योंकि वह हिंदू हैं। चटर्जी ने कहा, “हुमायूं कबीर ने खुद मुझे चुनावी उम्मीदवार बनने के लिए कहा था, लेकिन अब मुझ पर सवाल उठाए जा रहे हैं।”

    सामाजिक शर्मिंदगी और कानूनी कार्रवाई की संभावना

    चटर्जी ने कबीर की बाबरी मस्जिद योजना के समर्थन में रहें, फिर भी उनके साथ इस तरह का व्यवहार करने पर निराशा व्यक्त की। उन्होंने कहा, “इस घटना से मुझे सामाजिक तौर पर शर्मिंदगी झेलनी पड़ रही है। मैं कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रही हूं।”

    कबीर का निलंबन और विवाद

    हुमायून कबीर, जो भारतपुर से विधायक हैं, को 4 दिसंबर को टीएमसी द्वारा निलंबित किया गया था। यह कार्रवाई बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद बनाने के उनके बयान के कारण हुई, जिसने राज्य की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। कबीर ने 6 दिसंबर को मुर्शिदाबाद में प्रस्तावित मस्जिद की आधारशिला रखी थी, जो 1992 में बाबरी मस्जिद के ध्वंस की सालगिरह थी। इस निर्णय ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा की है।

  • ललित मोदी और विजय माल्या की बर्थडे पार्टी से राजनीतिक विवाद बढ़ा

    ललित मोदी और विजय माल्या की बर्थडे पार्टी से राजनीतिक विवाद बढ़ा

    ललित मोदी और विजय माल्या का वायरल वीडियो, सियासी हलचल बढ़ी

    डेस्क: भारत के दो प्रमुख कारोबारी भगोड़े, ललित मोदी और विजय माल्या, का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। यह वीडियो विजय माल्या के जन्मदिन का बताया जा रहा है, जिसे उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर साझा किया है। वीडियो में ये दोनों एक पार्टी के दौरान एक साथ मस्ती करते नजर आ रहे हैं।

    सियासी प्रतिक्रियाएँ

    इस वीडियो में विजय माल्या मजाकिया तरीके से खुद को भारत का ‘सबसे बड़ा भगोड़ा’ बताते हैं, जिससे यह मुद्दा अब राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद, भारत में सियासी बवाल मच गया है।

    शिवसेना का आरोप

    शिवसेना यूबीटी के प्रवक्ता आनंद दुबे ने इस वीडियो को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ललित मोदी और विजय माल्या अपने हाथ में शराब पकड़कर लोकतंत्र का मजाक उड़ा रहे हैं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि वे खुद कह रहे हैं कि वे भगोड़े हैं और कोई उनकी ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

    सरकार की भूमिका पर सवाल

    आनंद दुबे ने सरकार और एजेंसियों की निष्क्रियता पर भी सवालिया निशान खड़ा किया। उन्होंने कहा कि भारत का संविधान और लोकतंत्र मजबूत हैं, लेकिन ऐसे भगोड़ों से निपटने में एजेंसियों की अनिर्णयात्मकता चिंता का विषय है। क्या इन लोगों की मदद कोई कर रहा है जो देश से करोड़ों रुपए लेकर भाग गए हैं?

    बैंकिंग स्थिति की तुलना

    दुबे ने यह भी बताया कि अगर कोई व्यक्ति बैंक में 100 रुपये का ऋण नहीं चुकाता है, तो उसे नोटिस देती है, जबकि करोड़ों रुपये लेकर भागने वाले भगोड़ों के साथ सरकार चुप्पी साधे बैठी है। यह स्थिति दर्शाती है कि सरकार और संबंधित एजेंसियाँ क्या कर रही हैं।

  • शशि थरूर ने नीतीश कुमार के विकास मॉडल की सराहना की

    शशि थरूर ने नीतीश कुमार के विकास मॉडल की सराहना की

    नीतीश सरकार के विकास मॉडल पर शशि थरूर की प्रशंसा

    पटना। बिहार में दौरे पर आए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने नीतीश सरकार के विकास कार्यों की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि बिहार अब बेहद विकसित हो चुका है, यहां बिजली और पानी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। थरूर राजगीर में आयोजित नालंदा साहित्य उत्सव का उद्घाटन करने पहुंचे थे। उन्होंने मीडिया से कहा कि पहले उन्हें बिहार के हालात संतोषजनक नहीं लगते थे, लेकिन अब स्थिति में सुधार हुआ है।

    बिहार में बदलाव की चर्चा

    थरूर ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि बिहार में कई सकारात्मक परिवर्तन देखे जा रहे हैं। वे यह भी उल्लेखित करते हैं कि वर्षों पहले जब वे यहां आए थे, तब स्थिति ठीक नहीं थी। उन्होंने यह भी बताया कि आजकल सड़कें बेहतर हो गई हैं और लोग रात में बाहर निकल रहे हैं। ये सभी बदलाव बिहार की प्रगति का संकेत हैं।

    नालंदा विश्वविद्यालय का महत्व

    उनका कहना है कि नालंदा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों का सहयोग आवश्यक है। थरूर ने 20 साल पहले की गई अपनी उस टिप्पणी का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि नालंदा को पुनर्जीवित किया जाना चाहिए ताकि यह 21वीं सदी में हमारी शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करे।

    भारतीय विश्वविद्यालयों की चुनौतियाँ

    अपने संबोधन में शशि थरूर ने यह भी कहा कि भारतीय विश्वविद्यालयों को वैश्विक मंच पर स्थापित करने के लिए अभी लंबा रास्ता तय करना है। उन्होंने बुनियादी ढांचे और शोध में सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। थरूर ने कहा कि भारत के पास दुनिया के कुल दिमाग का 17 प्रतिशत है, लेकिन शोध उत्पादन केवल 2.7 प्रतिशत है, जो चिंताजनक है। निजी क्षेत्र को भी शोध में निवेश करने की आवश्यकता है।

  • रांची नगर निगम के 25 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित, गजट अधिसूचना जारी

    रांची नगर निगम के 25 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित, गजट अधिसूचना जारी

    रांची नगर निगम और बुंडू नगर पंचायत में वार्ड आरक्षण की घोषणा

    रांची: राज्य निर्वाचन आयोग की स्वीकृति के बाद, रांची जिला प्रशासन ने रांची नगर निगम और बुंडू नगर पंचायत के लिए वार्डों के आरक्षण का गजट जारी कर दिया है। गजट जारी होने के साथ ही निकाय चुनाव की तैयारी औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार, चुनाव की तिथि जनवरी के मध्य में घोषित होने की संभावना है।

    रांची नगर निगम के वार्ड आरक्षण

    रांची नगर निगम क्षेत्र में कुल 53 वार्डों में आरक्षण की व्यवस्था की गई है। इनमें से 27 वार्ड सामान्य वर्ग के लिए रखे गए हैं। अनुसूचित जाति के लिए 2, पिछड़ा वर्ग के लिए 4 और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 9 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। महिलाओं के लिए कुल 25 वार्ड आरक्षित हैं।

    बुंडू नगर पंचायत के वार्ड आरक्षण

    बुंडू नगर पंचायत के 13 वार्डों में से 6 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। इनमें अनुसूचित जाति के लिए 2, अनुसूचित जनजाति के लिए 2, पिछड़ा वर्ग के लिए 1 और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 1 वार्ड शामिल है। यहां महिलाओं के लिए 5 वार्ड आरक्षित रहेंगे। उल्लेखनीय है कि 2008 के बाद यह दूसरा मौका है जब निकाय चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से कराए जाएंगे।

    आरक्षित और अनारक्षित वार्डों की सूची

    रांची नगर निगम

    आरक्षित वार्ड:

    • वार्ड 1: एसटी अन्य
    • वार्ड 2: एसटी महिला
    • वार्ड 14: एससी महिला
    • वार्ड 15: ओबीसी 1 महिला
    • वार्ड 19: एसटी महिला
    • अन्य वार्ड अनारक्षित

    बुंडू नगर पंचायत

    आरक्षित वार्ड:

    • वार्ड 2: एससी महिला
    • वार्ड 12: अनारक्षित महिला
    • वार्ड 13: एसटी महिला

    इस प्रकार, रांची नगर निगम और बुंडू नगर पंचायत के वार्ड आरक्षण से आगामी निकाय चुनाव की प्रक्रिया में पारदर्शिता और समावेशिता का आश्वासन मिलता है।

  • धोनी के घर पहुंचे प्रसिद्ध गायक और ममता सरकार के मंत्री के पुत्र, पहचान के बाद भी नहीं मिली अनुमति

    धोनी के घर पहुंचे प्रसिद्ध गायक और ममता सरकार के मंत्री के पुत्र, पहचान के बाद भी नहीं मिली अनुमति

    बाबूल सुप्रियो का मजेदार वीडियो, धोनी से मिलने की कोशिश

    रांची: पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार में मंत्री और प्रसिद्ध गायक बाबूल सुप्रियो ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में उनके बच्चे रांची के दलादली में स्थित पूर्व क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी के घर के बाहर खड़े हैं और उनसे मिलने की इच्छा व्यक्त कर रहे हैं। इस दौरान हुई मजेदार गतिविधियों ने देखने वालों को हंसने पर मजबूर कर दिया। बाबूल ने स्वीकार किया कि उन्हें इस अनुभव में ट्रोल भी होना पड़ा।

    बाबूल के बच्चों की धोनी से मिलने की ख्वाहिश

    बाबूल सुप्रियो ने अपने वीडियो को साझा करते हुए लिखा, “एक बार की बात है- एमएस धोनी के घर के गेट के सामने कुछ ऐसा हुआ।” वीडियो में उनकी बेटी नैना और कजिन गोलू नजर आते हैं, जो अपने दादा-दादी के साथ रांची की सैर पर गए थे। घूमते-घूमते, वे धोनी के फार्महाउस के गेट तक पहुंचे।

    बच्चों की कोशिशें और ट्रोलिंग

    बाबूल ने बच्चों के बारे में बताते हुए कहा, “ये मेरी छोटी-सी बेटी नैना है और उसका कजिन भाई गोलू। धोनी से मिलने के लिए उन्होंने पहले गेट के वॉचमैन से बात की और फिर मेरा विजिटिंग कार्ड उसे देकर कहा कि ‘मेरे पापा भी मंत्री हैं।’” लेकिन इस कोशिश का परिणाम सकारात्मक नहीं रहा। बच्चों ने धोनी का नंबर पाने के लिए कई नाम गिनाए, जो काफी मजेदार था। जब बाबूल ने उन्हें बताया कि यह मुश्किल है, तो उन्हें ट्रोल किया गया और ‘डंबो’ कहा गया।

    धोनी की लोकप्रियता पर बाबूल का बयान

    बाबूल ने आगे कहा कि उन्हें धोनी की लोकप्रियता देखकर खुशी होती है। उन्होंने कहा, “हर पीढ़ी में धोनी के प्रति दीवानगी देखना दिल को छू लेने वाला है। वाकई, उन्हें सलाम है।” हालांकि, उन्होंने यह भी व्यक्त किया कि वह उनके लिए कुछ नहीं कर सके, जो उन्हें थोड़ा खेद देता है।