श्रेणी: Politics

  • ममता बनर्जी ने कहा, “हम बंगाल जीतेंगे, BJP 2029 तक केंद्र में नहीं टिकेगी”

    ममता बनर्जी ने कहा, “हम बंगाल जीतेंगे, BJP 2029 तक केंद्र में नहीं टिकेगी”

    ममता बनर्जी की भाजपा पर कड़ी टिप्पणी

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में आयोजित एक रैली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ तीखी बयानबाजी की। उन्होंने कहा कि भाजपा चाहे जितनी कोशिश कर ले, वे बंगाल में सफलता प्राप्त नहीं कर पाएगी। 2026 में होने वाले चुनावों में जीत की आशा व्यक्त करते हुए, ममता ने कहा कि बंगाल जीतने के बाद उन्हें दिल्ली भी जीतनी होगी। उनका दावा था कि भाजपा अब भारत पर शासन करने की स्थिति में नहीं है। इसी दौरान, ममता ने अपने सांसद कल्याण बनर्जी को निर्देश देते हुए कहा कि उनका अगला धरना निर्वाचन आयोग के समक्ष होगा।

    ईडी के छापे पर ममता का प्रतिकार

    मुख्यमंत्री ममता ने आईपैक के कार्यालय पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के छापे के दौरान आवश्यक दस्तावेजों को उठाने के अपने निर्णय का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “कल आई-पीसी पर छापेमारी के दौरान, उन्होंने मेरी पार्टी की रणनीति से संबंधित जानकारी चुराने की कोशिश की। हम इसकी तीखी निंदा करते हैं।” ममता ने विस्तार से बताया कि ईडी सुबह 6 बजे पहुंच गई थी, जबकि वे लगभग 11:45 बजे वहां पहुंची। इस दौरान, पार्टी की कई गोपनीय जानकारियां चोरी हो गईं।

    केंद्र सरकार पर ममता का हमला

    ममता ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि सभी सरकारी एजेंसियां केंद्र के इशारों पर कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा विभिन्न राज्यों में जबरदस्ती सत्ता में आने का प्रयास कर रही है।

    चुनाव आयोग के साथ भाजपा की साठगांठ

    ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग और भाजपा दोनों पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा ने चुनाव आयोग की मदद से महाराष्ट्र जैसे राज्यों में चुनाव जीते हैं। उन्होंने कहा, “आपने महाराष्ट्र, हरियाणा और बिहार में ताकत के बल पर चुनाव जीते हैं। क्या आपको लगता है कि आप बंगाल पर भी ऐसे ही कब्जा कर लेंगे?

  • बीजेपी ने झारखंड जिलाध्यक्षों की घोषणा की, वरूण साहू रांची प्रमुख, अजय पंकज लोहरदगा के अध्यक्ष

    बीजेपी ने झारखंड जिलाध्यक्षों की घोषणा की, वरूण साहू रांची प्रमुख, अजय पंकज लोहरदगा के अध्यक्ष

    झारखंड में भाजपा ने नए जिलाध्यक्षों की घोषणा की

    रांची: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने झारखंड में अपने जिला अध्यक्षों की नई सूची जारी की है, जिससे संगठनात्मक गतिविधियों में अपेक्षित तेजी आने की संभावना है। केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी के बाद, 27 जिलों में कई पुराने अध्यक्षों को पुनः जिम्मेदारी सौंपी गई है और कुछ नए चेहरे भी इस सूची में शामिल किए गए हैं। तीन महीने के गहन विचार-विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया। वरूण साहू को फिर से रांची भाजपा का महानगर अध्यक्ष बनाया गया है। बाबूलाल मरांडी, प्रदेश BJP अध्यक्ष और सांसद दीपक प्रकाश ने उन्हें बधाई दी। इसके अतिरिक्त, अजय पंकज को लोहरदगा का नया जिलाध्यक्ष चुना गया है।

    लोहरदगा में संगठन को सशक्त बनाने की दिशा में कदम

    भाजपा ने लोहरदगा जिले में अपने संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने का निर्णय लिया है। शुक्रवार को बक्सीडीपा स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित बैठक ने यह संकेत दिया कि पार्टी अब जिले में मिशन मोड में विस्तार की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस बैठक में संगठन की वर्तमान स्थिति की समीक्षा के साथ-साथ आगामी चुनाव प्रक्रिया और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर विचार विमर्श किया गया। बैठक में किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन साहू और पूर्व विधायक किशुन दास सहित कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे। अजय पंकज को सर्वसम्मति से लोहरदगा जिलाध्यक्ष बनाने पर भी सहमति बनी।

    भाजपा सदस्यों की सक्रियता का महत्व

    अजय पंकज के जिलाध्यक्ष बनने के निर्णय के बाद पार्टी कार्यालय में खुशी का माहौल था। कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। पवन साहू ने बैठक में कहा कि भाजपा की असली ताकत उसका संगठनात्मक ढांचा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करना पार्टी की प्राथमिकता है। पंकज ने कहा कि वह पार्टी नेतृत्व द्वारा जताए गए विश्वास पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगे। उनकी प्राथमिकता संगठन को मजबूत करना और केंद्र सरकार की योजनाओं को आम जनता तक प्रभावी तरीके से पहुंचाना होगा।

    संगठन में नई ऊर्जा और दिशा

    बैठक में लोहरदगा जिले के वरिष्ठ भाजपा नेताओं के प्रदेश कार्यसमिति में शामिल होने पर कार्यकर्ताओं ने हर्ष व्यक्त किया। नेताओं का मानना है कि यह जिले के लिए गर्व का विषय है और इससे संगठन को नई ताकत और स्पष्ट दिशा मिलेगी। बैठक में बड़ी संख्या में वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे, जिन्होंने पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

  • भाजपा और संघ परिवार गजनवी के सोमनाथ आगमन को क्यों दोहराते हैं

    भाजपा और संघ परिवार गजनवी के सोमनाथ आगमन को क्यों दोहराते हैं

    सोमनाथ मंदिर पर ‘स्वाभिमान पर्व’ का आयोजन

    नई दिल्ली। भारत के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित भगवान भोलेनाथ के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, सोमनाथ मंदिर, इस समय चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यहां ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ मनाया जा रहा है। यह पर्व विशेष महत्वपूर्ण है, क्योंकि जनवरी 2026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण की एक हजारवीं वर्षगांठ मनाई जाएगी।

    प्रधानमंत्री मोदी का बयान

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर कहा कि इतिहास में कई हमलों ने हमारी आस्था को कमजोर नहीं किया। इसके विपरीत, इन हमलों ने भारत की सांस्कृतिक एकता को और दृढ़ किया है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ का बार-बार पुनरोद्धार इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। प्रधानमंत्री ने सोमनाथ से संबंधित अपनी कुछ पुरानी तस्वीरें भी साझा कीं, जो इस विषय पर एक महत्वपूर्ण हिंदुत्व परिप्रेक्ष्य प्रस्तुत करती हैं।

    सोमनाथ की ऐतिहासिकता

    प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि सोमनाथ मंदिर की अदम्य भावना इस बात का प्रतीक है कि यह स्थान न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। यह मंदिर कई चुनौतियों और संघर्षों के बावजूद गर्व से खड़ा है। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व पूरे वर्ष मनाया जाएगा, और प्रधानमंत्री मोदी 11 जनवरी को सोमनाथ मंदिर जाने का कार्यक्रम बना रहे हैं।

  • सोमनाथ मंदिर विवाद: बीजेपी ने नेहरू, ग़ज़नी और ख़िलजी को जिम्मेदार ठहराया

    सोमनाथ मंदिर विवाद: बीजेपी ने नेहरू, ग़ज़नी और ख़िलजी को जिम्मेदार ठहराया

    सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर भाजपा का हमला

    नई दिल्ली। भाजपा ने एक बार फिर से सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू पर निशाना साधा है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने बुधवार को कहा कि नेहरू ने अपनी तुष्टीकरण की राजनीति के कारण स्वतंत्रता के बाद सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण में रुचि नहीं दिखाई। उन्होंने दावा किया कि सोमनाथ मंदिर को अतीत में महमूद गजनवी और अलाउद्दीन खिलजी द्वारा लूटा गया, लेकिन स्वतंत्र भारत में नेहरू को भगवान सोमनाथ से सबसे अधिक नफरत थी।

    नेहरू का पत्र और दावा

    त्रिवेदी ने पंडित नेहरू द्वारा 21 अप्रैल 1951 को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री लियाकत अली खान को लिखे पत्र का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नेहरू ने खान को प्रिय नवाबजादा कहते हुए सोमनाथ के दरवाजों की कहानी को ग़लत बताया। उन्होंने कहा कि नेहरू ने यह भी लिखा था कि सोमनाथ मंदिर का निर्माण जैसी कोई गतिविधि नहीं हो रही थी। त्रिवेदी ने सवाल उठाया कि आखिर नेहरू को लियाकत अली खान से ऐसा क्या डर था कि उन्हें सोमनाथ मंदिर के संबंध में पत्र लिखना पड़ा।

    सरकारी मदद का मना करना

    सुधांशु त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि पंडित नेहरू ने भारतीय दूतावासों को पत्र लिखकर सोमनाथ ट्रस्ट को मदद देने से मना कर दिया। इसमें अभिषेक समारोह के लिए नदी से पानी की अनुरोध भी शामिल था। उन्होंने कहा कि नेहरू ने मंदिर में अभिषेक के लिए सिंधु नदी के पानी का उपयोग करने की अनुमति देने से मना कर दिया और भविष्य में ऐसे किसी अनुरोध से पहले अनुमति लेने का आदेश दिया।

    कांग्रेस का विरोध और स्पष्टीकरण

    कांग्रेस ने भाजपा के इन दावों को झूठा बताकर उनका विरोध किया है। पार्टी ने कहा कि पंडित नेहरू ने महात्मा गांधी और सरदार पटेल की सहमति से यह नीति अपनाई थी कि धार्मिक स्थलों के निर्माण में सरकारी धन का उपयोग नहीं होना चाहिए। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने एक वीडियो साझा किया जिसमें इन आरोपों का विस्तार से उत्तर दिया गया है। रमेश ने यह भी सवाल किया कि राम मंदिर के शिलान्यास में तत्कालीन राष्ट्रपति कोविंद और उद्घाटन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को आमंत्रित न करने का कारण क्या था।

  • कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव ने पेसा मामले में पार्टी एवं सरकार पर उठाए सवाल

    कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव ने पेसा मामले में पार्टी एवं सरकार पर उठाए सवाल

    रांची में कांग्रेस की बैठक: पेसा नियमावली पर विचार-विमर्श

    रांची: कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के राजू ने बुधवार को राजधानी रांची में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में राज्य सरकार के द्वारा लागू किए गए पेसा नियमावली पर व्यापक चर्चा हुई। पूर्व मंत्री और लोहरदगा से कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव ने पार्टी और सरकार पर आलोचना करते हुए पेसा नियमावली के संबंध में अपनी चिंता व्यक्त की।

    पेसा नियमावली पर उठे सवाल

    रामेश्वर उरांव ने बैठक के दौरान पेसा नियमावली पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि वे समाज के साथ हैं और किसी बंधन में नहीं बंधे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पेसा नियमावली में कस्टमरी लॉ का पालन नहीं किया जा रहा है। उरांव ने कहा कि यदि पेसा कानून में कोई कमी है, तो वे आम जनता के साथ हैं और समुदाय का समर्थन करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नियमावली में सुधार नहीं किया गया, तो कांग्रेस को इसके नकारात्मक परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

    छत्तीसगढ़ चुनाव से जुड़ी चिंताएं

    बैठक में चर्चा के दौरान रामेश्वर उरांव ने छत्तीसगढ़ में पिछली चुनावी हार का जिक्र किया। वहां पेसा कानून पहले से लागू किया गया था, लेकिन नियमावली में चूक के कारण आदिवासी मतदाता कांग्रेस से दूर हो गए। उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में कांग्रेस को 29 में से 26 सीटों पर जीत मिली थी।

    पेसा कानून के मूल सिद्धांत

    बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए उरांव ने कहा कि पेसा कानून के तहत तीन मुख्य सिद्धांतों का पालन होना चाहिए, जिसमें कस्टमरी लॉ, सामाजिक और धार्मिक प्रथाओं का संरक्षण, और भूमि एवं संसाधनों की पारंपरिक अवधारणा शामिल हैं। हालांकि, पहले दो सिद्धांतों का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने पार्टी के प्रभारी से सुधार की उम्मीद जताई।

    प्रदेश अध्यक्ष की प्रतिक्रिया

    इस विषय पर प्रदेश अध्यक्ष केशव कमलेश महतो ने कहा कि झारखंड में लागू पेसा नियमावली के खिलाफ फैलाई जा रही भ्रांतियों के बारे में जनता को जागरूक करने की आवश्यकता है। उन्होंने जानकारी दी कि अगले एक माह में झारखंड में एसआईआर होने जा रहा है और सभी बीएलए की नियुक्ति की जाएगी। महतो ने गांधी जी के नाम को मिटाने की कोशिशों के ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभावों के प्रति भी लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया।

  • DMK के साथ विवाद और TVK के साथ समझौता, कांग्रेस 32 में असमर्थ

    DMK के साथ विवाद और TVK के साथ समझौता, कांग्रेस 32 में असमर्थ

    तमिलनाडु में विधानसभा चुनावों की तैयारी

    चैन्‍नई। तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। इस बार मुख्यमंत्री एम के स्टालिन की अगुवाई में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने सहयोगी पार्टी कांग्रेस से केवल 32 सीटों पर चुनाव लड़ने का प्रस्ताव रखा है, जबकि विधानसभा में कुल 234 सदस्य हैं।

    डीएमके और कांग्रेस के बीच तकरार

    डीएमके ने कांग्रेस को कम सीटें देने का फैसला लिया है, जिसके कारण दोनों पार्टियों के बीच मतभेद उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है। कांग्रेस पार्टी ने इस संख्या को अपर्याप्त मानते हुए इससे असहमति जताई है। पिछले चुनावों में इन दोनों पार्टियों ने मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग दिख रही है।

    टीवीके के साथ संभावित गठबंधन

    वहीं, डीएमके ने तामिलनाडु की एक अन्य पार्टी, टीवीके (तमिल मिल्ली काड़ी) के साथ संभावित गठबंधन को लेकर भी बातचीत की है। इस नई सियासी दिशा के साथ, डीएमके वोटर आधार को मजबूत करने का प्रयास कर रहा है। इसका उद्देश्य चुनावी सफलता के लिए एक व्यापक गठबंधन तैयार करना है।

  • अभिषेक बनर्जी ने हेमंत सोरेन के हेलीकॉप्टर का किया उपयोग, बीजेपी पर अनुमति विवाद के कारण निशाना साधा

    अभिषेक बनर्जी ने हेमंत सोरेन के हेलीकॉप्टर का किया उपयोग, बीजेपी पर अनुमति विवाद के कारण निशाना साधा

    अभिषेक बनर्जी का हेलीकॉप्टर विवाद और रामपुरहाट दौरा

    डेस्क: तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और डायमंड हार्बर से सांसद, अभिषेक बनर्जी ने मंगलवार को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के हेलीकॉप्टर का उपयोग किया। उन्होंने हेमंत सोरेन के हेलीकॉप्टर से रामपुरहाट पहुंचकर वहां एक सभा को संबोधित किया।

    सुरक्षा अधिकारियों से मुलाकात और नए साल की शुभकामनाएं

    इससे पहले, झारखंड के प्रशासनिक सेवा और पुलिस अधिकारियों ने हेमंत सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात की और उन्हें नए साल की शुभकामनाएं दीं। हालांकि, अभिषेक बनर्जी के नियोजित हेलीकॉप्टर को उड़ान की अनुमति नहीं मिलने के कारण राजनीतिक विवाद उत्पन्न हो गया। उन्होंने इस मुद्दे पर बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसी चालों से उन्हें रोका नहीं जा सकता।

    बीजेपी पर आरोप और पूर्वानुमान

    सभा के दौरान, अभिषेक बनर्जी ने देर से पहुंचने के लिए खेद प्रकट किया। उन्होंने कहा कि भले ही चुनाव की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन बीजेपी ने पहले से ही अपनी रणनीतियाँ आरंभ कर दी हैं। बनर्जी ने आरोप लगाया कि उनके हेलीकॉप्टर को जानबूझकर मंजूरी नहीं दी गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी उन्हें रोकने की कोशिश कर रही है, परंतु वह इसके مقابل अधिक जिद्दी हैं।

    हेलीकॉप्टर की अनुमति का मुद्दा

    अभिषेक बनर्जी ने बताया कि जब उन्हें हेलीकॉप्टर के आवश्यक अनुमतियों में दिक्कत आई, तो उन्होंने हेमंत सोरेन से संपर्क किया। इसके बाद, सोरेन के हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की गई ताकि वह रामपुरहाट पहुंच सकें। हेलीकॉप्टर के उड़ान के नियमों के तहत, डीजीसीए से 72 घंटे पहले अनुमति लेनी होती है, जिसमें पायलट, हेलीकॉप्टर और सुरक्षा से संबंधित जानकारियां शामिल होती हैं।

    तापमान गिरावट और फसलों पर बर्फ की चादर

    झारखंड में ठंड का कहर जारी है, जहां मैक्लुस्कीगंज में तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है, जिससे फसलों पर बर्फ की परत जम गई है। मंगलवार सुबह 11 बजे डीजीसीए के द्वारा अनुमति मिलने की संभावना थी, परंतु इसे मंजूरी नहीं प्राप्त हुई। यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि यह अनुमति घने कोहरे के कारण नहीं मिली या फिर हेलीकॉप्टर में किसी तकनीकी समस्या के कारण।

  • कांग्रेस ने पीएम मोदी से ट्रंप को लेकर किया सवाल, भारत की छवि प्रभावित

    कांग्रेस ने पीएम मोदी से ट्रंप को लेकर किया सवाल, भारत की छवि प्रभावित

    भारत में रूसी तेल की खरीद पर ट्रंप की टिप्पणी पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया

    नई दिल्ली। रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा की गई टिप्पणी के बाद कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि क्या सरकार ट्रंप को खुश करने में राष्ट्रीय हितों की अनदेखी कर रही है।

    कांग्रेस का आरोप

    कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि ट्रंप की टिप्पणी से भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को ऐसे मुद्दों पर स्पष्टता प्रदान करने की आवश्यकता है। कांग्रेस ने सवाल किया है कि क्या देश की विदेश नीति को किसी अन्य देश के राजनीतिक समीकरणों के अनुसार ढाला जा रहा है।

    राजनीतिक चर्चा

    यह मामला अब दोनों प्रमुख पार्टियों के बीच एक राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। कांग्रेस का मानना है कि भारत को अपने राष्ट्रीय हितों के अनुसार स्वतंत्रता से निर्णय लेने का अधिकार होना चाहिए, और ऐसे टिप्पणियों से भारत का मजाक बन रहा है।

  • क्या Priyanka Gandhi एक दशक की राजनीतिक सूखा समाप्त कर सकती हैं?

    क्या Priyanka Gandhi एक दशक की राजनीतिक सूखा समाप्त कर सकती हैं?

    कांग्रेस की चुनावी तैयारी में नई रणनीतियाँ

    नई दिल्ली। हाल ही में विभिन्न चुनावों में कांग्रेस को मिली हार के बाद पार्टी ने अपनी रणनीतियों में बदलाव करने का निर्णय लिया है। पार्टी ने केरल, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और पुदुच्चेरी के लिए स्क्रीनिंग कमेटी का गठन किया है। प्रियंका गांधी को असम में स्क्रीनिंग कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस क्रम में, केरल में मधुसूदन मिस्त्री, तमिलनाडु और पुदुच्चेरी के लिए टीएस सिंह देव, और पश्चिम बंगाल के लिए बीके हरिप्रसाद को चेयरमैन बनाया गया है।

    राजनीतिक प्रतिस्पर्धा की स्थितियाँ

    पश्चिम बंगाल में मुख्य मुकाबला ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच होने की संभावना है। वहीं, तमिलनाडु में डीएमके और एआईएडीएमके के बीच प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी, जहाँ भाजपा और कांग्रेस दोनों ही गठबंधनों में शामिल हैं। असम में कांग्रेस की मुख्य लड़ाई भाजपा के खिलाफ होगी, जिसके लिए प्रियंका गांधी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।

    असम में सत्ता का लक्ष्य

    कांग्रेस पार्टी असम में भाजपा से सत्ता छीनने की योजना बना रही है, जहां भाजपा 2016 से शासन कर रही है। पार्टी एंटी-इनकंबेंसी का लाभ उठाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेटे, गौरव गोगोई, को आगे बढ़ाने की संभावना है। वर्तमान में वे लोकसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हैं।

    प्रियंका गांधी का असम में विशेष दायित्व

    प्रियंका गांधी के लिए असम एक महत्वपूर्ण राज्य है, क्योंकि यह पहली बार है जब गांधी परिवार के किसी सदस्य को इतनी बड़ी जिम्मेदारी दी जा रही है। स्क्रीनिंग कमेटी की भूमिका उम्मीदवारों की संभावित सूची को पार्टी की केंद्रीय समिति के पास भेजना है, जहाँ उन पर मुहर लगाई जाती है। गांधी के करीबी माने जाने वाले इमरान मसूद और सप्तगिरि शंकर को भी इस समिति में शामिल किया गया है।

    हाल के चुनावी इतिहास

    असम के पिछले विधानसभा चुनाव में, एनडीए ने 126 में से 75 सीटें जीतीं, जबकि कांग्रेस के गठबंधन ने 50 सीटें हासिल की थीं। दोनों के बीच सीटों का अंतर बहुत कम था, और वोट शेयर में केवल 1.6% का अंतर मौजूद था। यह सुरक्षा स्थिति कांग्रेस के लिए उम्मीद की किरण बन सकती है।

  • कैलाश विजयवर्गीय के बयान का सरकारी आदेश में समावेश, SDM निलंबित

    कैलाश विजयवर्गीय के बयान का सरकारी आदेश में समावेश, SDM निलंबित

    कैलाश विजयवर्गीय के विवाद से मध्यप्रदेश सरकार में हड़कंप

    डेस्क: मध्यप्रदेश के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा एक पत्रकार के साथ की गई बेजा हरकत को लेकर मामला नया मोड़ ले चुका है। उनका ‘घंटा’ शब्द का संदर्भ सरकारी आदेश में सामने आने के बाद देवास के एसडीएम आनंद मालवीय को निलंबित कर दिया गया है। इस निलंबन का आदेश उज्जैन संभाग के आयुक्त आशीष सिंह ने जारी किया। इसके अलावा, सहायक ग्रेड-3 अमित चौहान को भी निलंबित किया गया है। प्रशासनिक फेरबदल के तहत अभिषेक शर्मा को देवास का नया एसडीएम नियुक्त किया गया है।

    घंटा टिप्पणी विवाद में तात्कालिक राजनीतिक परिप्रेक्ष्य

    इंदौर में दूषित पेयजल के कारण फैली बीमारी और मृतकों की संख्‍या के चलते प्रदेश की राजनीति पहले से ही तल्ख़ थी। इसी दौरान, जब विजयवर्गीय ने पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए ‘घंटा’ शब्द का प्रयोग किया, तो यह विवाद और बढ़ गया। कांग्रेस ने इस बयान को असंवेदनशील बताया और प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। इसी माहौल में, देवास में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीएम आनंद मालवीय ने एक सरकारी आदेश जारी किया, जिस पर बाद में विवाद खड़ा हो गया।

    सरकारी आदेश की विवादास्पद सामग्री

    वायरल हुए सरकारी आदेश में कांग्रेस के ज्ञापन में दिए गए आरोप, मृतकों की संख्या और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की ‘घंटा’ टिप्पणी का जिक्र किया गया था। सामान्यतः ऐसे आदेशों में केवल कानून-व्यवस्था संबंधित निर्देश होते हैं, लेकिन इस आदेश में राजनीतिक भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे प्रशासनिक तंत्र की गरिमा पर सवाल उठने लगे। इस आदेश का एक भाग कांग्रेस के ज्ञापन से मिलता-जुलता था, जो शासन स्तर पर आपत्ति का कारण बना। जब यह आदेश सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो विपक्ष ने इसे राजनीतिकरण के उदाहरण के रूप में पेश किया।

    प्रशासनिक जिम्मेदारी और कार्रवाई

    इस मामला के संदर्भ में उच्च स्तर पर रिपोर्ट मंगाई गई। एसडीएम आनंद मालवीय के निलंबन का आदेश आशीष सिंह ने जारी किया। आंतरिक जांच में यह भी सामने आया कि सहायक ग्रेड-3 अमित चौहान का आदेश के ड्राफ्ट और टाइपिंग में महत्वपूर्ण योगदान था, जिसकेनंतर उन्हें भी निलंबित किया गया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि सरकारी दस्तावेजों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या राजनीतिक सामग्री को सहन नहीं किया जाएगा।

    नए एसडीएम की नियुक्ति और योजना

    निलंबन के तुरंत बाद, शासन ने अभिषेक शर्मा को देवास का नया एसडीएम नियुक्त किया। नए एसडीएम ने कार्यभार संभालते ही अधिकारियों के साथ बैठक की और स्पष्ट किया कि सभी आदेश प्रशासनिक भाषा और नियमों के अनुसार जारी किए जाएंगे। इससे स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

  • कांग्रेस पार्टी का “गांवों की यात्रा” अभियान, 5 जनवरी से 20 फरवरी तक ग्राम पंचायत समितियों का गठन

    कांग्रेस पार्टी का “गांवों की यात्रा” अभियान, 5 जनवरी से 20 फरवरी तक ग्राम पंचायत समितियों का गठन

    कांग्रेस का ‘गांव चलो अभियान’ शुरू

    भोपाल में कांग्रेस पार्टी ने 5 जनवरी से ‘गांव चलो अभियान’ की घोषणा की है, जो कि 20 फरवरी तक चलेगा। इस अभियान का नेतृत्व पीसीसी अध्यक्ष जीतू पटवारी करेंगे। कांग्रेस का लक्ष्य 26 हजार ग्राम पंचायतों में पहली बार पंचायत कांग्रेस कमेटियों का गठन करना है।

    कार्यकर्ताओं में उत्साह

    कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता जितेंद्र मिश्रा ने कहा कि जीतू पटवारी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि भले ही पंचायत कमेटियों की औपचारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन 5 हजार सिफारशी पत्रों का आना कांग्रेस के प्रति लोगों की रुचि का संकेत है। पिछले चुनावों में भी कुछ विधानसभा क्षेत्रों में ऐसा उत्साह नजर आया था।

    अमरवाड़ा और विजयपुर में प्रदर्शन

    मिश्रा ने उल्लेख किया कि अमरवाड़ा विधानसभा में कांग्रेस ने 20 राउंड जीत हासिल की थी, जबकि 21वें राउंड में भाजपा के खिलाफ मुकाबला हुआ था। बुधनी में डेढ़ लाख से अधिक वोट पाकर भी विजयपुर विधानसभा चुनाव में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि जनता का ध्यान अब भाजपा सरकार से हट रहा है और वे कांग्रेस की ओर देख रहे हैं।

    बीजेपी का प्रतिक्रिया

    इस बीच, भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कांग्रेस के इस अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी केवल प्रचार और इवेंट्स की राजनीति कर रही है। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस की लोकसभा चुनाव के उम्मीदवारों की कमी रही है और कई जिला अध्यक्षों ने इस्तीफा दे दिया। यादव ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस अब दिशाहीन हो चुकी है और इस प्रकार के मंथन केवल दिखावा हैं।

  • पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला की स्वास्थ्य स्थिति में गिरावट, भागलपुर से पटना में भर्ती

    पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला की स्वास्थ्य स्थिति में गिरावट, भागलपुर से पटना में भर्ती

    बिहार: पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला की तबीयत बिगड़ी, भागलपुर से पटना स्थानांतरित

    पटना: पूर्व विधायक और आरजेडी के प्रमुख नेता मुन्ना शुक्ला की स्वास्थ्य स्थिति अचानक बिगड़ गई है। इसके चलते उन्हें भागलपुर जेल से पटना के बेऊर जेल में स्थानांतरित किया गया है। वर्तमान में उनका उपचार पटना के IGIMS में चल रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, लगभग 15 दिनों पहले उन्हें आंख में दर्द की शिकायत हुई थी, जिसके बाद उनका उपचार भागलपुर में किया जा रहा था।

    मुन्ना शुक्ला की स्वास्थ्य समस्याएँ

    भागलपुर जेल में चिकित्सकों ने सलाह दी कि उनका इलाज पटना में किया जाए। जेल सुपरिटेंडेंट के अनुसार, मुन्ना शुक्ला की आंख के रेटिना में कुछ कारणों से समस्या उत्पन्न हो गई थी। इस स्थिति को गंभीर समझते हुए, उन्हें पटना के बेऊर जेल में स्थानांतरित किया गया। बताया जा रहा है कि उनका मोतियाबिंद का ऑपरेशन भी होना है। जेल प्रशासन और चिकित्सकों द्वारा उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

    चुनाव से पहले किया गया था स्थानांतरित

    यह ध्यान देने योग्य है कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मुन्ना शुक्ला को लालगंज जेल से भागलपुर जेल में स्थानांतरित किया गया था। इस कदम के पीछे यह कारण बताया गया कि वे जेल से फोन पर कुछ लोगों से संपर्क कर रहे थे, जो चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता था। इस घटनाक्रम पर उनकी बेटी शिवानी शुक्ला ने बिहार सरकार पर आरोप लगाया था कि उनके पिता का स्थानांतरण साजिश के तहत किया गया था।

    मामले का पृष्ठभूमि

    हालांकि, मुन्ना शुक्ला पूर्व मंत्री बृज बिहारी प्रसाद के हत्या मामले में दोषी ठहराए गए हैं और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। उन्होंने इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी अपील की थी, लेकिन वहां से अभी फैसला सुरक्षित रखा गया है। अब सभी की नजर मुन्ना शुक्ला की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार पर है।

  • पश्चिम बंगाल के TMC सांसद का कांग्रेस पार्टी में शामिल होना बड़ा झटका

    पश्चिम बंगाल के TMC सांसद का कांग्रेस पार्टी में शामिल होना बड़ा झटका

    पश्चिम बंगाल में टीएमसी को झटका, बेनजीर नूर ने कांग्रेस जॉइन की

    नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) को एक बड़ा झटका लगा है। राज्यसभा सांसद बेनजीर नूर ने कांग्रेस पार्टी में शामिल होने का निर्णय लिया है। यह कदम विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।

    बेनजीर नूर का कांग्रेस में शामिल होना

    बेनजीर नूर ने कहा कि, “मैं कांग्रेस पार्टी को फिर से साथ काम करने का मौका देने के लिए धन्यवाद देती हूं। मैंने तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है और मेरा इस्तीफा ममता बनर्जी को सौंपा गया है। सोमवार को मैं राज्यसभा से भी इस्तीफा दे दूंगी। आज से, मैं कांग्रेस में शामिल हो गई हूं और पार्टी को मजबूत बनाने के लिए कठिन मेहनत करूंगी, क्योंकि बंगाल के लोग तथा मालदा के लोग कांग्रेस पर विश्वास करते हैं।” उन्होंने कांग्रेस की धर्मनिरपेक्षता, विकास और शांति की विचारधाराओं पर जोर दिया।

    राजनीतिक करियर और आगे की योजना

    बेनजीर नूर ने कांग्रेस मुख्यालय में जयराम रमेश, गुलाम अहमद मीर और शुभंकर सरकार के समक्ष पार्टी जॉइन की। उनका राज्यसभा कार्यकाल इस साल अप्रैल में समाप्त हो रहा है। अगले विधानसभा चुनाव में वह मालदा से चुनावी मैदान में उतरने की संभावना जता रही हैं। नूर ने 2009 से 2019 तक कांग्रेस पार्टी से मालदा से दो बार लोकसभा सांसद रह चुकी हैं, जिससे उनकी राजनीतिक पृष्ठभूमि मजबूत होती है।

  • झारखंड में निकाय चुनाव जनवरी में घोषित, परिणाम मार्च में आएंगे

    झारखंड में निकाय चुनाव जनवरी में घोषित, परिणाम मार्च में आएंगे

    झारखंड में नगर निकाय चुनाव की तैयारियां शुरू

    रांची: झारखंड में नगर निकाय चुनाव की तैयारी जोरशोर से चल रही है। राज्य निर्वाचन आयोग ने संकेत दिए हैं कि जनवरी के अंत तक चुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी। राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी 8 जनवरी को सभी जिलों के उपायुक्तों और पुलिस अधीक्षकों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग करेंगी, जिसमें जमीनी तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। जिन क्षेत्रों में कमी पाए जाने पर सुधार की प्रक्रिया 5 से 7 दिन में सुनिश्चित की जाएगी। इसके बाद चुनाव तिथि का प्रस्ताव मुख्य सचिव के माध्यम से राज्यपाल को भेजा जाएगा।

    चुनाव प्रक्रिया का समयसीमा

    जनवरी के दूसरे या तीसरे सप्ताह में राज्यपाल की मंजूरी मिलने की संभावना है। मंजूरी मिले तुरंत बाद चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी। अधिसूचना जारी होते ही नामांकन प्रक्रिया अगले दिन से शुरू होगी, जिसमें उम्मीदवारों को नामांकन के लिए करीब एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। इस बार निकाय चुनाव एक ही चरण में ballots का उपयोग कर कराए जाएंगे, और आयोग का लक्ष्य 28 मार्च तक चुनाव प्रक्रिया को समाप्त करना है।

    उम्मीदवारों के लिए प्रचार का समय

    उम्मीदवारों को प्रचार के लिए इस बार केवल 32 से 36 दिन का समय मिलेगा, जबकि सामान्यतः 40-45 दिन का समय दिया जाता है। उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार, 30 मार्च तक चुनाव प्रक्रिया पूरी की जानी है, इसलिए समयसीमा को सख्त रखा गया है।

    मतदान की संभावित तारीखें

    होली 4 मार्च को है, और आयोग की योजना है कि मतदान और मतगणना इसी मौके के आसपास पूरी की जाए। मतदान की संभावित तारीखें 26 फरवरी से 2 मार्च के बीच निर्धारित की जा रही हैं। मतदान के अगले दिन री-पोल की व्यवस्था की जाएगी, जबकि मतगणना 2-3 दिन बाद आयोजित की जाएगी।

    बैलेट प्रणाली और मतगणना प्रक्रिया

    मेयर और वार्ड पार्षद के लिए वोट एक ही बैलेट बॉक्स में डाले जाएंगे। मेयर और अध्यक्ष का बैलेट पेपर गुलाबी रंग का होगा, जबकि वार्ड पार्षद का मत पत्र सफेद रंग का होगा। गणना के दौरान दोनों प्रकार के वोटों को अलग-अलग छांटा जाएगा, और फिर उनकी गिनती शुरू होगी।

    मेयर-चैयरमैन के चुनाव की प्रक्रिया

    मतगणना के 15 से 22 दिन के भीतर नगर निगम के मेयर और नगर परिषद-नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव संपन्न किया जाएगा। इसमें केवल निर्वाचित वार्ड पार्षद वोट डालेंगे। पहले उन्हें शपथ दिलाई जाएगी, और उसके बाद चुनाव की प्रक्रिया आरंभ की जाएगी।

  • भाषा विवाद पर CM फडणवीस ने कहा, महाराष्ट्र में केवल मराठी अनिवार्य है

    भाषा विवाद पर CM फडणवीस ने कहा, महाराष्ट्र में केवल मराठी अनिवार्य है

    मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का भाषा विवाद पर स्पष्ट रुख

    मुम्बई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बार फिर से राज्य में भाषा विवाद पर अपने विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि महाराष्ट्र में केवल मराठी भाषा को अनिवार्य माना जाता है, जबकि अन्य भाषाओं का स्वागत है, लेकिन उन्हें अनिवार्य नहीं किया जाएगा। यह बयान महत्वपूर्ण है, खासकर पिछले साल भाजपा सरकार द्वारा पहली कक्षा में हिंदी को तीसरी भाषा के रूप में शामिल करने के निर्णय को वापस लेने के बाद, जब विरोध प्रदर्शन बढ़ गए थे।

    भाषा की अनिवार्यता पर मुख्यमंत्री का बयान

    सतारा में आयोजित 99वें अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए, फडणवीस ने कहा कि भाषा की अनिवार्यता का मुद्दा समाज में व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री के नाते मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि महाराष्ट्र में केवल मराठी ही अनिवार्य है। अन्य भाषाएं अनिवार्य नहीं हैं। छात्रों को अपनी पसंद की किसी भी भारतीय भाषा को सीखने का अधिकार है। विवाद सिर्फ यह था कि तीसरी भाषा की पढ़ाई कहां से शुरू की जाए।”

    महाविकास आघाड़ी सरकार की रिपोर्ट का उल्लेख

    फडणवीस ने कहा कि महाविकास आघाड़ी सरकार के दौरान एक रिपोर्ट में हिंदी को पहली कक्षा से अनिवार्य करने की सिफारिश की गई थी, जिसका समर्थन उनकी सरकार ने पहले किया था। लेकिन इस मुद्दे पर व्यापक बहस और विरोध को देखते हुए, नरेंद्र जाधव की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया। मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि राज्य में केवल मराठी को अनिवार्य भाषा मानते हैं।

    अंतरराष्ट्रीय भाषाओं का स्वागत

    मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि वे अंग्रेजी, फ्रेंच और स्पेनिश जैसी भाषाओं का स्वागत करते हैं, क्योंकि यह अंतरराष्ट्रीय भाषाएं हैं। उन्होंने कहा, “हालांकि, अगर हम भारतीय भाषाओं का विरोध करते हैं तो यह अनुचित होगा।” फडणवीस ने भारतीय भाषाओं को सम्मान देने की आवश्यकता पर जोर दिया और कहा कि सभी भाषाओं को समान महत्व मिलना चाहिए।

  • संजय निरुपम ने नाना पाटोले के बयान पर प्रतिक्रिया दी, कहा राहुल गांधी रावण से मिलते हैं

    संजय निरुपम ने नाना पाटोले के बयान पर प्रतिक्रिया दी, कहा राहुल गांधी रावण से मिलते हैं

    कांग्रेस नेता नाना पाटोले की भगवान राम से तुलना पर संजय निरुपम की तीखी प्रतिक्रिया

    नई दिल्ली। शिवसेना के नेता संजय निरुपम ने लोकसभा में कांग्रेस नेता नाना पाटोले द्वारा राहुल गांधी और भगवान राम के बीच तुलना करने की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसे ‘हास्यास्पद बयान’ करार दिया और कांग्रेस के राम के प्रति रुख पर सवाल उठाया। निरुपम का कहना है कि कांग्रेस हमेशा से राम के विरोध में रही है, और अयोध्या में मंदिर निर्माण से संबंधित प्रस्तावों में अड़ंगे लगाएं हैं।

    निरुपम का तंज: कांग्रेस की तुलना रावण से

    निरुपम ने कांग्रेस पार्टी के आचरण को देखते हुए उन्हें भगवान राम से तुलना करने के बजाय रावण से जोड़ने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह दावा करते हैं कि उनका नेता राम के आदर्शों का पालन करता है, इसलिए उनकी तुलना भगवान से की जानी चाहिए। निरुपम ने स्पष्ट किया कि राम के नाम को कलंकित न किया जाना चाहिए।

    पाटोले का बयान: राहुल गांधी भगवान राम का कार्य कर रहे हैं

    इससे पहले, नाना पाटोले ने कहा था कि राहुल गांधी भगवान राम का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि भगवान राम ने शोषितों और पीड़ितों के लिए कार्य किया, वही राहुल गांधी देश में न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं। पाटोले ने याद दिलाया कि जब राम लल्ला के मंदिर में ताला लगा था, तब पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने द्वार खोलने का आदेश दिया था।

    पूर्व में भी उठे थे सवाल

    यह पहली बार नहीं है जब नाना पाटोले ने राहुल गांधी की तुलना हिंदू देवता से की हो। अक्टूबर 2022 में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के दौरान उन्होंने इस तुलना को ‘संयोग’ बताया था। उन्होंने कहा था कि यह केवल नामों के समानता की बात है और कांग्रेस राहुल गांधी की तुलना भगवान राम से नहीं करती। उन्होंने राहुल गांधी को एक इंसान बताते हुए कहा कि वे मानवता के लिए काम कर रहे हैं।

    भाजपा नेताओं की कड़ी प्रतिक्रिया

    पाटोले के इस बयान पर भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। भाजपा के सीआर केशवन ने इसे हिंदू भावनाओं का ‘घोर अपमान’ बताया और नाना पाटोले से सवाल किया कि राहुल गांधी ने अब तक अयोध्या राम मंदिर का दौरा क्यों नहीं किया।

  • बिहार में BJP मंत्री के पति के बयान पर राजनीतिक विवाद उत्पन्न हुआ

    बिहार में BJP मंत्री के पति के बयान पर राजनीतिक विवाद उत्पन्न हुआ

    गिरिधारी लाल के विवादास्पद बयान से राजनीतिक हलचल

    डेस्क: उत्तराखंड में बीजेपी सरकार में मंत्री रेखा आर्य के पति गिरिधारी लाल द्वारा बिहार की महिलाओं पर दिए गए एक विवादास्पद बयान ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। हाल ही में मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक विवादास्पद बयान के बाद, गिरिधारी का यह नया बयान सत्तारूढ़ पार्टी के लिए नए सरदर्द का कारण बन गया है। सोशल मीडिया पर उनके बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं और इसे बिहार की बेटियों की बदनामी के रूप में देखा जा रहा है।

    बिहार पर आपत्तिजनक टिप्पणी

    गिरिधारी लाल साहू, जो कि उत्तराखंड के सोमेश्वर से बीजेपी विधायक हैं, एक वायरल वीडियो में बिहार की महिलाओं के बारे में अपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए नजर आए हैं। इस वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना जा सकता है कि “बिहार में 20-25 हजार रुपये में लड़कियां उपलब्ध हैं, कुंवारों के लिए बिहार से लड़कियां लेकर आएंगे।” यह बयान उस कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसमें साहू ने 23 दिसंबर को अल्मोड़ा जिले की सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत भाग लिया था।

    सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा

    गिरिधारी के इस बयान के सामने आने के बाद, सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। बड़ी संख्या में लोगों ने वीडियो को साझा किया और साहू की सोच पर सवाल उठाया, इसे महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताते हुए निंदा की। राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और विपक्षी दलों द्वारा सत्तारूढ़ दल को घेरने की तैयारी की जा रही है।

    आगे क्या होगा?

    इस विवाद के बाद सभी की नजरें इस बात पर हैं कि गिरिधारी लाल साहू और उत्तराखंड सरकार क्या प्रतिक्रिया देती हैं। इस घटना ने न केवल राजनीतिक स्थिति को प्रभावित किया है, बल्कि महिलाओं के प्रति सम्मान के मुद्दे पर भी गंभीर बातचीत शुरू की है। इस मामले के आगे कैसे मोड़ आएगा, यह देखने की बात होगी।

  • मध्य प्रदेश कांग्रेस ने गांव चलो बूथ चलो अभियान की शुरुआत की

    मध्य प्रदेश कांग्रेस ने गांव चलो बूथ चलो अभियान की शुरुआत की

    मध्य प्रदेश कांग्रेस का ‘गांव चलो-बूथ चलो’ अभियान

    भोपाल। नए साल की शुरुआत में, मध्य प्रदेश कांग्रेस ने संगठन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल के नजदीक कोड़िया देवका गांव में ‘गांव चलो-बूथ चलो’ कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने गांव की कमेटी का गठन भी किया और ग्रामीणों के साथ सीधा संवाद स्थापित किया।

    अभियान का उद्देश्य और विस्तार

    इस अभियान के तहत, पूरे प्रदेश में हर गांव और पंचायत स्तर पर कांग्रेस कमेटियों का गठन किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी की मौजूदगी को बढ़ाना और आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए संगठन को तैयार करना है। जीतू पटवारी ने बताया कि यह अभियान 1 जनवरी से शुरू होकर आगे के महीनों में पूरे प्रदेश में फैलेगा, जिससे हर बूथ और हर गांव में कांग्रेस की पहुंच सुनिश्चित हो सके।

    ग्रामीणों से संवाद

    कोड़िया गांव में उन्होंने ग्रामीणों से मुलाकात की, उनकी समस्याओं को सुना और पार्टी की नीतियों से उन्हें अवगत कराया। इसके बाद पटवारी ने कहा कि वे अन्य गांवों में भी जाएंगे। कांग्रेस नेताओं का मानना है कि इस अभियान के माध्यम से पार्टी ग्रामीण इलाकों में एक नई ऊर्जा के साथ उभरेगी। प्रदेश कांग्रेस की हालिया बैठक में संगठन के पुनर्गठन का निर्णय भी लिया गया, जिसमें वार्ड, पंचायत और मंडल स्तर तक बदलाव किए जाएंगे। यह कदम पार्टी को मजबूत बनाने में सहायक सिद्ध होगा।

  • राबड़ी देवी के जन्मदिन पर तेजप्रताप ने साझा किया प्रेरणादायक संदेश

    राबड़ी देवी के जन्मदिन पर तेजप्रताप ने साझा किया प्रेरणादायक संदेश

    राबड़ी देवी का जन्मदिन और परिवार की भावनाएँ

    पटना: बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की माता राबड़ी देवी का जन्मदिन आज है। इस खास अवसर पर उनका घर सूना पड़ा है, क्योंकि वे इस समय यहाँ उपस्थित नहीं हैं। उनके बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी मां के लिए एक भावुक संदेश साझा किया है।

    तेज प्रताप यादव का संदेश

    तेज प्रताप यादव, जो हाल में परिवार से बेदखल हुए हैं, ने लिखा कि उनकी मां उनके लिए सबसे बड़ी प्रेरणा हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “जन्मदिन मुबारक हो, मां। आप हमारे परिवार की आत्मा हैं। आपकी वजह से ही जीवन में गर्मजोशी और प्यार है। आपने तब भी इसे संभाला, जब हमें नहीं पता था कि संभालना क्या होता है।”

    वे आगे कहते हैं, “आपने बिना शर्त प्यार किया, और जब मुश्किलों का सामना किया, तब भी मजबूत रहीं। हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि हमारे पास आप हैं।”

    पारिवारिक स्थिति

    राबड़ी देवी और लालू यादव इस समय दिल्ली में हैं, जो इस बात का पहला उदाहरण है कि उनके जन्मदिन पर घर में कोई उत्सव नहीं है। तेजस्वी यादव भी अपनी पत्नी के साथ विदेश यात्रा पर हैं।

    बिहार की ठंड और मौसम के हालात

    बिहार में वर्तमान में भारी ठंड का सामना किया जा रहा है, गया में तापमान 5°C तक लुढ़क गया है। राज्य के 22 जिलों में कोल्ड-डे का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे नागरिकों को सर्दी से बचने के लिए सलाह दी गई है।

  • चीन के सुलह दावे पर कांग्रेस: पीएम मोदी बयान दें

    चीन के सुलह दावे पर कांग्रेस: पीएम मोदी बयान दें

    कांग्रेस ने चीन के मध्यस्थता दावों पर उठाए सवाल

    नई दिल्ली. कांग्रेस पार्टी ने बुधवार को भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता के लिए चीन द्वारा किए गए दावों को चिंताजनक बताया है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्पष्टीकरण की मांग की, यह कहते हुए कि ऐसा प्रतीत होता है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।

    कांग्रेस नेता का बयान

    जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यह दावा किया है कि उन्होंने 10 मई 2025 को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को रोकने के लिए हस्तक्षेप किया था, जबकि प्रधानमंत्री ने कभी भी इसकी पुष्टि नहीं की। अब चीनी विदेश मंत्री ने भी इसी तरह का दावा किया है कि चीन ने मध्यस्थता की थी। यह सभी बातें संदिग्ध हैं, खासकर जब भारतीय सेना ने 4 जुलाई, 2025 को स्पष्ट रूप से कहा था कि वे चीन के खिलाफ कार्रवाई कर रहे थे।”

    चीन के दावों पर सवाल उठाए गए

    रमेश ने आगे कहा कि चीन का पाकिस्तान के साथ होना भारत के लिए चिंताजनक है और यह भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को प्रभावित करता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह जनता के विश्वास के खिलाफ है।

    ऑपरेशन सिंदूर में चीन की भूमिका पर स्पष्टीकरण की मांग

    रमेश ने चीन के साथ संबंधों पर ध्यान देते हुए आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री द्वारा चीन को दोषमुक्त किए जाने से भारत की स्थिति कमजोर हुई है। उन्होंने कहा कि भारत का व्यापार घाटा रिकॉर्ड स्तर पर है और हमारा निर्यात चीन पर निर्भर है। उन्होंने नागरिकों से पूछा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को रोकने में चीन की भूमिका क्या थी।

    चीन का बयान

    गौरतलब है कि चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने मंगलवार को कहा था कि “भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करना इस साल चीन की मध्यस्थता सफलताओं में से एक है।”

    भारत का आधिकारिक रुख

    वहीं, भारत सरकार ने लगातार यह स्पष्ट किया है कि 7 से 10 मई के बीच भारत और पाकिस्तान के बीच हुई घटनाएं सीधे बातचीत के माध्यम से हल की गईं। भारत के लिए यह महत्वपूर्ण है कि किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की आवश्यकता नहीं है।

  • उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा: मातृभूमि की सेवा करना तमिलों के खिलाफ नहीं

    उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने कहा: मातृभूमि की सेवा करना तमिलों के खिलाफ नहीं

    उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन का बयान: भारत माता के चरणों में प्रणाम करना ‘तमिल विरोधी’ नहीं

    चैन्‍नई। उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने मंगलवार को रामेश्वरम में आयोजित एक कार्यक्रम में के दौरान भारत माता के प्रति श्रद्धा प्रकट करने को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि जो कोई भारत माता के चरणों में झुककर प्रणाम करता है, वह तमिल विरोधी नहीं होता। राधाकृष्णन ने काशी और तमिलनाडु के सांस्कृतिक संबंधों पर जोर देते हुए ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के विचार की महत्ता पर बल दिया।

    श्री राधाकृष्णन का सांस्कृतिक संदेश

    उन्होंने कहा कि हम रोजाना भारत माता के चरणों में झुकते हैं और आशीर्वाद के लिए प्रार्थना करते हैं। क्या इससे हम तमिल विरोधी बन जाते हैं? उन्होंने इस बात को स्पष्ट किया कि यदि राष्ट्र एक आंख है, तो मातृभाषा तमिल दूसरी आंख है, जिनका विभाजन नहीं हो सकता।

    प्रधानमंत्री का समर्थन

    उपराष्ट्रपति ने एक हालिया उदाहरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री ने तमिल समुदाय के साथ खड़े होने का एक प्रभावशाली कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि नट्टुकोट्टई चेट्टियारों ने राज्य सरकार के समर्थन से काशी में अपने विश्रामगृह की अतिक्रमित भूमि को मात्र 48 घंटे में वापस हासिल कर लिया। यह कदम प्रधानमंत्री की नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है।

    काशी तमिल संगमम का आयोजन

    शिक्षा मंत्रालय द्वारा दिसंबर में वाराणसी में आयोजित काशी तमिल संगमम (केटीएस 4.0) का समापन समारोह रामेश्वरम में हुआ, जिसका मुख्य विषय ‘तमिल करकलम’ रखा गया था। इसका उद्देश्य उत्तर और दक्षिण भारत के बीच भाषाई आदान-प्रदान और सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देना था।

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री का बयान

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस अवसर पर कहा कि तमिल सभ्यता भारतीय संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि तमिल भाषा सिर्फ तमिलनाडु में नहीं, बल्कि संपूर्ण भारत में फैल चुकी है। उनके अनुसार, काशी तमिल संगम 4.0 इस संवाद का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

    राज्यपाल आर एन रवि का भाषण

    तमिलनाडु के राज्यपाल आर एन रवि ने अपने भाषण को पूरी तरह से तमिल में प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष लाखों छात्र भारत में तमिल सीख रहे हैं, जिसमें उत्तर प्रदेश से 300 हिंदी भाषी छात्र भी शामिल हैं।

    भाजपा अध्यक्ष का आभार

    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन ने कहा कि तमिल वासियों को प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त करना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने उत्तर प्रदेश के छात्रों को तमिल सीखने का संदेश दिया है और यह भाषा हजारों वर्षों से जीवित है।