रांची: बजट पूर्व गोष्ठी में सीएम हेमंत सोरेन का महत्वपूर्ण संबोधन
झारखंड की राजधानी रांची में, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बजट पूर्व गोष्ठी का आयोजन किया। इस बैठक में विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा की गई, जिसमें राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया।
बजट की तैयारी में शामिल पक्ष
गोष्ठी में मुख्यमंत्री ने उपस्थित अधिकारियों और विशेषज्ञों को बजट की प्राथमिकताओं पर विचार करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आवश्यकताओं को समझते हुए योजनाओं को तैयार करने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि जनहित में निर्णय लिए जा सकें।
आर्थिक विकास पर फोकस
मुख्यमंत्री ने आर्थिक विकास के लिए ठोस उपायों की आवश्यकता पर भी ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को अपनी योजनाओं में सुधार की आवश्यकता है, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
फसल और कृषि संबंधी मुद्दे
बैठक में कृषि क्षेत्र पर भी चर्चा हुई। सीएम ने किसानों की समस्याओं के समाधान पर बात की और बेहतर कृषि प्रदर्शन के लिए नई तकनीकों को अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।
समाज कल्याण योजनाएं
इसके साथ ही, उन्होंने समाज कल्याण योजनाओं को प्राथमिकता देने की बात की, ताकि विभिन्न वर्गों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके। इस संदर्भ में, अधिकारियों को भलाई कार्यक्रमों का प्रभावी कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
आगामी चुनौतियाँ
मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि आने वाले समय में कई चुनौतियाँ सामने आ सकती हैं, लेकिन सरकार पूरी तैयारी के साथ इनका सामना करने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका मानना है कि हर क्षेत्र में समन्वय स्थापित करने से हमें बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे।
इस गोष्ठी के माध्यम से, सरकार ने आगामी बजट को लेकर अपनी तैयारियों को स्पष्ट किया है और सार्वजनिक सेवाओं में सुधार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। आगामी दिनों में इस दिशा में और गतिविधियाँ देखने को मिल सकती हैं।
रांची। झारखंड 25 वर्षों का सफर तय कर चुका है। ऐसे में इस बार राज्य के लिए मजबूत और बहुआयामी बजट की आवश्यकता है। बजट ऐसा हो, जो इस युवा राज्य की संभावनाओं को आकार दे सके। बजट संतुलित, समावेशी और व्यापक हो, जिसमें जन आकांक्षाएं परिलक्षित हो और विकास को भी गति मिले। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन आज झारखंड मंत्रालय में अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बजट ऐसा होना चाहिए, जो हर वर्ग और क्षेत्र को पूरी मजबूती के साथ आगे ले जा सके।
बजटकीराशिमेंहोरहीहरवर्षवृद्धि, राजस्वबढ़ानेपरजोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी बजट लगभग 1 लाख करोड़ रुपए के होने का अनुमान है। आने वाले वर्षों में बजट की राशि में और वृद्धि होगी। ऐसे में राजस्व संग्रहण बढ़ाने की दिशा में भी हमें ठोस तरीके से कार्य करना होगा ताकि विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में राशि की कमी नहीं हो।
बजटसेआमलोगोंकोभीजोड़नाहोगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य का बजट बेहतर बने, इसके लिए आम लोगों को भी जिम्मेदारी देनी होगी। इस दिशा में हमारी सरकार आम लोगों से लगातार सुझाव ले रही है। मेरा मानना है कि लोगों की भागीदारी से ही हम एक संतुलित और विकास आधारित बजट इस राज्य का बना सकते हैं।
विदेशदौरेमेंमिलेअनुभवसेराज्यकोदेंगेनईदिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल ही में दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक और लंदन दौरे से लौटा हूं। वहां काफी करीब से उनकी नीतियों, समृद्ध अर्थव्यवस्था, लोगों की जीवन और कार्य शैली तथा परंपरा- संस्कृति देखने – समझने का मौका मिला। विदेश दौरे में हमें जो अनुभव प्राप्त हुए हैं, उसके जरिए हम राज्य को नई दिशा देने देंगे का प्रयास करेंगे।
नईपीढ़ीनएतरीकेसेबढ़रहीहैआगे
मुख्यमंत्री ने कहा की नई पीढ़ी अलग सोच के साथ आगे बढ़ रही है। ये पीढ़ी पारंपरिक व्यवस्थाओं से अलग रास्ते तलाश रही है। ऐसे में नई पीढ़ी की जरूरतों तथा आवश्यकताओं के अनुरूप बजट को तैयार करना होगा ताकि उन्हें उन्हें हम बेहतर अवसर उपलब्ध करा सकें। इसके लिए जरूरी है कि हम नवीनतम प्रयोग के साथ आगे बढ़ें।
संसाधनोंऔरक्षमताओंकीकोईकमीनहींहै
झारखंड में किसी भी क्षेत्र में संसाधन और क्षमताओं की कोई कमी नहीं है। जल – जंगल जैसे प्राकृतिक संसाधन हैं। प्रचुर खनिज संपदा है। उद्यमी हैं। मानव संसाधन है। मेहनतकश श्रम बल है। किसान हैं। खिलाड़ी हैं। इसके साथ अनेकों और क्षेत्र हैं, जहां काफी संभावनाएं हैं। हमें इन संसाधनों और क्षमताओं का बेहतर से बेहतर इस्तेमाल करने की दिशा में कार्य करना है ।
हरक्षेत्रमेंलक्ष्यकेसाथबढ़रहेहैंआगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राज्य में प्राकृतिक, औद्योगिक और आर्थिक संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है । ऐसे में अपने इन संसाधनों के बलबूते शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, कृषि, खेल, प्राकृतिक, औद्योगिक, आर्थिक और आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहे हैं। कृषि में निरंतर नए प्रयोग हो रहे हैं। खेतों में पानी पहुंच रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं – सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। जल जंगल और जमीन के संरक्षण और सदुपयोग को लेकर मजबूत रूपरेखा के साथ कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड देश का एक छोटा और पिछड़ा राज्य है। लेकिन, देश की अर्थव्यवस्था में यह राज्य अहम योगदान देता आ रहा है। ऐसे में अपने राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने की नई नीति, कार्ययोजना एवं बेहतर प्रबंधन के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
उत्पादोंकावैल्यूएडिशनहो
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों से झारखंड समृद्ध राज्य है। यहां देश का सबसे ज्यादा लाह उत्पादन होता है। तसर उत्पादन में भी झारखंड काफी आगे हैं । ऐसे और भी अनेकों संसाधन हैं, जिसका इस्तेमाल दूसरे राज्यों में हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अपने इन संसाधनों का वैल्यू एडिशन करने की जरूरत है, ताकि इसका इस्तेमाल अपने राज्य के हिसाब से कर सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड एक आदिवासी बहुल राज्य है । यहां की जनजातीय परंपरा काफी समृद्ध है। ऐसे में जनजातीय परंपराओं को आगे भी ले जाना है। इस दिशामे हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर और सन्तुलित बजट को लेकर आम लोगों से विचार और सुझाव मांगे गए थे। इसके अलावा देश के विभिन्न विषयों के विशेषज्ञों के साथ चर्चा भी लगातार हुई और उनके सुझाव लिए गए। उनके द्वारा मिले बेहतर सुझावों को बजट में भी जगह देने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर श्रेष्ठ सुझाव देने वाली स्वाति बंका, किशोर प्रसाद वर्मा और गोपी हांसदा को नगद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
गांडीव ब्रेकिंग: गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में केंद्र ने दिया झारखंड को तोहफा
रांची। गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई है. हमारे दिशोम गुरु शिबू सोरेन को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान दिया जा रहा है।
भाजपा के कुछ नेताओं को भी सार्वजनिक जीवन में उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए पद्म सम्मान से नवाजा गया है. केरल के पूर्व मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन लेफ्ट पार्टी के बड़े नेता रहे हैं. जबकि उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यपाल रहे भगत सिंह कोश्यारी को भी उनकी सेवाओं के लिए यह सम्मान दिया गया है.
पद्म विभूषण
केरल के दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री वीएस अच्युतानंदन केटी थॉमस -केरल
पद्म भूषण उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन को भी मरणोपरांत
पद्म भूषण दिल्ली के पूर्व सांसद और बीजेपी नेता वीके मल्होत्रा को भी मरणोपरांत पद्म भूषण वेल्लापल्ली नतेशन का भी केरल से यह सम्मान मिला है।
दावोस में सीएम कई ग्लोबल कंपनियों के प्रमुखों से करेंगे मुलाकात
रांची/दावोस। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड का प्रतिनिधिमंडल वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक के दौरान दावोस में एक मजबूत और स्पष्ट उद्देश्य के साथ शामिल होगा। इस मंच के जरिए झारखण्ड खुद को स्थिरता, ऊर्जा बदलाव, समावेशी विकास और औद्योगिक प्रगति जैसे वैश्विक मुद्दों पर एक जिम्मेदार और भविष्य के लिए तैयार राज्य के रूप में खुद को प्रस्तुत करेगा। वर्ल्ड फोरम पर उच्च-स्तरीय बैठकों, विचार-विमर्श सत्रों और द्विपक्षीय चर्चाओं के माध्यम से वैश्विक उद्योग जगत के नेताओं, नीति निर्माताओं, बहुपक्षीय संस्थानों और निवेशकों से संवाद करेगा।
प्रकृतिकेसाथसंतुलनमेंविकासहैमूलदृष्टि
झारखण्ड इस बैठक में “प्रकृति के साथ संतुलन में विकास” के दृष्टिकोण के साथ शामिल हो रहा है। यह सोच आर्थिक विकास को पर्यावरण की रक्षा, लोगों के कल्याण और लंबे समय तक टिकाऊ विकास के साथ जोड़ती है। अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर चुके युवा राज्य के रूप में झारखण्ड खुद को केवल खनिज संसाधनों वाला राज्य नहीं, बल्कि बेहतर शासन और भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकास का रास्ता बनाने वाले राज्य के तौर पर पेश होगा।
वैश्विककंपनियोंऔरसंस्थानोंकेप्रमुखोंकेसाथसंवाद
वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान मुख्यमंत्री टाटा स्टील, हिताची, श्नाइडर इलेक्ट्रिक, इंफोसिस, वेलस्पन, एबी इनबेव, ब्लूमबर्ग, टेक महिंद्रा, अल्फानार, रामकी ग्रुप, एवरस्टोन ग्रुप सहित स्वीडन, अमेरिका और यूरोप की वैश्विक व्यापार परिषदों और संस्थानों के प्रमुख के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में टिकाऊ उद्योग, हरित ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, आधुनिक बुनियादी ढाँचा, डिजिटल तकनीक और जलवायु के अनुकूल औद्योगिक विकास में निवेश के अवसरों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री ऊर्जा बदलाव, क्षेत्रीय नेतृत्व, बड़े पैमाने पर स्थिरता, महत्वपूर्ण खनिजों और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं में भारत की भूमिका से जुड़े उच्च-स्तरीय मंत्रिस्तरीय संवाद और पैनल चर्चाओं में भी भाग लेंगे। इन मंचों पर झारखण्ड यह बात सामने रखेगा कि भूमि, श्रम, संसाधन और जलवायु परिवर्तन के प्रबंधन में राज्य सरकार की भूमिका कितनी अहम है और कैसे राज्य स्तर से वैश्विक समाधान निकलते हैं।
झारखण्ड मंडप का उद्घाटन होना रहेगा महत्वपूर्ण
झारखण्ड प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा झारखण्ड पेवेलियन का उद्घाटन है। पेवेलियन का उद्घाटन 20 जनवरी को होगा। यह पेवेलियन राज्य की निवेश संभावनाओं, नीतिगत सुधारों और दीर्घकालिक विकास योजना को प्रस्तुत करने का एक समर्पित मंच होगा। इसके माध्यम से झारखण्ड अपनी खनन और औद्योगिक पहचान से आगे बढ़कर हरित विकास, मूल्यवर्धित उत्पादन, जिम्मेदार संसाधन प्रबंधन और समावेशी रोजगार की दिशा में अपनी यात्रा को दिखाने की कोशिश करेगा।
रांची। झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में खेलकूद मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू अपने विभागों के साथ शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का जवाब देंगे। यह निर्णय उस समय लिया गया जब रामदास सोरेन गंभीर रूप से बीमार हैं और दिल्ली में उनका इलाज चल रहा है। इस मामले में आदेश आज शनिवार शाम जारी कर दिया गया है।
दीपक बिरुआ को जिम्मेदारियां सौंपी गईं
इसके साथ ही दीपक बिरुआ को निबंधन विभाग, विधि, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, और सूचना प्रौद्योगिकी व ई-गवर्नेंस विभाग का जिम्मा सौंपा गया है। इस निर्णय का उद्देश्य सरकारी कामकाजी माहौल को सुचारु बनाना तथा विभिन्न विभागों में नई ऊर्जा भरना है।
रांची। मुख्यमंत्री और हेमंत सोरेन ने आज अपने मंत्रियों के बीच विभागों का बँटवारा कर दिया है। इरफ़ान अंसारी को जहाँ स्वास्थ्य मंत्री बनाने के साथ खाद्य आपूर्ति एवं आपदा प्रबंधन विभाग दिया गया है, वहीं दीपिका पांडेय सिंह को ग्रामीण विकास एवं ग्रामीण कार्य, पंचायती राज विभाग का मंत्री बनाया गया है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने अपने पास कार्मिक और गृह मंत्रालय के अलावा पथ निर्माण, भवन निर्माण, मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग के अलावा अन्य वैसे विभागों को रखा है, जो दूसरे मंत्रियों को आवंटित नहीं है।
मुख्यमंत्री के क़रीबी माने जाने वाले सुदिव्य सोनू को नगर विकास विभाग, उच्च शिक्षा और खेलकूद मंत्रालय का मंत्री बनाया गया है, जबकि चमड़ा लिंडा को SC/ST आदिवासी कल्याण मंत्रालय का ज़िम्मा सौंपा गया है।
कांग्रेस कोटे के मंत्री राधाकृष्ण किशोर को वित् विभाग, वाणिज्य कर विभाग एवं संसदीय कार्य का ज़िम्मा सौंपा गया है, वहीं शिल्पी नेहा तिर्की को कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग का ज़िम्मा दिया गया है। हफीजुल हसन अंसारी को जल संसाधन और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री बनाया गया है वहीं योगेन्द्र प्रसाद को पेयजल स्वच्छता एवं उत्पाद मद्य निषेध मंत्रालय मिला है।
कल मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन प्रोजेक्ट भवन में करेंगे ऑनलाइन शिलान्यास
गांडीव रिपोर्टर: रांची। मुख्यमंत्री हेमन्तसोरेनकल 14 अक्टूबरकोमुंबईमेंनिर्माणहोनेवालेझारखंडभवनकाप्रोजेक्टभवनसेऑनलाइनशिलान्यास करेंगे।इस तरह देश की राजधानी दिल्ली के बाद देश की आर्थिक राजधानी के रूप में मशहूर मुंबई में भी झारखंड का दूसरा झारखंड भवन होगा ।
नवी मुंबई में बनेगाझारखंडभवन
मुख्यमंत्री श्री सोरेन मुंबई में जिस नये झारखंड भवन की आधारशिला रखेंगे, वह मुंबई में सेक्टर 30A, वाशी, नवी मुंबई, महाराष्ट्र में बनेगा। प्रोजेक्ट भवन में आयोजित इस शिलान्यास समारोह में मंत्री रामेश्वर उराँव एवं मंत्री सत्यानंद भोक्ता भी उपस्थित रहेंगे।
सरायकेला/खरसावां। राज्य का कोई ऐसा कोना नहीं मिलेगा, जहां सरकार नहीं पहुंचेगी। आज राज्य के गांव और पंचायत में शिविर के जरिए जरूरतमंद योजना का लाभ ले रहें हैं।सरायकेला- खरसावां के नौ प्रखंड के 132 पंचायत में भी तय समय अनुसार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। ये बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कही। मुख्यमंत्री खरसावां के सिमला पंचायत स्थित गोंडपुर मैदान में आयोजित आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य भर में लग रहे शिविर के माध्यम से आदिवासी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, महिला, युवा, किसान- मजदूर और समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकार की योजनाएं पहुंच रही हैं।
15 हजार किमी ग्रामीण सड़क का निर्माण होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 15 हजार किलोमीटर ग्रामीण सड़क का निर्माण होगा। बिजली, पानी और सड़क गांव गांव पहुंचाने का कार्य होगा। वर्तमान में आपकी सरकार सौ यूनिट बिजली मुफ्त उपलब्ध करा रही है, इसका लाभ अबतक करीब 66 हजार लोगों को मिला है। सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को मजबूती के उद्देश्य से शहर में निवास करने वाले लोगों को अपने घरों एवं कैम्पस पर पेड़ लगाने पर पांच यूनिट बिजली मुफ्त देने का निर्णय लिया है।
वनोपज के लिए एमएसपी तय होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह धान क्रय को लेकर सरकार ने मिनिमम सपोर्टिंग प्राइस तय किया है उसी तरह वनोपज को लेकर भी एमएसपी तय किया जाएगा। इसके लिए सिदो कान्हो वनोपज सहकारी संघ का गठन किया गया है, ताकि वनोपज का सही मूल्य किसानों को मिल सके। बाजार से अच्छे कीमत पर वनोपज क्रय किया जाएगा।
बकाया मिलता तो लाखों एकड़ भूमि सिंचित होती
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकार की कोयला रॉयल्टी का बकाया राशि एक लाख 36 हजार करोड़ का भुगतान नहीं कर रही है। अगर यह राशि झारखण्ड को प्राप्त हो जाती, तो वृद्ध महिला- पुरुष को ढाई हजार रुपए प्रतिमाह देते, हजारों एकड़ भूमि में सिंचाई हेतु किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाते, युवाओं को स्वरोजगार हेतु 10 -10 लाख रुपए देते, 500 रूपए में गैस सिलेंडर देते। लेकिन वे इस बकाया राशि को नहीं दे रहें हैं।
अबुआ आवास योजना राज्य सरकार देगी
मुख्यमंत्री ने कहा रोटी, कपड़ा और मकान सभी की जरूरत हैं, इसके बिना जीवन यापन मुश्किल है, लेकिन झारखण्ड के जरूरतमंदों के लिए आठ लाख आवास की स्वीकृति केंद्र सरकार ने नहीं दी। अब राज्य सरकार राज्य संपोषित अबुआ आवास योजना के तहत अहर्ता प्राप्त जरूरतमंद को योजना से आच्छादित कर रही है। यह तीन कमरों का सुसज्जित आवास होगा। केंद्र सरकार की अनदेखी के बाद यहां के लोगों की सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार के लिए जरूरी था। पूर्व में 11 लाख राशन कार्ड रद्द कर दिया गया। लेकिन आपकी सरकार ने 20 लाख लोगों को हरा राशन कार्ड से आच्छादित किया। अब जनवितरण प्रणाली की दुकान में दाल भी उपलब्ध कराया जाएगा। वर्ष में दो बार सरकार वस्त्र भी जनवितरण प्रणाली की दुकान से जरुरतमंदों को प्राप्त हो रहा है।
विदेश में मिल रही है उच्च शिक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा बच्चियां पढ़ाई से जुड़ी रहे इसके लिए सावित्रीबाई फूले किशोरी समृद्धि योजना लागू की गई है।प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी से लेकर विभिन्न कोर्सेस को करने के लिए सरकार मदद दे रही है। गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता देने का काम हो रहा है। इसकी गारंटर सरकार बनेगी। इसलिए माता -पिता अपनी बच्चियों को पढ़ाएं। मरांग गोमके पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना के तहत विदेश में उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को शत-प्रतिशत स्कॉलरशिप दी जा रही है। वर्तमान में आदिवासी, दलित, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्ग के 50 बच्चों को यह स्कॉलरशिप मिल रहा है। यह देश की पहली ऐसी योजना है।
#10 गायउपलब्धकरानेकाआदेश
मुख्यमंत्री ने ऑनलाइन संवाद के क्रम में ईचागढ़ की सविता देवी को 10 गाय उपलब्ध कराने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री को संवाद के क्रम में सविता ने बताया कि उसे एक गाय मिला है, लेकिन वह 10 गाय लेना चाहती है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी, ईचागढ़ को 10 गाय उपलब्ध कराने हेतु प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया।
ये भी जानना जरूरी है…
#सरायकेला – खरसावां में वर्ष 2021-22 में आयोजित कार्यक्रम में 1,11, 355 आवेदन एवं वर्ष 2022-23 में 1, 56, 773 आवेदन का निष्पादन हुआ
#तीसरे चरण में आयोजित आपकी योजना, आपकी सरकार, आपके द्वार कार्यक्रम में अबतक आयोजित 48 शिविर के माध्यम से 63, 530 आवेदन प्राप्त हुए
#अबुआ आवास योजना के तहत अबतक कुल 33, 476 आवेदन आए
#गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के लिए शिविर के माध्यम से अबतक 2, 509 स्टूडेंट्स ने एप्लीकेशन दिया
#सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना से वर्ष 2023 में 21, 582 किशोरियों को जोड़ते हुए ₹10.93 करोड़ स्वीकृत किया गया
#बिरसा सिंचाई कूप संवर्धन योजना के 2, 758 कूप स्वीकृत हुए
#झारखण्ड कृषि ऋण माफी योजना के तहत अबतक 3, 307 किसानों का ₹11.87 करोड़ KCC ऋण माफ किया गया #किसान क्रेडिट कार्ड अंतर्गत वर्ष 2023 में कुल 10, 252 किसानों को कुल ₹60.28 करोड़ ऋण उपलब्ध कराया गया
#मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत अबतक 3,034 लाभुक आच्छादित हुए
Aamir/ राँची। राजधानी में अक्सर भीषण जाम लग जाता है। इस जाम में अक्सर आम और ख़ास लोग फँस कर रंगते नज़र आते हैं। आज तक राजधानी में जाम की समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। गुरुवार को राजधानी के हरमू बाइपास रोड पर लगे भीषण जाम में खुद प्रदेश के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन फंस गए। CM सिक्योरिटी में लगे जवानों ने किसी तरह रास्ता बनाकर मुख्यमंत्री को जाम से बाहर निकाला।
दुर्गा पूजा पंडाल का उद्घाटन कर लौट रहे थे CM
दरअसल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हरमू बाजार स्थित पंचमुखी दुर्गा पूजा के पंडाल का उद्घाटन करने के लिए पहुंचे थे। उद्घाटन कर अपने आवास लौट रहे मुख्यमंत्री अचानक जाम में फंस गए। जिसके बाद मिनटों जाम का सामना करना पड़ा।
सीएम के सामने ट्रैफिक व्यवस्था की पोल खुल गई। सीएम जब जाम में फंसे तो वो भी परेशान हो उठे और अपनी गाड़ी से मौजूद सुरक्षाकर्मियों को जाम छुड़ाने के लिए बाहर भेजा। दूसरी गाड़ियों को साइड कराया जैसे-तैसे सीएम के कारकेड को पार करवाया गया।
राँची। जमीन घोटाले मामले में ईडी ने आज झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को सम्मन भेजा है। भेजे गए समन के अनुसार सीएम हेमंत सोरेन से रांची के हिनू स्थित जोनल कार्यालय में 14 अगस्त को पूछताछ की जाएगी। ईडी ने सीएम हेमंत सोरेन को कांड संख्या 25/23 में समन भेजा है। ज़मीन घोटाले के इस मामले में राँची के पूर्व डीसी छवि रंजन, राजधानी के बड़े व्यवसायी विष्णु अग्रवाल समेत कुल 13 लोग जेल की हवा खा रहे हैं। इससे पहले ईडी अवैध खनन ममाले में भी सीएम हेमंत सोरेन से पिछले साल 18 नवंबर 2022 को लगभग 10 घंटे तक पूछताछ कर चुकी है।
हेमन्त सोरेन ने सभी विभागों के प्रधान सचिव/ सचिव के साथ बैठक कर की योजनाओं की समीक्षा
योजनाओं में गति लाने एवं समय पर पूरा करने के लिए दिए कई अहम निर्देश
रांची। गुड गवर्नेंस के लिए जरूरी है कि योजनाएं तय समय पर पूरी हों। योजनाओं में गुणवत्ता का पूरा ख्याल रखा जाए। विशेषकर विभिन्न विभागों के लिए जो बजटीय प्रावधान किए जाते हैं, उसके अनुरूप कार्यों में गति होनी चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को पूरी जवाबदेही और गंभीरता से कार्य करना होगा। यह कहना था मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का। वे आज झारखंड मंत्रालय में विभागों के प्रधान सचिव/ सचिव के साथ उच्च स्तरीय बैठक में जोहार परियोजना पोर्टल पर अपलोड योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज जोहार परियोजना पोर्टल की पहली समीक्षा हुई। इसमें कई बदलाव करने की जरूरत है। इस सिलसिले में आगे जो भी बैठक होगी, उसने मंत्री गण भी मौजूद रहेंगे, ताकि इसकी हर स्तर पर विस्तृत समीक्षा की जा सके।
विभागों में तालमेल हो, योजनाओं की प्रॉपर मॉनिटरिंग हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित कई योजनाएं कई विभागों से जुड़ी होती हैं। ऐसे में विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल हो, ताकि उसका क्रियान्वयन बेहतर तरीके से हो सके। उन्होंने विभागीय सचिवों से कहा कि वे तमाम योजनाओं की प्रॉपर मॉनिटरिंग करें, ताकि उसमें अगर किसी प्रकार का व्यवधान या समस्या आए तो उसका समाधान निकाला जा सके। इसका यह फायदा होगा कि योजनाएं समय पर पूरी हो सकेगी।
सभी पदाधिकारी योजनाओं का आकलन करें
मुख्यमंत्री ने विभागीय सचिवों को कहा कि वे अपने-अपने विभागों द्वारा संचालित योजनाओं का आकलन करते हुए उसकी विस्तृत समीक्षा करें, ताकि उसका क्रियान्वयन सही तरीके से हो और तमाम चीजें सुचारू पूर्वक आगे बढ़ सकें। दरअसल कई योजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पाती है। योजनाओं में विलंब से उसका लागत भी बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं हो, इसके लिए योजनाओं की लगातार निगरानी होनी चाहिए।
योजनाओं का लाइव वेरिफिकेशन होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाएं धरातल पर उतर रही है या नहीं। योजनाओं की प्रगति किस स्तर पर है। गुणवत्ता के साथ कार्य हो रहे हैं या नहीं। इसका अब लाइव वेरिफिकेशन किया जाएगा। सूचना प्रौद्योगिकी के सहयोग से इसकी व्यवस्था की जा रही है। इसके तहत तमाम योजनाओं की साइट से उसकी प्रगति की जानकारी ली जाएगी। आप सभी अधिकारी इसके लिए अपनी तैयारी पूरी कर लें।
योजनाओं की टाइमलाइन बनाएं, वर्क कल्चर सुधारें
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे तमाम योजनाओं की टाइमलाइन तय करें। इसके तहत योजनाओं को लेकर डीपीआर तैयार करने, टेंडर की प्रक्रिया शुरू करने, कार्य की शुरुआत और उसके पूर्ण होने का समय निर्धारित हो। अगर योजनाओं में विलंब होता है तो किस स्तर पर कितना विलंब हुआ, इसकी भी रूपरेखा तय होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि वे अपनी कार्यशैली में बदलाव लाएं और पूरी जवाबदेही के साथ अपने कार्यों को सुनिश्चित करें।
अधिकारी फील्ड विजिट करें, जमीनी हकीकत को जानें
मुख्यमंत्री ने विभागों के प्रधान सचिव/ सचिव को कहा कि वे हर महीने अपना शेड्यूल तय करें। इसमें कम से कम 3 से 4 दिन फील्ड विजिट को शामिल करें ताकि साइट पर उन्हें तमाम योजनाओं का जमीनी हकीकत मालूम हो और उसी हिसाब से आगे की रणनीति तय की जा सके।
जलापूर्ति योजनाओं के कार्यों में तय मानकों का पालन हो
मुख्यमंत्री ने कहा की जलापूर्ति योजनाओं के लिए जो पाइप लाइन बिछाई जा रही है उसको लेकर कई शिकायतें मिल रही हैं ।जहां पाइपों की क्वालिटी को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं उसे बिछाने में मानकों का पालन नहीं हो रहा है। इससे जलापूर्ति योजना कैसे सफल होंगी, इसे सहज समझा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पाइप लाइन बिछाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही ना हो। इसमें जो भी मानक तय किए गए हैं, उसका पूरा पालन किया जाना चाहिए।
जन कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा कई जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है। लेकिन, कई बार इसमें असमानताएं देखने को मिलती हैं। जरूरतमंदों तक इसका लाभ नहीं पहुंच पाता है। यह किसी भी लिहाज से उचित नहीं है । तमाम अधिकारी इसे गंभीरता से लें और जनकल्याणकारी योजनाओं को जरूरतमंदों और लाभुकों तक पहुंचाने का कार्य सुनिश्चित करें।
थोड़ी बहुत गलतियां होती है, लेकिन उसमें सुधार कर सकते हैं
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की इतनी बड़ी व्यवस्था में योजनाओं के क्रियान्वयन में थोड़ी बहुत गलतियां तो होती ही रहती हैं। लेकिन, इसकी संख्या इतनी ज्यादा नहीं होनी चाहिए कि गुड गवर्नेंस पर असर पड़े। अधिकारियों को इस बात पर ध्यान देने की जरूरत है । अगर कहीं गलतियां हो रही है , उसका समाधान निकालने की दिशा में त्वरित पहल होनी चाहिए।
जोहार परियोजना पोर्टल पर अपलोड योजनाएं
उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में 30 मई 2023 तक जोहार परियोजना पोर्टल पर 1138 योजनाओं की जानकारी है । इसमें 931 योजनाओं का शिलान्यास हो चुका है । जबकि, 207 योजनाओं को मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिल चुकी है । वहीं 595 योजनाओं का कार्य पूर्ण हो चुका है ।
मुख्य रूप से इन परियोजनाओं की हुई समीक्षा
सुवर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना, 3×800 मेगावाट पतरातू सुपर थर्मल पावर स्टेशन हेतु संचरण योजना, Borio (whole block) under whole Godda RWSS, साहेबगंज जिला अंतर्गत गुमानी बराज योजना, गोड्डा एवं सुंदर पहाड़ी रूरल पाइप वॉटर सप्लाई स्कीम सहित झारखंड कृषि ऋण माफी योजना, एशियन डेवलपमेंट बैंक संपोषित झारखंड अर्बन वॉटर सप्लाई इंप्रूवमेंट प्रोजेक्ट मेदिनीनगर निगम, विद्यासागर एवं जामताड़ा प्रखंड अंतर्गत सिकटिया मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, कांटा टोली (रांची) फ्लाईओवर निर्माण परियोजना, सरैयाहाट प्रखंड सरैयाहाट ग्रामीण जलापूर्ति योजना, बाघमारा रूरल वॉटर सप्लाई स्कीम फेज-II, बरलंगा- नेमरा-कसमार-खैराचातर पथ निर्माण कार्य, धोबा-धोबिन-खरपोश-बेनिसागर पथ निर्माण कार्य, रांची जिला अंतर्गत नेवरी विकास विद्यालय से बूटी मोड़, कोकर चौक-कांटा टोली- नामकोम आर०ओ०बी० तक पथ निर्माण कार्य, साहिबगंज जिला अंतर्गत रांगा सिमरा-हिरन-डुमील श्रीरामपुर-इलाकी भोरबंध- सिमलघाब पथ निर्माण कार्य योजनाओं सहित कई विभिन्न योजनाओं के कार्य प्रगति में तेजी एवं योजनाओं को ससमय पूर्ण करने का निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिया।
उच्च स्तरीय बैठक में उपस्थित अधिकारी
उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, विकास आयुक्त अरुण कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव एल०ख्यानगते, प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजय श्रीवास्तव, प्रधान सचिव अविनाश कुमार, प्रधान सचिव प्रशांत कुमार सिंह, सचिव विनय कुमार चौबे, सचिव के. रवि कुमार, सचिव मनीष रंजन, सचिव राजेश कुमार शर्मा, सचिव अमिताभ कौशल, सचिव सुनील कुमार, सचिव राहुल पुरवार, सचिव कृपानंद झा, सचिव प्रवीण टोप्पो, सचिव जीतेंद्र कुमार सिंह, सचिव श्रीमती विप्रा भाल, सचिव मनोज कुमार सहित अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
साहिबगंज। अमर शहीद सिद्धो-कान्हू की जयंती के अवसर पर क्रांति स्थल, पंचकठिया, साहिबगंज में मौजूद हजारों लोग आज उस समय भाव विभोर हो गए, जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने सिर को सिद्धो-कान्हू की प्रतिमा के चरणों में झुका कर मस्तक पर उनका चरण रज ले लिया। श्री सोरेन विदिन समाज सुसार बैसी द्वारा आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम में क्रांति स्थल, पंचकठिया में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए शहीदों के जीवन का अनुकरण करने की बात कही।
झारखंड विधानसभा में अंतिम दर्शन को रखा गया दिवंगत शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो जी का पार्थिव शरीर
विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो और मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने दी अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि
मंत्री, सांसद, विधायक तथा अधिकारियों ने दिवंगत जगरनाथ महतो जी को श्रद्धा सुमन अर्पित कर नम आंखों से दी अंतिम विदाई
भण्डारीदह, बोकारो स्थित पैतृक गांव में दिवंगत मंत्री जगरनाथ महतो का आज पूरे राजकीय सम्मान के साथ होगा अंत्येष्टि
रांची। राज्य के दिवंगत शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो का पार्थिव शरीर आज विशेष विमान से चेन्नई से रांची लाया गया। रांची एयरपोर्ट पर मौजूद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पार्थिव शरीर को कंधा देकर विमान से बाहर निकाला। एयरपोर्ट से पार्थिव शरीर को झारखंड विधान सभा परिसर ले जाकर वहां अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, केंद्रीय राज्य मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी और राज्य सरकार में मंत्री आलमगीर आलम, चम्पाई सोरेन, सत्यानंद भोक्ता, बन्ना गुप्ता, मिथिलेश कुमार ठाकुर, बादल, हफीजुल हसन, विधायक कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह, विजय हांसदा, राज्यसभा सांसद श्रीमती महुआ माजी और पूर्व मुख्यमंत्री तथा विधायक बाबूलाल मरांडी ने पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
विधायक गणों ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर अंतिम विदाई दी
विधायक स्टीफन मरांडी, सरयू राय, सरफराज अहमद, मथुरा प्रसाद महतो, इरफान अंसारी, श्री सुदिव्य कुमार सोनू, मंगल कालिंदी, राजेश कच्छप, श्रीमती दीपिका पांडेय, श्रीमती सविता महतो, श्रीमती पूर्णिमा नीरज सिंह, सुश्री अंबा प्रसाद, श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, मनीष जयसवाल और किशुन दास के अलावा विधानसभा के कई अन्य सदस्य गणों, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, पुलिस महानिदेशक अजय कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्रीमती वंदना डाडेल, प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह और मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे सहित कई वरीय पदाधिकारियों ने दिवंगत जगरनाथ महतो जी को श्रद्धा सुमन अर्पित कर नम आंखों से अंतिम विदाई दी।
चेन्नई से पहुंचा पार्थिव शरीर, एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री थे मौजूद
इससे पूर्व आज सवेरे चेन्नई से दिवंगत मंत्री श्री जगन्नाथ महतो जी। का पार्थिव शरीर रांची एयरपोर्ट लाया गया। यहां तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कंधा दिया। दिवंगत जगन्नाथ महतो के पार्थिव शरीर को बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से विधानसभा परिसर लाया गया ,जहां सभी ने पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण कर नमन किया।
पूरे राजकीय सम्मान के साथ होगी अंत्येष्टि
झारखंड विधानसभा में अंतिम दर्शन के बाद दिवंगत मंत्री जगरनाथ महतो जी के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव भंडारीदह , बोकारो के लिए विदा किया गया, जहां आज पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंत्येष्टि की जाएगी।
आज मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खतियानी जोहार यात्रा को लेकर सिमडेगा पहुंचे. इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया. इसम मौके पर बच्चियों ने सीएम के स्वागत में पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति दी. मंच पर विधायक नमन बिक्सल कोंगड़ी कोलेबिरा विधायक, भूषण बाड़ा सिमड़ेगा विधायक, भूषण तिर्की गुमला विधायक सत्यानंद भोगता श्रम नियोजन मंत्री झारखंड सरकार ने अपनी बात रखी.
खतियानी जोहार के साथ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपना संबोधन शुरू किया. उन्होंने कहा कि सिमडेगा राज्य का सीमावर्ती जिला है. हम यहां खेल को प्रोत्साहित करने के लिए पहले आए. हम कई बार सिमडेगा जिले का दौरा कर चुके हैं. इस बार खतियानी यात्रा के लिए आए हैं. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने खतियानी यात्रा का मतलब लोगों को बताया. बोले– हमें बार– बार संघर्ष करके अपना परिचय देना पड़ता है. जल, जंगल और जमीन को बचाने के लिए यहां के लोगों ने शहादत दी है.
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने आज अपने पिता पूर्व मुख्यमंत्री तथा वर्तमान राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन का 79वां जन्मदिन मनाया। इस अवसर पर उनसे आशीर्वाद लेने के लिए परिवार के सभी सदस्यों के साथ ही काफी संख्या में राज्य के मंत्री, झामुमो के नेता और गणमान्य लोग मौजूद थे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता को पुष्पगुच्छ भेंट कर ईश्वर से उनके दीर्घायु और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। मौके पर मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर, राज्यसभा सांसद श्रीमती महुआ माजी, दिशोम गुरु शिबू सोरेन के छोटे पुत्र विधायक बसंत सोरेन सहित मुख्यमंत्री के अन्य परिजन तथा कई गणमान्य लोगों ने भी पूर्व मुख्यमंत्री तथा वर्तमान राज्यसभा सांसद दिशोम गुरु शिबू सोरेन को जन्मदिन की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके बेहतर स्वास्थ्य एवं दीर्घायु जीवन की कामना की।
रांची। झारखंड विधानसभा में आज विधानसभा अध्यक्ष रबीन्द्र नाथ महतो की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विधायक दल के नेताओं के साथ सम्मिलित हुए। बैठक में आगामी 19 दिसंबर से 23 दिसंबर 2022 तक आयोजित होने वाले पंचम झारखण्ड विधानसभा का दशम (शीतकालीन) सत्र के सुचारू संचालन हेतु विचार-विमर्श किया गया।
रांची। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन जिला भ्रमण कार्यक्रम के तहत आज गोड्डा पहुंचे। उको गोड्डा कॉलेज स्थित हेलीपैड पर जिला प्रशासन के द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस संजय द्विवेदी ने दिया आदेश
रांची। मनी लांड्रिंग केस में फंसे कोलकाता के व्यवसायी अमित अग्रवाल के मामले की जांच अब ईडी के साथ ही साथ सीबीआई भी करेगी। बुधवार को झारखंड हाई कोर्ट के जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी ने अमित अग्रवाल की क्वेशिंग याचिका को खारिज करते हुए यह आदेश सुनाया। जेल में बंद व्यवसायी अमित अग्रवाल ने झारखंड हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर उनके खिलाफ ईडी द्वारा चलाया जा रहा मनी लांड्रिंग का केस निरस्त करने की मांग की थी।
होटवार जेल में बंद है अमित अग्रवाल
कोलकाता का व्यवसायी अमित अग्रवाल अभी रांची के होटवार जेल में बंद है। झारखंड हाई कोर्ट में दर्ज एक मामले में अपना नाम निकलवाने के लिए हाईकोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार को 5000000 रुपए घूस देते हुए रंगे हाथ पकड़वाने वाले अमित अग्रवाल पर मनी लांड्रिंग का केस चल रहा है। उन पर आरोप है कि झारखंड सरकार में ट्रांसफर पोस्टिंग से लेकर अवैध खनन तक से की जा रही उगाही के पैसे को वह देश और विदेश में इन्वेस्ट करते थे।
लापरवाही के लिए भवन निर्माण सचिव को हाईकोर्ट ने जमकर फटकारा
अदालतों की सुरक्षा संबंधी याचिका पर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई रांची। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन की खंडपीठ ने आज राज्य के भवन निर्माण सचिव को जमकर फटकार लगाई। अदालत ने सचिव से पूछा की एक जूनियर इंजीनियर बादशाह बन बैठता है और डिस्ट्रिक्ट जज की भी जब नहीं सुनता है तो सरकार उस पर एक्शन लेने में क्यों कतराती है। राज्य की अदालतों की सुरक्षा को लेकर दाखिल जनहित याचिका पर आज झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हो रही थी। मुख्य न्यायाधीश डॉ रवि रंजन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान भवन निर्माण सचिव कोर्ट में उपस्थित हुए। कोर्ट ने उनसे जानना चाहा कि जब प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट जज, घाटशिला ने एक जूनियर इंजीनियर के खिलाफ कंप्लेन किया था, तो उसके खिलाफ तुरंत एक्शन क्यों नहीं लिया गया। उसका ट्रांसफर तुरंत क्यों नहीं किया गया। इस पर भवन निर्माण सचिव की ओर से बताया गया कि बीते दिनों उसका ट्रांसफर कर दिया गया है। इस पर कोर्ट ने कहा कि जब हाईकोर्ट इस विषय पर सख्त हुई है तब आनन-फानन में कार्रवाई की गई है। 4 माह पहले उस जूनियर इंजीनियर के खिलाफ शिकायत की गई थी। लेकिन एक्शन लेने में इतना समय क्यों लगाया गया। इस पर कोर्ट को बताया गया की ट्रांसफर करने से मैन पावर की कमी होती है। जिस पर कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि ट्रांसफर के बाद नए लोग आते हैं। ऐसे में मैन पावर की कमी कैसे हो सकती है। भवन निर्माण विभाग में 3 साल से अधिक समय से अभियंता एक जगह पर जमे हैं, उनका ट्रांसफर क्यों नहीं किया जा रहा है। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता हेमंत सिकरवार ने पैरवी की।
पत्नी कल्पना सोरेन संग मुख्यमंत्री आवास के लिए हुए रवाना
रांची। अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग केस में लगभग 9:30 घंटे तक ईडी ऑफिस में हुई पूछताछ के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ईडी ऑफिस से रात 9:37 बजे बाहर निकले। बाहर लगभग 30 मिनट पहले पहुंची हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन उनका इंतजार कर रही थी। पूछताछ के बाद बाहर निकले श्री सोरेन पत्नी के साथ ईडी ऑफिस से सीएम आवास के लिए रवाना हुए। ईडी के सम्मन पर वे आज सुबह 12:00 बजे ईडी ऑफिस पूछताछ के लिए पहुंचे थे। ज्ञात हो कि हेमंत सोरेन पर अवैध खनन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ने का आरोप है। 8 जुलाई को ईडी ने हेमंत सोरेन के करीबी पंकज मिश्रा के घर पर छापेमारी की थी। यहां से एजेंसी को हेमंत सोरेन की बैंक पासबुक, साइन किए हुए दो चेक और चेक बुक मिली थी। सितंबर में चार्जशीट दाखिल करते हुए ईडी ने बताया था कि जांच में उसे अवैध खनन में एक हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की हेराफेरी होने के सबूत मिले हैं।