वाराणसी । भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और सीएम योगी आज श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के दर्शन किए। इससे पूर्व काल भैरव के दर्शन पूजन के बाद BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा और CM योगी ने एक साथ चाय का आनंद लिया। बता दें कि बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा गुरुवार शाम लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा बाबतपुर पहुंचे थे। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने अगवानी की थी। राष्ट्रीय अध्यक्ष शुक्रवार सुबह श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में मत्था टेकने के बाद पुलिस लाइन हेलीपैड पहुंचेंगे और हेलीकाप्टर से गाजीपुर के लिए रवाना हुए। यहां वे पवहारी बाबा आश्रम में दर्शन-पूजन के बाद वहां आयोजित बूथ समिति की बैठक में भाग लेंगे। दोपहर में गाजीपुर के बंसी बाजार स्थित नंद रेजीडेंसी में पूर्व सैनिकों संग संवाद करेंगे, उन्हें सम्मानित भी करेंगे। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष दोपहर 1.30 बजे आइटीआइ मैदान में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे। इसे मिशन 2024 की तैयारी बताया जा रहा है। वास्तव में गाजीपुर, जौनपुर, मऊ, लालंगज समेत पूर्वांचल की 14 सीटें अभी भाजपा के पाले में नहीं है। लोकसभा उपचुनाव में आजमगढ़ की सीट भले हाथ आ गई पर सामान्य चुनाव में यह राह आसान नहीं दिखती। गाजीपुर जिले में सैनिकों के सर्वाधिक परिवार है। सैनिकों से संवाद व सम्मान कार्यक्रम को भले ही सामान्य शिष्टाचार से भाजपा जोड़ रही हो पर राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि भाजपा खोने वाली सीट ही नहीं पूरे देश में एक बड़ा संदेश सैनिकों के हितैषी होने का देकर विपक्ष का मुंह बंद करने वाली है।
भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं ने दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता का पद से इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। वीरेंद्र सचदेवा को वर्तमान में दिल्ली भाजपा उपाध्यक्ष को अगली व्यवस्था तक कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
एमसीडी चुनाव में मिली हार के बाद दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेताओं ने दिल्ली भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता का पद से इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। वीरेंद्र सचदेवा को वर्तमान में दिल्ली भाजपा उपाध्यक्ष को अगली व्यवस्था तक कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
रांची। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में अब झारखंड की सत्तारूढ़ गठबंधन सरकार की सबसे बड़ी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भी भागीदारी दिखानी शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष राजेश ठाकुर के नेतृत्व में 50 लोगों का जत्था आज सुबह रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से इंदौर के लिए रवाना हुआ। इसमें झामुमो नेता सह सरकार में मंत्री मिथिलेश ठाकुर भी कांग्रेसी नेताओं के साथ इंदौर रवाना हुए। जाने वाले जत्थे में कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम, भारत जोड़ो यात्रा के प्रदेश संयोजक सुबोधकांत सहाय, कार्यकारी अध्यक्ष जलेश्वर महतो, शहजादा अनवर, मंत्री बन्ना गुप्ता, बादल पत्रलेख, विधायक प्रदीप यादव, कुमार जयमंगल (अनुप सिंह), अंबा प्रसाद, रामचन्द्र सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की आदि शामिल हैं। बता दें कि राहुल गांधी के नेतृत्व में दो महीने पूर्व भारत जोड़ो यात्रा की शुरूआत कन्याकुमारी में हुई थी। अब तक तकरीबन 2300 किमी की यात्रा तमिलनाडु, केरल, आंध्रप्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र होते हुए मध्य प्रदेश पहुंची है। यह यात्रा कुल 3570 किमी की है, जो बारह राज्यों और दो केन्द्र शासित प्रदेशों से होकर गुजरेगी। झारखंड के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने कहा कि भारत जोड़ो यात्रा कार्यक्रम को अपार जन-समर्थन प्राप्त हुआ है। इसमें किसानों, मजदूरों, युवाओं, माताओं, बहनों, छोटे व्यवसायियों, खिलाड़ियों, कलाकारों ने समय-समय पर यात्रा में अपनी भागीदारी निभायी है। उन्होंने कहा कि आज जिस प्रकार से राजनैतिक स्वार्थ पूर्ति के लिए देश के अन्दर नफरत की राजनीति को बढ़ावा दिया जा रहा है। मंहगाई और बेरोजगारी जैसे महत्वपूर्ण सवालों को गौण रखकर लोगों को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रतिपक्ष की लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकारों को अपदस्थ करने की नीयत से संवैधानिक संस्थाओं और केन्द्रीय एजेंसियों का दुरूपयोग करने से परहेज नहीं किया जा रहा है। इससे आम जनता में काफी रोष है। यही कारण है कि देश की आम जन-मानस का अपार जनसमर्थन इस यात्रा को प्राप्त हो रहा है। इंदौर से लौटने के बाद प्रदेश कांग्रेस शुरू करेगी यात्रा का पांचवां चरण।
राहुल गांधी संबोधन में लोगों से पहले भाइयों-बहनों कहते हैं। इसके बाद मस्ती के मूड में आते हुए पीएम मोदी की मिमिक्री करते हुए भाइयों-बहनों और मित्रों कहते हैं। ऐसा ही एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे पीएम मोदी की नकल करते हुए दिखे।
कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा आजकल मध्यप्रदेश में है। महाराष्ट्र के जलगांव जामोद के जसौंधी गांव से होते हुए बुरहानपुर के रास्ते राहुल गांधी की यात्रा ने मध्यप्रदेश में प्रवेश किया। यहां पर राहुल गांधी के स्वागत के लिए खास व्यवस्था की गई थी। स्वागत के बाद राहुल गांधी ने वहां मौजूद लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं को भी संबोधित किया।
संबोधन के दौरान के कुछ मिनट का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में राहुल जहां अपनी पदयात्रा के रूटीन के बारे में बता रहे हैं। वहीं अंत में वह पीएम नरेंद्र मोदी की नकल उतारते भी दिखते हैं।
सुबह से ज्यादा रात को तेज चलता हूं… इस वायरल वीडियो में राहुल गांधी मंच पर हैं और लोगों को संबोधित कर रहे हैं। वह कहते हैं ‘भाइयों अभी कमलनाथ जी ने मुझसे पूछा राहुल तुम थके नहीं हो क्या? भाइयों और बहनों मेरा चेहरा थका हुआ दिख रहा है। मैं दो हजार किलोमीटर चला हूं, दो हजार। कोई थकान नहीं, एक सेकेंड की थकान नहीं, मैं आपको बता रहा हूं, सुबह उठता हूं चलना शुरू करता हूं। मैं जितनी आसानी से सुबह 6 बजे चलता हूं, उससे तेज रात को आठ बजे चलता हूं। यह क्यों हो रहा है, अजीब सी बात है, दो हजार किलोमीटर चल चुका हूं।
लोगों को पसंद आया राहुल गांधी का ये अंदाज… राहुल गांधी की ये बातें सुनकर भीड़ राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे लगाने लगती है। राहुल गांधी कुछ देर के लिए रुकते हैं और फिर वह लोगों को रोकने की कोशिश करते हैं। वह लोगों को पहले तो भाइयों-बहनों कहते हैं। इसके बाद वह मस्ती के मूड में आते हुए पीएम मोदी की मिमिक्री करते हुए भाइयों-बहनों और मित्रों कहते हैं। उनके मित्रों कहते ही भीड़ और उत्साह से राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे लगाने लगती है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ईडी की पूछताछ व भावी कार्रवाई को लेकर रांची में सियासी हलचल तेज हो गई है। कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि कोई विपरीत परिस्थिति पैदा हुई तो उनका राजनीतिक उत्तराधिकारी यानी नया सीएम कौन होगा?
झारखंड के बहुचर्चित अवैध खनन मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सीएम हेमंत सोरेन आज रांची स्थित ईडी कार्यालय में पेश होंगे। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन्हें 17 नवंबर को पेश होने का समन भेजा था। ईडी उनसे पूछताछ कर बयान दर्ज कर सकता है।
मुख्यमंत्री सोरेन आज सुबह संभवत: करीब साढ़े ग्यारह बजे रांची में ईडी के दफ्तर पहुंचेंगे। ईडी अधिकारियों के समक्ष पूछताछ के लिए पेश होने से पहले सीएम सोरेन अपने निवास पर मीडिया से चर्चा कर सकते हैं। अटकलें लगाई जा रही हैं कि वे इसमें कोई बड़ा एलान कर सकते हैं।
पत्नी कल्पना सोरेन व पिता शिबू सोरेन के नाम चर्चा में रांची में कल सत्तारूढ़ दल झामुमो के विधायकों की बैठक हुई थी। इसके बाद से सियासी अटकलों का बाजार गर्म है। कहा जा रहा है कि यदि ईडी ने पूछताछ के बाद सीएम के खिलाफ कोई प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की या उन्हें हिरासत में लेने जैसा कोई कदम उठाया तो तत्काल उनके सियासी उत्तराधिकारी को सरकार बागडोर सौंपी जा सकती है।
उत्तराधिकारी के रूप में उनकी पत्नी कल्पना सोरेन और पिता शिबू सोरेन के नाम चर्चा में हैं। सीएम पत्नी कल्पना सोरेन मुख्यमंत्री के साथ इन दिनों सक्रिय रूप से नजर आती हैं। मंगलवार को झारखंड के स्थापना दिवस कार्यक्रम में भी वे मंचासीन थीं।
लालू-राबड़ी प्रयोग दोहराया जाएगा? बिहार में चारा घोटाले के वक्त जब सीबीआई ने तत्कालीन सीएम लालू प्रसाद यादव को पूछताछ के लिए बुलाया था तो उन्होंने सत्ता अपनी पत्नी राबड़ी देवी को सौंप दी थी। झारखंड में भी यह प्रयोग दोहराए जाने की संभावना है।
उधर, झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन में शामिल कांग्रेस के विधायक दल के नेता आलमगीर आलम का कहना है कि हम हर स्थिति से निपटने को तैयार हैं। वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने पार्टी के सभी विधायकों को रांची में रहने का निर्देश दिया।
ईडी की कार्रवाई के जानकारों का कहना है कि फिलहाल सीएम सोरेन से लंबी पूछताछ हो सकती है। इसके बाद उन्हें आगे भी फिर पूछताछ के लिए तलब किया जा सकता है। जैसा कि नेशनल हेराल्ड मामले में हाल ही कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को कई बार तलब किया गया था। प्रवर्तन निदेशालय सोरेन के खिलाफ उसे मिले सबूतों के आधार पर पूछताछ करेगा। इसमें धन की हेराफेरी की कड़ियां जुड़ने व अन्य सबूत मिलने पर उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कदम उठाया जा सकता है। सीएम को गिरफ्तार करने से पहले ईडी को कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट व राज्यपाल की अनुमति भी लेना होगी।
नहीं तो अगली डेट पर पारित करेंगे आदेश रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव 2019 में कांके विधानसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी रहे सुरेश बैठा की इलेक्शन पिटीशन पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान भाजपा विधायक समरी लाल की ओर से उपस्थित गवाह बुलगरिया देवी का बयान अदालत के समक्ष दर्ज हुआ। अपने बयान में बुलगरिया देवी ने कहा कि समरी लाल उनके रिश्तेदार नहीं है। हालांकि उन्होंने इस बात से इनकार नहीं किया कि वे समरी लाल को जानती हैं। गवाह का बयान दर्ज होने के बाद कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 17 नवंबर की तिथि निर्धारित की है। याचिकाकर्ता सुरेश बैठा की ओर से हाईकोर्ट के अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, विभास सिन्हा, अजय शाह और अंकित मिश्रा ने कोर्ट के समक्ष पक्ष रखा। वहीं समरी लाल की ओर से अधिवक्ता अमर कुमार सिन्हा ने पक्ष रखा। इसके साथ ही अदालत ने समरी लाल को यह निर्देश दिया है कि वो अपने गवाहों की सूची छोटी करें ताकि मामले की सुनवाई जल्द पूरी हो सके, अन्यथा कोर्ट अगली डेट पर उचितआदेश पारित करेगा। बता दें कि वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में कांके विधानसभा की आरक्षित सीट से कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार सुरेश बैठा और बीजेपी के प्रत्याशी समरी लाल चुनाव लड़े थे। मतगणना के बाद भाजपा के प्रत्याशी समरी लाल को निर्वाचित घोषित किया गया। जिसके बाद सुरेश बैठा ने झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर समरी लाल के निर्वाचन को रद्द करने की मांग की है। इसके पीछे उन्होंने आधार दिया है कि समरी लाल के द्वारा चुनाव के दौरान दिया गया जाति प्रमाण पत्र गलत है। पिछले दिनों कास्ट स्क्रूटनी कमिटी ने उनके कास्ट सर्टिफिकेट को अवैध करार कर दिया है।
रांची। सीएम हेमंत सोरेन को ईडी दोबारा समन भेज सकती है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक ईडी ने सीएम हेमंत सोरेन के टाइम पीटिशन पर मंथन कर लिया है और अगले सप्ताह दूसरा समन जारी करने की तैयारी में है। कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री द्वारा मांगा गया 3 सप्ताह का समय उन्हें मिलना मुश्किल है। गौरतलब है कि ईडी ऐसे मामलों में 3 बार समन जारी करती है लेकिन यदि संबंधित व्यक्ति पूछताछ के लिए हाजिर नहीं होता तो एजेंसी कोर्ट से उचित विधि-सम्मत कार्रवाई के लिए विशेष निर्देश लेती है। बता दें कि ईडी ने मनी लाउंड्रिंग केस और अवैध खनन मामले में पूछताछ के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बीते मंगलवार को देर रात समन जारी किया था। मुख्यमंत्री को 3 नवंबर को पूछताछ के लिए बुलाया गया था लेकिन सीएम नहीं आए। मुख्यमंत्री अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रमों में व्यस्तता का हवाला देकर हाजिर नहीं हुए। जनता के बीच मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि मैं गुनहगार हूं तो समन क्यों। यदि हिम्मत है तो ईडी मुझे गिरफ्तार करे। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री ने ईडी को पत्र लिखकर 3 सप्ताह का समय मांगा। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से एक शेड्यूल भी सार्वजनिक किया गया जिसमें 15 नवंबर यानी झारखंड स्थापना दिवस तक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। बताया जा रहा है कि ईडी से मुख्यमंत्री को 3 सप्ताह का समय मिलना मुश्किल है। वैसे भी समन जारी किए हुए करीब 1 सप्ताह बीतने को है। बता दें कि ईडी ने साहिबगंज सहित अन्य जिलों में अवैध खनन और मनी लाउंड्रिंग केस में पूछताछ के लिए मुख्यमंत्री को बुलाया है। दरअसल, 19 जुलाई को गिरफ्तार किए गए मुख्यमंत्री के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा के घर पर 8 जुलाई को छापेमारी के दौरान ईडी को सीएम हेमंत सोरेन के बैंक खाते से जुड़ा चेकबुक मिला था। ईडी ने पीएमएलए कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में जिक्र किया है कि 2 ब्लैंक चेक पर मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर भी थे। हाल ही में ईडी ने खुलासा किया कि पंकज मिश्रा न्यायिक हिरासत में भी फोन के कई वरीय अधिकारियों के संपर्क में था। इस दौरान वो सीएम का नाम लेकर लोगों को धमकाता भी था। चार्जशीट में इस बात का भी जिक्र है कि ईडी द्वारा पूछताछ के क्रम में रवि केजरीवाल नाम के शख्स ने दावा किया था कि मुख्यमंत्री ने पंकज मिश्रा को निर्देश दिया था कि खनन से आए पैसों के प्रबंधन का जिम्मा प्रेम प्रकाश को सौंप दिया जाये। इन्हीं आधारों पर सीएम को तलब किया गया है।
सरकार ने ओबीसी वर्ग के अधिकार को वापस दिलाने का काम किया : रामेश्वर ओबीसी आरक्षण 27 प्रतिशत करने पर प्रदेश ओबीसी उत्थान समिति ने किया आभार सम्मेलन
रांची। झारखंड प्रदेश ओबीसी उत्थान समिति ने राज्य में ओबीसी को 27 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए जनता की ओर से राज्य सरकार को धन्यवाद दिया एवं आभार प्रकट किया। पुराना विधानसभागार हॉल में आयोजित आभार सम्मेलन में राज्य सरकार के वित्त मंत्री एवं ओबीसी समाज की आवाज डा.रामेश्वर उरांव को 51 किलो का माला पहनाकर स्वागत किया गया। इससे पहले मंत्री डा.रामेश्वर उरांव, ओबीसी उत्थान समिति के मुख्य संरक्षक आलोक कुमार दूबे, संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव, अध्यक्ष डा.राजेश गुप्ता छोटू, अरविन्द कुमार महतो, शंकर साहू, अभिषेक साहू, फिरोज रिजवी मुन्ना, संजीत यादव, कुमुद रंजन, प्रदीप साहू ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरूआत किया। इस अवसर पर मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने कहा कि जॉब में आरक्षण देने का काम तब तक सफल नहीं हो सकता, जब तक शिक्षा में आरक्षण नहीं मिलता है। उन्होंने कहा कि उनके नजर में आरक्षण का मतलब सत्ता में हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने पिछले कई वर्षों से वंचित ओबीसी वर्ग के अधिकार को वापस दिलाने का काम किया है। आयोजन समिति के मुख्य संरक्षक आलोक कुमार दूबे ने कहा, राज्य में ओबीसी वर्ग पिछले 22 वर्षों से अपने अधिकार से वंचित रहे हैं। आज जब हमारी सरकार ने ओबीसी आरक्षण की सीमा बढ़ाने का काम किया तो पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और केंद्रीय जनजातीय मंत्री अर्जुन मुंडा के पेट में दर्द हो रहा है। समिति के अध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता छोटू ने कहा, ओबीसी वर्ग द्वारा आरक्षण की सीमा को बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। पिछड़ा वर्ग आयोग ने भी माना था कि झारखंड में पिछड़े वर्ग की आबादी 55 प्रतिशत हैं। लेकिन आबादी के अनुरूप इस वर्ग को उसका अधिकार नहीं मिल रहा है। राज्य में साढ़े सोलह साल सत्ता का सुख भोग चुकी भाजपा ने इस वर्ग को हासिये में ही रखा। आयोजन समिति के संयोजक लाल किशोर नाथ शाहदेव ने कहा कि लम्बे संघर्ष के बाद ओबीसी को उनका अधिकार मिलने जा रहा है। ऐसे में भाजपा के नेताओं का आलोचना करना स्वा•ााविक है। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता ने 12 सांसद भाजपा को दिया, माननीय सांसद को चाहिए कि राज्य का अधिकार केंद्र की सरकार से दिलाने का प्रयास करना चाहिए। सम्मेलन को अरविंद कुमार महतो, शंकर साहू, अभिषेक साहू, संजीत यादव, फिरोज रिजवी मुन्ना, संजय प्रसाद, कैलाश कुमार महतो, मजीद अंसारी, अल्ताफ हुसैन अंसारी और कुमुद रंजन ने भी संबोधित किया।
रांची। छात्र युवा शक्ति की केंद्रीय कार्यसमिति की बैठक शगुन बैंक्वेट हॉल मे संपन्न हुई। इसमे नितेश यादव को पुन: रांची महानगर अध्यक्ष और रोहित सिन्हा को रांची जिलाध्यक्ष चुना गया । केंद्रीय अध्यक्ष कुमार रौशन ने औपचारिक घोषणा की। कुमार रौशन ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी दुर्गा पूजा के दौरान छात्र युवा शक्ति के कार्यकर्ता प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर श्रद्धालुओं की सेवा मे पंडालों मे तैनात रहेंगे। श्रद्धालुओं की सेवा के लिए बिहार क्लब मे सेवा शिविर का कंट्रोल रूम बनाया जायेगा। बैठक में महेश मनीष को केंद्रीय उपाध्यक्ष, शशांक तिर्की को कोषाध्यक्ष, अमित मुंडा को प्रवक्ता, बीरु सिंह को महासचिव एवं मुकेश सोनी को महानगर उपाध्यक्ष बनाया गया।
महज दो राज्यों में अपने बलबूते सरकार में मौजूद कांग्रेस ने क्या राजस्थान को दांव पर लगा दिया है? अभी तक ये साफ दिख रहा था कि आलाकमान के सामने पार्टी अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने को हामी भर चुके अशोक गहलोत राज्य की बागडोर भी आसानी से छोड़ देंगे। लेकिन अचानक रविवार की रात सारे समीकरण गड़बड़ा जाते हैं।
गहलोत खेमे के 90 विधायक विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी के पास इस्तीफा देने पहुंच जाते हैं। गहलोत जैसे अनुभवी नेता को कांग्रेस अध्यक्ष बनाकर जहां पार्टी खुद को सहज करने की कोशिश में जुटी थी लेकिन उन्ही गहलोत ने राज्य में पेच फंसा दिया। राजस्थान में मौजूदा सियासी घटनाक्रम पर बड़े सवाल भी खड़े हो रहे हैं। क्या पार्टी ने किसी सोची-समझी रणनीति के तहत इस राजस्थान में सत्ता को दांव पर लगा दिया है? अगर पिछले दो दिन की गतिविधि को देखें तो इसके पीछे कई के समीकरण समझे जा सकते हैं।
पिछले करीब दो साल में गहलोत का कद पार्टी में काफी बड़ा हुआ है। जब सचिन पायलट ने पार्टी के कुछ विधायकों को लेकर विरोध किया था तो ये गहलोत ही थे जो बड़ी आसानी से सरकार बचा ले गए थे। राज्यसभा चुनाव में भी पार्टी ने गहलोत पर भरोसा जताया और राजस्थान के सीएम पार्टी के भरोसे पर खरे उतरे। गहलोत केवल इतना चाहते हैं कि उनके सीएम पद छोड़ने के बाद उनकी पसंद का कोई नेता राज्य का सीएम बने।
राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने से इनकार के बाद गांधी परिवार किसी ऐसे शख्स की इस पद पर ताजपोशी चाहता है जो उसका करीबी हो। गहलोत गांधी परिवार के करीबी और वफादार दोनों हैं। कुछ विश्लेषक कह रहे हैं कि कांग्रेस गहलोत के जरिए खुद को सहज करना चाहती है। यानी बीजेपी के वंशवाद के लगने वाले आरोप से बचना चाहती है। इसी चक्कर में गड़बड़ी हो रही है। गहलोत अध्यक्ष पद के लिए बड़ी मुश्किल से राजी तो हुए हैं लेकिन राजस्थान के सीएम पद के लिए अपने पसंद के उम्मीदवार चाहते हैं। सचिन पायलट के नाम पर गहलोत खेमा राजी नहीं है। उधर पार्टी के लिए हालात मुश्किल हो गए हैं। भारत जोड़ो यात्रा पर निकले राहुल गांधी ने जो दांव चला था वो उल्टा पड़ता दिख रहा है। पार्टी एक वफादार को कांग्रेस के शीर्ष पद पर तो बैठाना चाह रही है लेकिन इस चक्कर में राजस्थान की सत्ता दांव पर लग गई है।
रांची। युवा कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन में सैकड़ों युवाओं ने कांग्रेस का दामन थामा। कांग्रेस भवन में आयोजित कार्यक्रम में रांची विधानसभा के अंतर्गत अमन राय के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल हुए। कमेटी के अध्यक्ष गौरव सिंह का कहना है कि देश में बंटवारे की राजनीति के विरुद्ध आज का कार्यकर्ता सम्मेलन बहुत ही बहुमूल्य एवं महत्वपूर्ण है। क्योंकि भारतीय जनता पार्टी एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में सिर्फ जुमलेबाजी एवं गरीबों का उपहास उड़ाने में व्यस्त है। देश के युवा अब जाग चुके हैं। अपना तो दो करोड़ नौकरियां की जुमलेबाजी चलेगी। ना ही डीजल और पेट्रोल पेट्रोल पर आगामी 2024 के चुनाव को देखते हुए निरंतर युवा कांग्रेस में बड़े रही युवाओं की भागीदारी इसका एक जीता जागता प्रमाण है कि युवा वर्ग अब भाजपा की ओछी राजनीति में फसने वाले नहीं है। मौके पर झारखंड प्रदेश युवा कांग्रेस के महासचिव रांची जिला के प्रभारी सत्यम सिंह, प्रदेश महासचिव मेहुल प्रसाद, प्रदेश महासचिव इमरान खान, पूर्वी सिंहभूम जिला के अध्यक्ष नीरज, हटिया विधानसभा उपाध्यक्ष अंकित सिंह, अमित संदीप, शुभम, हरीश झा, प्रकाश राय, रोहित गुरुंग, सागर थापा, सीट गुरुंग, राहुल गुरुंग, कृष्णा ठाकुर, प्रथम सागर, शुभम छेत्री आदि उपस्थित थे।
दिल्ली में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा जनजातीय कार्य मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली में मंत्री जी के आवास में दिल्ली में मुलाकात की और झारखंड में खरवार के उपजाति भोगता गंझू देशवारी, देशवाली के वर्तमान परिस्थिति एवं सामाजिक पिछड़ापन को लेकर मंत्री जी से काफी गहन विचार विमर्श हुआ, इस आलोक में आगामी 28 – 29 अक्टूबर 2022 को रांची राजधानी में खरवार भोगता समाज विकास संघ के बैनर तले एक विशाल आम सभा का आयोजन पर शामिल होने के लिए विचार विमर्श किया गया एवं अपना सहमति प्रदान किए | इस मुलाकात भेंट में खरवार भोगता समाज विकास संघ के केंद्रीय अध्यक्ष दर्शन गंझू केंद्रीय उपाध्यक्ष रामनाथ गंझु साथ युवा नेता सुनील गंझू एवं बादल कुमार भोगता साथ में शामिल थे
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक कर योजनाओं का किया समीक्षा
रांची। झारखंड में चलाये जा रहे विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज राज्य के अधिकारियों और जिलों के उपायुक्तों के साथ बैठक की। प्रोजेक्ट भवन में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री विभागवार समीक्षा किये। विभि न्न विभागों की हुई समीक्षा में सीएम ने विभागवार कई निर्देश दिये हैं जो निम्न है :–
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के बाद सीएम ने दिए निर्देश 20 मेगावाट का सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी जिलों के डीसी को एक ही जगह पर 60 से 100 एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। सरकार ने एक पेड़ लगाने पर 5 यूनिट बिजली निशुल्क देने की योजना का व्यापक स्तर पर प्रचार प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। राज्य में किस फीडर से कितनी बिजली बेची जा रही है और कितना रेवेन्यू आ रहा है इसका आकलन किया जाए। बिजली बिल से जुड़े मामलों को निपटाने के लिए ज्यादा संख्या में सर्टिफिकेट अफसर रखें और ज्यादा बकायेदारों से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करें।
खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामलों के विभाग की समीक्षा मुख्यमंत्री ने खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग की समीक्षा की। इस दौरान धान अधिप्राप्ति, झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत 5 लाख नए राशन कार्ड वितरण, राशन कार्ड आधार सीडिंग, पीटीजी डाकिया योजना और गोदाम निर्माण योजना के प्रगति की जानकारी ली। विभाग की ओर से मुख्यमंत्री को बताया गया कि कम बारिश और सूखे की स्थिति में इस वर्ष 8 लाख मीट्रिक टन धान उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग को दिए निर्देश किसान खुद निबंधन करा सके, इसके लिए राज्य भर में जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश । इस वर्ष अक्टूबर तक एक हजार मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम निर्माण को लेकर जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश। यह निर्देश उन जिलों को दिया गया है, जिन्होनें गोदाम निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराया है। इस वर्ष 30 अक्टूबर तक शत प्रतिशत अनाजों का उठाव करने का निर्देश।
आईटीआई भवन को सीआरपीएफ अथवा आईआरबी से खाली कराया जाय श्रम नियोजन प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान सीएम ने कहा कि राज्य के जिन आईटीआई भवन का इस्तेमाल सीआरपीएफ अथवा आईआरबी के द्वारा रहने के लिए किया जा रहा है। उन्हें खाली कराने का निर्देश.इसके अलावा सीआरपीएफ एवं आईआरबी के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने का भी उपायुक्तों को दिया गया निर्देश। निजी क्षेत्र में 40 हजार मासिक वेतन तक की नौकरियां स्थानीय युवाओं को देने के लिए बनाई गई नियमावली को अगले माह से लागू करने के निर्देश। जिला स्तर पर प्रवासी मजदूरों के लिए 10 लाख रुपए तक का फंड बनाया जाएगा। जिसमें किसी प्रवासी मजदूर की दुर्घटना में अगर मौत हो जाती है तो उसके आश्रितों को तत्काल 50 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
राजस्व निबंधन और भूमि सुधार विभाग की समीक्षा मुख्यमंत्री ने राजस्व, भूमि सुधार एवं निबंधन विभाग की दाखिल खारिज उत्तराधिकार नामांतरण, राजस्व संग्रहण और राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा कर अधिकारियों को कई निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने झारखंड में जमीन का सर्वे कराने की दिशा में विभाग ठोस कदम उठाए। उन्होंने इसके लिए अन्य राज्यों में जमीन के सर्वे के लिए अपनाई गई प्रक्रियाओं का अध्ययन का रिपोर्ट तैयार करें और उसके आधार पर राज्य में भी जमीन का सर्वे करने की दिशा में पहल करें।
दाखिल खारिज के मामले लंबित नहीं रहे विभाग के द्वारा बताया गया कि राज्य में दाखिल खारिज के कुल 12 लाख 97 हजार 967 दाखिल खारिज के आवेदन आए। इसमें 5 लाख 84 हजार आवेदनों का निष्पादन कर दिया गया। जबकि 6 लाख 42 हजार आवेदन रिजेक्ट किए गए। वर्तमान में 528 ऐसे आवेदन हैं जो 90 दिनों से ज्यादा समय से लंबित है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दाखिल खारिज के मामलों का यथाशीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करें
मुख्यमंत्री के निर्देश दाखिल खारिज के मामले 90 दिनों से ज्यादा लंबित नहीं रहे। इसे सुनिश्चित किया जाय, सभी उपायुक्त इस पर विशेष ध्यान दें । रजिस्ट्री आधारित दाखिल खारिज हो, इसे सुनिश्चित करें। उत्तराधिकार से जुड़े दाखिल खारिज के मामलों का यथाशीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए विभाग की वेबसाइट पर अपलोड होने वाले दस्तावेजों की सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए।
अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग एवं कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग एवं कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कहा कि लाभुकों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का सुलभता से लाभ मिले। इसके लिए कागजी प्रक्रिया को आसान बनाएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रोजगार रोजगार सृजन योजना समेत अन्य योजनाओं में अगर गारंटर की जरूरत होती है, तो वैसे लोगों को गारंटर बनाएं जो उनके पहचान के हो ।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की समीक्षा राज्य में जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2024 तक 61 लाख घरों में नल के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इसके तहत अब तक 14 लाख घरों में नल के माध्यम से पेयजल आपूर्ति हो रही है । वहीं 9 लाख घरों में नल का कनेक्शन देने की योजना को स्वीकृति देने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। जल सहिया को मानदेय देने के लिए जल जीवन मिशन और पंचायती राज व्यवस्था से राशि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया लगभग पूरी । जल सहिया को समय पर मानदेय मिले, इसके लिए सभी डीसी को दिए गए आवश्यक निर्देश।
जामताड़ा:- राष्ट्रीय जनता दल पार्टी के आज जामताड़ा के पटोदिया धर्मशाला में जिला स्तरीय अहम बैठक आयोजित किया गया! इस अहम बैठक मुख्य रूप में राष्ट्रीय जनता दल के जिला निर्वाचन पदाधिकारी राज कु गुप्ता के गरिमामयी उपस्थिति में राजद जामताड़ा जिला अध्यक्ष का चयन प्रकृया निर्वाचन पदाधिकारी के आदेशानुसार प्रारंभ किया गया! जिसमे पार्टी के पंचायत स्तरीय, प्रखण्ड स्तरीय, जिला स्तरीय, राज्य स्तरीय बरिष्ठ नेता गणों की उपस्थिति में जिला अध्यक्ष चयन का प्रस्ताव लाया गया जिसमे सर्वसम्मति से निर विरोध लगातार पांचवी बार जामताड़ा राजद जिला पद पर दिनेश यादव को जामताड़ा जिला का कमाना सौंपा गया! तत पश्चात जिला निर्वाचन पदाधिकारी पर्यवेक्षक राज कु गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल झारखण्ड प्रदेश के सभी 24 जिलो में पार्टी के संगठन के मजबुती लाने के लिए जिला से पंचायत स्तर तक कमिटी गठन किया जा रहा है! जिसमें सभी वर्गों के लोगो ने आदरणीय लालू यादव के विचारधारा एवं तेजस्वी युवा नेत्रित्व एवं जनहित के लिए किये जा रहे कार्य से प्रेरित होकर पार्टी के प्राथमिक सदस्य ग्रहण कर रहे हैं! नवनिर्वाचित राजद जिला अध्यक्ष दिनेश यादव ने कहा कि में राजद सुप्रिमो आदरणीय लालू प्रसाद यादव के एक सच्चे सिपाही हुं! मुझे पार्टी के सभी सदस्यों ने लगातार पांचवी बार जिला अध्यक्ष पद का दायित्व दिया है इसके तहत हम जामताड़ा जिला के सभी वर्गों के जनमानस के हित में खरा उतरने का प्रयास करुंगा! तथा के संगठन में मजबुती लाने के लिए तन मन धन के साथ पार्टी को मजबुती देने का काम करूँगा! और लालू प्रसाद यादव श्रीमती राबड़ी यादव के सपने साकार करने के साथ साथ युवा दिलो के धड़कन तेजस्वी यादव के युवा नेत्रित्व से सीख लेते हुऐ अधिक से अधिक युवाओं को पार्टी में स्थान देकर सशक्त बनाने का काम लगातार करने का काम करूँगा! इस बैठक में सहायक निर्वाचन पदाधिकारी अरविंद पांडे, ने नव नियुक्त जिला अध्यक्ष को पार्टी के हित में काम करने की बहुत बहुत शुभकामनाएं दिया गया! इस अवसर पर मुख्य रूप में राजद पार्टी के कोर कमिटी के सतपाल यादव, अशोक माझी, के साथ डा अफताब आलम, आनाउल अंसारी, राजेश हेम्बरंम, बदरुल मुस्थपा,परमेस्वर यादव सहित पार्टी के सभी छ प्रखण्ड अध्यक्ष के नव नियुक्त प्रखण्ड अध्यक्ष गण उपस्थित थे!
चर्चा है कि सीएम हेमंत सोरेन अब न्याय के लिये सुप्रीम कोर्ट का रूख कर सकते हैं. मामला सीएम रहते हुए अपने नाम पर खनन पट्टा आवंटित करने के मामले में हेमंत सोरेन को कथित तौर पर अयोग्य करार देने की सिफारिश संबंधी चुनाव आयोग के पत्र को राज्यपाल द्वारा सार्वजनिक नहीं करने का है. इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की चौखट पर पहुंचने से पहले सीएम सोरेन दिल्ली में बड़े वकीलों के संपर्क में हैं. सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकीलों से भी सलाह मशविरा कर रहे हैं. इन वकीलों में कपिल सिब्बल,पी चिदंबरम सहित अन्य का नाम लिया जा रहा है. वाजिब कानूनी परामर्श के बाद वे जल्द ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर सकते हैं.
गत गुरुवार को राज्यपाल रमेश बैस से मुलाकात के बाद अचानक दिल्ली जाने से राज्य में सियासी पारा चढ़ गया. कहा तो ये जा रहा है कि वे ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में विधि विशेषज्ञों से राय लेने दिल्ली गए हैं. झारखंड मुक्ति मोर्चा के सूत्र यह भी बता रहे हैं कि वे शुक्रवार की देर शाम रांची लौट आये.
ता दें कि 25 अगस्त से राजभवन पर सबकी निगाहें टिकी थीं. निर्वाचन आयोग के मंतव्य को लेकर कई तरह के कयास लगाये जा रहे थे, मगर 15 सितंबर तक कुछ भी स्पष्ट नहीं हुआ. लिहाजा हेमंत सोरेन अपने साथ दो पेज का ज्ञापन ले कर राज्यपाल रमेश बैस से मिलने पहुंच गए. हेमंत सोरेन से निर्वाचन आयोग के मंतव्य की एक प्रति उपलब्ध कराने की इच्छा जाहिर की. राज्यपाल से मिलने के बाद शाम को करीब 6 बजे जब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिल्ली के लिये रवाना हो गये थे. उनके दिल्ली जाने के बाद से ही सियासी हलकों में तरह-तरह की अटकलें शुरू हो गयी थीं.
भारत निर्वाचन आयोग द्वारा भेजे गये पत्र को सार्वजनिक करने को लेकर एक सितंबर को यूपीए का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल रमेश बैस से मिला था. इस दौरान राज्यपाल ने कहा कि हां, भारत निर्वाचन आयोग से पत्र मिला है, शीघ्र ही स्थिति स्पष्ट करेंगे. प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से इस संदर्भ में शीघ्र स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया था. राज्यपाल द्वारा प्रतिनिधिमंडल को शीघ्र ही समुचित कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया था.
चिट्ठी सौंप कर मांगी निर्वाचन आयोग के फैसले की जानकारी
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राज्यपाल रमेश बैस से मिलने आज राजभवन पहुंचे। गवर्नर से मिलकर सीएम ने उन्हें एक पत्र सौंपी है जिसमें उन्होंने मांग की है कि निर्वाचन आयोग से उनकी सदस्यता को लेकर जो सुझाव या निर्देश आया है उसकी एक कॉपी मुख्यमंत्री को उपलब्ध करवाई जाए। मुख्यमंत्री ने गवर्नर से मिलकर उनको यह बताया है कि खनन लीज के मामले में भाजपा जिस तरीके से राज्य में दुष्प्रचार कर रही है, उससे राज्य की प्रशासनिक और सामाजिक परिस्थिति में काफी ऊहापोह है। सीएम ने गवर्नर से मांग की है कि इस अनिश्चितता की स्थिति को दूर करने के लिए चुनाव आयोग के फैसले की कॉपी उन्हें मुहैया कराने के साथ ही इस मामले में उचित निर्णय लिया जाए ताकि राज्य में सामान्य तरीके से कामकाज संचालन हो सके।
कल ही मुख्यमंत्री ने 1932 खतियान को कैबिनेट में मंजूरी दी है और आज सीएम का राज्यपाल से यूं मिलने जाना काफी अहम माना जा रहा है। पहले ही 25 अगस्त को चुनाव आयोग ने मुख्यमंत्री की सदस्यता को लेकर जो फैसला राज्यपाल को बताया है, राज्यपाल ने उसे अब तक सार्वजनिक नहीं किया है। ऐसे में 1932 का मास्टर स्ट्रोक लाना, ओबीसी को 27% आरक्षण देना इन तमाम चीजों को सामने रखने के बाद राज्यपाल से मिलने जाना कई मायनों में अहम है। सियासी गलियारों में इस मुलाकात को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है।
सभी विधायक मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत के साथ विधानसभा पहुंचे और स्पीकर रमेश तावड़कर को अलग होने का पत्र सौंपा। गोवा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सदानंद तनवड़े ने बताया कि सभी विधायक भाजपा में शामिल होंगे। कांग्रेस छोड़ने वाले विधायकों में पूर्व सीएम दिगंबर कामत, माइकल लोबो, देलिया लोबो, केदार नाइक, राजेश फलदेसाई, एलेक्सो स्काइरिया, संकल्प अमोलकर और रोडोल्फो फर्नांनडिज का नाम शामिल है।
Ranchi : झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस गुरुवार को रांची लौट आये. राज्यपाल के रांची लौटने से एक बार फिर राज्य में राजनीतिक सरगर्मी फिर से तेज हो गयी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में चुनाव आयोग की रिपोर्ट पर राज्यपाल की ओर से अनुशंसा भेजने में हो रहे विलंब को लेकर सत्ताधारी दल लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं. सियासी हलचल के बीच 1 सितंबर को यूपीए का प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिला था. प्रतिनिधिमंडल को राज्यपाल ने आश्वासन दिया था कि एक-दो दिन में मामले का पटाक्षेप हो जायेगा. अगले दिन 2 सितंबर को राज्यपाल रमेश बैस दिल्ली चले गये. लगभग एक हफ्ते बाद वो रांची लौटे हैं.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़े ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में चुनाव आयोग की रिपोर्ट आने के बाद से सबकी निगाहें राजभवन पर टिकी हुई हैं. संभावना यह जतायी जा रही है कि पिछले कई दिनों से जारी यह सियासी संकट जल्द ही समाप्त हो जायेगा.
झारखंड विधानसभा का एक दिवसीय सत्र हंगामे के साथ शुरू हो गया है. 48 मतों के साथ सदन में विश्वास मत पारित हुए. प्रस्ताव के विरोध में किसी ने भी मत नहीं दिया. के बाहर सख्त रुख दिखाने वाले भाजपा विधायकों ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू कर दिया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जैसे ही विश्वास मत के प्रस्ताव पर बोलना शुरू किया तभी भाजपा विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया है. हंगामे के बीच ही मुख्यमंत्री ने सदन में विश्वास प्रस्ताव रखा. इसके बाद भी सदन में हंगामे की स्थिति बनी हुई है. विपक्ष दुमका में लड़की जिंदा जलाने व दुष्कर्म की घटनाओं के माध्यम से सरकार को घेर रही है. हालांकि, सरकार की ओर से इसका जोरदार जवाब दिया जा रहा है.
सदन में सीएम को कोई भी प्रॉस्ताव लाने का अधिकार है. जब सरकार बनी थी तो मेरे अलावा कई लोगों ने सरकार में अपनी विश्वास जताया था. सदन में जितने भी प्रस्ताव मैंने लाए एक भी प्रस्ताव पर सरकार के अधिकारी ने कार्रवाई नहीं की. सदन में आखिर विश्वास प्रस्ताव क्यों रखा गया ये सवाल मेरे भी मन में है. कहा कि पता नहीं सदन की कार्यवाही के बाद यूपीए के विधायक कहां जाएंगे. इसपर मंत्री बन्ना गुप्ता ने नाराजगी जतायी तो सरयू राय ने साफ तौर से कहा कि आप चुप रहिए आप एक भ्रष्ट मंत्री हैं. कहा कि आप अपनी मर्जी से काम करते हैं और सरकार आप पर कोई कार्रवाई नहीं करती. सरयू ने कहा कि सरकार पास अपार बहुमत है गिरने का सवाल ही नहीं है. सरकार को भ्रष्ट लोगों पर कार्रवाई करनी चाहिए. यूपीए के तीन विधायक आज कोलकाता है. आज तीन हैं कल तेरह हो सकते हैं.
राज्यपाल रमेश बैश ने यूपीए के प्रतिनिधिमंडल को मिलने का समय दे दिया है. चार बजे राज्यपाल ने यूपीए के प्रतिनिधिमंडल को मिलने का समय दिया है. जानकारी के अनुसार राज्य में कोई बड़ा उलटफेर हो सकता है. सत्ता पक्ष और राजभवन के बीच चल रहे चूहे बिल्ली के खेल में हेमन्त सोरेन कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं. हालांकि, यह अभी तक आकलन के आधार पर ही कहा जा रहा है.
गौर करने वाली बात यह है कि 4 बजे ही कैबिनेट की बैठक भी होने वाली है. इसी कैबिनेट की बैठक में शामिल होने के लिए छत्तीसगढ़ से कांग्रेस के सभी मंत्री वापस रांची आए हैं. बताया जा रहा है कि राज्यपाल से मिलने के लिए यूपीए गठबंधन के जितने भी सांसद हैं वह भी जाएंगे इनमें लोकसभा और राज्यसभा के भी सांसद शामिल होंगे. पुख्ता सूत्रों ने बताया है कि राज्यपाल से मिलने के लिए शिबू सोरेन, महुआ मांझी, विजय हांसदा और भी कुछ लोग जा सकते हैं.
कांग्रेस के मंत्रियों को लेकर वापस आयेंगे रांची, सीएम हेमंत
कांग्रेस के मंत्रियों को लेकर वापस आयेंगे रांचीयूपीए विधायक रायपुर के मेफेयर 7 स्टार होटल में डेरा डाले हुये हैं. उनके साथ कांग्रेस के चार मंत्री भी शामिल हैं. जिनमें रामेश्वर उरांव, बन्ना गुप्ता, बादल पत्रलेख और आलमगीर आलम शामिल हैं. 1 सितंबर को कैबिनेट की बैठक होने वाली है. कैबिनेट की बैठक में इन चारो मंत्रियों का रहना अनिवार्य है. इसलिए सीएम हेमंत सोरेन इन्हें लाने के खुद शाम करीब पांच बजे चार्टड प्लेन से रायपुर जायेंगे और देर रात तक उन्हें वापस लेकर लौटेंगे. पुख्ता सूत्रों ने बताया कि सरकारी चार्टड प्लेन जाने और वापस लेकर आने से संबंधित सारा कागजी प्रक्रिया पूरी कर ली गयी है.
यूपीए राज्यपाल पर दो तरह से दबाव बनाना चाहती है. पहला दबाव यह है कि सीएम हेमंत सोरेन के खनन लीज मामले में जो भी फैसला आया है उसे सार्वजनिक किया जाये. वहीं दूसरा दबाव समरीलाल के विधायकी सदस्यता को लेकर के है. बता दें कि समरीलाल पर आरोप है कि उन्होंने गलत जाति प्रमाण पत्र देकर चुनाव लड़ा. इसकी शिकायत जब विधानसभा स्पीकर से की गयी तो स्पीकर ने एक समिति का गठन किया और आरोप को सही पाया. समिति की जांच से असंतुष्ट समरीलाल ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जो लंबित है. उधर, विधानसभा अध्यक्ष ने जांच रिपोर्ट राज्यपाल को भेजी जा चुकी है. आगे की कार्रवाई राज्यपाल को करनी है.