श्रेणी: Politics

  • कांग्रेस और अल्पसंख्यक नेताओं ने हिमांता बिस्वा सरमा की ‘मियां’ टिप्पणी की निंदा की

    कांग्रेस और अल्पसंख्यक नेताओं ने हिमांता बिस्वा सरमा की ‘मियां’ टिप्पणी की निंदा की

    असम के मुख्यमंत्री के विवादास्पद बयान पर राजनीतिक हलचल

    गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा द्वारा मुस्लिम समुदाय के संदर्भ में ‘मियां’ शब्द के इस्तेमाल को लेकर कांग्रेस और अन्य अल्पसंख्यक नेताओं में आक्रोश है। उनका यह बयान विरोधियों के लिए एक बड़ा मुद्दा बन गया है, और देशभर में कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है, जिसमें 100 से अधिक एफआईआर दर्ज करने की योजना बनाई गई है। पहले से अहमदाबाद और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में इस संदर्भ में शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं।

    इस आंदोलन का लक्ष्य यह स्पष्ट करना है कि असम में की गई इस तरह की बयानबाजी और ध्रुवीकरण की राजनीति को राष्ट्रीय स्तर पर चुनौती दी जाएगी।

    विवादास्पद बयानों का मूल

    मुख्यमंत्री सरमा ने हाल ही में मतदाता सूची के विशेष संशोधन के दौरान कई विवादास्पद टिप्पणियाँ कीं, जिन्हें विपक्षी दलों ने सांप्रदायिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि 4 से 5 लाख ‘मियां’ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। इसके अलावा, यह भी कहा गया कि यदि कोई ‘मियां’ रिक्शा चालक 5 रुपये किराया मांगता है, तो उसे केवल 4 रुपये ही देने चाहिए।

    सरमा ने भाजपा कार्यकर्ताओं को संदिग्ध विदेशी नागरिकों के खिलाफ सामूहिक शिकायतें दर्ज करने के लिए प्रेरित किया।

    कानूनी कार्रवाई और विरोध प्रदर्शन

    जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इन बयानों को ‘हेट स्पीच’ बताया और संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों के लिए दिशा-निर्देश तय करने की मांग की। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने मुख्यमंत्री पर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों का गलत हवाला देने और ‘सांप्रदायिक घृणा’ फैलाने का आरोप लगाया।

    कांग्रेस ने ‘whoishbs.com’ नामक एक वेबसाइट लॉन्च की है, जहाँ मुख्यमंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार और अन्य आरोप डालने की सुविधा दी गई। इसी क्रम में सामाजिक कार्यकर्ता हर्ष मंदर ने दिल्ली में मुख्यमंत्री के खिलाफ पुलिस शिकायत भी दर्ज कराई है।

    मुख्यमंत्री का पक्ष

    हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने विवादास्पद बयानों का बचाव करते हुए कहा कि वह ‘मियां’ शब्द का प्रयोग उन लोगों के लिए कर रहे हैं जो बांग्लादेश से अवैध रूप से आए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके शब्द सुप्रीम कोर्ट द्वारा पूर्व में उठाई गई चिंताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं।

  • मध्य प्रदेश कांग्रेस पार्टी ने प्रतिभा खोज के आधार पर 11 सदस्यीय समिति बनाई

    मध्य प्रदेश कांग्रेस पार्टी ने प्रतिभा खोज के आधार पर 11 सदस्यीय समिति बनाई

    मध्यप्रदेश कांग्रेस में प्रवक्ता पद के लिए टैलेंट हंट की शुरुआत

    भोपाल। मध्यप्रदेश में कांग्रेस ने प्रवक्ताओं की नियुक्ति के लिए एक नई पहल की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस संबंध में जानकारी दी है कि प्रवक्ता चयन के लिए एक 11 सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति के माध्यम से टैलेंट हंट का आयोजन किया जाएगा। हाल ही में मीडिया कमेटी का गठन समाप्त कर दिया गया था।

    समिति की संरचना

    इस 11 सदस्यीय समिति के अध्यक्ष मुकेश नायक को नियुक्त किया गया है। समिति में कई प्रमुख नेता शामिल हैं, जिनमें विधायक जयवर्धन सिंह, उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे, विधायक आरिफ मसूद, विधायक विक्रांत भूरिया, विधायक महेश परमार, महेंद्र जोशी, शैलेंद्र पटेल, भूपेंद्र गुप्ता, मृणाल पंत, अपूर्व भारद्वाज तथा महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी शामिल हैं। यह समिति प्रवक्ताओं के चयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

  • भाग्य के चार सितारों ने संसद में हंगामा किया

    भाग्य के चार सितारों ने संसद में हंगामा किया

    नई दिल्ली: जनरल एमएम नरवणे की आत्मकथा पर राजनीतिक गर्मी

    भारत के पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ ने संसद में हलचल पैदा कर दी है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने किताब के अंशों का उपयोग करते हुए प्रधानमंत्री और सरकार की चीन नीति पर सवाल उठाया। हालांकि, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि चूंकि यह पुस्तक अभी प्रकाशित नहीं हुई है, इसलिए इसका उल्लेख करना उचित नहीं है।

    किताब लिखने की प्रेरणा

    जनरल नरवणे ने बताया कि प्रारंभ में उनका आत्मकथा लिखने का कोई योजना नहीं थी। अप्रैल 2025 में उन्होंने याद किया कि पेंगुइन पब्लिशर्स ने दिवंगत जनरल बिपिन रावत की पुस्तक का प्रकाशन किया था। मार्च 2023 में एक विमोचन समारोह में उन्होंने मजाक में सवाल किया कि उनकी पुस्तक का प्रकाशन क्यों नहीं हो रहा। इसी बातचीत ने उन्हें किताब लिखने के लिए प्रेरित किया।

    प्रकाशन में देरी और समीक्षा का तर्क

    पूर्व सेना प्रमुख ने स्वीकार किया कि पुस्तक की समीक्षा आवश्यक है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े। उन्होंने कहा कि समीक्षा में समय लेना उचित हो सकता है, लेकिन 15 महीने से अधिक का लंबा इंतजार उचित नहीं है।

    संसद में विवादास्पद चर्चा

    अप्रकाशित किताब का उल्लेख तब हुआ जब राहुल गांधी ने लोकसभा में इसके कुछ अंश प्रस्तुत किए। उन्होंने दावा किया कि किताब में यह उल्लेख किया गया है कि 2020 में चीन के साथ सीमा तनाव के दौरान प्रधानमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने लंबे समय तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसका खंडन करते हुए कहा कि पुस्तक की सामग्री तथ्यात्मक रूप से गलत है और इसका हवाला देना संसद के नियमों और राष्ट्रीय हित के खिलाफ है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी इस बात को स्वीकार किया।

    किताब का प्रकाशन अभी तक लंबित

    ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ 2023 से प्रकाशित होने के लिए लंबित है। पेंगुइन ने इसे अप्रैल 2024 में प्रकाशित करने की योजना बनाई थी, लेकिन यह अभी भी आम जनता के लिए उपलब्ध नहीं है। अमेजन और फ्लिपकार्ट पर इसकी लिस्टिंग मौजूद है, जिसमें 448 पृष्ठों का विवरण दिया गया है। उल्लेखनीय है कि नरवणे की दूसरी पुस्तक, ‘द कैंटोनमेंट कॉन्स्पिरेसी’, मार्च 2025 में प्रकाशित हो चुकी है।

  • बीजेपी सांसद का बयान, महिला सांसदों ने PM मोदी पर किया हमला

    बीजेपी सांसद का बयान, महिला सांसदों ने PM मोदी पर किया हमला

    नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी का भाषण स्थगित

    नई दिल्ली। बुधवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण अचानक स्थगित कर दिया गया, जिसके बाद भाजपा ने विपक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने आरोप लगाया कि विपक्ष की महिला सांसदों ने पीएम मोदी की कुर्सी को घेर लिया था और उनका उद्देश्य “हमला करने” का था, जिससे पीएम मोदी भाषण नहीं दे सके। तिवारी के अनुसार, यह एक सुनियोजित प्रयास था, ताकि प्रधानमंत्री के संबोधन को रोका जा सके।

    सदन में हंगामा और विवाद

    इस घटना के कारण सदन में हंगामा बढ़ गया। बजट सत्र की शुरुआत से ही कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी नोकझोंक चल रही है। राहुल गांधी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की अप्रकाशित पुस्तक के उद्धरण का जिक्र करने का प्रयास किया, लेकिन इस पर उन्हें बोलने की अनुमति नहीं दी गई, जिससे सदन में विवाद हुआ और कार्यवाही कई बार स्थगित हुई। इस बीच, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गांधी-नेहरू परिवार पर टिप्पणी की, जिससे और भी हंगामा मच गया।

    कांग्रेस की महिला सांसदों, जिनमें वर्षा गायकवाड़ भी शामिल थीं, ने निशिकांत दुबे के खिलाफ पोस्टर दिखाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा का आरोप है कि इसी दौरान महिला सांसदों ने पीएम मोदी की कुर्सी घेर ली थी, जिससे प्रधानमंत्री अपने भाषण के लिए सदन में नहीं आ सके।

    राहुल गांधी का पीएम मोदी पर हमला

    इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज संसद में नहीं आए क्योंकि वह “डरे हुए” थे और “सच्चाई का सामना नहीं करना चाहते थे”। गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा कि यदि पीएम मोदी सदन में आते, तो वह पूर्व सेना प्रमुख एमएम नरवणे की किताब उन्हें भेंट करते।

    सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित होने के बाद राहुल गांधी ने यह बयान दिया, जबकि भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी जारी रही।

  • पीएम मोदी ने किसानों के हितों की रक्षा की, जिनतू पटवारी ने अमेरिकी व्यापार समझौते को किसानों के खिलाफ बताया

    पीएम मोदी ने किसानों के हितों की रक्षा की, जिनतू पटवारी ने अमेरिकी व्यापार समझौते को किसानों के खिलाफ बताया

    जितू पटवारी का बड़ा बयान: अमेरिका से हुई ट्रेड डील किसान विरोधी

    भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है, जिसमें उन्होंने अमेरिका के साथ हुई ट्रेड डील को किसानों के लिए हानिकारक बताया है। पटवारी का कहना है कि यह डील भारतीय किसानों के हितों की अनदेखी कर रही है। वर्तमान में किसान सबसे ज्यादा नुकसान उठा रहे हैं।

    केंद्र सरकार पर हमला

    पटवारी ने बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केंद्र सरकार की नीतियों पर सख्त शब्दों में प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब ट्रेड डील का एलान किया, तो उन्होंने माला पहनी, जिससे ऐसा प्रतीत हुआ कि भविष्य में कुछ सकारात्मक होने वाला है। लेकिन असलियत यह है कि किसान सबसे ज्यादा ठगा गया है। कृषि से जुड़ी सामग्री और ड्राईफ्रूट्स पर जीरो प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा, जबकि भारत से कृषि उत्पादन का निर्यात करने पर 18 प्रतिशत टैरिफ लागू होगा।

    प्रवक्ताओं की पदमुक्ति पर प्रतिक्रिया

    कांग्रेस के अन्य प्रवक्ताओं को पदमुक्त किए जाने के विषय में उन्होंने कहा कि जल्द ही मीडिया की एक नई टीम बनाई जाएगी। जो व्यक्ति इस टीम का हिस्सा नहीं बनेगा, उन्हें अन्य दायित्व सौंपे जाएंगे। पटवारी ने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस के पास बहुत कार्य है और हर व्यक्ति को कार्य दिया जाएगा।

    AICC के निर्देशों का पालन

    जीतू पटवारी ने जिलों की कार्यकारिणी के आकार को लेकर AICC के निर्देशों का पालन करने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पहले ही यह तय किया गया था कि जिलों की टीम छोटी होगी, और अब इस पर अमल किया जाएगा। छिंदवाड़ा में पहले से ही गठित जंबो टीम का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि यह निर्णय पहले से लिया गया था।

    कृषि उत्पादों पर चिंता जताई गई

    पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने भी इस मुद्दे पर अपने विचार साझा करते हुए कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील के चलते किसानों के हितों से समझौता हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों के हितों की अनदेखी की गई तो देशभर में विरोध प्रदर्शन होगा।

    किसानों के अधिकारों की रक्षा की मांग

    सचिन यादव ने दावा किया कि इस डील में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के हितों को अमेरिका के सामने गिरवी रखा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि इस डील में किसानों के अधिकारों की रक्षा की जाए, अन्यथा कांग्रेस पार्टी और किसान मिलकर इसका विरोध करेंगे।

  • संसद के गेट पर विवाद, राहुल गांधी ने कहा ‘गद्दार दोस्त’, केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने कहा ‘देश विरोधी’

    संसद के गेट पर विवाद, राहुल गांधी ने कहा ‘गद्दार दोस्त’, केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने कहा ‘देश विरोधी’

    संसद में राहुल गांधी और रवनीत सिंह बिट्टू के बीच टकराव

    नई दिल्ली: संसद के मकर द्वार पर आज कांग्रेस सांसदों का प्रदर्शन देखा गया, जिसमें राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का आमना-सामना हुआ। इस दौरान जुबानी झड़प हुई, जब राहुल गांधी ने कांग्रेस सांसदों की सराहना की और बिट्टू को ‘गद्दार दोस्त’ के रूप में संबोधित किया। वीडियो में देखा जा सकता है कि राहुल गांधी बिट्टू की ओर हाथ बढ़ाते हैं, लेकिन बिट्टू ने हाथ नहीं बढ़ाया। इस पर बिट्टू ने तुरंत प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनका “देश के दुश्मनों” से कोई संबंध नहीं है।

    रवनीत सिंह बिट्टू का राजनीतिक सफर

    रवनीत सिंह बिट्टू तीन बार कांग्रेस सांसद रह चुके हैं। उन्होंने पहली बार 2009 में आनंदपुर साहिब से लोकसभा चुनाव जीता था, इसके बाद 2014 और 2019 में लुधियाना से जीत हासिल की। बिट्टू खालिस्तान समर्थक कट्टरपंथियों के कड़े आलोचक माने जाते हैं। हाल ही में, वे 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। पिछले चुनाव में उन्होंने पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वारिंग से लगभग 20,000 वोटों से हार का सामना किया, फिर भी उन्हें केंद्र सरकार में रेल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री का पद दिया गया।

    भविष्य और व्यक्तिगत जीवन

    बिट्टू का निजी जीवन भी कई संघर्षों से भरा रहा है। उनके पिता का निधन जब वे महज 11 वर्ष के थे, और 20 वर्ष की आयु में उन्होंने अपने दादा और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह को भी खो दिया। बेअंत सिंह की हत्या 1995 में खालिस्तान समर्थक आतंकवादियों द्वारा की गई थी। वर्ष 2007 में राहुल गांधी से मिलकर उन्होंने राजनीति में कदम रखा।

    बिट्टू का विवादास्पद बयान

    यह पहली बार नहीं है जब बिट्टू और राहुल गांधी के बीच ऐसी बयानबाजी हुई हो। सितंबर 2024 में, बिट्टू ने राहुल गांधी के बारे में तीखा बयान दिया था। उन्होंने राहुल गांधी पर सिख समुदाय को बांटने का आरोप लगाया और कहा कि सिख किसी राजनीतिक दल से जुड़े नहीं हैं। अमेरिका में किए गए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, उन्होंने राहुल गांधी को ‘देश के नंबर वन टेरेरिस्ट’ कहा था।

  • मणिपुर में विधायक दल के नेता बने युमनाम खेमचंद सिंह नए मुख्यमंत्री

    मणिपुर में विधायक दल के नेता बने युमनाम खेमचंद सिंह नए मुख्यमंत्री

    मणिपुर में राजनीतिक बदलाव: युमनाम खेमचंद सिंह बने मुख्यमंत्री

    डेस्क: मणिपुर में कई महीनों से चल रही राजनीतिक उठापटक का अंत हो गया है। युमनाम खेमचंद सिंह को मणिपुर विधानसभा का नया नेता चुना गया है, और उन्हें राज्य का अगला मुख्यमंत्री बना दिया गया है। इससे पहले, बीजेपी मुख्यालय दिल्ली में मणिपुर के विधायकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पार्टी के महामंत्री तरुण चुग और संबित पात्रा ने भाग लिया। इस बैठक में कुल 35 विधायक उपस्थित रहे, जबकि दो विधायक स्वास्थ्य कारणों से शामिल नहीं हो सके।

    एन बीरेन सिंह का इस्तीफा

    हालांकि मणिपुर में बीजेपी के पास बहुमत है, राज्य में मैतेयी और कुकी समुदायों के बीच हुए हिंसक संघर्ष के चलते पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन Singh ने इस्तीफा दे दिया था। इसके परिणामस्वरूप राज्य में सरकार गिर गई और राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था। अब, स्थिति सामान्य होती दिख रही है, और बीजेपी ने फिर से सरकार बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। युमनाम खेमचंद सिंह, जो 62 साल के हैं और सिंगजामेई विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं, पेशेवर रूप से इंजीनियर हैं। वे पूर्व की बीरेन सरकार में नगर प्रशासन मंत्री भी रह चुके हैं।

    राष्ट्रपति शासन की अवधि

    मणिपुर में, पहली बार 13 फरवरी, 2025 को मेइती और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा के चलते छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। इस अवधि को अगस्त 2025 में छह महीने और बढ़ा दिया गया। हाल ही में दिल्ली आने वाले मणिपुर के नेताओं में पूर्व मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, स्थगित विधानसभा के अध्यक्ष सत्यब्रता सिंह और वाई खेमचंद सिंह शामिल रहे। भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष ए शारदा देवी भी राष्ट्रीय राजधानी में उपस्थित थीं।

  • मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया समिति के सभी प्रवक्ताओं से जिम्मेदारियां हटाई गईं

    मध्य प्रदेश कांग्रेस मीडिया समिति के सभी प्रवक्ताओं से जिम्मेदारियां हटाई गईं

    मध्यप्रदेश कांग्रेस में बड़ा बदलाव

    भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस संगठन में एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। प्रदेश कांग्रेस की मीडिया कमेटी को भंग करने का निर्णय लिया गया है, जिसके तहत सभी प्रवक्ताओं को उनके पद से मुक्त कर दिया गया है। यह निर्णय एक आधिकारिक आदेश के रूप में जारी किया गया है।

    नए प्रवक्ताओं की चयन प्रक्रिया

    अब मध्य प्रदेश कांग्रेस में प्रवक्ताओं का चुनाव एक टैलेंट हंट के माध्यम से किया जाएगा। जिन प्रवक्ताओं को कार्यमुक्त किया गया है, यदि वे फिर से प्रवक्ता बनना चाहते हैं, तो उन्हें इंटरव्यू देना होगा। इस प्रक्रिया की शुरुआत 5 फरवरी से की जाएगी। तब तक, मीडिया विभाग के द्वारा नेताओं को डिबेट में भेजा जाएगा।

    ममता बनर्जी का चुनावी रुख

    नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि आगामी विधानसभा चुनाव 2026 में उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) किसी अन्य पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पूरी तरह से अकेले चुनाव में भाग लेगी।

  • निर्वाचन आयोग ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाए

    निर्वाचन आयोग ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाए

    पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची संशोधन का विवाद

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और चुनाव आयोग के बीच विवाद गहरा गया है। मुख्यमंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ‘अहंकारी’ और ‘झूठा’ होने का आरोप लगाया, जिसे चुनाव आयोग ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है।

    चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया

    बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने दुर्व्यवहार किया तथा बैठक बीच में ही छोड़ दी। आयोग ने स्पष्ट किया कि कानून का पालन करना अनिवार्य है और यदि कोई कानून को अपने हाथ में लेता है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

    तृणमूल कांग्रेस की गतिविधियाँ

    टीएमसी के नेता और विधायक चुनाव अधिकारियों को लक्ष्य बना रहे हैं और ईआरओ कार्यालयों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई हैं।

    अन्य समस्याएँ

    मतदाता सूची संशोधन में लगे अधिकारियों को बिना किसी दबाव के कार्य करने की आवश्यकता है। बीएलओ का मानदेय भी सही से नहीं दिया गया है; 18,000 रुपये में से केवल 7,000 रुपये ही प्राप्त हुए हैं। राज्य में नियुक्त रिटर्निंग ऑफिसरों की रैंक भी अपेक्षित मानकों के अनुरूप नहीं थी। इसके अलावा, राज्य सरकार ने चुनाव आयोग के साथ परामर्श किए बिना तीन मतदाता सूची पर्यवेक्षकों का तबादला किया है।

    ममता बनर्जी का बयान

    उन्होंने चुनाव आयोग पर बंगाल को लक्षित करने का आरोप लगाया है। ममता बनर्जी ने कहा कि इस प्रक्रिया में 58 लाख लोगों के नाम हटाए गए हैं और उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को ‘अहंकारी और झूठा’ करार देते हुए चुनाव प्रक्रिया पर प्रश्न उठाए।

  • रांची नगर निगम मेयर चुनाव में रमा और रोशनी खलखो की प्रतिस्पर्धा, BJP ने प्रत्याशियों को मंजूरी दी

    रांची नगर निगम मेयर चुनाव में रमा और रोशनी खलखो की प्रतिस्पर्धा, BJP ने प्रत्याशियों को मंजूरी दी

    झारखंड नगर निकाय चुनाव में राजनीतिक हलचल

    रांची: झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक दल लगातार अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर रहे हैं। सोमवार को धनबाद के पूर्व मेयर चंद्रशेखर अग्रवाल ने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) छोड़कर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) में शामिल होने का फैसला किया। वहीं, बीजेपी ने संजीव अग्रवाल को मेयर पद के लिए अपनी समर्थन सूची में शामिल किया है।

    रांची में उम्मीदवारों की घोषणा

    रांची में कांग्रेस ने रमा खलखो को अपना उम्मीदवार बनाया है, जबकि बीजेपी ने रोशनी खलखो को समर्थन दिया है। दोनों उम्मीदवारों के बीच मुख्य मुकाबला माना जा रहा है। बीजेपी की कोर कमेटी ने नौ नगर निगमों के मेयर पद और नगर परिषद अध्यक्ष के लिए उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम निर्णय लिया। रोशनी खलखो चार फरवरी को और रमा खलखो तीन फरवरी को अपना नामांकन दाखिल करेंगी।

    प्रातिभाग में पूर्व मेयर की भूमिका

    कांग्रेस उम्मीदवार रमा खलखो पहले भी रांची की मेयर रह चुकी हैं। वहीं, रोशनी खलखो वार्ड पार्षद के रूप में कार्य कर चुकी हैं। उन्होंने झारखंड उच्च न्यायालय में समय पर नगर निकाय चुनाव कराने के लिए याचिका भी दायर की थी, जिसके बाद हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को जल्द चुनाव कराने का निर्देश दिया था।

    भाजपा के संभावित मेयर पद के उम्मीदवार

    रांची नगर निगम: रोशनी खलखो
    धनबाद नगर निगम: संजीव अग्रवाल
    देवघर नगर निगम: रीता चौरसिया
    आदित्यपुर नगर निगम: प्रभाषिणी कालुंडिया
    चास नगर निगम: अविनाश कुमार
    मानगो नगर निगम: बबीता सिंह
    मेदिनीनगर नगर निगम: अरुणा शंकर
    हजारीबाग नगर निगम: सुदेश चंद्रवंशी
    गिरिडीह नगर निगम: डॉ. शैलेंद्र चौधरी

    नगर परिषद अध्यक्ष पद के प्रत्याशी

    गढ़वा: कंचन जायसवाल
    दुमका: अमिता रक्षित
    लोहरदगा: अनिल उरांव
    चक्रधरपुर: विजय गगराई

  • डोकलाम और चीनी घुसपैठ पर राहुल गांधी के बयान पर लोकसभा में विवाद, राजनाथ ने पूछा- क्या है विश्वसनीयता

    डोकलाम और चीनी घुसपैठ पर राहुल गांधी के बयान पर लोकसभा में विवाद, राजनाथ ने पूछा- क्या है विश्वसनीयता

    संसद का बजट सत्र: राहुल गांधी का हंगामेदार बयान

    डेस्क: संसद का बजट सत्र 28 जनवरी को आरंभ हुआ। बजट सत्र के चौथे दिन राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान राहुल गांधी ने डोकलाम और चीन के साथ हुई घुसपैठ के मुद्दे को उठाया, जिससे सदन में जोरदार हंगामा हुआ। राहुल गांधी ने पूर्व आर्मी प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की पुस्तक का संदर्भ देते हुए कहा कि वास्तव में नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीन के साथ स्थिति गंभीर बनी हुई है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

    रक्षा मंत्री से विवादास्पद संवाद

    राहुल गांधी ने स्पष्ट किया, “कौन देशभक्त है और कौन नहीं, यह तब स्पष्ट होता है जब चीनी टैंक हमारे क्षेत्र में घुस आते हैं। जनरल नरवणे ने अपनी पुस्तक में लिखा है कि चीनी टैंक हमारी पोजिशन से कुछ सौ मीटर की दूरी पर थे।” इस पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह खड़े हुए और उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जिस पुस्तक की बात कर रहे हैं, वह प्रकाशित नहीं हुई है। राजनाथ ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने सदन को भ्रमित किया है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस पुस्तक का उल्लेख किया जा रहा है, वह उपलब्ध है या नहीं।

    स्पीकर का निर्देश और विपक्ष का रुख

    स्पीकर ओम बिरला ने सदन में बोलने का अधिकार को ध्यान में रखते हुए कहा कि नियमों का पालन करना आवश्यक है। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि यह पुस्तक सरकार छिपा रही है। इसके जवाब में अमित शाह ने कहा कि विवाद का कारण राहुल गांधी स्वयं बना रहे हैं। जिस पुस्तक की चर्चा हो रही है, वह जनता के सामने नहीं आई है।

    विपक्ष की चिंता और संवेदनशीलता

    तेजस्वी यादव व्हीलचेयर पर विधानसभा में पहुंचे, जहां NEET छात्रा मामले पर हंगामा हुआ। अखिलेश यादव ने चीन के मुद्दे को संवेदनशील बताते हुए कहा कि यदि विपक्ष के नेता के पास कोई सुझाव है जो देशहित में है, तो उसे साझा करना चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री ने इस दौरान कहा कि सदन में शांति बनाए रखना आवश्यक है और मनमानी नहीं चलनी चाहिए।

    संसद में नियमों का पालन

    संसद में हंगामे के बीच, वेणुगोपाल ने रूल 349 पढ़कर सदस्यता के अधिकारों के बारे में बताया। अमित शाह ने इसपर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सदन में जो कुछ कहा गया, वह सत्य नहीं था। सदन के संचालन को सुचारू रखकर सभी को अपने विचार रखने का उचित अवसर दिया जाना चाहिए।

  • सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्रीय बजट पर व्यंग्य किया, कहा ऐसा लगा जैसे अमेरिकी राष्ट्रपति आकर बजट पढ़ेंगे

    सुप्रिया श्रीनेत ने केंद्रीय बजट पर व्यंग्य किया, कहा ऐसा लगा जैसे अमेरिकी राष्ट्रपति आकर बजट पढ़ेंगे

    बजट पर कांग्रेस की तीखी प्रतिक्रिया

    नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट पर कांग्रेस पार्टी ने आलोचना की है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने इस बजट के संदर्भ में कहा कि उन्होंने वित्त मंत्री के भाषण में कुछ बुनियादी मुद्दों को देखने की उम्मीद की थी, लेकिन उन्हें निराशा हाथ लगी। उनके अनुसार, सभी प्रमुख आर्थिक नीतियों का निर्णय अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के माध्यम से हो रहा है, जिससे आशंका थी कि शायद वह खुद इस बजट को देखेंगे।

    नौकरियों और विकास के अवसरों की कमी

    सुप्रिया श्रीनेत ने वित्त मंत्री के 1.5 घंटे के भाषण में रुपये और FDI की चर्चा न होने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बजट को बाजार ने नकार दिया है, और रोजगार सृजन, मैन्यूफैक्चरिंग तथा किसानों के लिए इसमें कोई ठोस योजना नहीं है। उनका कहना था कि प्रस्तुत आंकड़े केवल कटौतियों के आधार पर तैयार किए गए हैं और यह आर्थिक मंदी का प्रमाण हैं।

    कटौतियों का आंकड़ा

    सुप्रिया श्रीनेत ने बजट में विभिन्न क्षेत्रों में की गई कटौतियों का जिक्र करते हुए बताया कि राजस्व प्राप्तियों में 78,086 करोड़ रुपये की कमी आई है। इसके अतिरिक्त, कुल खर्च में 1,00,503 करोड़ रुपये की कटौती, पूंजीगत खर्च में 1,44,376 करोड़, स्वास्थ्य में 3,686 करोड़, शिक्षा में 6,701 करोड़, और कृषि क्षेत्र में 6,985 करोड़ रुपये की कटौती की गई है। ग्रामीण और शहरी विकास के लिए बजट में क्रमशः 53,067 करोड़ और 39,573 करोड़ की कमी आई है। प्रधानमंत्री आवास योजना और जल जीवन मिशन के लिए भी बजट में कटौती की गई है।

    पटना में जहाज मरम्मत केंद्र की स्थापना

    पटना। गंगा नदी के किनारे दीघा क्षेत्र में 300 करोड़ रुपये की लागत से जहाज मरम्मत केंद्र स्थापित किया जाएगा। केंद्रीय बजट में इसकी घोषणा के बाद यह योजना अब कार्यान्वयन की दिशा में बढ़ रही है। राज्य सरकार इस केंद्र के लिए आवश्यक पहलुओं पर काम कर रही है।

  • हेमंत सोरेन ने आदिवासी महासभा में हेमंता बिस्व सरमा को चुनौती दी

    हेमंत सोरेन ने आदिवासी महासभा में हेमंता बिस्व सरमा को चुनौती दी

    आदिवासी महासभा में बोले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन

    रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम के तिनसुकिया में रविवार को आयोजित आदिवासी महासभा को संबोधित किया। इस कार्यक्रम में शामिल होने वालों में झारखंड सरकार के मंत्री चमड़ा लिंडा, सांसद विजय हांसदा और विधायक एमटी राजा भी उपस्थित थे। सभा का आयोजन असम आदिवासी स्टूडेंट एसोसिएशन द्वारा किया गया था।

    हेमंत सोरेन का जोशपूर्ण संबोधन

    हेमंत सोरेन ने सभा में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए आदिवासी समुदाय के लिए एकजुटता का संदेश दिया। उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हेमंता बिस्व सरमा पर प्रहार करते हुए कहा कि राज्य में आदिवासी समुदाय को विभाजित किया गया है, और प्रवासी आदिवासियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि एसटी और टी ट्राइब के नाम पर समाज को बांटने का काम किया जा रहा है।

    भविष्य के चुनावों की चर्चा

    मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि असम में आगामी विधानसभा चुनावों में जनता सत्ता से हिसाब लेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव कब होगा, यह किसी को नहीं पता, लेकिन जो सत्ताधारी हैं, उन्हें इस बारे में जानकारी होती है। सोरेन ने असम में प्रवासी लोगों के साथ हो रहे अन्याय की भी चर्चा की।

    सभा का महत्व और चुनावी रणनीति

    आदिवासी महासभा के समाप्त होने के बाद, वहां मौजूद लोगों ने “हेमंत सोरेन जिंदाबाद” और “आदिवासी समाज का नेता कैसा हो, हेमंत सोरेन जैसा हो” के नारे लगाए। यह माना जा रहा है कि हेमंत सोरेन इस साल के अंत में होने वाले असम विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार को उतारेंगे। इस सभा के माध्यम से उन्होंने अपने चुनावी अभियान की शुरुआत की है। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने असम विधानसभा चुनाव के लिए रणनीतियाँ बनानी शुरू कर दी हैं।

  • नवजोत कौर सिद्धू का बयान: मैं आज भी गौ-मूत्र से स्नान करती हूं

    नवजोत कौर सिद्धू का बयान: मैं आज भी गौ-मूत्र से स्नान करती हूं

    नवजोत कौर सिद्धू का गौमूत्र पर विश्वास

    नई दिल्ली। पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने हाल ही में कथावाचक अनिरुद्धाचार्य से बातचीत के दौरान यह दावा किया कि वह रोजाना गौमूत्र से स्नान और उसका सेवन करती हैं। अनिरुद्धाचार्य के अनुसार, गौमूत्र ने नवजोत कौर को कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से उबरने में सहायता प्रदान की।

    गौमूत्र का दैनिक उपयोग

    वीडियो में नवजोत कौर ने पुष्टि की कि वह अपने घर में हमेशा गौमूत्र रखती हैं। अनिरुद्धाचार्य ने बताया कि कैंसर के चौथे चरण में होने के बावजूद, आयुर्वेद और गौमूत्र के माध्यम से वह पूर्णतः स्वस्थ हो गईं।

    गौमूत्र का महत्व

    अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि लोग गौ माता और गौ मूत्र का मजाक बनाते हैं, जबकि नवजोत कौर ने कैंसर जैसी बीमारी को मात दी है। उन्होंने बताया कि कई बार कहा गया है कि अगर किसी को कैंसर जैसी बीमारी हो जाए, तो उन्हें यूट्यूब पर उपलब्ध डाइट की जानकारी जरूर देखनी चाहिए, जिससे वे इस बीमारी को हराने में सक्षम हो सकें।

    समाज के लिए प्रेरणा

    अनिरुद्धाचार्य ने यह भी उल्लेख किया कि गौ मूत्र को अपमानित करने के बजाय उसका सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नवजोत कौर समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और उन्होंने अपनी स्वास्थ्य समस्याओं पर विजय प्राप्त की है।

  • कांग्रेस ने पीएम मोदी के एपस्टीन फाइल्स में नाम को बताया शर्मनाक, विदेश मंत्रालय ने कहा ‘अपमानजनक आरोप’

    कांग्रेस ने पीएम मोदी के एपस्टीन फाइल्स में नाम को बताया शर्मनाक, विदेश मंत्रालय ने कहा ‘अपमानजनक आरोप’

    एपस्टीन फाइल्स में प्रधानमंत्री मोदी का नाम, कांग्रेस ने इसे राष्ट्रीय शर्म बताया

    हाल ही में जारी किए गए एपस्टीन फाइल्स के नए दस्तावेजों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम चर्चा में आ गया है। इन दस्तावेजों के अनुसार, पीएम मोदी ने विवादास्पद यौन शोषण अपराधी जेफ्री एपस्टीन से सलाह ली थी। इस मामले पर कांग्रेस पार्टी ने शनिवार को जोरदार प्रतिक्रिया जताई, इसे राष्ट्रीय शर्म करार दिया।

    कांग्रेस का आरोप

    कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इन दस्तावेजों का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने एपस्टीन की सलाह पर इजराइल में ‘नाचने और गाने’ का काम किया, जो अमेरिकी राष्ट्रपति के फायदे के लिए था। खेड़ा ने इसे पारदर्शिता और कूटनीतिक गरिमा पर गंभीर सवाल उठाते हुए बताया कि यह प्रधानमंत्री और एपस्टीन के बीच एक ‘सीधा अस्पष्ट संबंध’ दर्शाता है।

    विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया

    इस बीच, भारतीय विदेश मंत्रालय ने पीएम मोदी के नाम से जुड़े आरोपों का खंडन करते हुए इसे निराधार बताया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि जुलाई 2017 में प्रधानमंत्री की इजराइल यात्रा के संदर्भ में जो बातें कही गई हैं, वे पूरी तरह बकवास हैं। उन्होंने इसे नजरअंदाज करने की सलाह दी।

    राजनीतिक विवाद का विस्तार

    कांग्रेस का यह आरोप ऐसे समय में आया है जब एपस्टीन से जुड़े कई दस्तावेज हाल के महीनों में सार्वजनिक किए गए हैं। इनमें विश्व नेताओं और विभिन्न हस्तियों के नामों का जिक्र है। हालाँकि, यह स्पष्ट नहीं है कि पीएम मोदी का नाम किस संदर्भ में आया है। प्रधानमंत्री कार्यालय या भारतीय जनता पार्टी ने अभी तक इस विषय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। यह विवाद राजनीतिक गलियारों में और गरमा सकता है।

    अंतरराष्ट्रीय विवाद

    एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और व्यवसायी बिल गेट्स के नाम भी शामिल हैं। एपस्टीन द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, ट्रंप का नाम भी विवादास्पद तरीकों से शामिल किया गया है। हालांकि, ट्रंप की टीम ने इन आरोपों को असत्य करार दिया है। बिल गेट्स पर भी निजी और विवादास्पद दावे किए गए हैं, जिनका वह खंडन कर रहे हैं।

    इन फाइल्स के प्रकाश में आने से कई उच्च प्रोफाइल व्यक्तियों के संबंधों पर सवाल उठ रहे हैं, जबकि इनके दावों की सत्यता अभी जांच का विषय है।

  • मध्य प्रदेश बीजेपी के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा का विदाई समारोह

    मध्य प्रदेश बीजेपी के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा का विदाई समारोह

    मध्यप्रदेश भाजपा में बड़ा बदलाव: हितानंद शर्मा का विदाई और संघ में वापसी

    इंदौर। मध्यप्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा की विदाई के साथ-साथ उनकी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में वापसी को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा है। भाजपा में ‘पर्दे के पीछे के चाणक्य’ के रूप में जाने जाने वाले हितानंद शर्मा को उनके संगठन महामंत्री के पद से हटाया गया है, जिसके बाद उन्हें संघ में नई जिम्मेदारी दी जा रही है।

    एक युग का अंत

    हितानंद शर्मा ने मध्यप्रदेश भाजपा के संगठन महामंत्री के रूप में एक दीर्घकालिक और सफल कार्यकाल पूरा किया है। उनकी विदाई को सामान्य रूप से संगठन के रोटेशन प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है, लेकिन इसके राजनीतिक निहितार्थ काफी गहरे हैं।

    चुनावी सफलता का श्रेय

    उनके कार्यकाल की सबसे प्रमुख उपलब्धि 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा की जबरदस्त जीत और 2024 के लोकसभा चुनाव में मध्यप्रदेश की सभी 29 सीटों पर ‘क्लीन स्वीप’ रहना था। उन्होंने बूथ स्तर पर संगठन को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    अनुशासन और समन्वय का उदाहरण

    हितानंद शर्मा को संघ और सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु माना जाता था। उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के साथ मिलकर अंतर्कलह को रोकने में अहम योगदान दिया।

    विदाई के कारण

    संघ की कार्यप्रणाली के अनुसार, प्रचारकों को एक निश्चित समय अवधि के बाद नई जिम्मेदारियां दी जाती हैं। चूंकि मध्यप्रदेश में निकट भविष्य में कोई प्रमुख चुनाव नहीं है, इसलिए संगठन का नया सत्र शुरू होने से पहले यह समय बदलाव के लिए उपयुक्त समझा गया है। उनके स्थान पर नए चेहरे को लाने की तैयारी चल रही है, जो ‘मिशन 2028’ (अगले विधानसभा चुनाव) की नींव रख सके।

    कार्यकाल की उपलब्धियां

    • बूथ विजय संकल्प: ‘बूथ जीता तो चुनाव जीता’ के मंत्र को उन्होंने असलियत में उतारा।
    • संगठन का विस्तार: कार्यकर्ताओं और वरिष्ठ नेताओं के बीच संवादहीनता को कम किया।
    • डिजिटल संगठन: मध्यप्रदेश भाजपा को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने में उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा।

    आज 31 जनवरी को क्षेत्र संघचालक ने इंदौर में एक बैठक में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिनमें सुरेंद्र मिश्रा, मुकेश त्यागी, हितानंद शर्मा, और ब्रजकिशोर भार्गव जैसे प्रचारकों को विभिन्न जिम्मेदारियां दी गई हैं।

  • तेजप्रताप यादव पर सरकारी बंगला खंडहर बनाने का आरोप, मंत्री बोले वस्तुएं गायब

    तेजप्रताप यादव पर सरकारी बंगला खंडहर बनाने का आरोप, मंत्री बोले वस्तुएं गायब

    तेजप्रताप यादव ने सरकारी आवास खाली किया, नया विवाद उत्पन्न

    पटना: पूर्व मंत्री और JJD अध्यक्ष तेजप्रताप यादव ने पटना में 26 एम स्टैंड रोड स्थित अपने सरकारी आवास को खाली कर दिया है। इसके बाद से यह मामला एक नए राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। नए आवंटी मंत्री लखेंद्र पासवान ने इस बंगले की जर्जर स्थिति को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वहां से फर्नीचर, बिजली के उपकरण, और अन्य सामग्रियां गायब हैं, जिसे उन्होंने सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग बताया है। इस मुद्दे की जांच के लिए भवन निर्माण विभाग को सूचित किया गया है। इसके अलावा, बंगले का भगवा रंग में रंगने का मुद्दा भी राजनीतिक चर्चाओं का हिस्सा बन गया है।

    लखेंद्र पासवान ने बंगले का दौरा किया

    शनिवार को मंत्री लखेंद्र पासवान ने जब बंगले का दौरा किया, तो उन्होंने वहां चल रहे मरम्मत के काम को देखा। बंगले की स्थिति देखकर मंत्री भावुक हो गए और कहा कि यह जगह खंडहर में बदल चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बंगले में न पंखा है, न बिजली के तार, न कुर्सी, टेबल या सोफा—कुल मिलाकर कुछ भी नहीं है।

    समुचित सुविधाओं की कमी

    लखेंद्र पासवान ने यह भी बताया कि जब उन्हें सरकारी आवास मिला था, तो सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध थीं। अब उन्हें नहीं पता कि तेजप्रताप यादव को सभी सुविधाएं मिली थीं या नहीं। फिलहाल, बंगले का काम जारी है और उम्मीद है कि एक या दो सप्ताह में यह तैयार हो जाएगा, जिसके बाद वे यहां शिफ्ट हो जाएंगे।

    चुनावी नतीजों का असर

    यह उल्लेखनीय है कि इस बार तेजप्रताप यादव को विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा, जिसके चलते उन्हें सरकारी बंगला उपलब्ध नहीं हुआ। उन्होंने 26 एम स्टैंड रोड का बंगला पहले ही खाली कर दिया था, जिसे अब लखेंद्र पासवान को आवंटित किया गया है।

  • NCP विलय की प्रक्रिया 12 फरवरी को निर्धारित, शरद-अजीत पवार की बैठक 17 जनवरी को हुई

    NCP विलय की प्रक्रिया 12 फरवरी को निर्धारित, शरद-अजीत पवार की बैठक 17 जनवरी को हुई

    महिलाओं के लिए एक नया अध्याय: सुनेत्रा पवार बन सकती हैं पहली महिला उप मुख्यमंत्री

    एनसीपी के प्रमुख और महाराष्ट्र के पूर्व उप मुख्यमंत्री अजीत पवार के निधन के बाद, उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार राज्य की पहली महिला उप मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले सकती हैं। इस संदर्भ में शरद पवार ने कहा कि उन्हें इस विषय की पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि यह तय करना पार्टी का मामला है।

    अजीत पवार का दुःखद निधन

    अजीत पवार की मौत एक विमान दुर्घटना में हुई, जिसमें उनके अलावा चार अन्य लोगों की भी जान चली गई। शरद पवार ने मीडिया के सवालों के जवाब देते हुए कहा, “यदि सुनेत्रा आज शपथ लेंगी, तो मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है। इस निर्णय का श्रेय उनके पार्टी के भीतर मौजूद नेताओं को जाता है।” नामों की चर्चा करते हुए उन्होंने प्रफुल पटेल और सुनील तटकरे को उद्धृत किया, जिनकी भूमिका संभावित रूप से महत्वपूर्ण होगी।

    एनसीपी का विलय: संभावनाओं का जिक्र

    शरद पवार ने Nationalist Congress Party (NCP) के विलय की प्रक्रिया पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि सभी पार्टियों की स्थिति को ध्यान में रखकर कोई निर्णय लिया जाए। पिछले कुछ महीनों से दोनों एनसीपी के एक होने की चर्चाएँ हो रही हैं। इस प्रक्रिया में अजित पवार और जयंत पाटिल की प्रमुख भूमिका रही है। हालांकि, क्या यह विलय संभव होगा, इस पर अभी कुछ कहना मुश्किल है।

    बैठक के महत्त्वपूर्ण विवरण

    हाल ही में बारामती के गोविंद बाग में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी, जिसमें शरद पवार और अजित पवार ने मिलकर चर्चा की थी। यह बैठक 17 जनवरी को आयोजित की गई थी, और 12 फरवरी को दोनों पार्टियों के विलय को लेकर अहम निर्णय लेना था। अजीत पवार की आकस्मिक मृत्यु के बाद, इस विलय के बारे में कोई स्पष्टता नहीं दिखाई दे रही है।

  • महाराष्ट्र: सुनेत्रा अजित पवार बनीं राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री

    महाराष्ट्र: सुनेत्रा अजित पवार बनीं राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री

    राकांपा में नई उप-मुख्यमंत्री की नियुक्ति

    मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा अजीत पवार) के भीतर हाल के घटनाक्रम के तहत, महाराष्ट्र के पूर्व उप-मुख्यमंत्री अजीत पवार की पत्नी, सुनेत्रा अजीत पवार, को सूबे की पहली महिला उप-मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्त करने का निर्णय लिया गया है। इस पर सुनेत्रा पवार ने अपनी सहमति प्रदान कर दी है।

    बैठक का आयोजन

    राकांपा (एपी) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने मीडिया को बताया कि पार्टी के विधायकों की बैठक शनिवार दोपहर दो बजे बुलाई गई है। इस बैठक में सभी प्रमुख नेता उपस्थित रहेंगे, जिसके बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सभी जानकारी दी जाएगी।

    राजनीतिक चर्चा

    पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, पूर्व उप-मुख्यमंत्री अजीत पवार और प्रफुल्ल पटेल के राजनीतिक सलाहकार नरेश अरोरा ने बारामती जाकर सुनेत्रा अजीत पवार और पार्थ पवार से मुलाकात की थी। इस बैठक के बाद प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, और पार्थ पवार के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा हुई। दोनों पक्ष इस निर्णय पर सहमत हुए हैं। नैश अरोरा बाद में मुंबई लौटेंगे और राकांपा एपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल से मुलाकात करेंगे।

    औपचारिक शपथ ग्रहण

    मंत्री माणिकराव कोकाटे ने यह पुष्टि की है कि विधायक दल की बैठक केवल औपचारिकता है, और सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री और राकांपा एपी का अध्यक्ष पद देना पार्टी के कार्यकर्ताओं की इच्छा है। पार्टी के सभी कार्यकर्ता सुनेत्रा पवार को समर्थन देने के लिए तैयार हैं।

    राकांपा एपी के कार्याध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ बैठक की और सुनील तटकरे ने राकांपा नेताओं के साथ एक सम्मेलन रखा। सभी विधायकों को शनिवार को मुंबई बुलाया गया है। 11 राकांपा विधायक दल की बैठक उसी दिन होगी, जिसके बाद शाम को राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।

  • कांग्रेस के पार्षदों को बस से अगवा करने का प्रयास, छह पर केस दर्ज

    कांग्रेस के पार्षदों को बस से अगवा करने का प्रयास, छह पर केस दर्ज

    चंद्रपुर में कांग्रेस पार्षदों का अपहरण प्रयास

    चंद्रपुर, महाराष्ट्र में गुरुवार को एक गंभीर घटना सामने आई है। यहां कुछ नकाबपोश लोगों ने हाल ही में चुनाव में विजयी हुए कांग्रेस पार्टी के पार्षदों को बस से अगवा करने का प्रयास किया। रिपोर्ट के अनुसार, ये पार्षद चंद्रपुर नगर निगम के नए सदस्य थे और नागपुर जाने की तैयारी कर रहे थे।

    घटनास्थल और पृष्ठभूमि

    यह घटना चंद्रपुर की एक बस में हुई, जहां पार्षदों को लक्षित करके यह कार्रवाई की गई। पार्षदों की सुरक्षा को खतरे में डालते हुए, हमलावरों ने उन्हें बस से बाहर निकालने की कोशिश की। इस घटना ने स्थानीय राजनीतिक माहौल में चिंता और आशंका पैदा कर दी है।

    पुलिस कार्रवाई

    सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की और इस मामले में आधा दर्जन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस का कहना है कि वे हमलावरों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश में जुटी हैं। इस प्रकार की घटनाएं स्थानीय चुनावी राजनीति की गंभीरता को दर्शाती हैं।

  • आज यदि लोकसभा चुनाव होते, तो BJP को कितनी सीटें मिलेंगी?

    आज यदि लोकसभा चुनाव होते, तो BJP को कितनी सीटें मिलेंगी?

    नई दिल्ली में चुनावी सर्वेक्षण परिणाम

    2024 में संपन्न लोकसभा चुनावों में एनडीए सरकार ने जीत हासिल की और लगातार तीसरी बार केंद्र में शासन स्थापित किया। हालांकि, भाजपा को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। हाल ही में इंडिया टुडे द्वारा प्रकाशित एक सर्वेक्षण से यह स्पष्ट हुआ है कि यदि आज चुनाव होते हैं, तो एनडीए सरकार को मजबूत जीत मिलने की संभावना है। इस सर्वे के अनुसार, भाजपा अपने बलबूते पर बहुमत की आंकड़े तक पहुंच सकती है, जबकि कांग्रेस के सीटों में कमी देखने को मिलेगी।

    सर्वेक्षण का ब्योरा

    यदि चुनाव आज होते हैं, तो भाजपा को 287, कांग्रेस को 80, और अन्य को 176 सीटें मिलने की उम्मीद जताई गई है। एनडीए के लिए यह आंकड़ा 352, जबकि इंडिया अलायंस के लिए 182 सीटें दी गई हैं। साथ ही, अन्य दलों को 9 सीटें मिलने का अनुमान है। इस सर्वेक्षण से यह भी पता चलता है कि जनता का समर्थन मोदी सरकार के प्रति अभी भी मजबूत बना हुआ है, जो कि 2024 के चुनाव की तुलना में और अधिक सुसंगत हो रहा है।

    सीटों का विस्तृत विभाजन

    किसे कितनी सीटें मिलेंगी:
    भाजपा: 287
    – कांग्रेस: 80
    – अन्य: 176

    एनडीए वर्सेज इंडिया अलायंस:
    – एनडीए: 352
    – इंडिया अलायंस: 182
    – अन्य: 9

    वोटों का अनुमानित वितरण

    सर्वे के अनुसार, एनडीए को 47% वोट मिलते हुए देखे जा रहे हैं, जबकि इंडिया अलायंस को 39% वोट मिलने की संभावना है। अन्य दलों के लिए 14% मत दिए जाने का अनुमान है।

    भाजपा की स्थिति और क्षेत्रीय चुनाव

    पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा को अपेक्षित लाभ नहीं मिला था, हालाँकि एनडीए की सरकार बनी थी। चुनावों के दौरान एनडीए ने 400 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखा था, लेकिन भाजपा बहुमत को प्राप्त नहीं कर पाई। हाल के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने कई राज्यों, जैसे कि बिहार, दिल्ली, और हरियाणा, में शानदार प्रदर्शन किया और महत्वपूर्ण जीत हासिल की। महाराष्ट्र में भी भाजपा ने पहले से अधिक सीटें जीतकर सरकार बनाई है।