श्रेणी: Crime

  • अतीक-अशरफ के कातिलों का है पुराना क्राइम रिकॉर्ड

    अतीक-अशरफ के कातिलों का है पुराना क्राइम रिकॉर्ड


    मीडियाकर्मी बनकर आये थे हमलावर

    प्रयागराज। गांडीव रिपोर्टर
    माफिया अतीक अहमद और अशरफ की हत्या करने वाले तीनों अपराधियों का क्रिमिनल बैकग्राउंड है। मीडियाकर्मी बनकर घटनास्थल पर पहुंचे ये तीनों यूपी के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं। अतीक हत्याकांड में शामिल सनी हमीरपुर, अरुण उर्फ कालिया कासगंज और लवलेश तिवारी बांदा जिले का रहने वाला है। इन तीनों हमलावरों की माली हालत अच्छी नहीं है। ऐसे में सवाल उठता है कि इनके पास टर्की मेड महंगी जिगाला पिस्टल कहां से आ गयी। यह पिस्टल इंडिया में बैन है।


    सनी सिंह के खिलाफ पहले से दर्ज है 15 केस: सनी सिंह हमीरपुर जिले के कुरारा कस्बे का रहने वाला है। वो कुरारा पुलिस थाने का हिस्ट्रीशीटर है, जिसकी हिस्ट्रीशीट नंबर 281ए है। उसके खिलाफ करीब 15 केस दर्ज हैं। उसके भाई पिंटू ने बताया कि वो बीते 10 साल से अपने घर नहीं आया है। सनी के पिता जगत सिंह और मां की मौत हो चुकी है। सनी के तीन भाई थे, जिनमें से एक की मौत हो चुकी है और दूसरा भाई पिंटू घर पर रहता है और चाय की दुकान चलाता है। भाई ने बताया कि वह ऐसे ही घूमता-फिरता रहता था और फालतू के काम करता रहता था। हम उससे अलग रहते हैं, वो बचपन में ही घर से भाग गया था।

  • बिग ब्रेकिंग : अतीक अहमद और अशरफ की हत्या

    बिग ब्रेकिंग : अतीक अहमद और अशरफ की हत्या

    प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल के पास ये हमला तब हुआ, जब पुलिस टीम अतीक और अहमद को लेकर जा रही थी. इसी दौरान तीन हमलावर अचानक बीच में पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने हमलावरों को मौके से दबोच लिया है. इस पूरे हमले को बकायदा मीडिया और पुलिस के सामने अंजाम दिया गया है. दोनों पर जब फायरिंग हुई, पूरी वारदात कैमरे में भी कैद हुई है.

    अतीक अहमद को मेडिकल के लिए ले जा रही पुलिस की गाड़ी पर हमला हुआ है. पुलिस की गाड़ियों पर फायरिंग की गई है. इस हमले में अतीक और अशरफ की मौत हो गई है. मेडिकल कॉलेज के पास अतीक अहमद और अशरफ की हत्या की गई है. जिस वक्त ये हमला हुआ उस वक्त दोनों को जांच के लिए ले जाया जा रहा था. दोनों के शवों को मेडकल कॉलेज के अंदर ले जाया गया है. मौके पर जय श्रीराम के नारे जरूर सुने गए हैं. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

    जानकारी के मुताबिक प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल के पास ये हमला तब हुआ, जब पुलिस टीम अतीक और अहमद को लेकर जा रही थी. इसी दौरान तीन हमलावर अचानक बीच में पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने हमलावरों को मौके से दबोच लिया है. इस पूरे हमले को बकायदा मीडिया और पुलिस के सामने अंजाम दिया गया है. दोनों पर जब फायरिंग हुई, पूरी वारदात कैमरे में भी कैद हुई है. इस हमले में एक पुलिस कांस्टेबल भी घायल हुआ है, जिसका नाम मान सिंह है. उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है.

    इस दौरान हैरान करने वाली बात यह रही कि सभी हमलावरों ने मौके से भागने का प्रयास नहीं किया, बल्कि जय श्रीराम के नारे लगाते हुए पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. सूचना मिलते ही भारी पुलिसबल भी मौके पर पहुंचा है. पुलिस ने मौके पर घेराबंदी कर दी है. बता दें कि इससे पहले गुरुवार को यूपी के झांसी में यूपी एसटीएफ (UP STF) ने अतीक अहमद के बेटे असद (Asad) का एनकाउंटर कर दिया था. इसी के साथ शूटर गुलाम को भी ढेर किया गया था. एसटीएफ की टीम पिछले डेढ़ महीने से असद अहमद और गुलाम को ट्रेस कर रही थी. यह एनकाउंटर यूपी एसटीएफ के डिप्टी एसपी नवेंदु और डिप्टी एसपी विमल की अगुवाई में हुआ था. असद पर पांच लाख का इनाम था. Asad और शूटर मो. गुलाम के पास से एक ब्रिटिश Bull Dog Revolver और Walhther Pistol बरामद की गई थी.

  • मोतिहारी में जहरीली शराब से 16 की मौत

    मोतिहारी में जहरीली शराब से 16 की मौत


    परिजन बोले : खेत में हुई थी शराब पार्टी
    प्रशासन बोला : फूड पॉइजनिंग से गई जान


    मोतिहारी। मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से 16 लोगों की मौत हो गयी है। जिले के तुरकौलिया, हरसिद्धी और पहाड़पुर में शुक्रवार को दो मौतें हुईं थी। लोगों ने जहरीली शराब कारण बताया, लेकिन प्रशासन डायरिया बताता रहा। इनका पोस्टमार्टम नहीं हुआ। फिर शनिवार दोपहर तक 16 लोगों की मौतें हो गईं। मरने वालों की उम्र 19 से 48 साल के बीच की है। इनमें सबसे अधिक तुरकौलिया से 11, हरसिद्धी से 3 और पहाड़पुर से 2 लोगों की मौत हुई है।

    मृतकों के परिजनों का कहना है कि गुरुवार शाम गेहूं की फसल काटने के बाद खेत में शराब पार्टी हुई थी। रात में घर आकर सो गए। सुबह कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। अस्पताल में पहले पिता-पुत्र ने दम तोड़ा। इसके बाद प्रशासन ने गांव में मेडिकल टीम भेजी। शनिवार सुबह तक प्रशासन डायरिया और फूड प्वाइजनिंग पर डटा रहा।
    इधर, लोग मर रहे हैं और पोस्टमार्टम बगैर परिवार वालों ने 7 लाशों को जला दिया। 12 लोग गंभीर है, उनके बारे में कोई जानकारी खुलकर नहीं आ रही है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इधर, मामला गंभीर होते देख पुलिस मुख्यालय ने मोतिहारी एसपी को जांच का निर्देश दिया है। पटना से मद्य निषेध विभाग की एक स्पेशल टीम मोतीहारी जा रही है।

    गेहूं की फसल काटने के बाद शराब पी थी

    मृत छोटू कुमार की बहन प्रतिमा कुमारी ने बताया कि गुरुवार को वह काम करने बालगंगा गांव गया था। गेहूं की फसल काटने के बाद ध्रुप पासवान भी उसके साथ ही काम करने गया। शाम में ध्रुप पासवान ने उसे शराब पिला दी। यहां पर कुल 6 लोग शराब पार्टी की थी। इसमें से 4 की मौत हो गई। इनमें ध्रुप पासवान भी शामिल था। वहीं मृत अशोक कुमार की बेटी शोभा ने कहा कि पिताजी ने भी शुक्रवार शाम को शराब पी थी। घर आए तो रात में एक रोटी खाकर सो गए। कहा-सिर बहुत दर्द कर रहा, आराम से सोने दो। शुक्रवार सुबह उनकी तबीयत बिगड़ी गई। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

    इन लोगों की गई जान :
    पहाड़पुर इलाका
    टुनटुन सिंह
    भूटन माझी
    हरसिद्धी इलाका
    सोना लाल पटेल
    परमेंद्र दास
    नवल दास
    तुरकौलिया इलाका
    रामेश्वर राम
    ध्रुप पासवान
    अशोक पासवान
    छोटू कुमार
    जोखू सिंह
    अभिषेक यादव
    ध्रुप यादव
    मैनेजर सहनी
    लक्षण माझी
    नरेश पासवान
    मनोहर यादव

  • बेटे असद के जनाजे में अतीक का शामिल हो पाना मुश्किल

    बेटे असद के जनाजे में अतीक का शामिल हो पाना मुश्किल

    अतीक अहमद के बेटे असद और शूटर गुलाम का गुरुवार की दोपहर यूपी एसटीएफ ने एनकाउंटर कर दिया. एसटीएफ की झांसी के पारीछा डैम के पास असद और गुलाम से मुठभेड़ हुई, जिसमें दोनों मारे गए. उमेश पाल मर्डर केस में ही दोनों वांछित अपराधी थे, जिनके ऊपर यूपी पुलिस ने 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया था.

    अतीक अहमद के बेटे असद और शूटर गुलाम का गुरुवार की दोपहर यूपी एसटीएफ ने एनकाउंटर कर दिया. एसटीएफ की झांसी के पारीछा डैम के पास असद और गुलाम से मुठभेड़ हुई, जिसमें दोनों मारे गए. उमेश पाल मर्डर केस में ही दोनों वांछित अपराधी थे, जिनके ऊपर यूपी पुलिस ने 5-5 लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया था. उमेश पाल 2005 में हुए राजू पाल मर्डर केस के मुख्य गवाह थे.

    उमेश पाल की 24 फरवरी को प्रयागराज में दिनदहाड़े हत्या कर दी गई थी. माना जा रहा है कि असद के शव को देखने के लिए अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन पहुंच सकती हैं. ऐसे में उसके सरेंडर की भी चर्चा है. शाइस्ता पर 50 हजार का इनाम है. शाइस्ता वेश बदलकर जनाजे में शामिल हो सकती है. पुलिस ने शाइस्ता की गिरफ्तारी के लिए तैयारी कर ली है. उस पर नजर रखने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को सादा वर्दी में तैनात करने की तैयारी है. उधर, अतीक अहमद ने पुलिस को दिए बयान में मान लिया है कि उसने ही जेल से उमेश पाल के हत्याकांड की साजिश रची थी.

    असद का शव अतीक के पुस्तैनी घर में रखा जाएगा

    असद के शव को अतीक के पुस्तैनी घर के आगे कसारी-मसारी के कब्रिस्तान और गुलाम को तेलियरगंज के कब्रिस्तान में भारी सुरक्षा के बीच सुपुर्दे खाक कर दिया जाएगा. असद के शव को पहले घर पर रखा जाएगा उसके बाद उसका जनाज़ा भारी भीड़ के साथ कसारी मसारी के कब्रिस्तान ले जाया जाएगा. इस कब्रिस्तान में अतीक के पिता हाजी फ़िरोज़ अहमद और उसकी मां की भी कब्र है. उसी कब्र के नज़दीक असद के शव को दफन किया जाएगा. लोगों की भीड़ इकट्ठा ना हो इसके लिए चकिया इलाके के आसपास और कब्रिस्तान के नजदीक बैरिकेडिंग की गई है.

    पुलिस ने रात में ही शुरू की बैरिकेडिंग

    अतीक अहमद के बेटे असद और गुलाम के शवों को भारी सुरक्षा के बीच झांसी से प्रयागराज रवाना किया गया. करीब 25 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में असद और गुलाम के शव को प्रयागराज लाया जा रहा है. आज प्रयागराज में धूमनगंज के कसारी मसारी कब्रिस्तान में असद को दफन किया जाएगा. पुलिस ने चकिया तिराहे से कब्रिस्तान तक बैरिकेडिंग के लिए रात से ही तैयारी शुरू कर दी थी. इन तैयारियों के बावजूद असद के जनाजे में अतीक के शामिल होने पर सस्पेंस अभी भी बना है. अतीक ने इसके लिए कोर्ट में अर्जी दी है जिसपर आज सुनवाई है.

    अतीक की याचिका पर आज होगी सुनवाई

    अतीक अहमद ने असद के जनाजे में शामिल होने के लिए अतीक की अर्जी पर कोर्ट में आज सुनवाई होगी. अतीक ने पिता के रूप में असद के जनाजे में शामिल होने के लिए अर्जी दी है. अतीक के वकीलों ने बताया कि 14 अप्रैल को अवकाश होने की वजह से बेंच को इस मामले में सुनवाई का अधिकार नहीं था. इसलिए आज इस पर सुनवाई होगी. वकीलों की ओर से बताया गया कि जब अतीक के पिता फिरोज अहमद की मौत हुई थी, उस समय भी अतीक जेल में ही बंद था और उन्हें पिता के जनाजे में शामिल होने के लिए अनुमति दी गई थी.

    असद का शव देखने पहुंच सकती है अतीक की पत्नी

    पुलिस को इनपुट मिले हैं कि असद के शव को देखने के लिए अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन पहुंच सकती हैं. ऐसे में उसके सरेंडर की भी चर्चा है. शाइस्ता पर 50 हजार का इनाम है. शाइस्ता वेश बदलकर जनाजे में शामिल हो सकती है. पुलिस ने शाइस्ता की गिरफ्तारी के लिए तैयारी कर ली है. उस पर नजर रखने के लिए महिला पुलिसकर्मियों को सादा वर्दी में तैनात करने की तैयारी है. उधर, अतीक अहमद ने पुलिस को दिए बयान में मान लिया है कि उसने ही जेल से उमेश पाल के हत्याकांड की साजिश रची थी.

    देर रात प्रयागराज से शव रवाना किए गए

    पोस्टमार्टम के 24 घंटे बाद आज रात करीब डेढ़ बजे झांसी से दोनों की बॉडी प्रयागराज लाया जा रहा है. दो वाहनों में असद और गुलाम की बॉडी को ले जाया जा रहा है. इस दौरान सुरक्षा के लिहाज से पुलिस की गाड़ियां भी शव वाहन के साथ चल रही हैं. असद और शूटर गुलाम के शव परिजनों के बजाय रिश्तेदारों को सौंपे गए हैं. पुलिस का कहना है कानून व्यवस्था न बिगड़े, इसलिए सुरक्षा व्यवस्था की गई है.

    असद और गुलाम के शव परिजनों को सौंपे गए

    माफिया अतीक अहमद के बेटे असद और उसके गुलाम की बॉडी को उनके रिश्तेदारों को सौंप दिया गया है. जानकारी के मुताबिक दोनों की बॉडी को प्रयागराज ले जाया जा रहा है. प्रयागराज के कसारी-मसारी इलाके में मौजूद कब्रिस्तान में अतीक के बेटे असद की कब्र खोदी गई है. अतीक के माता-पिता की कब्र के पास ही बेटे असद को भी दफनाया जाएगा.

  • ‘अल्लाह की देन था, अल्लाह ने ले लिया…’ : अतीक का भाई अशरफ

    ‘अल्लाह की देन था, अल्लाह ने ले लिया…’ : अतीक का भाई अशरफ

    माफिया अतीक और उसके भाई अशरफ से पूछताछ में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं. पुलिस दोनों को अलग-अलग में गाड़ियों में लेकर प्रयागराज के पूरामुफ्ती थाने पहुंची. इसके बाद दोनों को मेडिकल जांच के लिए मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय ले जाया गया. इस दौरान असद के एनकाउंटर के सवाल पर अतीक बिना कुछ जवाब दिए अंदर चला गया.

    उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ से पूछताछ में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं. पुलिस माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को अलग-अलग गाड़ियों में लेकर प्रयागराज के पूरामुफ्ती थाने पहुंची. इसके बाद दोनों को मेडिकल जांच के लिए मोतीलाल नेहरू मंडलीय चिकित्सालय ले जाया गया.

    इस दौरान एनकाउंटर में मारे गए बेटे असद के सवाल पर अतीक बिना कुछ जवाब दिए अंदर चला गया. मेडिकल जांच के बाद यहां से पुलिस दोनों को एक ही गाड़ी बैठाकर धूमनगंज थाने वापस ले गई. यहां असद को लेकर मीडिया द्वारा किए गए सवाल पर अशरफ ने जवाब दिया. उसने कहा कि वो अल्लाह की देन था, अल्लाह ने ले लिया. इस दौरान उसके चेहरे पर भतीजे असद को खोने का गम साफ दिखाई दे रहा था.

    उधर, अतीक के मददगारों पर पुलिस तेजी से शिकंजा कस रही है. ये बात सामने आई है कि फतेहपुर में माफिया अतीक के करीबियों के यहां छापेमारी भी चल रही है. उमेश पाल हत्याकांड में इस्तेमाल किए गए असलहों के संबंध में फतेहपुर के पनी और चौधराना इलाके के दर्जनों घरों में कार्रवाई जारी है. माफिया अतीक के तीन करीबियों को हिरासत में भी लिया गया है, जिनसे पुलिस असलहों के बारे में जानकारी जुटा रही है. सूत्रों के मुताबिक, हिरासत में लिए गए अतीक के करीबियों से पुलिस माफिया और उसके भाई से सामना कराएगी.

  • दिल्ली की तिहाड़ जेल में चाकूबाजी: 1 की हत्या, 3 कैदी घायल

    दिल्ली की तिहाड़ जेल में चाकूबाजी: 1 की हत्या, 3 कैदी घायल

    दिल्ली की तिहाड़ जेल में चाकूबाजी की घटना सामने आई है। तिहाड़ जेल संख्या-3 में प्रिंस तेवतिया नाम के कैदी की चाकू घोंपकर हत्या कर दी गई। वहीं, चाकूबाजी में तीन कैदी घायल हो गए हैं। पुलिस ने बताया कि घायल कैदियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    दिल्ली पुलिस की एक टीम तिहाड़ जेल में पहुंची है और जांच कर रही है। पुलिस की निगरानी में कैदियों का इलाज किया जा रहा है। गैंगस्टर प्रिंस तेवतिया दिसंबर में ही तिहाड़ जेल पहुंचा था। इसका गिरोह दक्षिणी दिल्ली में सक्रिय है। इस पर लगभग 16 मामले दर्ज हैं। प्रिंस तेवतिया की हत्या का आरोप रोहित चौधरी गैंग पर लगा है। मृतक के शव को डीडीयू अस्पताल ले जाया गया।

    बता दें कि चाकूबाजी लगभग पांच बजे हुआ है। जेल सूत्रों के अनुसार, दो गुटों में किसी बात को लेकर मारपीट हुई थी। इस दौरान कैदियों के गुटों ने चाकू से वार किया था। जिसमें प्रिंस तेवतिया पर कई वार किए गए थे। चार कैदी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। जिन्हें डीडीयू अस्पताल ले जाया गया, जहां प्रिंस तेवतिया को मृत घोषित कर दिया।

    सूत्रों के अनुसार, प्रिंस ने पहले अब्दुर रहमान नामक कैदी पर वार किया, जिसके बाद अब्दुर रहमान और प्रिंस बाद में दोनों के साथियों के बीच भिड़ंत हुई। इस दौरान सुआ और चाकू से एक-दूसरे के गुट पर जमकर प्रहार किया गया।

    तिहाड़ के जेल नंबर-3 में कैदियों के पास से कर्मचारियों ने प्रतिबंधित सामग्री बरामद हुई थी। कैदियों की गतिविधियों पर शक होने के कारण कर्मचारियों ने जब उनकी तलाशी ली तो एक कैदी के पास से सर्जिकल ब्लेड, ड्रग्स, मोबाइल फोन, सिम कार्ड बरामद हुआ।

  • अतीक अहमद और अशरफ को अलग-अलग गाड़ियों में कहां ले जा रही है यूपी पुलिस ?

    अतीक अहमद और अशरफ को अलग-अलग गाड़ियों में कहां ले जा रही है यूपी पुलिस ?

    दोनों भाइयों को अलग-अलग गाड़ी में बैठाया गया.

    उमेश पाल हत्याकांड की जांच में जुटी यूपी पुलिस अतीक अहमद (Atiq Ahmed) और उसके भाई अशरफ को कौशांबी लेकर पहुंची है. ये पूरी कार्रवाई उमेश पाल मर्डर केस में हो रही है. दोनों भाइयों को अलग-अलग गाड़ी में बैठाया गया था. प्रयागराज पुलिस दोनों को कौशांबी के पुरामुफ्ती थाने लेकर आई है. इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, अतीक के शार्प शूटर अब्दुल कवि के ठिकानों से भी पुलिस को काफी हथियार मिले थे. अब्दुल कौशांबी का ही रहने वाला है. विधायक राजूपाल हत्याकांड में वांटेड अब्दुल कवि ने 5 अप्रैल को CBI कोर्ट में सरेंडर किया था.

    खबर है कि अतीक अहमद और उसके भाई को पुलिस फतेहपुर भी लेकर जा सकती है. इंडिया टुडे से जुड़े समर्थ श्रीवास्तव की रिपोर्ट के मुताबिक, यूपी पुलिस ने फतेहपुर में अतीक अहमद के करीबियों के यहां छापेमारी की है. ये छापेमारी उमेश पाल मर्डर में इस्तेमाल हथियारों की खोजबीन के लिए की गई है. 13 अप्रैल को प्रयागराज कोर्ट ने अतीक और उसके भाई को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा था. पुलिस दोनों से उमेश पाल हत्याकांड को लेकर पूछताछ करने वाली है.

    यूपी पुलिस ने फतेहपुर में अतीक के तीन करीबियों को भी हिरासत में लिया है. पुलिस ने फतेहपुर के पनी और चौधराना इलाके में कई घरों में छापेमारी की है. सूत्रों ने बताया कि हिरासत में लिए गए तीन लोगों को अतीक और अशरफ के सामने लाया जाएगा. फिर पूछताछ की जाएगी.

    26 अप्रैल तक यूपी में रहेगा अतीक

    उमेश पाल अपहरण मामले में अतीक अहमद को उम्रकैद की सजा हो चुकी है. 28 मार्च को कोर्ट ने अतीक के भाई अशरफ अहमद सहित सात आरोपियों को आरोपों से मुक्त कर दिया है. 13 अप्रैल को उमेश पाल हत्याकांड केस में कोर्ट में उसे पेश किया गया था. साथ ही उसके भाई खालिद आजिम उर्फ अशरफ की भी पेशी थी. मर्डर केस में अशरफ सहित अतीक के परिवार के कई सदस्य आरोपी हैं. 13 अप्रैल को ही अतीक के बेटे असद अहमद की पुलिस एनकाउंटर में मौत हो गई. यूपी पुलिस ने दावा किया कि झांसी में असद और उसके सहयोगी गुलाम को एनकाउंटर में मार दिया गया. 24 फरवरी से यूपी पुलिस असद की तलाश कर रही थी.

    अतीक और अशरफ को 26 अप्रैल तक प्रयागराज की नैनी जेल में रखा जाएगा. रिमांड खत्म होने के बाद अशरफ को बरेली जेल में और अतीक को साबरमती जेल में सुरक्षित पहुंचाया जाएगा.

  • नक्सली बंद का राज्य के पश्चिमी जिलों में मिलाजुला असर, वाहन परिचालन प्रभा वित

    नक्सली बंद का राज्य के पश्चिमी जिलों में मिलाजुला असर, वाहन परिचालन प्रभा वित


    शहरी क्षेत्रों में जनजीवन सामान्य रहा, सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में बंद, पुलिस अलर्ट मोड पर

    चतरा। लावालौंग में मुठभेड़ के दौरान पांच नक्सलियों के मारे जाने के विरोध में भाकपा माओवादी संगठन ने आज और कल 15 अप्रैल को पश्चिमी झारखंड और दक्षिणी बिहार बंद की घोषणा की है। नक्सली बंद के कारण कई जिलों में वाहनों के परिचालन प्रभावित हुई है। पश्चिमी झारखंड में चतरा, लोहरदगा, लातेहार और गुमला जिला में इस बंदी का प्रभाव देखा जा रहा है। नक्सल बंद को देखते हुए पुलिस मुख्यालय की ओर से इन जिलों को अलर्ट किया गया है। पुलिस अलर्ट मोड पर है और पूरी चौकसी बरती जा रही है। हालांकि, इस बंद से प्रेस, दूध और एंबुलेंस वाहन को मुक्त रखा गया है। उधर, दक्षिणी बिहार के जिलों जिसमें गया, औरंगाबाद, नवादा, जमुई, बांका तथा मुंगेर में भी इस बंद का असर देखा गया। दो दिवसीय बंद को लेकर नक्सली संगठन द्वारा गया के रौशनगंज थाना क्षेत्र में बिहार-झारखंड रिजनल कमेटी की ओर से पर्चा चिपकाया गया। भाकपा-माओवादी नक्सली संगठन ने गया के बांकेबाजार और रोशनगंज थाना क्षेत्र में बुधवार को एक पोस्टर चिपकाया था। इसी पोस्टर के माध्यम से नक्सलियों ने 14 और 15 अप्रैल को दक्षिण बिहार और पश्चिम झारखंड में दो दिवसीय बंद का आह्वान किया था। पोस्टर में झारखंड के चतरा के लावालौंग थाना क्षेत्र के जंगली इलाके में 3 अप्रैल को पुलिस मुठ•ोड़ में मारे गये पांच नक्सलियों के विरोध में बंदी की बात लिखी गयी है।

    पोस्टर के माध्यम से बदला लेने की धमकी


    नक्सलियों ने पुलिस मुठभेड़ को फर्जी बताया है। उनका आरोप है कि उनके नक्सलियों साथियों को जानबूझकर मारा गया है। पोस्टर के माध्यम से उन्होंने बदला लेने की धमकी भी दी है। ज्ञात हो कि 3 अप्रैल को झारखंड के चतरा-पलामू सीमा पर पुलिस और सुरक्षा बलों ने मिलकर प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के 25 लाख के इनामी नक्सली समेत 5 माओवादियों को मार गिराया था। इस मुठभेड़ में दोनों ओर से जमकर गोलीबारी हुई। जिसमें गौतम पासवान समेत 5 नक्सली मारे गये थे। मारे गये नक्सलियों में 25-25 लाख रुपये के दो और 5-5 लाख रुपये के तीन इनामी नक्सली शामिल थे।

  • आलोक रंजन को भेजा गया जेल, पूछताछ में हुए अहम खुलासे

    आलोक रंजन को भेजा गया जेल, पूछताछ में हुए अहम खुलासे

    रांची | जेल में बंद पूर्व चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के रिश्तेदार आलोक रंजन से पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. ED ने कोर्ट के आदेश के बाद आलोक रंजन से एक दिन पूछताछ की. जानकारी के मुताबिक इस पूछताछ में आलोक रंजन ने कई अहम खुलासे किये हैं. आज शुक्रवार सुबह ED की टीम उसे लेकर PMLA के स्पेशल न्यायाधीश के समक्ष पहुंची जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

    एजेंसी ने मंगलवार देर शाम उसे गिरफ्तार किया था. इससे पहले ईडी ने बीते 22 फरवरी को आय से अधिक संपत्ति के मामले में इंजीनियर वीरेंद्र राम को गिरफ्तार किया था. 21 फरवरी को ईडी ने पूर्व चीफ इंजीनियर वीरेंद्र राम के 24 ठिकानों पर छापेमारी थी. इस दौरान लगभग डेढ़ करोड़ के जेवरात के अलावा देश के कई शहरों में करोड़ों के निवेश के दस्तावेज बरामद किये गये थे.

    दिलचस्प बात यह है कि वकील नाम से जाना जाने वाला आलोक रंजन वही व्यक्ति हैं, जिन्हें 2019 में झारखंड भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने गिरफ्तार किया था. जब एसीबी ने विभाग के एक कनिष्ठ अभियंता सुरेश प्रसाद वर्मा के जमशेदपुर स्थित परिसर में छापा मारा था और 2.67 करोड़ नकद बरामद किये थे. उक्त राशि आलोक रंजन के कमरे से बरामद की गयी थी, जिसने यहां किराएदार के रूप में रहने का दावा किया था.बता दें कि ईडी ने वीरेंद्र राम के खिलाफ 2019 में उसके मातहत से बड़ी रकम की बरामदगी के सिलसिले में छापेमारी की थी.

  • सचिवालय घेराव में शामिल 41 BJP नेताओं को भेजा नोटिस, 22 को धुर्वा थाना में हो हाजिर

    सचिवालय घेराव में शामिल 41 BJP नेताओं को भेजा नोटिस, 22 को धुर्वा थाना में हो हाजिर

    रांची | बीजेपी के सचिवालय घेराव कार्यक्रम के दौरान हुई पत्थरबाजी और उपद्रव की घटना को लेकर धुर्वा थाना में दर्ज प्राथमिकी के आधार पर पुलिस ने अपनी जांच और कार्रवाई शुरू कर दी है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद दीपक प्रकाश को धुर्वा थाना की ओर से 41 का नोटिस भेजा गया है.

    नोटिस में दीपक प्रकाश को 22 अप्रेल को पूछताछ के लिए धुर्वा थाना में दिन के 11 बजे हाजिर होने का निर्देश दिया गया है. बता दें कि 41 का नोटिस किसी भी व्यक्ति को तब जारी किया जाता है, जब पुलिस या कोई भी जांच एजेंसी उसे अभियुक्त यानि आरोपी मानती है.

    इससे पहले मंगलवार देर रात कार्यपालक दंडाधिकारी उपेंद्र कुमार के बयान पर तीन पूर्व सीएम, 5 सांसद समेत 41 लोगों पर धुर्वा थाना में केस दर्ज किया गया है जिसका कांड संख्या 107/2023 है. इस मामले में अज्ञात हजारों कार्यकर्ताओं को आरोपी बनाया गया है. सभी आरोपियों पर उपद्रव करने, दंगा भड़काने, सरकार के निर्देशों का उल्लंघन करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने, अपराध के लिए उकसाने और दूसरे व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धाराएं लगायी गयी हैं.

    धुर्वा थाना में जिन लोगों पर मामला दर्ज किया गया है, उसमें सांसद संजय सेठ, सांसद निशिकांत दुबे, सांसद समीर उरांव, सांसद सुनील कुमार सिंह, सांसद अर्जुन मुंडा, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, विधायक अमित मंडल, विधायक बाबूलाल मरांडी, विधायक विरंची नारायण सिंह, पांकी के श्यामनंदन ओझा, शत्रुघ्न सिंह और आरती कुजूर का नाम शामिल है.

    इसके अलावा जमशेदपुर के प्रदीप मुखर्जी, अनीता सोरेन, मुनचुन राय, उमेश यादव, वीरेंद्र यादव, ललित ओझा, केके गुप्ता, कुलवंत सिंह बिंटी, अशोक कुमार, रमेश सिंह, रमेश नाथ तिवारी, संजीव कुमार सिंह, ब्रजकांत केसरी, गुजन यादव, अमित कुमार, विकास कुमार पांडेय, दिलीप कुमार सिंह, कुमकुम देवी, कामेश्वर सिंह, अमित भैया उर्फ अमित कुमार, कमलेश राम, नीलम चौधरी, साधु मांझी, विमल मरांडी, आनंद यादव, त्रिलोचन कुमार पासवान, संजू पांडेय, अमर नाथ कुमार सिंह और दीपक बड़ाईक पर भी मामला दर्ज किया गया है.

  • हजारीबाग में एक व्यवसाई का शव बाथरूम से बरामद

    हजारीबाग में एक व्यवसाई का शव बाथरूम से बरामद

    हजारीबाग के भाजपा सह व्यवसायी रंजन विश्वकर्मा का शव अपने प्रतिष्ठान के बाथरूम में पड़ा मिला. उसकी पत्नी बार बार उसके मोबाइल पर फोन कर रही थी. दो दिन तक फोन नहीं उठाने पर रंजन की पत्नी घर पहुंची. वह रंजन को ढूंढने लगी. उसका शव उसके प्रतिष्ठान के बाथरूम में पड़ा हुआ था. पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. जानकारी के अनुसार रंजन अपने प्रतिष्ठान में अकेले था. पत्नी धनबाद में थी. हजा- रीबाग शहर सदर थाना के पीछे रंजन का ग्रीन पार्क होटल था. वहीं वह रहते थे.

  • कोर्ट से निकलते वक्त वकीलों ने अतीक पर फेंके जूते

    कोर्ट से निकलते वक्त वकीलों ने अतीक पर फेंके जूते

    माफिया अतीक के लिए आज का दिन बेहद मुश्किलों भरा रहा, एक तरफ यूपी एसटीएफ ने उसके बेटे और उमेश पाल हत्याकांड के आरोपी को एक एनकाउंटर में ढेर कर दिया, दूसरी तरफ कोर्ट ने उसकी सात दिनों की रिमांड भी मंजूर कर दी। जिस प्रयागराज में कभी अतीक के नाम का सिक्का चला करता था, आज जब वह कोर्ट में सुनवाई के बाद निकला तो उसके ऊपर जूते चप्पल और बोतलें फेंकी गईं। पिछले दिनों पुलिस टीम ने अदालत से जारी बी वारंट को जेल में तामील कराया था।

    जालौन में गुड्डू मुस्लिम के घर की घेराबंदी

    एसटीएफ की एक टीम ने जालौन में गुड्डू बमबाज के घर की घेराबंदी कर रखी है।

    सीएम योगी ने की STF की तारीफ

    पूर्व सांसद अतीक अहमद के बेटे असद और उसके सहयोगी के एनकाउंटर के बाद CM योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था को लेकर बैठक की। CM योगी ने यूपी STF के साथ ही DGP, स्पेशल DG लॉ एंड ऑर्डर और पूरी टीम की तारीफ की। प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद ने मुठभेड़ की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। इस पूरे मामले पर CM के सामने रिपोर्ट रखी गई है।

    वकीलों ने अतीक पर फेंके जूते

    माफिया अतीक अहमद पर कोर्ट के बाहर वकीलों ने जूतें फेंके, साथ ही नारेबाजी की।

    बेटे के एनकाउंटर की खबर सुनकर बेहोश हुआ माफिया

    कोर्ट में बेटे असद के एनकाउंटर की खबर सुनकर माफिया अतीक अहमद बेहोश हो गया।

    यूपी के डिप्टी सीएम ने STF को दी बधाई

    सूबे के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने यूपी STF को बधाई देते हुए कहा- यूपी STF को बधाई देता हूँ, श्री उमेश पाल एडवोकेट और पुलिस के जवानों के हत्यारों को यही हश्र होना था!

  • बेटे के एनकाउंटर की खबर सुन कोर्ट में फूट-फूटकर रोया अतीक अहमद

    बेटे के एनकाउंटर की खबर सुन कोर्ट में फूट-फूटकर रोया अतीक अहमद

    यूपी एसटीएफ ने अतीक अहमद के बेटे असद को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है. झांसी में असद के साथ शूटर गुलाम भी एनकाउंटर में मारा गया. जब कोर्ट में पेशी के दौैरान अतीक को इसकी खबर मिली तो फूट-फूटकर रोने लगा. एनकाउंटर की खबर सुनकर अशरफ भी हैरान रह गया.

    यूपी एसटीएफ ने अतीक अहमद के बेटे असद को एनकाउंटर में ढेर कर दिया है. झांसी में असद के साथ शूटर गुलाम भी एनकाउंटर में मारा गया है. प्रयागराज कोर्ट में अतीक अहमद की पेशी के दौरान जब उसको असद के एनकाउंटर की खबर मिली तो कोर्ट में ही फूट-फूटकर रो दिया. इसके अलावा अशरफ भी हैरान रह गया. उमेश पाल हत्याकांड में शूटर असद और गुलाम दोनों ही फरार चल रहे थे. यूपी पुलिस की ओर से दोनों के ऊपर पांच-पांच लाख रुपये का ईनाम रखा गया था. झांसी में यूपी एसटीएफ के डिप्टी एसपी नवेंदु और डिप्टी एसपी विमल की नेतृत्व में हुए एनकाउंटर में दोनों को ढेर कर दिया गया है. दोनों के पास से आधुनिक हथियार भी बरामद किए गए हैं.

    पारीछा डैम इलाके में छिपे हुए थे दोनों

    बताया जा रहा है कि असद और मोहम्मद गुलाम झांसी में पारीछा डैम के पास छिपे हुए थे. पारीछा डैम झांसी में बड़ा गांव और चिरगांव थाना क्षेत्र के बीच में है. इसी इलाके में दोनों छिपकर बैठे हुए थे. पुलिस टीम अभी भी इलाके में कॉम्बिंग कर रही है. यूपी एसटीएफ ने झांसी के बड़ागांव थाना क्षेत्र में एनकाउंटर किया है. यह जगह कानपुर-झांसी हाईवे पर स्थित है. झांसी से कानपुर की ओर 30 किलोमीटर पहले लोकेशन पर एसटीएफ ने असद और गुलाम को मार गिराया.

    डिप्टी सीएम बोले- यही हश्र होना था

    वहीं असद के एनकाउंटर की खबर सुनकर प्रयागराज के उमेश पाल में खुशी का माहौल है. उमेश की मां ने उमेश को न्याय दिलाने के लिए सीएम योगी को धन्यवाद भी दिया. यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने एसटीएम को बधाई दी. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि उमेश पाल एडवोकेट और पुलिस के जवानों के हत्यारों का यही हश्र होना था.

    उमेश मर्डर केस में ही थी अतीक की पेशी

    उमेश पाल हत्याकांड में ही आज अतीक अहमद और अशरफ को कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट में लाने से पहले अतीक की तबीयत भी खराब हो गई थी. बताया गया कि अतीक का बीपी हाई था. अतीक को गुजरात की साबरमती जेल से बुधवार को ही यूपी लाया गया और अशरफ को बरेली जेल से प्रयागराज लाया गया है. यूपी एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश ने कहा कि असद और गुलाम को जिंदा पकड़ने की कोशिश की गई थी, लेकिन इन्होंने STF की टीम पर फायर किया, उसके बाद एनकाउंटर में मार गिराया गया.

    24 फरवरी को हुई थी उमेश पाल की हत्या

    गौरतलब है कि 24 फरवरी को प्रयागराज में राजूपाल हत्याकांड में मुख्य गवाह उमेश पाल की हत्या कर दी गई थी. उमेश पाल जब अपने घर जा रहे थे, तभी गली के बाहर कार से निकलते वक्त उन पर फायरिंग हुई थी. इस दौरान बम भी फेंके गए थे. इस हमले में उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर्स की मौत हो गई थी.

    मिट्टी में मिल चुका हूं: अतीक

    बता दें कि साबरमती से प्रयागराज लाते वक्त अतीक अहमद ने कहा था कि वह मिट्टी में मिल चुका है. वह अब रगड़ा जा रहा है. इस दौरान उसने अपनी पत्नी और बच्चों को परेशान नहीं करने की गुहार लगाई थी.

  • झांसी में अतीक के बेटे असद का हुआ एनकाउंटर

    झांसी में अतीक के बेटे असद का हुआ एनकाउंटर

    उमेश पाल हत्याकांड में यूपी पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है. यूपी एसटीएफ ने झांसी में अतीक अहमद के बेटे असद को ढेर कर दिया है. इसके साथ ही उमेश पाल की दिनदहाड़े हत्या करने वाला मोहम्मद गुलाम भी मारा गया है. यूपी एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश ने इसकी पुष्टि कर दी है.

    माफिया अतीक अहमद के बेटे और उमेश पाल हत्याकांड में शूटर असद का एनकाउंटर कर दिया गया है. इसके साथ ही शूटर मोहम्मद गुलाम भी मारा गया. झांसी में यूपी एसटीएफ के डिप्टी एसपी नवेंदु और डिप्टी एसपी विमल की अगुवाई में पांच लाख के इनामी असद और मोहम्मद गुलाम को ढेर कर दिया गया है. दोनों के पास से पुलिस को विदेशी हथियार मिला है.एक तरफ उमेश पाल हत्याकांड में अतीक अहमद और अशरफ को आज कोर्ट में पेश किया जा रहा है. दूसरी तरफ यूपी पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई.

    यूपी एसटीएफ ने झांसी में अतीक अहमद के बेटे असद को ढेर कर दिया है. इसके साथ ही उमेश पाल की दिनदहाड़े हत्या करने वाला मोहम्मद गुलाम भी मारा गया है.बताया जा रहा है कि असद और मोहम्मद गुलाम आज झांसी में बड़ा गांव और चिरगांव थाना क्षेत्र के बीच परीक्षा डैम के इलाके में छिपे बैठे थे. यूपी एसटीएफ के एडीजी अमिताभ यश ने कहा कि असद और गुलाम को जिंदा पकड़ने की कोशिश की गई थी, लेकिन इन्होंने STF की टीम पर फायर किया, उसके बाद एनकाउंटर में मार गिराया गया.

    उमेश पाल की मां और पत्नी ने की सीएम योगी की तारीफ

    शूटर असद और गुलाम के मारे जाने पर उमेश पाल की पत्नी जया पाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना की और कहा कि न्याय दिलाने वाला सबसे बड़ा होता है, सीएम योगी मेरे पिता के समान हैं, आज उन्होंने न्याय दिलाया है. वहीं उमेश पाल की मां ने कहा कि जो भी आज पुलिस ने किया है, इसी तरह सरकार करती रहे, मेरे बेटे की आत्मा को शांति मिलेगी.

    असद और गुलाम ने की उमेश पाल की दिनदहाड़े हत्या

    गौरतलब है कि 24 फरवरी को प्रयागराज में राजूपाल हत्याकांड में गवाह उमेश पाल की हत्या कर दी गई थी. उमेश पाल जब अपने घर जा रहे थे, तब गली के बाहर कार से निकलते वक्त उन पर शूटरों ने फायरिंग कर दी थी. इस दौरान बम भी फेंके गए थे. इस हमले में उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर्स की मौत हो गई थी. उमेश पाल की पत्नी ने इस मामले में अतीक, उसके भाई अशरफ समेत 9 लोगों पर मामला दर्ज कराया है. पुलिस इस मामले में शाइस्ता के साथ 5 शूटरों (अतीक अहमद का बेटा असद, अरमान, गुलाम, गुड्डू मुस्लिम और साबि) की तलाश में जुटी हुई थी.पुलिस को आज बड़ी कामयाबी हासिल हुई. पुलिस ने 47 दिन से फरार असद और गुलाम को मार गिराया है.

    अतीक की जिद के कारण असद ने चलाई थी गोली

    इससे पहले खुलासा हुआ था कि माफिया अतीक अहमद की जिद पर असद को उमेश पाल हत्याकांड में शामिल किया गया था और उससे गोली चलवाई गई थी. असद का नाम और फुटेज सामने आने के बाद शाइस्ता ने अतीक़ अहमद से नाराज़गी जाहिर की थी. शाइस्ता ने अतीक़ अहमद को साबरमती जेल में फोन किया था. फोन पर शाइस्ता ने रोते हुए कहा कि असद बच्चा है, उसे इस मामले में नहीं लाना चाहिए था. सूत्रों के मुताबिक, अतीक़ ने कहा कि असद की वजह से 18 साल बाद चैन की नींद सोया हूं, उमेश पाल के चलते मेरी नींद हराम हो गयी थी. शाइस्ता से अतीक ने फोन पर कहा था कि असद शेर का बेटा है, उसने शेरों वाला काम किया है.

    दिल्ली में छिपा था असद और गुलाम

    उमेश पाल हत्याकांड को अंजाम देने के बाद पांचों शूटर फरार हो गए थे. असद और गुलाम, दिल्ली में जाकर छिपे थे. बीते दिनों ही असद को शरण देने के मामले में दिल्ली पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था. आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में पुलिस ने अवतार सिंह को गिरफ्तार किया था. अवतार ने खुलासा किया है कि उसने जीशान और खालिद को 10 हथियार सप्लाई किए थे.

  • अपने ही घर में डकैती की कहानी बनाकर लुटने का प्रयास, बेटा और बहू गिरफ्तार

    अपने ही घर में डकैती की कहानी बनाकर लुटने का प्रयास, बेटा और बहू गिरफ्तार

    जेवर से भरा बैग, नगद और एटीएम कार्ड लेकर आसनसोल भागने वाले थे दोनों

    घटना की कुछ देर बाद ही जांच में हुआ 10 लाख की मनगढ़ंत डकैती का खुलासा

    गिरिडीह। झरियागादी के गरहाटांड गांव में बुधवार देर शाम सिविल कोर्ट और सदर अस्पताल कर्मी के घर महिला को बेहोश कर दस लाख की डकैती हुई। लेकिन पुलिस की सक्रियता से घटना का चंद मिनटों में ही मामले का खुलासा हो गया। पुलिस ने इस घटना में संलिप्तता के संदेह में मकान मालिक दिलीप सिंह के बेटे अभिषेक सिंह उर्फ छोटू और उसकी पत्नी रुचि सिंह को हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों और स्थानीय लोगों के मुताबिक इन दोनों पति-पत्नी ने ही घटना को अंजाम दिया और अपने आप को बचाने के लिए डकैती की कहानी गढ़ ली। डकैती की सूचना के बाद घटनास्थल पर सदर एसडीपीओ अनिल सिंह समेत अन्य पुलिस अधिकारी पहुंचकर जांच पड़ताल कर रहे थे। इस दौरान एसडीपीओ को स्थानीय लोगों की ओर से कुछ जानकारी दी गयी। जानकारी के अनुसार संदेहास्पद स्थिति में एक महिला को घर के बगल में एक चारदीवारी में झाड़ियों में कुछ समान फेंकते हुए देखा गया। इस जानकारी के आधार मौके पर ही तलाशी के दौरान पुलिस टीम को एक पोटली में चांदी के कुछ जेवर पड़े मिले। उसके बाद ही एसडीपीओ ने संदेह के आधार पर मकान मालिक के बेटे अभिषेक सिंह और उसकी पत्नी रुचि को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान ही पुलिस को 19 हजार रुपए नकद समेत एटीएम कार्ड व कई जेवर से भरा एक बैग घर के बगल में ही दूसरे हिस्से से बरामद हुआ।

    आसनसोल भागने की तैयारी में थे


    पुलिस के पूछताछ के दौरान जानकारी मिली कि घटना को अंजाम देने के बाद दोनों पति-पत्नी पश्चिम बंगाल के आसनसोल भागने की तैयारी में थे। लेकिन इसके पूर्व ही मनगढ़ंत डकैती कांड का खुलासा हो गया और दोनों पुलिस की गिरफ्त में आ गए।

    रूचि सिंह पर सख्ती से हुआ मामले का खुलासा


    मामले की जांच के दौरान पुलिस को इस मामले को लेकर शक तब और गहरा गया। जब उन्हें बताया गया कि घटना के समय घर की छत पर आरोपी अभिषेक सोया हुआ था। इसी दौरान सात अपराधी घर में घुसे और रुचि को नशीला पदार्थ सुंघाकर कर बेहोश कर घर के दो कमरे में लूटपाट कर फरार हो गए। रुचि के इस बयान पर पुलिस उसका मेडिकल जांच कराने की प्रक्रिया में जुटी हुई थी कि मामले का खुलासा हो गया। दोनों आरोपियों को मुफ्फसिल थाना पुलिस गिरफ्तार कर थाने ले गई। पुलिस अब उनसे पूछताछ में जुटी हुई है।

  • चूहा की हत्या में लग गए कोर्ट के चक्कर

    चूहा की हत्या में लग गए कोर्ट के चक्कर

    बदायूं |चूहा मारकर कोर्ट कचहरी के चक्कर में फंसे मनोज को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उसकी एक हरकत उसे कितनी बड़ी मुसीबत में डाल देगी। बदायूं के सदर कोतवाली क्षेत्र में हुए चूहा हत्याकांड के आरोपी मनोज को इस बात का आभास नहीं था कि चूहे को मारने पर भी उस पर केस हो सकता है। मुकदमेबाजी से भी उसको गुजरना पड़ेगा।

    घटना के बाद आरोपी हर बिंदु पर फंसता गया। पुलिस हिरासत में उसने गुनाह कबूलते हुए कहा कि वह चूहे से तंग आ गया था, उसके घर का काफी सामान चूहे ने कुतर दिया था। बताया कि गरीबी की मार से वह खुद जूझ रहा है ऐसे में उसके घर में चूहे ने कपड़े भी नहीं छोड़े थे, इसलिए पकड़ में आने के बाद उसने चूहा को पत्थर से बांधकर नाले में फेंक दिया।

    गुनाह कबूलने के बाद उसने माफी मांगते हुए कहा कि भविष्य में वह इस तरह की गलती नहीं करेगा। पुलिस ने गुना कबूलने के बाद उसपर एफआईआर दर्ज की तो अब कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हुई है। चार्जशीट तैयार करने में भी पुलिस को चार महीने लग गए। इस मामले की विवेचना के दौरान सात पर्चे काटे गए तो अब 30 पेज की चार्जशीट दाखिल की गई है।

    बीते साल 25 नवंबर को सदर कोतवाली क्षेत्र के पनबड़िया निवासी मनोज कुमार ने अपने घर से चूहा पकड़ा और घर के बाहर नाले में पत्थर बांधकर उसको डुबकी लगाईं। इस दौरान पीएफए के विकेंद्र शर्मा ने उसे ऐसा करते देख पुलिस को बुला लिया। विकेंद्र मनोज पर एफआईआर दर्ज कराने की जिद करने लगे। पुलिस आरोपी को पकड़कर कोतवाली ले गई।

    इसके बाद चूहे का बरेली के आईवीआरआई में पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद विकेंद्र की तहरीर पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मनोज के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। बाद में मनोज को कच्ची जमानत पर छोड़ दिया गया। मनोज घटना के पांचवें दिन अदालत में हाजिर हुआ, जहां से उसको जमानत दे दी गई।

    आरोपी मनोज का कहना है कि उसको इस बात का अंदाजा नहीं था कि वह महज चूहे को मारने में इतने बड़े जंजाल में फंस जाएगा। चूहा मारने की तमाम दवाई आती हैं जिन्हें चूहे से परेशान लोग अपने घरों में उन्हें मारने के लिए रखते हैं। उसे भी चूहा काफी समय से परेशान कर रहा था। उसके घर का काफी जरूरी सामान चूहे ने कुतर दिया था। उसकी बेटी के हाथ में भी काट लिया था। बेटी के इलाज में उसे काफी पैसे खर्च करने पड़े।

    जिला बार एसोसिएशन के महासचिव पवन कुमार गुप्ता ने बताया कि जिन धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई है वह जमानतीय अपराध है। इस अपराध में आरोपी को छह महीने तक की सजा का प्रावधान है।

    सीओ सिटी आलोक मिश्रा चूहा मारने के आरोपी पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। उसके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।

  • जमीन विवाद में चली गोली, एक की मौत एक गम्भीर

    जमीन विवाद में चली गोली, एक की मौत एक गम्भीर

    धनबाद : जिले के बरवाअड्डा थाना में बुधवार की दोपहर जमीन विवाद में फायरिंग होने की सूचना है। घटना बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के पांडेयबरवा बायपास रोड की है। जिसमें 2 लोगों को गोली लगने की बात सामने आ रही है। जिसमे से एक बीसीसीएल कर्मी नागेंद्र यादव है और दूसरा कांट्रेक्टर राजकुमार साव है। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को आनन-फानन में शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल ले जाया गया।

    जहां चिकित्सकों ने एक को मृत घोषित कर दिया। मृतक का नाम राजकुमार साव है जो कुर्मीडीह का रहने वाला बताया जा रहा है। वही बरवाअड्डा पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। पुलिस ने घटनास्थल से 6 खोखा बरामद किया। स्थानीय लोगों की माने तो बुधवार को एक जमीन विवाद के दौरान दो पक्षों में झड़प हुई। जिसमें गोलीबारी की घटना घटी। जिसके बाद मौके पर मौजूद 2 को गोली लगने की बात सामने आई है। एक घायल की अस्पताल आने के क्रम में मौत हो गई। वहीं 1 गंभीर बताया जा रहा हैं। घायल का नाम नरेंद्र कुमार यादव है। बेहतर इलाज़ के लिए घायल को रेफेर किया गया।

  • भाजपा नेता सुधांशु ओझा ओडिशा से गिरफ्तार

    भाजपा नेता सुधांशु ओझा ओडिशा से गिरफ्तार

    जमशेदपुर | कदमा में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में पुलिस ने भाजपा नेता सुधांशु ओझा को गिरफ्तार किया है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सुधांशु ओझा की गिरफ्तारी ओडिशा के पूरी से हुई है. हिंसा के बाद सुधांशु ओझा पूरी में जा छुपा था. पुलिस को सूचना मिलने पर सोमवार को ही एक टीम का गठन कर पूरी भेजा गया था. सुधांशु ओझा के साथ दो और लोगों की गिरफ्तारी हुई है. हालांकि सिटी एसपी के विजय शंकर ने गिरफ्तारी की बात से इंकार किया है. उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को पूछताछ के लिए लाया गया है. हिंसा में संलिप्तता होने पर उन्हें जेल भेजा जाएगा. बता दें कि सुधांशु ओझा समेत 119 नामजद लोगों पर सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप है. इसके पूर्व सोमवार को पुलिस ने भाजपा नेता अभय सिंह को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था.

  • सरेंडर करने के बाद निलंबित IAS पूजा सिंघल गई जेल

    सरेंडर करने के बाद निलंबित IAS पूजा सिंघल गई जेल

    मनी लॉन्ड्रिंग की आरोपी निलंबित IAS अधिकारी पूजा सिंघल ने बुधवार को रांची ED की विशेष कोर्ट में सरेंडर कर दिया. इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. पूजा सिंघल को सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत की अवधि आज पूरी हो गयी थी, जिसके बाद उन्होंने ED कोर्ट के समक्ष सरेंडर किया. पूजा सिंघल की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में कल यानी गुरुवार को सुनवाई होनी है. तब तक उनका ठिकाना बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार होगा.

    बता दें कि निलंबित IAS अधिकारी पूजा सिंघल को फरवरी महीने में उनकी बेटी के मेडिकल ग्राउंड पर दो महीने के लिए अंतरिम जमानत मिली थी. झारखंड के खूंटी में हुए मनरेगा घोटाला मामले में ईडी ने पूजा सिंघल को 11 मई 2022 को गिरफ्तार किया था.

  • पंजाब के बठिंडा मिलिट्री स्टेशन में अंधाधुंध फायरिंग, चार जवान शहीद, सेना ने कहा-आतंकी घटना नहीं

    पंजाब के बठिंडा मिलिट्री स्टेशन में अंधाधुंध फायरिंग, चार जवान शहीद, सेना ने कहा-आतंकी घटना नहीं

    पंजाब: बठिंडा मिलिट्री स्टेशन में अंधाधुंध फायरिंग की घटना में चार जवान शहीद हो गए हैं। जवानों की शहादत से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। हालांकि घटना की वजह अबतक पता नहीं चल सकी है।  इसके बाद सेना ने पूरे इलाके को सील कर दिया है। जानकारी के मुताबिक पंजाब के बठिंडा मिलिट्री स्टेशन के अंदर सुबह करीब 04 बजकर 35 मिनट पर ताबड़तोड़ फायरिंग की घटना के तुरंत बाद पूरे मिलिट्री स्टेशन के चारों तरफ क्विक रिएक्शन टीमों को सक्रिय कर दिया गया है।

    पूरे इलाके की घेराबंदी कर सील कर दिया गया है और छावनी क्षेत्र में किसी को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। सर्च ऑपरेशन जारी है। घटना में चार जवानों के शहादत की खबर है।

    फायरिंग की घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। छावनी के स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। छावनी में किसी को भी नहीं जाने दिया जा रहा है। छावनी को पूरी तरह से सील कर दिया गया है।

    बताया जा रहा है कि हमलावर सिविल ड्रेस में था और उसने ताबड़तोड़ फायरिंग की जिसमें चार जवान शहीद हो गए, जो 80 मीडियम रेजिमेंट के हैं।

    फायरिंग की घटना ऑफिसर्स मेस में हुई है। घटना की जानकारी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को दे दी गई है। सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे ने गृह मंत्रालय को जानकारी दी है कि यह कोई आतंकी हमला नहीं था।

  • 3600 करोड़ मामले में मधु कोड़ा कोर्ट में हुए हाज़िर

    3600 करोड़ मामले में मधु कोड़ा कोर्ट में हुए हाज़िर

    रांची | मनी लांड्रिंग मामले में पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, विनोद सिन्हा, अनिल बरतावडे सहित अन्य ईडी कोर्ट में हाजिर हुए. मामले को लेकर ईडी ने कांड संख्या ईसीआई आर 2/ 2009 दर्ज किया है. बता दें कि ईडी ने मधु कोड़ा सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ 3 हजार 600 करोड़ रुपए की मनी लॉड्रिंग का आरोप लगाया है सितंबर 2012 में मधु कोड़ा सहित सात आरोपियों के खिलाफ मामले में आरोप गठित किया गया था. इसमें मधु कोड़ा, विनोद सिन्हा, विकास सिन्हा, विजय जोशी, अनिल बस्तावडे, अरविंद व्यास ट्रायल फेस कर रहे हैं